भोपाल/ मध्यप्रदेश के कई जिलों में बुधवार को मौसम में एकाएक बदलाव आ गया, बालाघाट, सिवनी छिंदवाड़ा मंडला डिंडोरी उमरिया मंदसौर धार राजगढ़ सहित कई जिलों में बारिश हुई और कुछ जगह ओले गिरे। जबकि भोपाल सहित कुछ जिलों में दिन भर बादल छाए रहे। अचानक बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें पैदा हो गई है क्योंकि कई खेतों में फसल कटने की तैयार है तो कई जगह फसल खेतों में ही काटकर रखी हुई है। वही मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी कई जिलों ने बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है।
इस बदले हुए मौसम से तापमान में भी गिरावट महसूस की गई है प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री इंदौर में 37 डिग्री ग्वालियर में 36.7 डिग्री उज्जैन में 38.5 डिग्री जबलपुर में 30.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी बुधवार को तापमान में गिरावट रही।
बुधवार को राजगढ़ जिले के माचलपुर में शाम को एकाएक मौसम बदला और बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि धार जिले के मनावर में पहले तेज हवाएं चली और उसी के साथ बारिश और ओले गिरे वही मंदसौर के गरोठ और शामगढ़ में शाम को मौसम बदला और ठंडी हवाओ के साथ कई इलाकों में बारिश होने लगी। वही बरखेड़ा गंगामा ,बरडिया अमर और सठखेड़ा गांवों में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि के समाचार मिले है और सिवनी में तेज वर्षा हुई जो करीब आधे घंटे तक होती रही। वही बालाघाट में शाम को हल्की बारिश होने से गर्मी से लोगों को राहत मिली है।
बुद्धवार को जहां प्रदेश में एकाएक मौसम बदला और बादल छाए रहे बारिश होने के साथ ओले गिरे लेकिन अगले दो दिन तक यह स्थिति बनी रहने का अनुमान है जिसके तहत 3 अप्रैल को खरगौन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, मंडला, बालाघाट, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पार्डुना, सिवनी में आंधी के साथ ओले गिरने का अलर्ट है जबकि श्योपुर मुरैना भिंड दतिया ग्वालियर छतरपुर और बड़वानी में तेज आंधी चल सकती है। जबकि 4 अप्रैल को सिवनी मंडला में ओले गिर सकते है वही बालाघाट में तेज हवाओ के साथ आंधी आने का अनुमान है।
लेकिन अचानक मौसम के बदलने के साथ तेज अंधड़ बारिश और ओले गिरने से कई जगह किसानों की फसल को नुकसान होने की संभावना पैदा हो गई है चूंकि अभी भी कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटने को तैयार है तो कई इलाकों में फसल काटकर अभी खेतों में ही इकट्ठा कर दी गई है यदि इसी तरह से बारिश और ओले गिरते रहे तो किसानों की मुसीबत बढ़ना लाजमी है यही बजह है कि बेमौसम बारिश ओले ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन टर्फ की बजह से प्रदेश में ओले बारिश और आंधी का सिस्टम एक्टिव हुआ है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि एक तरफ दक्षिण छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ – मराठवाड़ा के पास से गुजर रही है वहीं साइक्लोनिक सिस्टम भी एक्टिव है इस कारण मध्यप्रदेश में गरज चमक वर्षा के साथ ओलावृष्टि की स्थिति बनी है।





