नई दिल्ली / संसद में दूसरे दिन पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस हुई। नेता विपक्ष और विपक्ष के अन्य नेताओ ने सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इंटेलीजेंस फेल्योर बताते हुए सेना को खुली छूट न देने के साथ राष्ट्रपति ट्रंप के बार बार सीजफायर करने के दावे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया तो जवाब में सरकार का पक्ष रखते हुए सत्ता पक्ष ने विपक्ष को ही घेरने की कोशिश की और कहा कि हमने सेना को खुली छूट दी और हमारी सेना ने पाकिस्तान को सिंदूर से सिंधु तक पस्त कर दिया।
संसद में राहुल गांधी – हिम्मत है तो प्रधानमंत्री सदन में कहे ट्रंप झूठ बोल रहे है
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में मोदी सरकार पर खुलकर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसी 50 प्रतिशत भी हिम्मत है, तो उन्हें संसद में कहना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम को लेकर झूठ बोल रहे हैं और भारतीय जेट नहीं गिरे।
लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अब तक 29 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने संघर्ष विराम कराया है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे प्रधानमंत्री को बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिसमें यह कहने की हिम्मत न हो कि ट्रंप संघर्ष विराम कराने और भारतीय जेट के गिरने के बारे में झूठ बोल रहे हैं।
उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है। राजनाथ सिंह ने कहा कि 22 मिनट में हमने पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए और ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के आधे घंटे से भी कम समय में पाकिस्तान सरकार को यह क्यों बताया कि उसने उसके सैन्य ठिकानों पर हमला नहीं किया है और वह संघर्ष को और बढ़ाना नहीं चाहती। उन्होंने पूछा कि सैन्य बलों और भारतीय वायु सेना को पाकिस्तान के सैन्य ढांचे और वायु रक्षा प्रणाली पर हमला न करने के लिए क्यों कहा गया? उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को कोई ऑपरेशनल आज़ादी नहीं दी गई,और सेना के हाथ बांध दिए गए, यह खुद डिस्ट्रियर्ड डिफेंस शिवकुमार ने कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप ने रोक लगाई साफ है पायलटों को हमला नहीं करने दिया गया। क्योंकि सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा अपनी छवि बचाने के लिए सेना का इस्तेमाल करना देश के लिए खतरनाक है। सैन्य बलों का इस्तेमाल केवल राष्ट्रीय हित में ही किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 1971 युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर की तुलना करने पर भी पलटवार किया। उन्होंने याद दिलाया कि 1971 में राजनीतिक इच्छाशक्ति थी। अमेरिका का सातवां बेड़ा आ रहा था, लेकिन उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने सेना को पूरी छूट दी। इसी के बाद एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया और बांग्लादेश बना।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विफल विदेश नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमला पाकिस्तान सरकार द्वारा सुनियोजित था। इसके बावजूद दुनिया ने आतंकवाद की निंदा तो की लेकिन के किसी भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। उन्होंने उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में भोजन पर आमंत्रित किया। उन्होंने इसे मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक विफलता बताया। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका और दुनिया भारत को पाकिस्तान के बराबर खड़ा कर रही है, जबकि यूपीए सरकार के समय आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया पाकिस्तान की निंदा करती थी।
उन्होंने विदेश मंत्री को भी आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने पाकिस्तान और चीन के बीच गठजोड़ होने को लेकर कहा कि भारत के सैन्य बलों ने अकेले पाकिस्तान से नहीं, बल्कि पाकिस्तान और चीन दोनों की सेनाओं से लड़ाई लड़ी। यह भी सैन्य अधिकारियों ने कहा, उन्होंने सदन को याद दिलाया कि उन्होंने पहले ही पाकिस्तान-चीन गठजोड़ के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अगर मोदी सरकार ने उस समय बात सुनी होती, तो शायद आज जेट नहीं गिरे होते और ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
सऊदी अरब से लौटकर वह पहलगाम नहीं बिहार रैली करने चले गए पीएम: कहा खड़गे ने-
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में भाग लेते पहले पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले के बाद विपक्ष द्वारा विशेष सत्र बुलाने की मांग वाले पत्र का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा। 24 अप्रैल को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मौजूद नहीं थे। हम सोच रहे थे वे सऊदी अरब से लौटने पर पहलगाम जायेंगे लेकिन वह बिहार में रैली करने चले गए। खरगे ने कहा कि अगर पीएम मोदी में सुनने की क्षमता नहीं है तो वह कुर्सी पर बैठने लायक नहीं हैं। अमित शाह ने स्थिति ठीक होने का हवाला देते हुए देशवासियों से कश्मीर जाने का न्योता दिया लेकिन वहां आतंकियों ने हमारे 26 देशवासियों को उनके परिवार के सामने शहीद कर दिया उन्होंने हमले से तीन दिन पहले प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा रद्द होने पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार को पहले से किसी हमले की आशंका थी? अगर ऐसा था तो आपने वहां पर्यटकों को क्यों जाने दिया?
खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापार न करने की धमकी देकर संघर्ष विराम कराने के दावों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, तो अचानक संघर्ष विराम की घोषणा क्यों हुई और वो भी किसने की, किस जगह से हुई? किन शर्तों पर संघर्ष विराम हुआ और पाकिस्तान के बैकफुट पर होने के बाद भी इसको क्यों स्वीकार किया गया? क्या अमेरिका ने इसमें दखल दिया? क्या व्यापार की धमकी के कारण यह संघर्ष विराम किया गया? मोदी देश के सम्मान के खिलाफ ट्रंप के बयानो पर क्यों चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि पांच जेट गिरे हैं। मोदी को इस बात का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार की विदेश नीति की निंदा करते हुए कहा कि विपक्ष पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को लगातार समर्थन करने की निंदा करता हैं, उधर मोदी जी दावत में जाकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को गले लगा लेते हैं। मोदी सरकार की विफल विदेश नीति की पोल खोलते हुए उन्होंने हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप जैसे बड़े आयोजनों को इवेंट बाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के बावजूद भारत अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित नहीं रख पाया। बुरे वक्त में भारत के साथ कोई देश खड़ा नहीं हुआ।
खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक द्वारा पाकिस्तान को दी गई बड़ी आर्थिक सहायता के पैकेज पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि भारत ने इसका विरोध क्यों नहीं किया?
कांग्रेस अध्यक्ष ने 2016 के उरी और पठानकोट, 2019 के पुलवामा और 2025 के पहलगाम हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार सुरक्षा और खुफिया चूक हो रही है। उन्होंने गृह मंत्री को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी जवाबदेही तय करने और उनसे पद छोड़ने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री की गलती छिपाने और उन्हें बचाने के लिए जम्मू-कश्मीर के एलजी ने पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा शहीदों और सेना का अपमान करने को लेकर भी मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।
अखिलेश ने पूछा सरकार बताए आज देश का क्षेत्रफल कितना है-
संसद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए पहले एक शेर पढ़ा “मैं दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर मुझसे रूठा बैठा है”,उन्होंने कहा भारत की सेना के अदम्य साहस और शौर्य पर हम सभी को गर्व हैं हमें इस बात पर भी गर्व है कि जब हमारी सेना ने ऑपरेशन शुरू किया तो पाक के कैंपों के साथ उसके एयरवेज को भी नष्ट किया। जब हमारी फौज पाकिस्तान को हमेशा हमेशा के लिए पाठ पढ़ा सकती है तो फिर आगे कार्यवाही क्यों नहीं की गई। इधर कुछ राष्ट्रीय चैनलों से पता चला कि हमने कराची फतह कर लिया और हम इस्लामाबाद तक पहुंच गए है तो लग रहा था अब POK भी हमारा हो जायेगा। सरकार भी कहती थी कि 6 महीने के लिए हमें मौका मिल जाए तो POK हमारा होगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया, सरकार जवाब दे।
सपा नेता ने तंज कसते हुए कहा यदि पाकिस्तान गिड़गिड़ा रहा था तो सीजफायर की घोषणा हमारी सरकार को करना थी लेकिन इन्होंने अपने मित्र को कह दिया कि आप सीजफायर की घोषणा कर दो। अजब सरकार है गजब उसके निर्णय है जो काम उसे करना था उसे अमेरिका के राष्ट्रपति कर रहे है वह भी एक दो बार नहीं कहते बार बार कह रहे हैं सरकार के पास क्या जवाब है।
उन्होंने कहा पहलगाम की घटना ने यह साबित कर दिया कि हमारी लापरवाही की देश को कितनी बड़ी कीमत चुकाना पड़ी 26 निर्दोष सैलानी शहीद हो गए। आप कितनी भी उत्तेजना से बोले लेकिन जनता सब समझती है सरकार जनता के इमोशनल होने का लाभ उठाती है सरकार दावा कर रही थी कि 370 हटने के बाद आतंकवाद खत्म हो गया सरकार के कहने पर लोग वहां गए इस सिक्योरिटी लेप्स होने का दोषी कौन है। उसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उल्टा शहीद की पत्नी के साथ बीजेपी के ऑफिशियल हैडल से अपमानजनक बातें कही गई।उसके खिलाफ आपने क्या कदम उठाए बीजेपी और सरकार यह बताए।
