नई दिल्ली/ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे पर आज शाम भारत आए इस दौरान नई दिल्ली विमान तल पर मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए उनकी गर्मजोशी से अगवानी की और दोनों गले लगे। इसके उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी ही कार से पुतिन को साथ लेकर प्रधानमंत्री हाउस पहुंचे।
पीएम मोदी प्रोटोकॉल छोड़कर शाम को एयरपोर्ट पहुंचे थे करीब 7 बजे नई दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे,पीएम मोदी ने पुतिन का जोरदार स्वागत किया तत्पश्चात उन्हें अपने साथ लेकर लोक कल्याण मार्ग स्थित पीएम हाउस पहुंचे पीएम ने राष्ट्रपति पुतिन के लिए पीएम हाउस में विशेष डिनर का अरेंज किया है पुतिन के साथ रूस के 75 प्रतिनिधिमंडल और उनके 7 मंत्री भी साथ आए है।
संभवतः कल रूस और भारत के बीच कई मुद्दों पर बातचीत के साथ रक्षा, कृषि,फर्टिलाइजर ग्लोबल पॉवर प्रोजेक्ट स्वास्थ्य फार्मा आयात निर्यात सहित कई प्रोजेक्ट पर चर्चा होने के साथ सहमति बनने का अनुमान है। इसके अलावा सयुक्त रूप से कई घोषणाएं होने की भी संभावना है। खास बात है रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे युद्ध पर भी मोदी और पुतिन के बीच बातचीत होगी। क्या युद्ध विराम होगा, शांति होगी? इस पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी है।
पुतिन के भारत आगमन पर पीएम मोदी ने एक पोस्ट में कहा है कि, दोस्त पुतिन का स्वागत करके खुश हूं समय ने हमारी दोस्ती को परखा है भारत और रूस की दोस्ती कसौटी पर खरी उतरी है दोनों देशों की दोस्ती से लोगों को फायदा होगा।
हमारी मुलाकात नही कहा राहुल ने –
इधर कांग्रेस नेता नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से चर्चा में कहा कि सरकार नही चाहती की विपक्ष के नेता दूसरे देशों के नेताओं से मुलाकात करें हम बाहर जाते है तो सरकार वहां भी हमें मिलने से रोकती है जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कांग्रेस सरकार ने विपक्षी नेताओं को बाहरी नेताओं से मिलने पर कभी रोक नहीं लगाई। ऐसा क्यों, इस सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि साफ है सरकार की यह इनसिक्योरिटी है।
जबकि इसके जवाब में बीजेपी नेता संबित पात्रा सामने आए और उन्होंने कहा सरकार ने एलओपी के मिलने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई पिछले दिनों जो भी दूसरे देशों के नेता भारत आए उनसे राहुल गांधी मिले भी है जहां तक रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिलने का सवाल है यह खुद उनके प्रोटोकॉल के कारण हुआ वही तय करते है कि उन्हें किस किस से मिलना है यदि वह राहुल गांधी से नहीं मिलना चाहते तो सरकार इसमें क्या कर सकती है।
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