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गुनाभोपालमध्य प्रदेश

दलित दंपत्ति की मारपीट और जहर खाने की घटना के बाद गुना के कलेक्टर एसपी को हटाया आईजी भोपाल अटैच

  • दलित दंपत्ति की मारपीट और जहर खाने की घटना के बाद गुना के कलेक्टर एसपी को हटाया, आईजी भोपाल अटैच

  • भोपाल से गुना पहुंच रही हैं आज जांच टीम

गुना/ भोपाल – गुना में दलित किसान दंपत्ति की मारपीट और उनके जहर खाने के मामले में प्रदेश सरकार ने गुना के क्लेक्टर और एसपी को हटाने के साथ ही ग्वालियर रेंज के आई जी को भोपाल पीएचक्यू अटैच कर दिया हैं। आज भोपाल से अधिकारियों की एक टीम भी जांच के लिये गुना पहुंच रही है। जैसा कि पुलिस की मारपीट के बाद किसान दंपति ने जहर खा लिया था और उनकी स्थिति चिंताजनक है।

जैसा कि गुना के जगतपुर चक गांव में मंगलवार की सुबह कैंट थाना पुलिस और प्रशासन का अमला सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचा था इस जमीन पर खेती कर रहे दंपत्ति राजू अहिरवार और उसकी पत्नी सावित्री ने इसका विरोध किया और अफसरों से हाथ जोड़कर कहा कि हमारी फसल लगी है, वह कट जाये तो हम जमीन छोड़ देंगे।

लेकिन पुलिस और प्रशासन नही माना और इस दंपत्ति औऱ उनके परिजनों पर लाठियां चलाना शुरू कर दी जब राजू का भाई आया बीचबचाव में महिला पुलिस कर्मी को धक्का लगने पर तो पुलिस ने रौद्र रूप ले लिया और उनपर बुरी तरह मारपीट और लाठियां चलाना शुरू कर दिया।

यहां तक कि महिला के कपड़े भी फाड़ दिये पुलिस के मारपीट से सभी बुरी तरह घायल हो गए दुखी होकर पीड़ित किसान दंपत्ति ने एकाएक जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे पुलिस बीच में ही लौट पड़ी बाद में बेहोशी की हालत में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई हैं।

यह मामला और पुलिस की मारपीट की वीडियो वायरल होने पर शासन के होश उड़ गये मीडिया और लोगों ने पुलिस की बर्बरता पर सबाल भी उठाये थे।

तुरत फुरत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लिया और गुना कलेक्टर एस विश्वनाथन और एसपी तरुण नायक को हटा दिया है और राजेश कुमार को गुना का नया एसपी बनाया गया है।

साथ ही ग्वालियर रेंज के आई.जी राजाबाबू सिंह को पीएचक्यू अटैच कर दिया है। आज भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियो की एक टीम गुना पंहुच रही है जो पूरे मामले की जांच करेगी और मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट देंगी।

लेकिन सोचनीय पहलू यह है कि ग्वालियर चंबल संभाग में जब कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा हैं इस दौरान पुलिस और प्रशासन को इस काम के लिये फुर्सत कैसे मिली यह भी जांच का विषय हैं।

वीडियो देखे

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