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पन्नामध्य प्रदेश

पन्ना की खदान उगल रहीं है हीरे, मजदूर को मिला 30 लाख कीमत का 6.92 कैरेट का हीरा

Labour found Diamond
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  • पन्ना की खदान उगल रहीं है हीरे

  • मजदूर को मिला 30 लाख कीमत का 6.92 कैरेट का हीरा

पन्ना – मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती लगातार बेशकीमती हीरे उगल रही है। जिसे कोरोना काल और दीवाली के पहले मजदूरों के लिये एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है। आज फिर एक मजदूर को 6.92 कैरेट का बेशकीमती हीरा प्राप्त हुआ है। यह हीरा मजदूर को कृष्णकल्याणपुर पटी की उथली हीरा खदान से मिला है।

उस हीरे को मजदूर ने अपने पिता के साथ हीरा कार्यालय पहुँचकर जमा कर दिया है। इस हीरे की कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही। खास बात है बेशकीमती हीरों के लिए देश व दुनिया मे मशहूर पन्ना की धरती से एक हफ्ते में चार बड़े हीरे मिल चुके हैं, यह एक रिकार्ड है।

लक्ष्मी जी के आगमन से जुड़ा दीपावली का पर्व धन संपन्नता से जुड़ा महत्वपूर्ण त्यौहार है, इस दिन को माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।ऐसे में दीवाली से पहले यदि किसी को हीरे जैसा रत्न प्राप्त हो जाये तो उसे इससे बड़ा गिफ्ट कुछ हो ही नही सकता। क्योंकि हीरे जैसे एक छोटे से रत्न से रातोरात लखपति व करोड़पति बनने का सपना पूरा हो जाता है।  कुछ ऐसा ही इन दिनों पन्ना में देखने को मिल रहा है। जहां पर पिछले सात दिनों में चार बड़े हीरे खदान मजदूरों को प्राप्त हो चुके हैं। जिन्हें खदान संचालक करने वाले इन मजदूरों के द्वारा हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है।

एक हफ्ते की अगर बात करें तो पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती से 29 अक्टूबर को 7.02 कैरेट का हीरा, 2 नवंबर को एक दो बड़े हीरे खेतहर मजदूरों को मिले थे, जिनमें 7.44 कैरेट और 14.98 कैरेट का बड़ा हीरा शामिल था। इसी प्रकार आज एक मजदूर युवक को 6.92 कैरेट का हीरा कृष्ण कल्याणपुर पटी की उथली हीरा खदान से प्राप्त हुआ है। जिसे मजदूर ने अपने पिता के साथ हीरा कार्यालय पहुँचकर जमा कर दिया है।

हीरा प्राप्त करने वाले युवक संदीप साहू ने बताया कि उनके परिवार की स्तिथ बेहद दयनीय थी। पिता चावल का छोटा सा व्यापार करते थे और युवक पिता के धंधे में सहयोग करते रहते थे। लेकिन लोकडॉउन के कारण युवक ने खदान लगाई जिसका हीरा कार्यालय से पट्टा जारी करवाया और महज 20 दिन की मेहनत से ही मजदूर युवक की किस्मत चमक गई। मजदूर युवक ने कभी सोचा भी नही होगा कि दीवाली से पहले उनके घर हीरे के रूप में लक्ष्मी जी दस्तक देंगी और उसके परिवार को एकाएक इतनी बड़ी खुशी मिलेगी।

हीरा कार्यालय पन्ना के बेलयूबर अनुपम सिंह के मुताबिक पन्ना जिले में अगर हीरे प्राप्त करने की प्रोसिस की बात करे तो सबसे पहले निजी भूमि या फिर शासकीय भूमि का हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाया जाता है, और खदान संचालन मजदूर हीरे की बड़ी मेहनत धैर्य और बारीकी से खोजबीन करते है हीरा मिलने पर उसे हीरा कार्यालय में विधिवत जमा कराते है लेकिन और नीलामी में जो रकम मिलती है उंसका साढ़े 12 प्रतिशत काट कर पूरी राशि खदान संचालन मजदूर को मिलती है लेकिन फिलहाल सिर्फ निजी भूमियों पर ही हीरा उत्खनन करने के पट्टे जारी किए जा रहे हैं।

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