इंदौर/ देश के सबसे साफ शहर मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित- जहरीला पानी पीने से 4 लोगों की जान चली गई, जबकि कई की हालत गंभीर बताई जाती है अभी तक 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले 10 दिनों से यह मुसीबत शुरू हुई। लेकिन शिकायत के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। इधर बीमार लोगों की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में रहने वाले नागरिक इस दूषित जहरीले पानी का शिकार हुए है बताया जाता है यहां बड़ी टंकियों के साथ पाईप लाइनों के जरिए नर्मदा के पानी की सप्लाई होती है बताया जाता है पिछले करीब दस दिनों से यहां रहने वाले बच्चे बड़े बुजुर्ग सभी को उल्टी दस्त पेट में मरोड़ और अन्य परेशानियां शुरू हुई हालत ज्यादा बिगड़ने के बाद उनके परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया बढ़ते बढ़ते बीमारों की तादाद 100 का आंकड़ा पार कर गई ज्यादातर लोग वर्मा हॉस्पिटल में और कुछ अन्य अस्पतालों में भर्ती हुए है।
लेकिन भर्ती मरीजों में कुछ की हालत ज्यादा ही बिगड़ गई जिसके बाद अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है सबसे पहले मरने वाले वृद्ध नंदलाल पाल के मरने का कारण पहले प्रशासन हार्ट अटैक बता कर पल्ला झाड़ रहा था लेकिन मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन उसके बाद दो महिलाओं सहित तीन अन्य भर्ती मरीजों की भी मौत होने से शहर में हड़कंप मच गया और प्रशासन और निगम की पोल खुल गई और उन पर सबाल उठने लगे।
बताया जाता है भागीरथपुरा सहित आसपास के इलाके में पिछले दिनों ड्रेनेज लाइन बिछाई गई है जिससे कई जगहों पर सीवर लाइन और पीने के पानी की लाइने टूट गई संभावना व्यक्त की जा रही है कि सीवर और ड्रेनेज का गंदा पानी रिसकर पानी के पाइप में चला गया जिससे वह दूषित हो गया और यही पानी लोगो के घर में सप्लाई हुआ जिसे पीने के बाद सारे क्षेत्र में लोग बीमार होने लगे। जब लोग इस पानी के पीने से प्रभावित हुए तो कुछ लोगों हे नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की लेकिन समय रहते किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया न कोई कार्यवाही ही की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि शिकायत के बाद व्यवस्था को सुधारा जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती और आज इस तरह लोगों की जान नहीं जाती।
इस घटना के बाद जिला एवं निगम प्रशासन जागा और प्रभावित क्षेत्र में डॉक्टरों की टीम भेजी गई जिसने घर घर जाकर परीक्षण किया और उल्टी दस्त से बीमार लोगों को दवाई दी। साथ ही निगम ने क्षेत्र में जांच शुरू करने के साथ पानी की सैम्पलिंग की साथ ही सप्लाई किया जा रहा पानी उबाल कर पीने की हिदायद एनाउंसमेंट के जरिए दी। इधर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अस्पताल पहुंचे और बीमारों की स्थिति का जायजा लिया साथ ही प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में भी गए और वहां लोगों से बात की साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।





