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ग्वालियरमध्य प्रदेश

10 साल में चार आपरेशन, शारीरिक अक्षमता के बावजूद मिनी ने हासिल किया मुकाम

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ग्वालियर- कहते है यदि हौसला बुलंद हो और परिस्थितिया कितनी भी प्रतिकूल हो तो भी मेहनत करके मुकाम हासिल किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है ग्वालियर की एक बेटी ने। जन्मजात हड्डी की बीमारी से पीडित मिनी अग्रवाल की उचाई सिर्फ 3 फुट चांर इंच है। वो पिछले दस सालों में चार बडे आपरेशन झेल चुकी है। लेकिन इस कमजोरी को उसने अपने उपर हावी नहीं होने दिया और लगातार महनत करके इस साल पीएससी 2016 में मंगलवार को आए परीक्षा परिणाम में उसे सहायक संचालक उद्योग चुना गया है।

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ग्वालियर के निम्बालकर की गोठ में रहने वाले व्यवसाई हरि अग्रवाल की चार बेटियों में सबसे छोटी है मिनी। वो जन्म से ही हड्डी की बीमारी से पीडित थी और उसके पैर भी मुडे हुए थे। उसका पहला अॅापेशन 12 साल की उम्र में हुआ इसके बाद चार बडे आपरेशन और हुए। वो 2010 तक करीब 10 सालों तक बिस्तर में रही। इसके बावजूद उसने स्कूल की शिक्षा हासिल की और पिता की इच्छा के मुताबिक उसने अधिकारी बनके दिखा दिया है। खास बात यह है कि मिनी ने पीएससी 2014 में भी सफलता हासिल की थी और उसे लेबर आफिसर का पद मिला था।

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जिसकी ट्रेनिंग मिनी इन दिनो इंदौर में कर रही है। पिता हरि अग्रवाल के मुताबिक उनकी चार बेटियों में सिर्फ 28 साल की मिनी ही सबसे छोटी है। सहपाठी छात्रों ने कभी उसका मजाक भी बनाया लेकिन मिनी बुलंद इरादों वाली लडकी है इसलिए वो अपना सारा ध्यान पढाई पर ही केंद्रित रखती थी।​

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

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