नई दिल्ली / देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने आज रात एकाएक अपने पद से इस्तीफा दे दिया उन्होंने अपना त्याग पत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेज दिया है। बताया जाता है श्री धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है। श्री धनखड़ देश के 14 वे उपराष्ट्रपति थे।
खास बात है कि आज मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनकड़ ने राज्यसभा की अध्यक्षता की थी और विपक्ष और सत्ता पक्ष को अपने ही अंदाज में सम्हाला भी था वहीं लोकसभा से ज्यादा समय तक राज्यसभा की कार्यवाही चली थी। लेकिन उनको आज अपनी आसंदी पर बैठे देखकर ऐसा नहीं लगा कि वह कुछ सरकार से नाराज है या अपने पद पर बने रहने में कुछ असहजता महसूस कर रहे है। आज शाम सदन की कार्यवाही समाप्त होने पर उन्होंने कुछ सदस्यों से मुलाकात भी की और किसी कमेटी के गठन पर चर्चा भी हुई। स्वास्थ्य कारणों के अलावा लगता है कही न कही कोई बात जरूर रही होगी जिससे उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि वह मार्च के महीने में हार्ट की समस्या को लेकर परेशान भी रहे और एम्स में भर्ती भी रहे थे और इलाज के बाद स्वस्थ्य होने पर 13 मार्च को डिस्चार्ज हुए थे।
जैसा कि हाल में जगदीप धनकड़ किसान आंदोलन को लेकर कुछ असहज देखे गए और वह सरकार की लाइन से हटकर किसानों के समर्थन में बात कही जबकि उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसानों का लाड़ला बेटा तक कहा था। इससे पहले कई बार वह अपने बयानों को लेकर भी चर्चित रहे जिसमें विपक्ष ने संवैधानिक पद का हवाला देते हुए उन्हें आड़े हाथों भी लिया था।
श्री धनखड़ ने कहा, प्रधानमंत्री एवं पूरे मंत्रिमंडल के प्रति में गहरा आभार प्रेषित करता हूं साथ ही राजसभा के सभी सांसदों के सहयोग और स्नेह के लिए उन्होंने उनका धन्यवाद भी जताया। साथ ही उन्होंने कहा मेरे कार्यकाल में जो उपलब्धियों रही उसपर मुझे गर्व है। मुझे देश के उपराष्ट्रपति पद पर रहने का मौका दिया गया इसके लिए मैं देश और राष्ट्रपति महोदया का धन्यवाद मानता हूं।