सपा नेता अखिलेश यादव ने एक बड़ी मांग सरकार से करते हुए कहा कि वह यह बताए कि आज देश का क्षेत्रफल कितना है 2014 में क्या था और आज 2025 में भारत का क्षेत्रफल कितना है।
हमारा मकसद अधूरा, हमारी कूटनीति रही फेल – प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर संसद ने चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष को निशाना बनाते हुए कहा ऑपरेशन सिंदूर के जरिए यदि पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात है तो यह मकसद अधूरा है क्योंकि हमारी कूटनीति बुरी तरह से विफल रही है इसका प्रमाण यह हैं कि जिस जनरल के हाथ खून से रंगे थे वह अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बैठकर लंच खा रहा है आतंकवाद को खत्म करना यदि मकसद था तो पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र संघ की आतंकवादी विरोधी समिति का अध्यक्ष चुने जाने से इसको धक्का लगा है उन्होंने कहा मुंबई हमको की कांग्रेस ने जिम्मेदारी ली थी और पहले सीएम का इस्तीफा हुआ उसने बाद गृह मंत्री ने भी इस्तीफा दिया लेकिन पहगाम की जिम्मेदारी कौन लेगा क्या हमारे प्रधानमंत्री इसकी जिम्मेदारी लेंगे गृहमंत्री जिम्मेदारी लेंगे।
उन्होंने कहा हमारे इस सदन में सभी के पास सुरक्षा की व्यवस्था है हम जहां भी जाते है सुरक्षा मिलती है लेकिन पहलगाम में लोह सरकार के भरोसे पर गेट थे लेकिन उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया पहलगाम में 26 परिवार उजड़ते हैं परिवार के सामने पिता बेटा पति भाईयों को मार दिया जाता है इसमें से 25 भारतीय थे (इस बीच सत्ता पक्ष हल्ला करता है कहता हैं हिन्दू थे) बेसरन घाटी में जितने लोग थे जितने लोग मारे गए आपने उन्हें सुरक्षित नहीं किया क्या इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारे पीएम रक्षा मंत्री गृह मंत्री और एनएसए की नहीं है लेकिन कोई शर्म नहीं है इसके बाद उन्होंने सभी शहीद भारतीयों के नाम एक एक कर सदन में बोले और विपक्षी सासंद हर बार नाम के बाद भारतीय कहते नजर आए। इस बीच सत्ता पक्ष शोर करता रहा।
प्रधानमंत्री मोदी का जबाव – सेना को दी खुली छूट, अमेरिकी उपराष्ट्रपति को दिया कड़ा जबाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में मंगलवार को विपक्ष के सवालों का जबाव देते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा और कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों को खुली छूट दी थी हमने जैसा तय किया था उसी के अनुसार कार्यवाही की और 22 मिनट में 22 और का बदला लिया और जो टारगेट था उसे हासिल किया आज भी पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ी हुई हैं। पीएम ने कहा भारत का पाकिस्तान से कई बार युद्ध हुआ लेकिन यह पहली दफा है कि हमने इसके हर कोने के आतंकी ठिकाने तबाह किए हमने सिंदूर से सिंधु तक पाकिस्तान पर जोरदार हमले किए।
कांग्रेस के सवाल पर पीएम मोदी ने ट्रंप का नाम लिए बिना कहा कि 9 मई की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति का मुझे फोन आया उन्होंने बताया पाकिस्तान बसे हमले की योजना बना रहा है मैने उनसे जबाव में कहा यदि पाकिस्तान का यही इरादा है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकाना होगी। हम गोली का जबाव गोले से देंगे और 10 की सुबह पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को तहस नहस कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने खुलासा किया एक घटना मैं आपको बताता हूं जिसे सुनकर पूरे देश को हमारी सेना पर गर्व होगा 9 मई को पाकिस्तान ने 1000 मिसाइल ड्रोन से हमके की कोशिश की थी यदि यह मिसाइलें गिरती तो तबाही मच जाती लेकिन भारत ने आसमान में ही उन्हें चूर चूर कर दिया,पाकिस्तान ने आदमपुर एयरबेस पर हमले की झूठी खबर फैलाई मैंने खुद वह जाकर पाक का झूठ बेनकाब किया।पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है।





