नई दिल्ली/ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आतंकियों के सफाये के लिए इसका गठन किया गया है सेना ने आतंकी हमले का जबाव दिया और आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाकर हमने अपना टारगेट और अपना मकसद पूरा किया। आतंकियों के 9 ठिकाने तबाह करने के साथ 100 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया इसमें तीन बड़े कुख्यात आतंकी भी मारे गए जिनका कंधार अपहरण और पुलवामा अटैक में हाथ था। डीजीएमओ के मुताबिक पाकिस्तान के 40 सैनिक मारे गए और उनके 7 सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने के साथ कई फाइटर जेट को भी नष्ट किया गया।सीजफायर के 25 घंटे बाद 1 घंटे 10 मिनट तक चली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और वॉयस एडमिरल ए एन प्रमोद मौजूद रहे।
DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकियों का खात्मा था पर यह ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है 7 मई की रात को सेना ने 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और लश्कर और जैश के ठिकानों को तबाह किया जिसमें मुरीदके और बहावलपुर भी शामिल है मारे गए 100 आतंकियों में तीन बड़े आतंकी मुदस्सर खास, हाफिज अमीन और यूसुफ अजमल भी शामिल है। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम पहले से ही तैयार था, पाकिस्तान हमारे एयर डिफेंस ग्रिड को भेद नहीं पाया हमने बिना सरहद पार किए पाकिस्तान के हमलों को नाकाम कर दिया हमने उसकी चीनी मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया साथ ही PL 15 को भी खत्म कर दिया।
एयर मार्शल भारती ने बताया कि हमने उनके विमानों को एलओसी पार करने से रोका जिसमें हमने उनके कई विमान मार गिराए जिसमें उनके सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा 7 से 10 मई के बीच उन्होंने हमारी सीमा को पार किया इस दौरान जवाबी कार्यवाही में पाकिस्तान के 35 से 40 सैनिक और अफसर मारे गए है पाकिस्तानी विमान हमारी सीमा में प्रवेश नहीं कर पाए जिससे हमारे पास उनका मलवा नहीं हैं इस दौरान पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर हमला किया उसमें हमारे कई नागरिकों की जान गई और 5 जवान भी शहीद हो गए।
भारती ने बताया 8 और 9 मई की रात साढ़े दस बजे हमारे सीमावर्ती शहरों पर ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों का हमला हुआ हमने ज्यादातर हमले नाकाम कर दिए जब पाकिस्तान ने हमारे सैनिक ठिकानों पर हमला किया तो हमारी सेना ने उनके 11 सैन्य ठिकानों पर जबावी हमला किया जिससे पाकिस्तान जिसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी । जबकि हमारे सभी पायलट पूरी तरह से सुरक्षित है।
जबकि वाईएस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि हमने पहलगाम अटैक के बाद अरब सागर में कई ड्रिल की हथियारों को जांचा परखा हमारी नेवी पाक की हर गतिविधि पर नजर रखें थी।
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने बताया कि 10 मई को साढ़े तीन बजे पाकिस्तान के DGMO का मुझे फोन आया हमने आपस में चर्चा की उन्होंने तनाव खत्म करने के साथ संघर्ष विराम का अनुरोध किया। इसके बाद उन्हें इत्तिला करते हुए 5 बजे भारत ने सीजफायर की घोषणा कर दी लेकिन पाक ने सीजफायर का उल्लंघन करते कर दिया और उसी दिन 10 मई की रात 7 बजे ही सीजफायर तोड़ दिया और हमारे सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन छोड़कर दहशत फैलाई हमने उन्हें नाकाम करते हुए इसके खिलाफ कड़ा संदेश भेजा है और चेतावनी देते हुए कहा हम 11 मई तक इंतजार करेंगे वह अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आया तो बड़ा प्रहार करेंगे। उन्होंने कहा पाक आर्मी के साथ हमारी सेना का संघर्ष हुआ उनकी केजुअल्टी हुई इसके आंकड़े और किन हथियारों का प्रयोग हुआ यह हम सुरक्षा कारणों से नहीं बता पाएंगे। हमारा जो उद्देश्य था हमारी सेना ने सफलता से वह पूरा किया।





