नई दिल्ली, भोपाल/ मध्यप्रदेश सहित देश के सभी बड़े शहरों के एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट केंसिल हो गई है जिससे हजारों यात्री परेशान है खास बात है फ्लाइट कैंसिल होने की इंडिगो प्रशासन ने पैसेंजर्स को कोई पूर्व जानकारी नहीं दी जिससे दिल्ली सहित देश के सभी एयरपोर्ट्स पर हजारों पैसेंजरों की भीड़ मौजूद है वही उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं है। वही दूसरी कंपनियों ने टिकट के रेट पांच गुना या उससे भी अधिक बढ़ा दिए हैं।
देश की सबसे बड़ी एयर लाइंस कंपनी इंडिगो पिछले 4 दिन से क्रू मेंबर की कमी से जूझ रही है इसकी बजह से भोपाल इंदौर दिल्ली बैंगलुरू जयपुर पुणे मुंबई हैदराबाद अहमदाबाद सूरत कोच्चि कोलकाता हैदराबाद चेन्नई सहित तमाम प्रमुख एयरपोर्ट से इंडिगो की 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है हवाई यात्री 24 -24 घंटे या करीब 2 -2 दिन से एयरपोर्ट्स पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे है।
अकेले दिल्ली के एयरपोर्ट पर देखे तो बुरा हाल है हजारों की तादाद ने यहां यात्री मौजूद है। इन पैसेंजर्स में कई सीनियर सिटीजंस बच्चे महिलाएं,खिलाड़ी और कई कलाकार भी शामिल हैं। कई यात्रियों को जरूरी काम से अपने गंतव्य तक पहुंचना था लेकिन उनका कहना है सब प्रोग्राम का सत्यानाश हो गया समय पर न पहुंचने से उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ेगा, यात्रियों का कहना था कि जब हम फ्लाइट के लिए निकले थे तो टिकट और समय कंपनी ने सोशल मीडिया पर कन्फर्म किया था लेकिन जब एयरपोर्ट पर पहुंचे तो पता चला हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है उनका खुला आरोप था की कोई बताने वाला भी नहीं है कि आगे क्या होगा। एयरपोर्ट पर खाना तो दूर पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
कुछ का कहना था अर्जेंट काम की बजह से उन्होंने एयर इंडिया सहित अन्य कंपनियों की फ्लाइट का टिकट बुक कराना चाहा तो वह अनाप शनाप राशि मांग रहे है और निर्धारित राशि से 5 गुना या उससे भी अधिक पैसा मांग रंगे है जो हम एफोर्ड नहीं कर सकते। बताया जाता है दिल्ली से मुंबई तक दूसरी कम्पनी की फ्लाइट का टिकट 49 हजार 700 रु और इंदौर से दिल्ली तक जाने वाली दूसरी उड़ानों का किराया 36 हजार रूपये तक पहुंच गया है यही हाल अन्य का है। ऐसे में यात्रियों का प्लेन में सफर करना काफी मंहगा और मुश्किल हो गया है।
जहां तक मध्यप्रदेश का सवाल है यहां शुक्रवार को इंडिगो की 26 फ्लाइट्स निरस्त हुई है तो इंदौर में आने वाली 18 से ज्यादा फ्लाइट भोपाल से 18 जबलपुर की 6 में से 5 फ्लाइट कैंसिल हो गई है। ग्वालियर में भी एयरपोर्ट का भी यही हाल है।
ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार जिन उड़ानों का संचालन हो रहा है वह पूरी तरह से पैक है आखिरी की खाली सीट सामान्य किराए की अपेक्षा 4 से 5 गुना कीमत में बेची जा रही है इससे साफ होता है कि सरकार ने इन एयरपोर्ट और प्राईवेट कम्पनियों के हवाई सेवा हवाले करके आज उससे पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया और इस हवाई सेवा को अपने नियंत्रण से बाहर कर दिया है जिसका खामिजाया आज हवाई यात्री भोग रहे है और हजारों रुपए खर्चा करने के बावजूद यह सेवा पूरी तरह से चरमरा गई है।
We are sorry 🙏 pic.twitter.com/8DmY2rJrjR
— IndiGo (@IndiGo6E) December 5, 2025





