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दिल्ली

किसान आंदोलन के दौरान सरकार के रवैये से नाराज संत बाबा रामसिंह ने की खुदकुशी

Sant Baba Ramsingh
Sant Baba Ramsingh
  • किसान आंदोलन के दौरान सरकार के रवैये से नाराज संत बाबा रामसिंह ने की खुदकुशी

नई दिल्ली – कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर 65 वर्षीय संत बाबा रामसिंह ने गोली मारकर आत्महत्या करली। पुलिस ने बाबा के पास एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। मृतक बाबा रामसिंह केंद्र सरकार के रवैये से खासे नाराज थे।

किसान आज 21 वें दिन भी कृषि कानूनों को रद्द करने की अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत है इस बीच दिल्ली हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक काफी गंभीर और बड़ी घटना सामने आई है इस किसान आंदोलन में शामिल करनाल के रहने वाले संत बाबा रामसिंह ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी करली जब उन्होंने गोली मारी तो उनके साथ उनके अनुयाई सिख समुदाय के लोग घायल अवस्था में उन्हें लेकर पानीपत के अस्पताल लेकर भागे लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। बताया जाता है मृतक बाबा करनाल में एक गुरूद्वारे के प्रमुख थे और उससे हजारों समाज के लोगों की आस्था भी जुड़ी थी।

पुलिस को बाबा के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला हैं जिसमें बाबा ने लिखा है कि किसानों के आंदोलन से काफी दुखी और व्यथित है कई खिलाड़ियों कलाकार एवं अन्य लोगों के एवार्ड बापस देने और भीषण ठंड में भी किसानों व्दारा लगातार धरना आंदोलन देने के बाबजूद केंद्र सरकार इस मामले में कुछ नही कर रही सरकार के रवैये से मुझे काफी तखलीफ़ हो रही हैं। फिलहाल इस घटना से आंदोलन कर रहे किसानो में काफी दुख व्याप्त हैं।

चूंकि घटना स्थल सोनीपत का कुंडली बार्डर हैं इसलिये यह मामला तीन थानों का है सोनीपत पानीपत और करनाल ,बाबा के समर्थकों ने पानीपत पुलिस से पीएम के लिये मना किया तो उन्हें शव सौप दिया गया जो शव को करनाल ले गये लेकिन अब करनाल पुलिस बाबा रामसिंह के शव का पोस्टमार्टम करा रही हैं उंसके बाद वह मामले की पड़ताल करेगी।

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