नई दिल्ली/ चुनाव आयोग के आयुक्त ज्ञानेश कुमार की रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने आज चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग हमारे सवालों का जवाब देने की बजाय अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है हमें आयुक्त ज्ञानेश कुमार के रूप में बीजेपी का एक और नया प्रवक्ता मिल गया है। विपक्ष के नेताओं के आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त झूठ बोल रहे है कि कोई शिकायती एफिडेविट नहीं मिला सपा ने 18 हजार शिकायती हलफ़नामे चुनाव आयोग को दिए लेकिन आज तक किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
कॉस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित विपक्ष की सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा चुनाव आयोग हमारे सवालों का कोई जबाव नहीं दे रहा बल्कि बचकर भाग रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट में हमने चुनाव आयोग की कमजोरियों बताई थी कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यविधि पर सवाल उठाए है और उसे निर्देशित भी किया। उन्होंने कहा कल हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उल्टा विपक्ष के राजनीतिक दलों पर ही आरोप लगाए उनपर हमला किया। हमारे सबाल थे बिहार में SIR इतनी जल्दबाजी और हड़बड़ी में क्यों कर रहे है जबकि चुनाव में केवल 3 माह रह गए है उन्होंने विपक्ष से कोई बात नहीं की,उसे विश्वास में नहीं लिया,हमारे नेता राहुल गांधी ने पूछा था महाराष्ट्र में इतने कम समय में एकाएक इतने ज्यादा वोटर कैसे बढ़ गए, 45 दिन में चुनाव का डेटा हटाने की क्या जरूरत आ पड़ी, महादेवपुरा कोस्टेंसी में 1 लाख वोटर कहा से आ गए आप वोटर दस्तावेज में आधार कार्ड के खिलाफ क्यों थे? चुनाव आयुक्त ने कुछ नहीं बताया उलटा वह विपक्ष को डराते दिखे गोगोई ने कहा समय हमेशा एकसा नहीं रहता। भविष्य आपके इन गलत कार्यों की गवाही जरूर देगा।
समाजवादी पार्टी के नेता सांसद राम गोपाल यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, 2022 के चुनाव में वोटर लिस्ट से गलत तरीके से काटे गए नामों को लेकर 18 हजार एफिडेविट चुनाव आयोग को दिए गए थे आयुक्त का यह कहना आजतक कोई शिकायती एफिडेविट नहीं मिला बिलकुल झूठ है इन 18 हजार शिकायती एफिडेविट पर आजतक कार्यवाही तो दूर चुनाव आयोग ने उसका कोई जबाव देना भी जरूरी नहीं समझा, सपा नेता ने कहा इतना ही नहीं यूपी में जब चुनाव हुए तो इससे पहले बीएलओ ही बदल दिए गए जो पहले सूची बनी थी उसकी दूसरी सूची में से चुन चुन कर यादवों और मुस्लिमों के नाम हटा दिए गए कुंदरकी में जाति के आधार पर बीएलओ बना दिया गए, मैनपुरी के उप चुनाव में सभी CO और SHO बदल दिए गए और सीएम की जातिवर्ग के लोगों को जिम्मेदारी दे दी गई हमने लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई लेकिन किसी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। कई जगह वोटरों को वोट नहीं डालने दिया गया पुलिस ने उन्हें धमकाया और जबरन लौटा दिया। EC का यह कहना कि कोई शिकायत नहीं मिली बिल्कुल गलत है उसने शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की।
TMC सांसद महुआ मोहित्रा ने चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि EC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली से आज चुनाव आयोग पर से विपक्ष का विश्वास उठ गया है चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में पूरी तरह से नाकामयाब रहा है एक तरह से चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम करता साफ दिखाई देता है और विपक्ष पर निशाना साध रहा है। जिससे सरकार और चुनाव आयोग अब देश के आमजन का भी भरोसा खो चुके है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि चुनाव आयोग ने अपने ड्राफ्ट में जिन वोटरों को मृत घोषित कर दिया राहुल गांधी के साथ वह चाय पी रहे है वह क्या भूत थे सुप्रीम कोर्ट में भी उन्हें जिंदा दर्शाया गया लेकिन शर्म की बात है चुनाव आयोग को कोई फर्क नहीं पड़ा कल की पीसी में ज्ञानेश कुमार जी ने इस बारे में कुछ नहीं बताया कोई जबाव नहीं दिया उल्टा EC मोदी जी की भाषा बोल रहे थे उन्होंने कहा हम कल अपने पुराने चुनाव आयुक्त को याद कर रहे थे वे तो नहीं मिले EC के रूप में हमें एक और बीजेपी का प्रवक्ता जरूर मिल गया। उन्होंने संविधान की कॉपी दिखाते हुए कहा हमारे पास संविधान की ताकत है हम हार नहीं मानने वाले EC की जिम्मेदारी है वह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराए लेकिन वह कल किसी सवाल का क्लासिफिकेशन ही नहीं कर पाया।





