सीहोर/ मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में कांवड़ यात्रा से पहले बड़ा हादसा हुआ है भारी भीड़ में हुई भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और करीब 10 लोग घबराहट और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे है। यह घटना तब हुई जब एक दिन पहले ही भारी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे।
पंडित प्रदीप शर्मा ने बुधवार को सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम से चितवलिया हेमा गांव तक कावड़ यात्रा का आयोजन रखा था उसमें शामिल होने मंगवार को ही श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंचना शुरू हो गए श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो गई कि सभी व्यवस्थाएं चरमरा गईं। भंडारे, ठहराव और दर्शन के लिए निर्धारित स्थान कम पड़ने लगे। जिससे हालात बिगड़ गए और भीड़ बेकाबू हो गई और कई जगह अफरा तफरी फैल गई इस भगदड़ के दौरान तीन श्रद्धालु नीचे गिर गए और भीड़ ने उन्हें कुचल दिया नीचे दबने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि करीब 8 से 10 लोगों की जान पर बन आई और घबराहट और चक्कर आने की शिकायत के बाद वह अस्पताल पहुंचे।
इस तरह आयोजकों और प्रशासन के सभी दावे धराशायी हो गए जब भीड़ के दबाव के सामने इंतजाम नाकाफी साबित हुए। जबकि प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक दिन पहले आयोजन स्थल का निरीक्षण किया था। एसपी दीपक शुक्ला के अनुसार, यातायात डायवर्जन और पार्किंग प्लान लागू नहीं हो पाया था ।
अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने एसडीएम तन्नय वर्मा को आयोजन का प्रभारी नियुक्त किया था, लेकिन हादसे के समय मौजूद पुलिस बल और मेडिकल टीम की संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं है। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को सहायता प्रदान करने की बात कही है, लेकिन अभी तक इसकी विस्तृत जानकारी नहीं मिली है।
यह हादसा कांवड़ यात्रा के आयोजन और प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल उठाता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना आवश्यक है। खास बात है कुबेरेश्वर धाम में यह पहली घटना नहीं है इससे पहले भी रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ हो चुकी है। लगता है इससे प्रशासन और आयोजकों ने कोई सबक नहीं लिया।





