तेहरान, जेरूसलम/ ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध को आज सातवां दिन है दोनों ओर से लगातार एक दूसरे पर हमले जारी है आज भी इजराइल ने जहां ईरान के अराक हैवी रिपेक्टर को निशाना बनाया और भारी नुकसान का दावा किया लेकिन जबाव में ईरान ने एकसाथ इजराइल के 4 प्रमुख शहरों पर मिसाइलें दागी जिससे जानमाल का भारी नुकसान होने की संभावना है। खास बात है इजराइल ने ईरान के दो शहरों अराक और खौबंड के नागरिकों को इन्हें खाली करने की पहले ही चेतावनी दे दी थी। इधर रूस ने अमेरिका को चेतावनी दी तो चीन ने ईरान – इजराइल के बीच सीजफायर करने की समझाइश दी हैं। जबकि ईरानी हमले के बाद इजराइल ने खामेनेई को मॉर्डन हिटलर की संज्ञा देते हुए उनके खात्मे की बात कही है। यह भी बताना जरूरी है कि इस युद्ध में अभी तक ईरान के 639 लोगों की मौत हुईं है और 1329 लोग घायल हुए है जबकि इजराइल के 24 लोग मरे है जबकि 1300 लोग घायल हुए है।
इजराइल – ईरान युद्ध का सातवां दिन –
गुरूवार को इजराइल ने ईराक के अराक स्थित हैवी वोटर रिएक्टर पर हमला किया इससे कुछ घंटे पहले ही इजराइल की सेना (IDF) ने अराक और खौबंड शहरों के नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी, बताया जाता है अराम हैवी वाटर रिएक्टर फैसेलिटी ईरान के परमाणु प्रोग्राम का अहम हिस्सा है इसके साथ ही अराम में बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन होता है।
जवाब में ईरान ने इजराइल के 4 शहरों तेल अबीब, बीशेरबा, रमतगण और होलोन पर एकसाथ 30 मिसाइलें दागी, इनमें से 7 को इजराइली डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया लेकिन इस हमले में 176 लोग घायल हुए जिसमें 6 की हालत नाजुक है। इस हमले में बीशेरवा में एक अस्पताल सोरोका मेडिकल सेंटर भी जद में आया है। साथ ही ईरान ने स्टॉक एक्सचेंज की बिल्डिंग पर भी हमला किया।जिससे उसे नुकसान होने की खबरें है।
हमले के बाद नेतन्याहू की चेतावनी,खामेनेई को बताया हिटलर –
इस हमले के बाद इजराइल के पीएम बैंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का सोरोका मेडिकल सेंटर पर हमला बिल्कुल गलत है ईरान, इजराइली नागरिकों और अस्पताल को जानबूझकर निशाना बना रहा हैं अब बात नहीं बल्कि कार्यवाही पूरी दुनिया दिखेंगी हमारे सारे विकल्प खुले है उन्होंने कहा हम तेहरान में बैठे अत्याचारियों से इसकी पूरी कीमत बसूल करेंगे।
जबकि इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को मॉर्डन हिटलर बताया है इजराइल के रक्षामंत्री इजरायल कोर्टून ने कहा उन्हें जीने का कोई अधिकार नहीं है वह अपने एजेंटों के जरिए इजराइल को खत्म करना चाहता है वह अब बचना नहीं चाहिए।
चीन और रूस आए सामने –
ईरान – इजराइल के बीच तनाव पर गुरुवार को चीन का बड़ा बयान सामने आया है चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग ने कहा है कि युद्ध विराम पहली प्राथमिकता होना चाहिए, युद्ध कोई रास्ता नहीं हो सकता और इजराइल को जल्द सीजफायर करना चाहिए। जबकि रूस ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है आज रूस के मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व की जंग से दूर रहे यदि अमेरिका ईरान से भिड़ा तो मध्य पूर्व का इलाका अस्थिर और असुरक्षित हो जायेगा।
