काठमांडू / नेपाल में बिगड़े हालात के बाद आज स्थिति काफी कुछ सामान्य होती दिखाई दे रही है वर्तमान में सेना ने काठमांडू सहित नेपाल को अपने अंडर में ले लिया है। इस बीच युवा आंदोलन का नेतृत्व करने वाले Gen – Z ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की पीएम बनाने का समर्थन किया है उनके साथ करीब ढाई हजार प्रमुख लोगों ने भी इसके लिए सोशल मीडिया पर अपनी सहमति दी है इससे सेना की सहमति के बाद नेपाल में अंतरिम सरकार बनने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इधर पीएम केपी ओली का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को देश के खिलाफ एक साजिश बताया है। जबकि गंभीर बात है प्रदर्शनकारियों के नेपाल की जेलों को तोड़ने से 3 हजार से ज्यादा कैदी भाग गए है।
नेपाल पर बीते दो दिन काफी भारी रहे, Gen – Z के नेतृत्व में भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन देखते ही देखते अराजक और हिंसक आंदोलन में बदल गया तोड़फोड़ आगजनी के साथ कई प्रमुख इमारतें और राजनेताओं के निवास आग की भेट चढ़ा दिए गए जिससे देश काफी पीछे हो गया है फिलहाल वहां सेना स्थिति पर नियंत्रण करने की कोशिशें जारी रखें है लेकिन यह भी सच्चाई है नेपाल को इस आंदोलन ने गहरे घांव दिए है जिसमें 30 आंदोलनकारी युवाओं की मौत हो गई 1 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए है कई पूर्व राजनेताओं के साथ मारपीट की गई जबकि आगजनी में बुरी तरह से झुलसने से पूर्व पीएम की पत्नी की भी मृत्यु हो गई। इन घावों को भरने में काफी समय के साथ भारी आर्थिक तंत्र और राशि भी लगेगी।
वही गंभीर बात है कि आंदोलनकारियों ने नेपाल की 4 बड़ी जेलों को भी मंगलवार को निशाना बनाया था जिसमें कैलाली जेल से 100 से अधिक कैदी भाग गए, महोत्तरी की जलेश्वर जेल से 572 कैदी , ललितपुर की नक्खू जेल जिसकी दीवारें प्रदर्शकारियों में तोड़ दी और कैदियों को रिहा कराया, नक्खू जेल से पूर्व उप प्रधानमंत्री रवि लमीछाने भी जेल से बाहर आए उनके साथ 1500 कैदी भी निकल भागे, जबकि कास्की जिले की जेल से 900 कैदी फरार हो गए। वही सुरक्षा कर्मी भीड़ के आगे बेवस हो गए और उन्होंने जेल तोड़ दी। इससे भविष्य में नेपाल की कानून व्यवस्था को बड़ी चुनौती मिलेगी उसे कैसे सम्हाला जा सकेगा इसपर सवालिया निशान पैदा हो गए है।
आज Gen -Z जिसमें 1997 से 2012 के बीच के युवा शामिल है की 5 घंटे सोशल मीडिया पर चली बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम सरकार का पीएम बनाने का निर्णय गया अब जेन जेड के प्रमुख लोग सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात करेंगे और उनकी सहमति के बाद सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता साफ होगा।
जबकि अंतरिम प्रधानमंत्री की लाइन में काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह,पूर्व उपप्रधानमंत्री रवि लमीछाने, कुलमान घीसिंग और हरका संपंग का नाम भी प्रमुखता से शामिल है।
इधर इस बवाल के बाद इस्तीफा देने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बयान दिया है उन्होंने युवाओं के नाम अपनी खुली चिट्ठी में चेतावनी देते हुए इस प्रदर्शन को देश के खिलाफ गहरी साजिश बताया है उन्होंने सरकारी प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में आगजनी और कैदियों को छुड़ाने जैसी घटनाओं को पहले से तय बताया है।





