ग्वालियर / ग्वालियर शहर से 20 किलोमीटर दूर झांसी हाईवे पर तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार रेता से भरी एक ट्रेक्टर ट्रॉली से जा भिड़ी जिससे कार के परखच्चे उड़ गए इस सड़क हादसे में कार में सवार 5 युवकों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इन युवकों की उम्र 21 से 24 साल की थी।
यह सड़क हादसे ग्वालियर झांसी हाईवे पर मालवा कॉलेज के पास रविवार सुबह करीब 4 से 5 बजे करीब हुआ जिसमें सड़क के किनारे खड़ी रेत से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली से फॉर्च्यूनर कार जोरदार टक्कर के साथ जा भिड़ी जिससे कार में सवार 5 युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, कौशल भदौरिया, आदित्य प्रताप सिंह जादौन, अभिमन्यु सिंह और शिवम राजपुरोहित शामिल हैं। इन सभी की उम्र 21 से 24 साल के बीच थी।
हादसा इतना भयावह था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके अगले हिस्से की बॉडी के परखच्चे उड़ गए पूरा इंजन चकनाचूर हो गया स्टीयरिंग टूटकर दूर जा गिरा स्पीड मीटर उड़ गया एयर बैग फट गया जांच करने पर स्पीडो मीटर में अंतिम स्पीड 151 किलोमीटर प्रति घंटा देखी गई। विशेषज्ञों का मत है इतनी ज्यादा स्पीड में वाहन को एकाएक काबू करना नामुमकिन होता है।
ग्वालियर झांसी हाईवे पर ट्रैक्टर ट्राली से टकराई फॉरच्यूनर कार कारोबारी उमेश सिंह राजावत की है जो दीनदयाल नगर में रहते है इस दुर्घटना में मरने वाला प्रिंस राजावत उमेश सिंह राजावत और परिवार का इकलौता बेटा था कार उनका बेटा प्रिंस सिंह ही कल शाम को लेकर निकला था।
प्रिंस की दोस्त विकास शर्मा से बात हुई थी जो रात 10 बजे तक उसके साथ था विकास ने बताया रात 10 बजे वह और उनके अन्य दोस्त दीनदयाल नगर स्थित सिंधिया स्टेचू के पास उतर गए थे और प्रिंस के दूसरे दोस्त कार में सबार हुए थे जो 2 साल में एक बार मिलते थे रात में वह कहा रहे उसे जानकारी नहीं है सुबह तड़के 4 बजे करीब वह सभी जौरासी हनुमान मंदिर के सामने जो दुकानें है वहां चाय नाश्ते के लिए गए थे इससे पहले भी सभी दोस्त वहां जाते रहे है। संभवतः जब यह लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि युवक कार के बुरी तरह से फंसे हुए है बाद में कार को काटकर सभी के शव बाहर निकाले गए चालक की सीट पर जो युवक फंसा था उसकी शिनाख्त कौशल भदौरिया के रूप में हुई जिससे साफ हुआ कि एक्सीडेंट के समय कौशल ही कार ड्राइव कर रहा था दोस्तों ने बताया कौशल तेज स्पीड से वाहन चलाने का शौकीन था पांचों दोस्तों में वही शादीशुदा था उसकी पत्नी और डेढ़ साल की बेटी है।
बताया जाता है शिवम गुरुग्राम से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था किसी दोस्त की बर्थ डे में शामिल होने वह आया था रात में उसे प्रिंस आदित्य अभिमन्यु और कौशल मिल गए और प्रिंस की कार में सबार होकर यह सभी जश्न मनाने निकल पड़े थे रात भर साथ रहे और सुबह जब भूख लगी तो सुबह 4 बजे यह पांचों चाय नाश्ता करने जौरासी मंदिर पहुंचे थे। लौटते समय यह घटना घटी। इसमें अभिमन्यु भगत सिंह नगर में अपनी मां और छोटे भाई के साथ किराए के मकान के रहता था इसजे पिता बाहर नोकरी करते है। जबकि आदित्य भी अपने माता पिता का इकलौता बेटा था जो बीसीए की पढ़ाई कर रहा था। पीएम के बाद जब परिजनों को शव सौंपे गए तो घरवालों का तो रोकर बुरा हाल था।
इस घटना के बाद माइनिंग विभाग का अमला सड़को पर उतरा और उसने कार्यवाही शुरू की लेकिन देखते ही देखते झांसी रोड पर सड़क किनारे खड़ी रेत से भरी ट्रेक्टर ट्रॉली और डंफर गायब हो गए। इस हादसे का बड़ा कारण है कि शहर के बाहर झांसी रोड पर रेता कारोबारियों का खासकर सुबह और रात को भारी जमावड़ा रहता है और सड़क के किनारे भारी तादाद में रेता से भरी ट्रेक्टर ट्रॉली और डंफर खड़े रहते है जो कई बार इन हादसों का कारण बनते है। जबकि खनन विभाग पुलिस और प्रशासन जानते बूझते उनपर कोई कार्यवाही नहीं करता।