ट्रंप के बयान पर ख़ामेनेई का पलटवार,दखल दिया तो बुरा नतीजा –
ट्रंप के बयान के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अमातुल्ला खामेनेई ने तीखा पलटवार किया है खामेनेई ने बुधवार को कहा, जो ईरान और उसके लोगों और उसका इतिहास जानते है वह कभी धमकी की भाषा में बात नहीं करते ईरानी वह नहीं जो सिरेंडर कर दे,ट्रंप को उन्हें धमकी देना चाहिए जो इस तरह की धमकियों से डरते हो।
ईरान के राष्ट्रीय टीवी चैनल पर बुधवार को प्रसारित संदेश में सुप्रीम नेता खामेनेई ने कहा कि, इजराइल से युद्ध में यदि अमेरिका दखल देता है तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा और ईरान इसका भीषण बदला लेगा अमेरिका का इतना नुकसान होगा कि जिसकी भरपाई वह वर्षों बरस नहीं कर पाएगा।
क्या कहा था ट्रंप ने –
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले मंगलवार को सोशल मीडिया पर कहा था, हमें पता है कि ईरान के तथाकथित सुप्रीम लीडर कहा छुपे है लेकिन हम उन्हें हटाने (मारने) नहीं जा रहे.. कम से कम अभी नहीं, अब ईरान को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए। लेकिन ख़ामेनेई के जबाव के बाद ट्रंप के सुर बदल गए और इस बीच बुधवार की देर रात ट्रंप ने कहा .. मै ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर भी सकता हूँ और नही भी ..कोई नहीं जानता है।
क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है ? –
लेकिन इस बीच अमरीका की न्यूज एजेंसी के हवाले से खबर आई है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है। इसकी पुष्टि अमेरिकी सैन्य जमावट से भी साफ होती है। अमेरिका ने ईरान की सीमा से लगे 6 देशों में अपने 9 बेस से ईरान की घेराबंदी की है।
- जॉर्डन – अम्मान में 2 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की तैनाती।
- इराक – इरविल असद एयरवेस पर अमेरिका के 2 हजार सैनिक तैनात।
- सऊदी अरब – फाइटर जेट के साथ 35 हजार से अधिक सैनिक तैनात।
- कुवैत – 5 हजार मरीन कमांडो और दो बड़े एयरक्राफ्ट मौजूद, गश्त कर रहे है।
- बहरीन – अल उबैद एयरवेज पर जेट लड़ाकू विमानों की रिफ्यूलिंग की बड़ी फैसेलिटी।
- जॉर्डन – अम्मान में 2 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की तैनाती।
- UAE – नेवल, आर्मी, एयरफोर्स के 3 बेस स्थापित, यहां 6 हजार सैनिक तैनात।
विशेष – इसका बड़ा कारण है कि इजराइल की इंटर सेप्टर आपूर्ति तेज़ी से कम हो रही है वह इसकी आपूर्ति के लिए अमेरिका पर ही निर्भर है। आयरन डॉम को भेदकर ईरानी हाइपर सोनिक मिसाइलें इजराइल में तबाही का मंजर पैदा कर सकती है। जिसके चलते अमेरिका ने अपनी सैन्य शक्ति का कवच तैनात कर दिया हैं।
ईरान इजराइल युद्ध… 7 दिन का सिलसिला —
इजराइल ने ईरान पर 13 जून से हमला शुरू किया, जो अभी तक जारी है जबाव में ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान में अभी तक 585 लोगों के मारे जाने और 1325 के घायल होने की जानकारी सामने आई है जबकि ईरानी हमले में इजराइल के 24 लोगों के मारे जाने और करीब 600 लोगों के घायल होने की खबरें है।
