close

विदेश

सोमालिया

अरब सागर में नौ सेना के मार्कोस कमांडो का सफल ऑपरेशन, हाईजेक एमवी लीला जहाज से सभी 15 भारतीय को सुरक्षित बचाया गया

Indian NAVY

सोमालिया/ अरब सागर में सोमालिया के पास एक मालवाहक जहाज एमवी लीला को आधा दर्जन समुद्री लुटेरों ने हाईजेक कर लिया था इस पर 15 भारतीय भी सबार थे लेकिन भारतीय नेवी के मार्कोस कमांडो ने हमला कर चालक दल सहित सभी 15 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया, जबकि समुद्री लुटेरे भाग गए।

अरब सागर में एक मालवाहक जहाज एमवी लीला जब सोमालिया के करीब पहुंचा तभी 5 से 6 हथियार बंद समुद्री लुटेरे एक छोटी नाव से उसके करीब पहुंचे और जहाज पर चढ़कर हथियारों की नोक पर उन्होंने चालक दल को अपने काबू में किया और जहाज को अगवा करते हुए उसे सोमालिया के तट की ओर लेजाने लगे, बताया जाता है इस जहाज पर लाइबेरिया का फ्लैग लगा था और चालक दल के 6 सदस्य और 15 भारतीय इस जहाज पर सवार थे जहाज के हाईजेक होने से उनकी जान खतरे में थी।

जब इसकी जानकारी बाहर आई तो भारतीय नौ सेना ने आज अपने युद्धपोत एनएस चेन्नई को इस टारगेट पर रवाना किया और नौ सेना के मार्कोस कमांडो ने एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया और जहाज को अपने घेरे में लेते हुए सभी 15 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया लेकिन जब मार्कोस कमांडो एमवी लीला जहाज के ऊपर पहुंचे तो उससे पहले ही यह समुद्री लुटेरे जहाज छोड़कर भाग चुके थे। साफ है भारतीय नौ सेना के हमले से डर कर वह पहले ही भाग गए।

विदेशी क्षेत्र में भारतीय नौ सेना के कमांडो ने इस तरह एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया जो भारतीय सेना की ताकत को परिलक्षित करता है।

read more
ईरान

ईरान में भीड़ के बीच दो धमाके, 103 लोगों की मौत 140 घायल, जनरल सुलेमानी की बरसी पर इकट्ठा थे लोग

Terrorist attack in IRAN
  • ईरान में भीड़ के बीच दो धमाके, 103 लोगों की मौत 140 घायल,

  • रिमोट कंट्रोल से किए ब्लॉस्ट,

  • पूर्व जनरल सुलेमानी की बरसी पर इकट्ठा थे लोग

कैमरन/ ईरान के कैमरन शहर में पूर्व जनरल कासिम सुलेमानी की चौथी बरसी पर उनके मकबरे पर इकट्ठा लोगों के बीच 10 सेकेंड के अंतर से दो जोरदार धमाके हुए, ब्लॉस्ट की इस घटना में 103 लोगों की मौत हो गई जबकि 140 लोग घायल हो गए हैं , जिसमें कई की हालत गंभीर हैं। समझा जाता है यह धमाके रिमोट कंट्रोल से किए गए।

ईरान के कैमरन शहर में बुद्धवार को पूर्व जनरल कासिम सुलेमानी की बरसी पर उनके मकबरे पर उन्हें श्रद्धांजलि देने जन सैलाव इकट्ठा था तभी दो तेज धमाके हुए जिसमें 103 लोगों की मौत हो गई जबकि 140 लोग घायल हो गए है। बीबीसी ने ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि यह धमाके रिबोल्यूशरी गार्डस (ईरानी सेना) के पूर्व जनरल कासिम सुलेमानी के मकबरे पर हुए पुलिस के मुताबिक यह फियादीन हमला हो सकता हैं इसकी जांच की जा रही हैं।

कैमरन के लोकल मीडिया ने अल अरबिया टीवी को जानकारी दी है कि बुद्धवार को हुआ यह पहला धमाका सूटकेस में रखें बम में हुआ जिसे रिमोट से ब्लॉस्ट किया गया दूसरा धमाका इसके ठीक दस सेकेंड बाद हुआ दूसरे धमाके की फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है रिपोर्ट के मुताबिक जब सिक्योरिटी फोर्स घटना स्थल पर पहुंचने लगी तभी भीड़ के बीच दूसरा धमाका हुआ।

पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है पुलिस अफसरों का कहना है यह फियादीन हमला भी हो सकता है जो रिमोट कंट्रोल से किए गए दोनों ब्लॉस्ट के बीच 10 सेकेंड का अंतर था पहला धमाका जनरल सुलेमान की दरगाह से करीब 700 मीटर की दूरी पर हुआ जबकि दूसरा धमाका सिक्योरिटी चैक पोस्ट के करीब हुआ।

जैसा कि सुलेमानी ईरान की इंटेलीजेंस यूनिट के हेड थे और यह यूनिट ग्राउंड मिशन को अंजाम देती थी सन 2020 में सुलेमानी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर बगदाद में एक मिसाइल अटैक में मार दिया था।

 

Image source: Twitter
read more
पाकिस्तान

अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम की मौत? सिलो पॉयजन से मरा मुंबई ब्लास्ट का आरोपी, खबर की पुष्टि नहीं

Daud Ibrahim

कराची/ पाकिस्तानी मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की जहर दिए जाने से मौत हो गई इसकी पाकिस्तान की तरफ से फिलहाल पुष्टि नहीं हुई। लेकिन इसकी खबरें समूचे पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लेकिन यह भी सही है दाऊद के मरने की पहले भी कई बार खबरें आई लेकिन वह सभी मात्र अफवाह साबित हुई।

मुंबई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम नही रहा सिलो पॉयजन दिए जाने से उसकी मौत हो गई पाकिस्तान के पत्रकारों के मुताबिक दाऊद की तबियत खराब होने के बाद उसे इसके परिजनों ने कराची के आगा खान अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसे इस अस्पताल में एक माले पर अकेले एक विशेष वार्ड में रखा गया है जहां किसी को भी आने जाने की मनाही है और इसके पास सिर्फ इसके परिवार के लोग हैं। और अस्पताल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार आलिया शाह के अनुसार दो दिन से सोशल मिडिया पर खबरे चल रही है कि दाऊद इब्राहिम कराची में होस्पिटिलाइज है उसे जहर दिया गया है और गंभीर स्थिति में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई है क्योंकि जांच हुई तो पता चला है कि उसे जहर दिया गया था।लेकिन अधिकारिक रूप से इसकी कोई भी अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा है। वरिष्ठ पत्रकार आरजू काजमी का भी ऐसा ही कुछ कहना है। उन्होंने कहा दाऊद की मौत की यह खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उसके बाद इंटरनेट का बंद होना और ट्वीटर फेस बुक यूट्यूब के साथ सभी सोशल मिडिया प्लेटफार्म के एकाएक बंद होने से शंका होती है कुछ दाल में तो काला है।

पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ सैयद उल हक ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक कांकर और पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के नाम से ट्वीट को रिट्वीट किया है की है जिसमें दोनों पूर्व पीएम और केयर टेकर प्रधानमंत्री दाऊद इब्राहिम की जहर से हुई मौत पर शोक जताया है और पॉयजन देने वाले को बख्शा नहीं जाएगा यह भी कह रहे है लेकिन जब खोजबीन की गई तो उनके अधिकृत सोशल मीडिया एकाउंट पर ऐसा कोई ट्वीट नही पाया गया जिससे साफ है दोनों के नाम से सोशल मीडिया पर जो ट्वीट किए गए है है फर्जी है।

इधर पाकिस्तान में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और ब्यूरोकेसी और पुलिस प्रशासन के हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है ऐसी ख़बरें भी मिल रही हैं लेकिन फिलहाल जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह का बयान नहीं दिया न ही दाऊद की मौत की खबर की पुष्टि ही की है।

लेकिन सच्चाई यह भी है कि इससे पहले भी डी कंपनी के सर्वेसर्वा अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मौत की खबरें आती रही है। 2016 में गैंगरिन से उसकी मौत की खबर आई थी उसके बाद 2017 में हार्ट अटैक से मृत्यु होना बताया गया था जबकि 2020 में कोरोना संक्रमण से उसकी मौत की खबरें उड़ी थी लेकिन यह सभी कोरी अफवाह साबित हुई थी।

अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने भारत में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया वहीं कई हमलों में इसका हाथ होने की पुष्टि हुई मुंबई बम ब्लास्ट और 2013 में आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले प्रमुखता से शामिल है।

read more
कतरविदेश

कतर में भारतीय नोसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को फांसी की सजा, भारत सरकार ने आपत्ति दर्ज कराई, मदद का भरोसा जताया

Indian NAVY

कतर/ कतर में एक निजी डिफेंस कंपनी में कार्यरत भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अफसरों को वहां के कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है लेकिन कतर सरकार ने इनपर लगे आरोपों का ओपचारिक रूप से कोई खुलासा नहीं किया है भारत सरकार ने इस निर्णय पर घोर आपत्ति दर्ज कराई है जबकि विदेश मंत्रालय ने हरसंभव मदद का आश्वासन देने के साथ कानूनी कार्यवाही की बात कही है।

भारतीय नोसेना के यह 8 पूर्व अफसर और अन्य सैनिक कतर की एक निजी कंपनी दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंटलसेंसी में काम करते थे यह कंपनी डिफेंस सर्विस प्रोवाइड कराती है यह कंपनी कतर की QEMF अर्थात नौसेना को प्रशिक्षण गतिविधियों के साथ अन्य सैन्य सेवाएं देती है, साथ ही यह इटली की मिजेट पनडुब्बी के प्रॉजेक्ट पर काम कर रहे थे। ओमान एयरफोर्स के रिटायर्ड स्कवाड्रन खालिस अल अजनी इस कंपनी के प्रमुख है उन्हें भी इन भारतीय नोसेनिकों के साथ एक अन्य को गिरफ्तार किया गया था लेकिन नवंबर में उन्हें छोड़ दिया गया।

भारत के जिन 8 पूर्व नेवी के सैन्य अफसरों को गिरफ्तार किया गया है उनमें कमांडर सुग्नाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता कमांडर पूर्णेदु तिवारी कमांडर अमित नागपाल कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कैप्टन वीरेंद्र कुमार
वर्मा, कैप्टन नवतेज सिंह गिल और सेलर रागेश शामिल है। इन्हें 30 अगस्त 2022 को कतर की इंटेलीजेंस एजेंसी के स्टेट सिक्योरिटी ब्यूरों ने गिरफ्तार किया था और इन्हें देश की अलग अलग जेलों में बंद रखा गया लेकिन इनकी गिरफ्तारी के बाद एक महिने तक इनके परिवार और भारत सरकार को कोई जानकारी नहीं दी गई सितंबर मध्य में भारतीय दूतावास को कतर सरकार ने जानकारी दी उसके बाद 30 सितंबर को इनके परिजनों से इनकी बात कराई गई।

कतर सरकार ने फिलहाल इनपर लगे आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन सॉलिटरी कंफाइनमेंट में भेजे जाने से साफ है कि इन्हें सुरक्षा संबंधी क्राइम के कारण गिरफ्तार किया गया था जबकि कतर की स्थानीय मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के इन पूर्व अधिकारियों को इजराइल के लिए उनके देश की जासूसी करने के आरोपों के तहत पकड़ा गया है लेकिन कतर सरकार आज तक इस बारे में कोई मूल तथ्य पेश नही कर पाई है। जबकि इनमें शामिल एक कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को 2019 में भारत एवं कतर के बीच द्विपक्षीय संबंध बड़ाने के लिए प्रवासी भारतीय सम्मान मिल चुका है।

गिरफ्तारी के बाद इन भारतीय सैनिकों पर वहां के कोर्ट में प्रकरण चल रहा था जिसकी जानकारी मिलने पर भारत सरकार ने इस मामले को गलत बताते हुए इसे लेकर पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी और लेकिन आज आए अदालत के फैंसले में कोर्ट ने इन 8 भारतीय नोसेना के पूर्व अधिकारियों को सजा ए मौत दिए जाने का हुकुम सुनाया है।

