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ग्वालियरमध्य प्रदेश

कोरोना गाइडलाइन से ज्यादा भीड़ जुटाने वाले राजनेताओं के खिलाफ प्रशासन कराये एफआईआर – हाईकोर्ट के निर्देश

High court Gwalior
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  • कोरोना गाइडलाइन से ज्यादा भीड़ जुटाने वाले राजनेताओं के खिलाफ प्रशासन कराये एफआईआर – हाईकोर्ट के निर्देश

ग्वालियर – कोरोना गाइड के पालन को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट काफी सख्त हो गया है हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन को लेकर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए ग्वालियर प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि 19 अक्टूबर तक जिसने भी कोविड 19 की गाइड लाइन का उल्लंघन किया हो उंसके खिलाफ वह एफआईआर दर्ज करें।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उन सभी राजनीतिक दलों, नेताओं, संस्थाओं और व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए, जिन्होंने कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन किया है आज ग्वालियर खंडपीठ की न्यायमूर्ति शीला नागू की पीठ सुनवाई करते हुए ग्वालियर के अनुविभागीय मजिस्ट्रेट को ये आदेश दिया है कि खंडपीठ के न्याय क्षेत्र में आने वालो सभी जिलों के प्रशासकों को इस निर्देश के बारे में 14 अक्टूबर तक यह सूचना इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य संचार माध्यमों से तत्काल भेज दी जाए।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट नें 7 जिलों के प्रशासनों को निर्देश दिया है कि 3 अक्टूबर से अब तक न्यायमित्र और याचिकाकर्ताओं ने जो भी प्रमाण प्रस्तुत किए हैं, उनकी तस्दीक करते हुए सभी संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सारी कार्रवाई की जानकारी शीघ्र उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ को प्रस्तुत की जाए।

जैसा कि ग्वालियर के अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की है जिसमें राजनीतिक दलों के विरुद्ध आयोजनों में कोरोना गाइड लाइन से ज्यादा भीड़ इकट्ठी करने और दूसरे मानकों का भी उल्लंघन करते हुए संक्रमण को फैलाने में सहायक होने का आरोप लगाया था। याचिका में कहा गया है कि उपचुनाव के मद्देनजर की गाइड लाइन का मजाक उड़ाया जा रहा है। जिसके कारण संक्रमण के ज्यादा फैलने का खतरा पैदा हो गया है।

ज्ञातव्य है कि उच्च न्यायालय ने 3 अक्टूबर को एक आदेश जारी करके कहा था कि कोविड-19 की गाइडलाइन का सरकार हर हाल में पालन कराए। जिसमें मास्क दो लोगों के बीच दो गज की दूरी को आवश्यक बताया गया है लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित हो रहे हैं। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ का निर्देश मंगलवार को जारी हुआ है। आदेश में कहा गया है कोविड 19 गाइडलाइन के उल्लंघन को ललिता कुमारी विरुद्ध उत्तरप्रदेश सरकार वाली नजीर के आधार पर संज्ञेय अपराध मानते हुए कार्यवाही की जाए।

इनके विरुद्ध साक्ष्य न्यायमित्र और याचिका कर्ताओ ने जुटाए हैं फोटो-वीडियो सुबूत न्यायमित्र संजय द्विवेदी, राजीव शर्मा और विजयदत्त शर्मा एवं याचिका कर्ता आशीष प्रताप सिंह ने इकट्ठा किये है जिसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,बीजेपी प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिकरवार, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया, सुनील शर्मा के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने के निर्देश हाईकोर्ट ने दिये हैं ।

Tags : HighCourt

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