इंदौर/ देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित – जहरीला पानी पीने के बाद मौत के साथ बीमारों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 200 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है जिसमें 16 मासूम बच्चे भी शामिल है इससे एक हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए है जबकि जो जांच रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक यहां प्रदाय पीने के पानी में घातक जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
लेकिन खास बात है कि स्थानीय प्रशासन के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है कि आम लोगों के पीने के पानी में यह जहर कैसे घुला?,अभी तक सरकार ने इसकी कोई जिम्मेदारी तक नहीं ली,लेकिन जान के बदले 2 – 2 लाख के मुआवजा की कीमत जरूर लगा दी है लेकिन गुस्साए लोगों ने उसे लेने से इंकार कर दिया। इधर जिला प्रशासन अभी कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
पहले 4 लोगों की मौत की हुई थी पुष्टि-
पिछले चार दिन से इंदौर में पीने का पानी ही मौत का कारण बन गया यहां के भागीरथपुरा में नगर निगम के सप्लाई किए जा रहे पानी में सीवर लाइन से लीकेज गंदा पानी मेन वाटर की सप्लाई लाइन में मिल गया यही पानी पीने के बाद भागीरथपुरा में रहने वाले लोग एकाएक बीमार होने लगे दस्त उल्टी मरोड़ और अन्य शिकायत आम हो गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन यह संख्या बढ़ती चली गई हर घर में यह संक्रमण घर कर चुका था। इस बीच पहले दिन 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई लेकिन बीमारों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा था जो 100 तक जा पहुंचा।
मौत का आंकड़ा 13 के बाद पहुंचा 15 पर,महिला और 5 माह के बच्चे की मौत-
दूसरे दिन बुधवार और तीसरे दिन गुरुवार को भी स्थिति सम्हली नहीं अभी तक जो जानकारी सामने आई है एक के बाद एक अभी तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और गुरुवार को एक 5 माह के एक बच्चे की मौत हो गई है जबकि एक अन्य महिला की जान जाने की जानकारी भी सामने आई है। अभी भी 208 लोग अस्पताल में भर्ती है गंभीर हालत होने के कारण दो से तीन लोग वेंटीलेटर पर भी है जबकि कई लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया गया है। एक वाकया देखे एक घर में पहले मां को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद बेटे ने अस्पताल के भर्ती कराया था लेकिन उनकी मौत हो गई उसके बाद होता खुद बीमार हो गया वह इलाज के बाद घर आया तो उसकी पत्नी बीमार हो गई अब उसने पत्नी को नाजुक हालात में अस्पताल में भारती कराया है यही स्थिति भागीरथपुरा के अधिकांश घरों की है इससे साफ होता है कि स्थिति फिलहाल सुधरी नहीं है जबकि खुद मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान लिया है।
दूषित पानी ने किस किस की ली जान-
- नंदलाल पाल, उम्र 75 साल
- उर्मिला यादव, उम्र 60 साल
- उमा कोरी, उम्र 31 साल
- मंजुला उम्र, 74 साल
- ताराबाई कोरी, उम्र 70 साल
- गोमती रावत, उम्र 50 साल
- सीमा प्रजापति, उम्र 50 साल
- संतोष निगौलिया
- जीवनलाल बड़ेले,उम्र 80 साल
- सुमित्रा बाई
- अशोकलाल पंवार
- शंकरलाल भाया,उम्र 70 साल
- अरविंद लिखार
- आव्यान साहू उम्र 5 माह
- गीता बाई
रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि-
भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन से जिस पानी की सप्लाई हो रही है उसमें साफ कहा गया है कि यह पानी पीने और घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं हैं जिससे हालत की गंभीरता को समझा जा सकता है पानी के सेंपल रविवार से लगातार लिए जा रहे है और नगर निगम एमजीएम मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की लेब में जांच के लिए भेजे गए अभी तक 80 सेंपल की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है पानी के सेंपल में फ़ीकल कोलीफॉर्म,ई कोलाई एवं क्लेबसेला जैसे बैक्टीरिया पाए गए है जो उल्टी दस्त पेट दर्द मरोड़ का खतरा पीड़ा करते है। गंभीर बात है कि इसमें हैजा फैलाने वाला वीब्रियो कोलेरी भी मिला पाया गया है।
हैजा की संभावना लेकिन कोई नोटिफिकेशन नहीं-
इस पानी के पीने के बाद जो बीमार हुए उन मरीजों को डॉक्सीसायक्लीन दी जा रही है जो आमतौर पर हैजा जैसे लक्षण पाए जाने पर ही मरीज को दी जाती है विशेषज्ञों का कहना है हैंगिंग ड्रॉप टेस्ट से एक घंटे में हैजा की पुष्टि हो सकती है परन्तु प्रशासन कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है जिसके आने में दो से तीन दिन लग सकते है।
जबकि निगम आयुक्त दिलीप यादव ने भी माना है कि भागीरथपुरा में गंदा पानी आ रहा था जो सैंपल्स की रिपोर्ट मिली है वह पॉजिटिव है जिसमें पानी को दूषित करवे वाले तत्व पाए गए है।
पीड़ितों ने जब मंत्री को बापस किया, रिपोर्टर से अभद्रता-
गुरुवार को सुबह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक साथी के साथ दो पहिया वाहन से भागीरथपुरा पहुंचे थे यहां दूषित पानी से मरने वाले 7 लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद के रूप में दो दो लाख के चेक वितरित किए जाने थे लेकिन परिजनों ने चेक लेने से इंकार कर दिया इस बीच महिलाओं ने मंत्री का स्कूटर बीच में रोक लिया और आरोप लगाया वह पिछले दो साल से गंदा पानी आने की शिकायत करते रहे पार्षद से भी कहा इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की गुस्साए लोगो ने कहा पैसे नहीं जवाब चाहिए। स्थिति बिगड़ते देख मंत्री ने स्कूटर आगे बढ़ाने को कहा। जबकि उससे पहले बुधवार को एक बड़े चैनल के रिपोर्टर के साथ मंत्री की अभद्रता और अपशब्द कहने से बबाल हो चुका है।
दूषित पानी पीने से क्या होता है-
विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी पीने से हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या टॉपविन शरीर में प्रवेश कर जाते है जिससे निम्न प्रक्रिया में मौत की स्थिति बनने लगती है।
– आंतों में संक्रमण, डायरिया उल्टी दस्त की शिकायत,शरीर में पानी नामक की तेजी से कमी
– बुजुर्ग हार्ट या बल्ड प्रेशर के मरीजों में इलेक्ट्रलाइट के असुंतलन से हार्ट अटैक/ कार्डिक अरेस्ट हो सकता है।
– खून में संक्रमण या सेप्सिस उत्पन्न हो जाता है खून में बैक्टीरिया के बढ़ने से शरीर के अंग फैल होने लगते है इलाज में देरी या लापरवाही से मौत हो जाती है।
– पहले से बीमार या रोगग्रस्त होने, डायबिटीज हाई बीपी हार्ट डिजीज या कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में जान जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इंदौर की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने स्वतः लिया संज्ञान-
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है आयोग के मुताबिक अगर मीडिया रिपोर्ट और उसमें कही गई बातें सही है तो इसमें पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा उठता है शिकायतों के बावजूद कथित रूप से अधिकारियों ने दूषित पानी की आपूर्ति के विरुद्ध समय रहते कोई कार्यवाही नहीं की। इस मामले में आयोग ने मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।





