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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नही रहे, दिल्ली में इलाज के दौरान निधन

Ramvilas Paswan
Ramvilas Paswan
  • केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नही रहे, दिल्ली में इलाज के दौरान निधन,

  • हाल में हुई थी हार्ट सर्जरी, मैंने एक दोस्त खो दिया कहा पीएम ने …

नईदिल्ली- केंद्रीयमंत्री रामविलास पासवान नही रहे लंबे समय से वे बीमार थे और दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया यह जानकारी एक ट्वीट के जरिये उनके बेटे चिराग पासवान ने दी।

दिल्ली के अस्पताल में हुआ निधन –

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान काफी समय से बीमार चल रहे थे दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में वे भर्ती थे गत 3 अक्टूबर को उनकी दूसरी हार्ट सर्जरी हुई थी उस समय ऑपरेशन सफल हुआ था लेकिन उसके बाद उनकी तबियत एकाएक बिगड़ गई और आज शाम श्री पासवान का दुखद निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे ने ट्वीट के जरिये देते हुए भावुक अपील करते हुए कहा पापा आप जहां हो मेरे साथ हो।

एलजेपी और चिराग के सामने कठिन समय –

वही उनका बेटा चिराग जबसे वे बीमार थे उनके पास ही रहे किसी सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा नही लिया लेकिन आज एलजेपी और चिराग के लिये कठिन समय है क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनाव है और उनके ऊपर से पिता का साया उठ गया।

राजनीतिक सफर –

5 जुलाई 1946 में बिहार के खगड़िया जिले के एक गरीब एवं दलित परिवार में जन्म लेने वाले रामविलास पासवान एमए एलएलबी तक शिक्षित थे और सन 1969 में सयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से राज्यसभा सदस्य बने 1974 में पहली बार विधायक बनने वाले रासमविलास पासवान के नाम 1977 मे सबसे अधिक मतों से लोकसभा चुनाव जीतने का रिकार्ड भी है।

1982 में दूसरी बार सांसद चुने गये 1983 में रामविलास पासवान ने दलित सेना का गठन किया। 1989, 1996 में वे सांसद बने। सन 2000 में वे जेडीयू से अलग हुए और अपनी लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किया और यूपीए के साथ हुए और केंद्र में मंत्री बने।

2004 में लालूप्रसाद यादव की आरजेडी से गठबंधन कर बिहार में संरकार बनाई। लेकिन जल्द वे अलग भी हो गये। खास बात हैं श्री पासवान एक बार 2009 में लोकसभा चुनाव हारे, लेकिन 12वी, 13वी और 14वी लोकसभा में सांसद बने और एनडीए से जुड़कर केंद्र में मंत्री बने। उल्लेखनीय है कि रामविलास पासवान में राजनीतिक रुख की पहचान करने की विशेष क्षमता थी यही बजह थी कि वे यूपीए और एनडीए दोनों गठबंधन की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे।

राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और राहुल गांधी ने शोक संवेदनाएं प्रकट की –

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से उन्होंने राजनीतिक ऊंचाइयां प्राप्त की वे असाधारण संसद सदस्य और लंबे समय तक केंद्र की राजनीति में रहते हुए मंत्री रहे उन्होंने कहा आज मैंने एक अच्छा दोस्त खो दिया।

वही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी श्री पासवान के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने आज एक दूरदर्शी नेता खो दिया। रामविलास पासवान संसद के सबसे सक्रिय और लंबे समय तक सेवा देने वाले मेंबर रहे वे दलितों की आवाज थे और उन्होंने हाशिये पर धकेल दिये लोगों की लड़ाई लड़ी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके निधन पर अपने शौक संदेश में कहा कि रामविलास पासवान के असमय निधन का समाचार बेहद दुखद है आज गरीब और दलित वर्ग ने अपनी एक बुलंद राजनीतिक आवाज खो दी उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं।

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