नई दिल्ली / शीतकालीन सत्र के दो दिन के गतिरोध के बाद अब सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है चुनाव सुधार यानि SIR पर 9 दिसंबर को संसद में चर्चा होगी जो 10 घंटे तक चलेगी।
SIR को लेकर आज दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया बीच में बैठक स्थगित होने और कुछ समय देने के बाद भी विपक्ष SIR पर सदन में बहस की मांग पर अड़ा रहा ।जिसके बाद सभापति ने 3 दिसंबर 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सोमवार से देश की लोकसभा और राज्यसभा का 15 दिवसीय शीतकालीन सत्र शुरू हुआ था। जिसमें कई बिल पेश होना थे कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया जो लगातार दोनों सदनों में दोनों दिन तक जारी रहा। विपक्ष की मांग थी कि सरकार पहले चुनाव आयोग और उसके द्वारा देश में कराई जा रहे SIR पर सदन में बहस कराए और जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव नहीं हो रहे है वहां इसे 1 माह के कम समय और जल्दबाजी में कराने की क्या जरूरत हैं चुनाव आयोग या सरकार इसपर जवाब दे। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में SIR की प्रोसेस के दौरान 12 – 13 लोगो की जान जा चुकी है यह अर्जेंट मेटर है इस पर तुरंत चर्चा होना चाहिए इस दौरान हंगामे के बीच विपक्षी सांसद वेल में आ गए और सदन में वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे भी लगे।
लेकिन सोमवार को सरकार की तरफ से लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजजू ने कहा कि विपक्ष को इस पर बहस की इतनी जल्दबाजी क्यों है कि आज ही SIR पर बहस हो सरकार इससे इंकार नहीं कर रही समय आने पर वह जबाव देगी।
लेकिन विपक्ष सरकार के बयान से संतुष्ट नहीं दिखा उसने दूसरे दिन मंगलवार को भी हंगामा जारी रखा सभापति के सदन स्थगित करने के दौरान विपक्ष ने बाहर आकर पोस्टर बैनरों के जरिए जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता के. सुरेश ने बताया कि,9 दिसंबर को इलेक्टोरल रिफॉर्म्स यानि चुनाव सुधारों पर सदन में 10 घंटे बहस होगी।साथ ही उन्होंने कहा , एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर चर्चा होगी इसके लिए भी 10 घंटे का समय तय किया गया है। जैसा कि 150 वर्ष पूरे होने पर उसके सम्मान में वंदे मातरम् पर सदन में चर्चा होगी। जिसकी शुरुआत पीएम मोदी करेंगे।
बताया जाता है दो दिन तक लगातार गतिरोध के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने दोनों पक्षों के नेताओं को बुलाया था और मीटिंग के बाद यह निर्णय हुआ। अब तीसरे दिन बुधवार से सदन की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के चलेगी।
उससे पहले वार पलटवार-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सोमवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोला था पीएम ने कहा कि विपक्ष संसद का इस्तेमाल चुनावों में अपनी हार का गुस्सा निकालने के लिए करता है उन्होंने कहा संसद में काम होना चाहिए ड्रामा नहीं, सदन का फोकस नीति पर होना चाहिए नारों पर नहीं। पीएम मोदी ने कहा शीतकालीन सत्र हार से पैदा हुई फ्रस्ट्रेशन या जीत का घमंड का मैदान नहीं बनना चाहिए।
पीएम के हमले के जबाव में विपक्ष ने भी पलटवार किया कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा मिल विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर अपनी पोस्ट के कहा शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने संसद में मुख्य मुद्दों पर बात करने की बजाय फिर से ड्रामेबाजी की डिलीवरी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसदीय मर्यादा और संसदीय प्रणाली को पिछले 11 साल में सरकार ने लगातार कुचला है पिछले मानसून सत्र में कम से कम 12 बिल सरकार ने जल्दबाजी में पारित कर लिए कुछ बिना चर्चा के तो कुछ 15 मिनट में पास हो गए।