- 13 जून – इजराइल ने इस सैन्य हमले को “राइजिंग लॉयन” नाम दिया और ईरान पर 200 फाइटर जेट्स से एकसाथ हमला बोला। अचानक हुए इस इजराइली ऑपरेशन में ईरान के 14 प्रमुख वैज्ञानिक 20 से ज्यादा मिलेंट्री कमांडर मारे गए, ईरान ने जवाबी हमला किया जिसे उसने “ट्रू प्रोमिस थ्री नाम दिया जिसके तहत ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागी।
- 14 जून – ईरान ने इजराइली रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाया, ईरान ने 3 इजराइली F 35 जेट गिराने जा दावा किया। इस बीच 138 ईरानियों के मरने की खबर, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली परमाणु वार्ता रद्द कर दी गई।
- 15 जून – इजराइल के ईरान के तीन तेल ठिकानों पर हमला भारी नुकसान,इजराइल ने ईरानी रक्षा मंत्रालय पर हमला किया। ईरान ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की। जबकि ईरानी हमलो से हाइफा के रिफाइनरी सेंटर को नुकसान पहुंचा। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि, ईरान और इजराइल का,समझौता होगा।
- 16 जून – ईरान का इजराइल पर सबसे बड़ा हमला, जिसमें 8 की मौत 200 लोग घायल हुए। जबाव ने इजराइल का ईरान के विदेश मंत्रालय पर हमला। इस दौरान ईरान ने इजराइल का एक और F 35 गिराने का दावा किया। इसी दिन इजराइल ने तेहरान स्थित न्यून चैनल की बिल्डिंग पर बमबारी की उस समय महिला न्यूज एंकर लाइव शो कर रही थी हमले की आवाज सुनकर वह जान बचाकर भागी और पीछे की स्क्रीन ब्लेक हो गई।
- 17 जून – ईरान का इजराइल के मौसाद हैडक्वाटर पर तेज हमला, ईरान ने अजर बेजान के रास्ते 600 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकाला। इधर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा ईरान के सुप्रीम लीडर को हम अभी नहीं मारेंगे, वह कहा छुपा है हम जानते है। जबकि विश्व के 21 देशों ने इजराइल के ईरान पर हमले की घोर आलोचना की।
- 18 जून – ईरान के सुप्रीम लीडर अमातुल्ला खामेनेई ने कहा, ईरान सरेंडर नहीं करेगा, साथ ही सुप्रीम लीडर ने इजराइल के खिलाफ जंग का ऐलान किया। ईरान में वाट्सएप डिलीट करने के आदेश। साथ ही इस दिन ईरान ने पहली बार फतह मिसाइल का हमले में उपयोग किया और हाईपर सोनिक मिसाइल से तेल अबीब को निशाना बनाया।
- 19 जून – इजराइल ने ईराक के अराक हैवी वोटर रिपेक्टर पर हमला बोला,कुछ घंटे पहले ही इजराइल की सेना (IDF) ने अराक और ख़ौबंड शहर के लोगों से इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। जबाव ने ईरान ने इजराइल के 4 शहरों तेल अबीब, बीरशैवा, रमतगण और होलोंन पर 30 मिसाइलें दागी जिसमें 176 लोग घायल हुए। पीएम नेतन्याहू का आरोप है ईरान हमारे अस्पतालों पर हमला कर रहा हैं।
परमाणु बम बना युद्ध का कारण !
ईरान के पास यूरेनियम का अकूत भंडार है उसके परमाणु बम बनाने की शुरूआत करने के साथ विश्व में परमाणु ताकत बन जाने की संभावना से इजराइल काफी नाराज था उसका कहना है ईरान के परमाणु ताकत बनने से उसे सबसे बड़ा खतरा है तमाम चेतावनियों के बाद भी ईरान वैज्ञानिकों ने परमाणु बम बनाने का कार्यक्रम जारी रखा जिसके बाद इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया इस युद्ध में अमरीका प्रत्यक्ष रूप से इजराइल के साथ खड़ा नजर आ रहा हैं। इधर रूस और चीन ने अपने रुख को स्पष्ट नहीं किया है लेकिन यह दोनों देश ईरान का सपोर्ट कर सकते है। आज के बयान से तो यही साफ होता है।जबकि भारत फिलहाल न्यूट्रल है।