इस खबर के बाद भारत सरकार ने इस फैसले पर हैरत जताई है ,और विदेश मंत्रालय ने कहा है की वह पूरे मामले का अध्ययन कर रहे है और भारत सरकार अपने सेना अफसरों को कानूनी एवं हरसंभव मदद देगी।

इधर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी आलोक बंसल ने कहा है कि इन पूर्व सैनिक और अफसरों में शामिल सभी अधिकारी ईमानदार और कार्यव्यनिष्ठ है इनमें शामिल नेवी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को कतर में उत्कृष्ट सम्मान से भी पुरुष्कृत किया जा चुका है उन्होंने कहा, उनके खिलाफ जो कार्यवाही की गई है वह संभवतः कट्टरपंथी सोच का नमूना है क्योंकि कतर हमास और अन्य कट्टर पंथी देशों के साथ हैं।

read more
इजराइलगाजाविदेश

इजराइल-हमास जंग, गाजा के अस्पताल पर हमला 500 मरीज और बच्चों की मौत, आरोप प्रत्यारोप शुरू, युद्ध के बीच राष्ट्रपति बाइडन इजराइल पहुंचे

Israel-Gaza War

गाजा / इजराइल और हमास की जंग में अभी तक गाजा में 3 हजार लोगों की मौत हो चुकी है इस बीच मंगलवार की रात गाजा के एक हॉस्पिटल में हवाई हमले में 500 से अधिक मरीज बच्चें और उनके परिजनों के मारे जाने की खबर है हमास ने इसका आरोप इजराइल पर लगाया है। इस जंग के बीच आज अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन इजराइल पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर उनका इस्तकबाल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतेन्याहू ने किया विमान से उतरते ही बाइडन ने नेतेन्याहू को गले लगाया, बताया जाता है अमेरिका हमास के बड़े नेताओं पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर सकता है।

इजराइल और हमास के बीच इस जंग का आज 13 वा दिन है इस बीच गाजा पट्टी और वहां रहने वाले इस युद्ध की विभाषिका में पिस रहे है हमास के 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के बाद गाजा और आसपास के इलाके में इजराइल की भारी बमबारी और हवाई हमले जारी है जिसमें गाजा में 3 हजार से अधिक नागरिक मारे जा चुके है और 15 हजार लोग घायल हो गए है, जबकि हमास के कब्जे में इजराइल के 200 नागरिक हैं। साथ ही हजारों नागरिक पलायन कर चुके है तो कुछ पलायन की तैयारी में है और जवाबी कार्यवाही में हमास के 6 कमांडर भी मारे गए हैं जबकि इससे पहले हमास के हमले में इजराइल के करीब 1850 लोग मारे जा चुके है।

लेकिन मंगलवार को गाजा के अहली अरब अस्पताल में हमले में अभी तक 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है इसमें बीमार मरीज बच्चें महिलाएं पुरुष और उनके परिवार के अटेंडर मारे गए जिससे आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है हमास का आरोप है कि यह हवाई हमला इजराईल ने किया हैं। लेकिन इस हमले के बाद कई देशों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है चीन और मिश्र के अलावा मुस्लिम देशों का कहना है अब इजराइल सेल्फ डिफेंस से परे जाकर गाजा पर हमले की कार्यवाही कर रहा है अब इंतहा हो गई उसे अब रुक जाना चाहिए।

इस जंग और अस्पताल में हमले के बीच आज अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन इजराइल पहुंचे तेल अबीब के बेनगुरीयन हवाई अड्डे पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी अगवानी की इस बीच बाइडेन ने उन्हें गले लगा लिया इस मौके पर इजराइल के राष्ट्रपति इसस्ताफ हर्जोग भी मोजूद थे।

इधर अलजजीरा सरकार ने कहा है कि गाजा में 3 हजार से अधिक आम लोगों की मौत से अमेरिका को एकतरफा फैसला लेना मुश्किल होगा। जबकि इजराइल चाहता है कि अमेरिका उसे 10 बिलियन डॉलर की मदद दे और गाजा पर सैन्य कार्यवाही के बाद भी वह उसका सपोर्ट करे साथ ही अमेरिका अन्य पश्चिमी देशों को भी इजराइल के फेवर में मनाए।

