- मध्यप्रदेश का बजट 2024 – 25 प्रस्तुत, पर्यटन संस्कृति पर खास फोकस,
- 3 लाख नौकरी, डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविधालय खुलेंगे
भोपाल/ मध्यप्रदेश सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुद्धवार को 2024 – 25 का बजट विधानसभा में पेश किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा हमने यह बजट जीरो बेस्ट बजरिंग प्रक्रिया के तहत तय किया है। वित्तीय वर्ष 2024 – 25 के बजट में 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। श्री देवड़ा ने 1 घंटे 32 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा, खास बात है सरकार ने जहां कोई नया टैक्स नहीं लगाया तो पुराने टेक्स में भी कोई रियायत नहीं दी है।
वित्त मंत्री श्री देवड़ा ने बजट प्रस्तुत करने से पूर्व कुछ कविता की कुछ पंक्तियां सुनाते हुए कहा – यही जुनून है यही ख्वाब है मेरा, वहां चिराग जला दूं जहां अंधेरा है – जनता और जनप्रतिनिधियों की बेशुमार फरमाइशें है, कर सकें हम सब पूरी, यह हमारी कोशिश है। वित्त मंत्री ने इस दौरान कहा हमने 2024 – 25 का बजट जीरो बेस्ट बजरिंग प्रक्रिया के तहत तैयार किया है सरकार का एक ही लक्ष्य है विकसित मध्यप्रदेश, इसका अर्थ है जनता का जीवन खुशहाल हो, महिलाओं को आत्मगौरव मिले।
वही चुनाव ने गेम चेंजर लाडली बहना योजना का बजट कुछ घटाकर 29669 करोड़ किया गया है। हालांकि उसको अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा योजना से जोड़े जाने की घोषणा जरूर की गई है।
बजट में युवाओं के लिए सबसे बड़ा ऐलान निजी क्षेत्रों में 3 लाख नौकरी देने का किया गया है यह रोजगार नए विकसित हो रहे 39 औद्योगिक क्षेत्रों में मिलेंगे वही सरकारी नौकरी की कोई घोषणा नहीं की गई। साथ ही छात्रों के लिए पहले से चल रही लेपटॉप योजना के लिए 220 करोड़ और साईकिल के लिए बजट में 215 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बजट में प्रदेश के साढ़े 7 लाख सरकारी कर्मचारियों के भत्तों के पुनरीक्षण की घोषणा कर सरकार ने बड़ी राहत दी है यह बदलाव 13 साल बाद हो रहा है जिसके तहत अब सभी भत्ते 7 वे वेतनमान के आधार पर दिए जाएंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री ने गाय और गौपालको का ध्यान भी रखा है सरकार दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर 5 रु का बोनस देगी साथ ही गौशालाओं की गायों के चारे आहार के लिए प्रति हाय 20 रु से बढ़ाकर अब 40 रु दिए जाने का प्रावधान बजट में किया गया है।
प्रस्तुत बजट की प्रमुख बातें …
बजट 2024 – 25 में गृह विभाग के लिए 13 हजार 876 करोड़ आवंटित किए गए है श्री कृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान और राम वन पथ गमन के लिए 30 करोड़ का प्रावधान है साथ ही प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ प्रावधान, नगरीय विकास 18 हजार 715 करोड़ का और ऊर्जा पावर सेक्टर में 19 हजार करोड़ का प्रवधान रखा गया है। पर्यटन पर सरकार का खास फोकस है तो 507 करोड़ से 14 स्मारकों का निर्माण होगा। ओंकारेश्वर में महाकाल लोक तैयार होगा ,साथ ही धर्म,संस्कृति पर्यटन के लिए बजट 2024 – 25 में 1160 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
पर्यटन संस्कृति शिक्षा पर खास फोकस …
देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश, पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। राज्य में पर्यटन के विकास की दिशा में किए गए प्रयासों से न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि रोज़गार के अवसर भी सृजित हुए हैं
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के 14 स्मारकों का निर्माण लगभग 507 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। विश्व के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, ओंकारेश्वर में उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर महालोक का निर्माण किया जाएगा। अद्वैत वेदान्त दर्शन के प्रणेता आचार्य शंकर के जीवन दर्शन के प्रसार के उद्देश्य से संग्रहालय एवं “आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदान्त संस्थान को विकसित किया जा रहा है।
हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उन स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जायेगा। इस हेतु श्रीकृष्ण पाथेय योजना के लिये रुपये 10 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इसी प्रकार राम पथ गमन योजना में प्रभु श्री राम के वनगमन पथ अंचल का विकास तथा धार्मिक नगरी चित्रकूट का समग्र विकास किया जाएगा। इस योजना के लिये रुपये 30 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वर्तमान समय में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य, वैज्ञानिक अनुसंधानों के7 सुलभ अध्ययन को प्रोत्साहित करने और जनसाधारण में अध्ययन में घटती रुचि के परिष्कार के उद्देश्य से, प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त वैचारिक अध्ययन केन्द्र के रूप में “गीता भवन” बनाये जाएँगे।
इनमें पुस्तकालय, ई-लायब्रेरी, सभागार तथा साहित्य-सामग्री बिक्री केन्द्र भी होंगे। इस योजना के लिये रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रदेश अपने वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा का पुण्य लाभ प्रदान करने में सहभागी है इस हेतु रुपये 50 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इस योजना में, प्रारंभ से अब तक 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत दिव्यांग नागरिकों को भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व के क्षेत्र में रुपये 1 हजार 610 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है जो कि गत वर्ष से रुपये 133 करोड़ अधिक है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविधालय खोलने के साथ अन्य विभागों पर भी ध्यान….
खास बात है मप्र में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय खुलेगा। नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाएंगे इस योजना के लिए 100 करोड़ की राशि का प्रावधान, तीर्थ दर्शन के लिए 50 करोड़ का प्रावधान,मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत 100 करोड़ राशि का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा प्रदेश में 11 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय खुलेंगे, साथ ही बजट में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए 23 हजार 533 करोड़ का प्रावधान किया गया ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 19 हजार 50 करोड़ की राशि ,नगरीय विकास के लिए 18 हजार 715 करोड़ ,पर्यटन धर्मस्व संस्कृति के लिए एक हजार 610 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है।





