कांठमांडू / नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का विद्रोह जारी है 3 सितंबर से सरकार के सोशल मीडिया पर बेन लगाने के बाद यह आंदोलन सड़क से संसद तक उग्र हो गया और हजारों प्रदर्शनकारी संसद में घुस गए और तोड़फोड़ के साथ दो गेट पर कब्जा कर लिया। ओली सरकार ने सुरक्षा की कमान सेना को सौंप दी सेना की फायरिंग में अभी तक 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए है। ओली सरकार ने नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित करीब एक दर्जन प्रमुख शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है। इधर आंदोलन के उग्र रूप लेने के मद्देनजर सरकार ने सोशल मीडिया से बेन हटा लिया और तोड़फोड़ करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए है। लेकिन फिलहाल स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका है। खास बात है नेपाल का यह सबसे बड़ा आंदोलन बन गया है।
श्रीलंका और बंगलादेश के बाद भारत का एक और पड़ोसी राज्य नेपाल पिछले दिनों से धधक रहा है प्रेम प्रकाश ओली सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के युवा Gen – Z के (यानि 18 से 30 साल के युवा) नेतृत्व में आंदोलन कर रहे है इस दौरान सरकार ने आंदोलनकारियों 3 सितंबर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बाइट्स एप फेस बुक एक्स्ट्रा, यूट्यूब, X और अन्य पर प्रतिबंध लगा दिया चूंकि आंदोलनकारियों का यह प्लेटफॉर्म आपसी जुड़ाव और अपनी बात कहने का प्रमुख मंच था इसपर बेन लगने के बाद आंदोलनकारी बुरी तरह से भड़क गए और यह युवा सोमवार को हजारों की तादाद में इसके खिलाफ सड़कों पर आन्दोलन करने उतर आए इस दौरान करीब 12 हजार प्रदर्शनकारी राजधानी काठमांडू स्थित संसद भवन में घुस गए और उन्होंने प्रदर्शन करते हुए तोड़फोड़ और आगजनी भी की साथ ही संसद के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया। नेपाल में संसद में घुसने का यह पहला मामला है।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने इन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बेरीगेटिंग की और टियर गैस के गोले दागने के साथ बल का प्रयोग किया लेकिन प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका था उसके बाद सरकार ने सुरक्षा की कमान सेना को सौंप दी है सेना और आंदोलनकारियों के बीच झड़प के दौरान हुई फायरिंग में अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और करीब 200 लोग घायल हो गए है। इधर सरकार ने तोड़फोड़ और आगजनी करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए है। जबकि इस बीच नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक को अपने दफ्तर से भागना पड़ा और आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया हैं।
इस बीच प्रशासन ने संसद भवन सहित राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भवनों के आसपास कर्फ्यू लगा दिया है। इसी के साथ भारत नेपाल की सीमा मेरहवा सहित कांठमांडू से लेकर सिहरीकर तक और चितवन भरतपुर कोटरा बुटवल रुपंदेही आदि शहरों में भी कर्फ्यू लगा दिया है। खास बात है सोशल मीडिया पर बेन हटाने के बाद भी फिलहाल नेपाल में स्थिति नियंत्रण के बाहर ही बताई जा रही है।