जबकि बाइडन की मुश्किलें भी अब बढ़ गई है बाइडन ने गत रोज कहा कि हमास ने बर्बरता की इसलिये इस संगठन का खात्मा जरूरी है लेकिन गाजा पर इजराइल का कब्जा इजराइल की बड़ी गलती है उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लिए भी एक देश का अस्तित्व जरूरी है और उनका भी एक अलग देश एक सरकार होना चाहिए।

इधर राष्ट्रपति बाइडेन के इजराइल पहुंचने पर हमास ने चेतावनी दी है। हमास चीफ इस्माइल हानिया ने कहा है कि गाजा के अस्पताल पर इजराइल का हमला नरसंहार है क्रूरता है, इसकी जितनी निंदा की जाएं कम है उन्होंने सऊदी अरब, अरब और इस्लामिक देशों से अपील की है कि सभी देशों को मिलकर इस बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाना है सभी शहरों से आवाज बुलंद हो हमें सभी देशों पर भरोसा है कि निर्दोषों का यह खून बर्बाद नही होगा खून की एक भी बूंद बेकार नहीं जायेगी, हमारे जो भाई स्लामिक काउंसिल की बैठक में हिस्सा ले वह इस नरसंहार के मुद्दे पर अपनी आवाज जरूर बुलंद करें।

जबकि इजराइल डिफेन्स फोर्स (IDF) ने इस आरोप का खण्डन करते हुऐ अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि इजराइल ने गाजा के अस्पताल में हमला नही किया है हमास का रॉकेट मिसफायर होने से वह अस्पताल पर जाकर गिरा था जिससे यह बड़ा हादसा हुआ है हमास अपने कृत्य को छुपाने के लिए भ्रमपूर्ण स्थिति पैदा कर इजराइल पर झूठा आरोप लगा रहा है।

 

read more
पाकिस्तान

तोशाखाना मामले मै पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तीन साल की सजा, किया गिरफ्तार

Imran Khan

इस्लामाबाद / पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आज तोशाखाना मामले में इस्लामाबाद की ट्राइल कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है उसके बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ और लाहौर से उनको गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जाता है इस सजा के बाद इमरान खान अब 5 साल तक कोई भी चुनाव नही लड़ सकेंगे।

पाकिस्तान का तोशाखाना एक विभाग है जहां पाक हुक्मरानों को विदेश से मिले बेशकीमती तोहफे रखे जाते है बताया जाता है इमरान खान जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे उस दौरान 2018 से 2022 के बीच उन्हें विदेश से काफी मंहगी गिफ्ट मिली थी जिसमें एक मंहगी घड़ी भी शामिल थी बताया जाता है इमरान खान ने अपने पद का दुर्पयोग कर यह सभी महंगे तोहफे सस्ते दामों पर खरीदे और उन्हें महंगे दामों पर बेच दिए जानकारी के मुताबिक सबा दो करोड़ की राशि से खरीदे गए यह सभी तोहफे उन्होंने 8 करोड़ से ज्यादा राशि में बेच दिए थे।

इसी तोशाखाना मामले में पूर्व पीएम इमरान खान पर इस्लामाबाद की ट्राइल कोर्ट में केस चल रहा था आज इसका फैसला आया और इमरान खान को 3 साल की सजा सुनाई गई कोर्ट के इस निर्णय के बाद तुरत फुरत इमरान खान को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जाता नियम के मुताबिक वह अब अयोग्य हो गए है और 5 साल तक कोई भी चुनाव नही लड़ सकेंगे।

