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कोयला घोटाले को लेकर I -PAC पर ED की रेड, टीएमसी सांसदों का गृह मंत्रालय पर प्रदर्शन हुई गिरफ्तारी, ममता का पैदल मार्च, मुझे छेड़ोगे तो छोड़ूंगी नहीं

ED- Enforcement Directorate
Enforcement Directorate

नई दिल्ली, कोलकाता/ पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी का चुनाव प्रबंधन देख रही I – PAC पर छापेमारी की थी ईडी के मुताबिक कोयला घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर यह छापेमारी की गई थी। लेकिन TMC और ED की यह लड़ाई कोलकाता से होती हुई अब दिल्ली तक जा पहुंची है। टीएमसी के सांसदों ने शुक्रवार को अमित शाह पर पर गंभीर आरोप लगाते हुए गृहमंत्रालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया उसके बाद भारी बबाल हुआ जब वह पुलिस के कब्जे में नहीं आए तो पुलिस ने सांसदों को घसीटते हिरासत में लिया । जबकि कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़कों पर उतरी और पैदल मार्च निकालकर बीजेपी और अमित शाह के इशारे पर उनकी पार्टी के गोपनीय दस्तावेज ईडी के जरिए चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया इधर ईडी ने ममता बनर्जी के खिलाफ शासकीय कार्यवाही में बांधा डालने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की याचिका कोलकाता हाईकोर्ट में लगाई है। वही टीएमसी भी हाईकोर्ट पहुंची है उसने ईडी की कार्यवाही को गैर कानूनी बताया है। 14 जनवरी को कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा।

ईडी की कार्यवाही के खिलाफ शुक्रवार को सुबह टीएमसी के 8 सांसदों ने कुछ कार्यक्रताओं के साथ दिल्ली स्थिति गृहमंत्रालय के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की इन सांसदों डेविड ओ इब्राहिम महुआ मोहित्रा कीर्ति आजाद शताब्दी राय साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, शर्मिला सरकार वीपी हलधर प्रमुख रूप से शामिल थे। इस दौरान वहां पहुंची दिल्ली पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो हंगामा मच गया और टकराव की नौबत आ गई पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए एक एक कर सभी सांसदों को घसीटते हुए हिरासत में लिया और बस में ले गई बाद में 2 घंटे बाद 12 बजे सभी को छोड़ दिया।

इस मौके पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि बीजेपी और अमित शाह संवैधानिक एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ नाजायज उपयोग कर रहे है और जिस प्रदेश में चुनाव आते है सरकार के इशारे पर ईडी वहां ठीक उससे पहले कार्यवाही करने आ जाती है जबकि यह मामला 2020 – 21 का है उन्होंने कहा अब पश्चिम बंगाल में भी चुनाव से पहले उसने I- PAC पर रेड की जो कंपनी बंगाल में टीएमसी का चुनाव प्रबंधन का कार्यक्रम बना रही है साफ है वह हमारे चुनाव को प्रभावित करना चाहती है।

इधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईडी की कार्यवाही के खिलाफ शुक्रवार को विधायक सांसदों सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता की सड़कों पर उतरी और पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार और अमित शाह पर ईडी का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी के अफसर हमारी पार्टी के गोपनीय चुनावी दस्तावेज और अन्य मटेरियल हमारी रणनीति और कैंडीडेट के नाम चुराने आए थे जिसे हम सहन नहीं कर सकते।

सीएम ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि ईडी बीजेपी और अमित शाह के इशारे पर हमारे गोपनीय दस्तावेज और चुनाव का मटेरियल चोरी करने आई थी जहां तक भ्रष्टाचार की बात है दिल्ली में बीजेपी नेताओं को भ्रष्टाचार का पैसा भेजा जाता मैरे पास वह पेन ड्राइव है मुझे उसे सार्वजनिक करने को मजबूर न करें जहां तक कोयला घोटाले की बात है उसका इस्तेमाल तो शिवेंदु अधिकारी ने किया उन्होंने उसका पैसा अमित शाह को भेजा उन्होंने कहा आमतौर पर मैं प्रतिक्रिया नहीं देती लेकिन कोई मुझे छेड़ता है तो मैं उसे छोड़ती भी नहीं हूं। ममता ने दिल्ली में टीएमसी सांसदों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की पुलिस कार्यवाही और बर्ताव की निंदा करते हुए कहा यह लोकतंत्र है बीजेपी की निजी सम्पत्ति नहीं है।

टीएमसी ने ईडी के अफसरों के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज कराई है। इधर ईडी और टीएमसी दोनों ने ही ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की है। ईडी ने अपनी याचिका में कहा है कि ईडी का यह एक्शन कोयला घोटाले से जुड़ा था मुख्यमंत्री ममता मुखर्जी ने छाईमारी कै दौरान कार्यवाही में हस्तक्षेप किया उनपर एफआईआर दर्ज हो, यह रेड I- PAC पर कोयला घोटाले को लेकर डाली गई थी। जबकि टीएमसी ने दायर याचिका में ईडी की कार्यवाही को गैर कानूनी बताया है उन्होंने ईडी के इस एक्शन को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और मांग की कि इसे गैर कानूनी बताया और टीएमसी ने अपने गोपनीय दस्तावेज वापस किए जाने की मांग की हैं। शुक्रवार को सुनवाई कोर्ट में भारी भीड़भाड़ होने के कारण टाल दी गई। अब 14 जनवरी को इस मामले पर अगली सुनवाई होगी।

गुरुवार को I – PAC हुई थी ED की रेड –

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले आई-पैक के मुखिया प्रतीक जैन के ऑफिस और घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड ने राजनीति को गरमा दिया है। गुरुवार को ईडी ने कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित I-PAC के कार्यालय और कोलकाता में लाउडन स्ट्रीट पर जैन के घर के अलावा कुछ अन्य जगहों पर सुबह 7 बजे छापेमारी की थ। केंद्रीय अर्धसैनिक टीमों की मौजूदगी में ईडी के एक्शन पर शाम होते-होते पूरा मामला राजनीतिक हो गया।

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस मामले में एंट्री ली और उन्होंने ईडी रेड के लिए सीधे अमित शाह को निशाने पर लिया इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी द्वारा टीएमसी की चुनावी स्ट्रैटेजी चुराने का आरोप भी लगाया. इस सब के बीच प्रतीक जैन सुर्खियों में आ गए। ममता 12 बजे पहुंची और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वहां से निकली इस दौरानुनाजे हाथों के एक ग्रीन फाइल भी थी।

प्रतीक जैन ने पिछले 13-14 सालों में एक इंजीनियर से राजनीतिक सलाहकार का सफर तय किया है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि वह टीएमसी से भी जुड़े हैं. सीएम ममता बनर्जी ने पुष्टि की है कि जैन पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के IT सेल के प्रमुख भी हैं। वह टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के काफी निकट हैं। प्रतीक जैन पहले राजनीतिक पार्टियों के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ थे जिन्होंने दस साल पहले 2015 में विनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह के साथ मिलकर I-PAC की सह-स्थापना की थी. जैन ने प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT-B) से मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग और मटीरियल साइंस में इंजीनियरिंग की. इसके दौरान उन्होंने एक्सिस म्यूचुअल फंड में इंटर्नशिप की थी।

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

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