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ग्वालियरमध्य प्रदेश

​ग्वालियर में दो घंटो के भीतर दो हत्याओं से दहला शहर

Lokendra Tiwari

ग्वालियर- ग्वालियर में बीती रात वीआईपी मूवमेंट के दौरान दो युवको की हत्या से सनसनी का माहौल है। पहली हत्या एसएएफ रोड पर टौटा की बजरिया में हुई जहां विशेष शाखा के सिपाही समीर ढींगरा को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। जबकि दूसरी घटना में एक ट्रांसपोर्टर की जान गई है। सिपाही की हत्या में जमीन संबंधी विवाद सामने आया है। जबकि ट्रांसपोर्टर की मौत में उधारी के पैसों के लेन देन को वजह माना जा रहा है।

ये घटनाएं ऐसे समय पर हुई जब कुछ ही घंटो बाद शहर में वीआईपी मूवमेंट शुरू होना था और पुलिस हाईअलर्ट पर थी। ऐसे में दो हत्याओं का हो जाना बदमाशों के बुलंद हौसलों को दिखाता है। घटना सोमवार की रात 9.50 बजे कंपू थाना क्षेत्र स्थित टोंटा की बजरिया की है। सिपाही की हत्या की जानकारी मिलते ही एसपी डा. आशीष, एएसपी दिनेश कौशल सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। सिपाही पिछले 5 साल से बीमार था उसकी किडनी खराब हो गई थी। पुलिस को पता चला है कि समीर प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा भी करता था और इसको लेकर उसकी कुछ लोगों से अदावत भी चल रही थी। टेकनपुर स्थित एक जमीन के सौदे में विवाद की बात भी हालिया तौर पर सामने आई है। सिपाही समीर ढींगरा के पास स्कॉर्पियो थी, वह स्कॉर्पियो को दिन में घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे खड़ा कर देता था। रात में वह इसे अपने घर में रखता था।

रात लगभग 9.30 बजे वह घर से दवा खाकर स्कॉर्पियो उठाने के लिए निकला था। जहां पर वह गाड़ी खड़ी करता था वहां पर दो युवक अंधेरे में पहले से खड़े हुए थे, समीर ने जैसे ही कार का दरवाजा खोला यह युवक सामने आ गए, इन्होंने कुछ बात की इसके बाद एक युवक ने उसके सीने पर गोली मार दी और भाग निकले। पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ दूर तक बदमाश पैदल भागे, इसके बाद संपूर्णानंद स्कूल के नजदीक खड़ी महेंद्रा मैक्स में बैठकर भाग निकले। टोंटा की बजरिया में रहने वाला सिपाही समीर ढींगरा अपने घर का इकलौता सहारा था। उसने शादी नहीं की थी लेकिन मां गंगा देवी और बहन नीता की जिम्मेदारी उसके ऊपर थी। उसने अपनी भांजी को पढ़ाई के लिए फ्रांस भेजा था। लगभग 5 साल पहले समीर की किडनी में इन्फेक्शन हुआ था, तमाम इलाज के बाद भी किडनी खराब हो गईं थीं।

Sipahi sameer

वहीं ग्वालियर में गिरवई चैकी पर रहने वाला लोकेंद्र तिवारी का ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है।4 जून रविवार को उसकी सगाई आगरा की एक लड़की से हुई थी। सोमवार को वह नवग्रह कॉलोनी में ट्रांसपोर्ट बिजनेस के सिलसिले में गया था। देर शाम वह घर लौट रहा था तभी विक्रम किरार, भूरा किरार, संतोष किरार और नितिन गुर्जर ने अपने 4-5 साथियों के साथ लोकेंद्र को घेर लिया। गालियां देते हुए हमलावरों ने लोकेंद्र पर गोलियों की बौछार कर दी। एक गोली लोकेंद्र की गर्दन में पीछे की तरफ और दूसरी गोली कंधे में लगी। सिर के ठीक नीचे गोली लगने से लोकेंद्र बेहोश होकर गिर गया तो हमलावरों ने सिर में पत्थर मारे, और मरणासन्न हालत में उसे वहीं छोड़ कर फरार हो गए।

सूचना मिलते ही बड़ा भाई अजय लोकेंद्र को तत्काल एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गया। लोकेंद्र को नाजुक हालत में प्ब्न् में भर्ती किया गया। मां-बहनें लोकेंद्र की सलामती के लिए रात भर प्रार्थना करती रहीं, लेकिन करीब 12 घंटे संघर्ष करने के बाद लोकेंद्र ने दम तोड़ दिया। लोकेंद्र के बड़े भाई अजय ने बताया कि हमलावर विक्रम किरार पर उसकी 4 हजार की रुपए की उधारी थी। जब उधारी चुकाने को कहा तो विक्रम ने अजय को धमकी दी थी।​

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

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