पिछली बार जब इमरान खान कोर्ट पेशी में आए थे तो पीटीआई के आव्हान पर उनकी पार्टी के समर्थकों ने काफी हंगाना खड़ा किया था उनके समर्थक भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए थे और रेलियां जुलूस निकाले थे जिससे भारी अफरा तफरी फेल गई थी बाद में पाकिस्तान की सरकार ने आंदोलन के दौरान बबाल करने वाले इमरान समर्थकों के खिलाफ चुन चुन कर कड़ी कार्यवाही की, इसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने इमरान खान के साथ पार्टी को ही छोड़ दिया था। जानकारी के अनुसार इमरान खान पर अभी करीब 150 दर्ज मामलों में मुकदमें चल रहे हैं जिसमें कुछ आतंकी गतिविधियों के प्रकरण भी शामिल है।

read more
अमेरिकाविदेश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचे, अमेरिकी संसद को भी करेंगे संबोधित

pmmodi

न्यूयार्क / भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार देर रात अमेरिका पहुंच गए है पीएम मोदी की तीन दिवसीय यात्रा दोनों देशों के बीच मैत्री और कूटनीतिक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण है इस दौरान वे अमेरिकी संसद को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अमेरिका का पहला राजकीय दौरा हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार देर रात अमेरिका के जॉन केनेडी एयरपोर्ट पर उतरे और उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया और अमेरिका के चीफ प्रोटोकॉल अधिकारी रूफस गिफर्ड, यूएन में भारतीय राजदूत रुभिरा कंबोज और अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने उनको रिसीव किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून को न्यूयार्क में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में शाम साढ़े पांच बजे हिस्सा लिया। 22 जून को पीएम नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी तदोपरांत पीएम मोदी अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे इसके अलावा ओवर हाउस में दोनों देशों के बीच वार्ता होगी। जबकि 23 जून को मोदी के सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंत्रियों का एक दल सहित ट्रेड डेलीगेशन भी अमेरिका में रहेगा डेलीगेशन में अलग अलग सेक्टर के जैसे डिफेंस आईटी एविएशन और आर्टी फिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े विशेष लोग भी होंगे। जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत ढोबाल का अमेरिका जाना भी निश्चित माना जा रहा हैं। इस दौरे में भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस टेक्नोलोजी स्ट्रेटेनिक और बिजनेस डील होंगी साथ ही प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी कंपनियों CEO’s से भी मुलाकात करेंगे।

खास बात है नरेंद्र मोदी वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जिनकी मेजबानी अमरीका के तीन राष्ट्रपतियों (बराक ओबामा डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन) ने की हो। इसके अलावा मोदी पूर्व ब्रिटिश पीएम विंटन चर्चिल दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेस्की की तरह अमेरिकी कांग्रेस के सत्र को एक से ज्यादा बार संबोधित करेंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी से पहले भारत के पहले प्रधानमंत्री प. जवाहर लाल नेहरू देश की आजादी के बाद सन 1949 में, प्रधानमंत्री राजीव गांधी 13 जुलाई 1985 में, पीवी नरसिम्हाराव 18 मई 1994 को, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई 14 सितंबर 2000 में, और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह 19 जुलाई 2005 को अमेरिकी संसद को संबोधित कर चुके है। अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी की मौजूदगी में एक रिकार्ड बना करीब 100 से अधिक देशों के लोगों ने एकसाथ योग किया।

read more
पाकिस्तानविदेश

तोशखाना मामले में स्टे से इमरान खान को राहत, हाईकोर्ट में अलकादिर ट्रस्ट की सुनवाई जारी, पाक हुक्मरान खफा गृहमंत्री ने फिर गिरफ्तार करने को कहा

Imran Khan

इस्लामाबाद / भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिहा किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने भी तोशखाना मामले में उन्हें स्टे देते हुए जांच पर रोक लगा दी हैं। लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत उन्हें सस्ते में छोड़ने के मूड में कतई नहीं दिखता पाकिस्तान के हुक्मरान ने कहा है कि उन्हें जल्द अन्य किसी मामले में फिर से गिरफ्तार किया जायेगा। आज इमरान खान जमानत के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुंचे इस दौरान कोर्ट परिसर के आसपास धारा 144 लगाने के साथ सुरक्षा बढ़ाई गई हैं। लेकिन खास बात है अब यह लड़ाई पाकिस्तानी आर्मी और इमरान खान के बीच होती दिख रही है।

एक तरफ 6 अरब का तोशाखाना घोटाला और करीब सौ अन्य मामले इमरान खान पर दर्ज है जबकि हाल की हिंसा उत्पात के लिए भी सरकार उन्हे दोषी मानती है सरकार का कहना है कि फौजी जनरल फैजल असद के खिलाफ दिए बयान के कारण ही देश में उनके समर्थकों ने हंगामा और तोड़फोड़ और आगजनी की जिससे कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ी और देश तहस नहस हो गया इसके लिए इमरान खान ही दोषी हैं।

