close
मध्य प्रदेश

फ़ूल दूधदही भस्म से हो रहा है महाकाल का क्षरण, एएसआई की जांच रिपोर्ट में खुलासा

Mahakal Temple
  • फ़ूल दूधदही भस्म से हो रहा है महाकाल का क्षरण
  • एएसआई की जांच रिपोर्ट में खुलासा

उज्जैन – द्वादश ज्योतिर्लिगों में शामिल उज्जैन के महाकाल के क्षरण को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की जाँच में सामने आया है कि दूध दही भस्म और फ़ूलो के चडावे की बजह से शिवलिंग को नुकसान हो रहा है, अब सुप्रीम कोर्ट 3 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में महाकाल की सुरक्षा के लिये आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर सकता है,

उज्जैन के महाकाल भगवान महादेव जो अपने भक्तों के संकट हरते है वे उन्हीं भक्तों की बजह से खुद महासंकट में घिर गये है और उनके शिवलिंग का स्वरूप कम होता जा रहा है और यह हो रहा है उनके लगातार क्षरण से, यह हम नही कह रहे यह बता रही है भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की 32 पन्नों की जाँच रिपोर्ट,जिसमें एएसआई ने साफ़ किया है कि महाकाल के शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली भस्म, दूध दही और फ़ूलों से उसको नुकसान हो रहा है और यही खास बजह उसके क्षरण की है, जिससे शिवलिंग का आकार कम होता जा रहा है, एएसआई ने महाकाल की सुरक्षा के लिये अपने कुछ सुझाव भी दिये है उसने चढ़ावा या पूजा में उपयोग आने वाली सामग्री प्रतीकात्मक रूप से चढ़ाने की बात कही है,

जैसाकि महाकाल के आकार में कमी आने और क्षरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक श्रद्धालु ने जनहित याचिका दाखिल की थी, जिसपर सग्यान लेते हुएं सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई को महाकाल मंदिर की जाँच करने के निर्देश दिये थे यह जांच रिपोर्ट एएसआई ने सुप्रीम कोर्ट को सौप दी है 3 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट जरूरी निर्देश दे सकता है जिससे महाकाल को सुरक्षित किया जा सके,
जबकि वैज्ञानिकों का कहना है कि आजकल दूध और दही में भारी मिलावट दैखी जा रही है जिसको बनाने में यूरिया और चूने का उपयोग भी हो रहा है वैज्ञानिकों के मुताबिक अकउआ के फ़ूल में पाया जाने वाला केमीकल बलुआ स्टोन से रियेक्शन कर उसे नुकसान पहुंचाता है,

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

Leave a Response

error: Content is protected !!