काराकस / बेनाजुएला पर अमेरिका ने मिसाइलों से भीषण हवाई हमला बोला है रात में की इस एयर स्ट्राइक की गिरफ्त में राजधानी काराकस सहित उसके चार शहर आए है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि बेनजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क लाया जा रहा है। ट्रंप का आरोप है कि बेनजुएला के राष्ट्रपति मादुरे अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे थे।
CNN ने अमेरिका के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बीती रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार शनिवार सुबह 11.30 बजे) अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फॉर्स ने बेनाजुएला पर हवाई हमला किया करीब 7 चक्र मिसाइल हमलों की गिरफ्त में राजधानी काराकस सहित मिरोंडा, आरगुआ सहित चार प्रमुख शहर आए है इस यह हवाई हमले के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने दर्जनों मिसाइलें दागी जिससे भारी नुकसान हुआ लेकिन अमेरिकी सैनिकों को कोई क्षति नहीं पहुंची ऐसा अमेरिका सैन्य अधिकारियों का कहना है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी फोर्स बेनाजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया इडेला को उनके बंगले में स्थित उनके बेड रूम से घसीटते हुए लेकर बाहर निकले और उन्हें हिरासत के लेकर रवाना हुए।
हमले से ठीक पहले बेनाजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में इमरजेंसी लगाने का ऐलान करते हुए एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका तख्ता पलट करने की फिराक में है और वह हमारे देश के खनिज संसाधनों पर कब्जा जमाना चाहता है।
इधर अमेरिका का आरोप है कि बेनाजुएला और उसके राष्ट्रपति अमेरिका को अस्थिर करने का कुचक्र रच रहे हैं अमेरिका के मुताबिक बेनजुएला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है जो अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहा है बेनाजुएला अमेरिका में कोकीन और फेटेलाइन जैसे खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रास्ता बन चुका है इसे खत्म करने के लिए मादुरो को सत्ता से हटाना जरूरी हो गया है आज मादुरो की गलत नीतियों के कारण लाखों बेनाजुलाई के नागरिक भागकर अमेरिका में आ रहे है उन्होंने जेल के कैदियों और मानसिक अस्पताल में भर्ती अपराधियों को भी इनके साथ भेजा है।
इधर अमेरिका के हमले पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बेनाजुएला पर यह अमेरिका का सशस्त्र हमला है जो सीधे तौर पर यूएन के बनाए गए यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन है इससे वैश्विक स्थिरता को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है रूस अमेरिका की इस सैन्य कार्यवाही पर चुप नहीं बैठेगा।





