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ड्रग लायसेंस के लिये रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार
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लोकायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर पर भी दर्ज किया मामला
ग्वालियर – ड्रग लायसेंस देने के नाम पर रिश्वत लेने वाले खाद्य एवं औषधि विभाग के एक कर्मचारी को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है लोकायुक्त ने बाबू के साथ उस ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया हैं जिसके कहने पर इस कर्मचारी ने रिश्वत की रकम ली थी।
ग्वालियर के कलेक्टर कार्यालय स्थित खाद्य एवं औषधि विभाग कार्यालय में दवा मार्केटिंग के लाइसेंस के लिए फरियादी महेंद्र बाथम ने आवेदन किया था। लाइसेंस जारी करने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर ने फोन पर हुई बातचीत में फरियादी महेंद्र बाथम से लायसेंस देने के लिये 25 हजार रुपये की रिश्वत देने की मांग की थी, लेकिन महेंद्र ने ड्रग इंस्पेक्टर ठाकुर से मोबाइल पर हुई रिश्वत की बातचीत रिकॉर्डिंग कर ली और उस रिकार्डिंग सहित रिश्वत मांगने की शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस में दर्ज कराई थी।
आज गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस ने अपना जाल बिछाया और फरियादी महेंद्र को रिश्वत देने औषधि कार्यालय में भेजा लेकिन उस वक्त ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर कार्यालय में मौजूद नहीं थे, तब फरियादी महेंद्र ने ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर को फोन लगाया और बताया कि वह 25 हजार रुपया देने आया है, तब इस्पेक्टर अजय ठाकुर ने फरियादी महेंद्र से फोन पर कहा कि यह पैसे वह ऑफिस के बाबू अयूब खान को दे दे फोन पर बात होने के बाद फरियादी महेंद्र ने रिश्वत की रकम कार्यालय के बाबू अयूब खान को दे दी।
तभी उसने यह रिश्वत के पैसे इंस्पेक्टर की टेबल की डेस्क में रख दिये लोकायुक्त पुलिस के टीआई कवींद्र चौहान ने बताया कि उसके बाद हमने कार्यालय में छापेमार कार्यवाही की और रिश्वत की रकम जब्त करने के साथ पैसे लेने वाले बाबू अयूब खान को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया है। श्री चौहान ने बताया कि रिश्वत के इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर और कार्यालय के बाबू अयूब खान दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।





