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किसानों ने ना सरकार का खाना खाया, ना ही नाश्ता किया

Farmers eating food
Farmers eating food
  • किसानों ने ना सरकार का खाना खाया, ना ही नाश्ता किया…

नई दिल्ली – आज दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठन के नेता और सरकार के बीच चौथे दौर की चर्चा के दौरान एक खास और अजब गजब स्थिति देखी गई। किसानों ने केंद्रीय मंत्रियों के कहने के बावजूद ना तो सरकार का मंगाया खाना खाया और आया नाश्ता भी बापस कर दिया उन्होंने कहा कि हमारी मांग अहम है ना की यह खाना पीना सरकार केवल किसानों की मांग माने हमें और कुछ नही चाहिये। उन सभी किसानों ने बाद में लंगर से आया भोजन जमीन पर बैठकर किया इससे साफ है किसान कुछ हासिल करने आये हैं खोने नही।

आज केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल के साथ 40 किसान संगठनों के नेताओं के बीच वार्ता काफी लंबी चली इस बैठक में 2 बजे लंच का समय होने पर भोजन के लिये दोनों मंत्रियो ने किसान नेताओं को भोजन के लिये आमंत्रित किया लेकिन सभी ने सरकार की तरफ से आये खाने को लेने से साफ इंकार कर दिया। बाद में आये खाने के लिये उन्हें कुछ इंतजार भी करना पड़ा बाद में उनके संगठन के किसान सिंधु बॉर्डर के लंगर से उनके लिये खाना लेकर आये जिसमें दही लस्सी और पराठे थे खास बात रही बैठक में आये सभी किसानों ने विज्ञान भवन में नीचे जमीन पर बैठकर खाना खाया काफी विहंगम दृश्य था।

जो नेता किसानों के लिये मेज कुर्सी पर बैठे लेकिन अपना भोजन जमीन पर उन किसानों की तरह कर रहे थे जो दिल्ली के बॉर्डर की जमीन पर डटे हैं उल्लेखनीय है कि 4 -5 बजे जब नाश्ते का समय हुआ तो इन्होंने सरकार की चाय नाश्ते का भी वहिष्कार कर दिया और दिल्ली के बंगला साहिब गुरूद्वारे से आई चाय पी।

यह देख किसका मन इन किसान औऱ उनके आंदोलन के प्रति समर्पित नही होगा जो अपने मुद्दे के प्रति कितने ईमानदार है और हर उस प्रोपेगंडे को भी खारिज करते दिखाई दिये जो किसान आंदोलन को अन्य राजनीतिक दलों का प्रायोजित और खालिस्तान से प्रभावित बता रहा था साथ ही यह किसानों की एकजुटता को भी परिलक्षित करता हैं।

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