close
उत्तराखंड

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से तबाही, 34 सेकेंड में 50 घरों को बहा ले गया मलबा, 4 की मौत,100 फंसे, मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना

cloud burst at uttarkashi
cloud burst at uttarkashi

उत्तरकाशी/ उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से तबाही आ गई , अचानक आई यह विपदा सिर्फ 34 सेकेंड में मलबे की बाढ़ में 50 से अधिक मकान बहा ले गई इस हादसे में 4 लोगों की मौत होने की खबर है जबकि 100 लोगों के लापता होने और मलबे में फंसे होने की संभावना है। SDRF NDRF ITBP और सेना राहत एवं बचाव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है बताया जाता है अभी तक 137 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला जा चुका हैं। जबकि प्रशासन ने मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई है।

बादल फटने के बाद उत्तरकाशी की खीरगंगा नदी से पहाड़ों में तेज गति से आए मलबा धराली गांव के मकान, होटल, बाजार सैलानी खच्चर और आर्मी कैंप सब कुछ बहा ले गया सिर्फ 34 सेकेंड में मलवे के तूफान ने धराली गांव का सब कुछ बर्बाद हो गया। 50 से ज्यादा घर ढह गए पेड़ टूटकर गिर गए कई लोग तेज गति से भागते मलबे में दब गए इस घटना के दौरान लोग घरों से निकलकर जान बचाने सड़को पर भागते नजर आए कुछ गाड़ी लेकर भी निकलते दिखे।

इस घटना में 4 लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है जबकि कई लोगों के लापता होने और मलबे में फंसे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। SP सरिता डोभाल के मुताबिक एनडीआरएफ एसडीआरएफ ITBP के साथ सेना की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई है। रास्ते में भूस्खलन होने से सेना की टीमें बीच रास्ते में फंस गई है। बताया जाता है अभी तक ITBP की टीम ने महिला और बच्चों सहित 37 को बचाया है जबकि सेना के 100 जवानों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर 20 लोगों को सुरक्षित निकल लिया है । कुल

धराली गांव उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले का पहाड़ी गांव है जो भागीरथी नदी के किनारे हर्षित घाटी के पास बसा हुआ है गंगोत्री के रास्ते में यह पहाड़ी गांव अंतिम पड़ाव है गंगोत्री धाम जाने वाले तीर्थ यात्री उससे पहले यहां रुकते है यहां उनके रहने खाने पीने की व्यवस्था है और उसने बाद कठिन चढ़ाई करते हैं धराली गांव से गंगोत्री की दूरी 18 किलोमीटर है और उत्तरकाशी 80 किलोमीटर दूर है धराली गांव की आबादी 900 की है यहां 200 घर है और 20 से 25 होटल है।

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

error: Content is protected !!