इमरान खान ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार नही बल्कि हाईकोर्ट परिसर से उनका अपहरण किया गया और पुलिस कस्टडी में मुझे डंडे से मारा गया सरकार और सेना मेरे खिलाफ इसलिए है क्योंकि मैं देश में चुनाव चाहता हूं और जहां तक मेरी गिरफ्तारी के बाद देश में दंगो का सबाल है उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस उमर अता बांदियाल ने अपने ऐतिहासिक फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी को अवेध बताते हुए उनकी रिहाई के आदेश दे दिए साथ ही कहा हाईकोर्ट परिसर में गिरफ्तारी इतिहास का सबसे अपमान जनक वाकया है उन्होंने यह भी कहा इमरान की गैरकानूनी गिरफ्तारी के बाद देश में हुए दंगे हुए वह भी ठीक नहीं हैं हम देश में शांति की बहाली चाहते हैं।

पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने इमरान खान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह समझ रहे है वह निजात पा गए यदि हाईकोर्ट से उन्हें इस केस में बेल मिलती है तो उसके वेकेंट होने पर हम उन्हें फिर से किसी अन्य मामले में गिरफ्तार करेंगे उन्हें बक्शा नहीं जायेगा । जबकि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा उन्होंने मेडिकल में झूठ बोला वह कोम को बेवकूफ बना रहे है उन्होंने मेडीकल में जो चोटे बताई वह गिरफ्तारी से पहले की है और बाद में पुलिस ने कोई मारपीट नही की वह झूठ बोल रहे हैं।

जैसा कि इमरान खान ने पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में रात बिताई और आज सुबह वह इस्लामाबाद हाईकोर्ट रवाना हुए जहां अल कादिर ट्रस्ट केस में उनकी सुनवाई होना है साथ ही कोर्ट उनकी जमानत अर्जी पर भी विचार करेगी। इस दौरान हाईकोर्ट परिसर और आसपास धारा 144 लगाने के साथ भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है जबकि हाईकोर्ट पर काफी तादाद में पीटीआई कार्यकर्ता और समर्थक भी मोजूद है इस दौरान सुरक्षा बल और समर्थको के बीच झड़प की और 30 लोगों की गिरफ्तारी की खबरें है। अब सबाल है कि हाईकोर्ट से बेल मिलने के बाद क्या फिर पाकिस्तानी सरकार उन्हे गिरफ्तार करेगी

आज इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अल कादिर ट्रस्ट केस की सुनवाई हुई इस दौरान इमरान खान भी मोजूद रहे हाईकोर्ट ने इस दौरान इमरान खान की जमानत याचिका पर भी सुनवाई करते हुए उन्हें सभी मामलों में जमानत दे दी साथ ही 17 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है। जबकि पीटीआई ने अपने कार्यकर्ताओं से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील भी की हैं जिससे लगता है पाकिस्तान में फिलहाल हालात सुधरने वाले नहीं लगते।

read more
पाकिस्तान

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हंगामा, हिंसा गोलीबारी लूट आगजनी, पीएम के घर हमला, 8 की मौत, एससी ने गिरफ्तारी को अवेध बताया इमरान को राहत

Imran Khan

इस्लामाबाद/ पूर्व प्रधानमत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पूरा पाकिस्तान जल उठा है पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आएं और जगह जगह गोलीबारी आगजनी लूट तोड़फोड़ शुरू कर दी और सेना की छावनी में घुसकर वहां भी तोड़फोड़ के साथ उत्पात मचाया, जिससे पूरे देश में कोहराम मच गया उत्पातियों ने फौजी अधिकारियों और सरकार के पदाधिकारियों को भी नही छोड़ा और प्रधानमंत्री के निवास पर भी हमला किया, स्थिति की नजाकत को देखते हुए उसके बाद सेना ने मोर्चा सम्हाल लिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देश में मार्शल लॉ लगाया जा सकता है। जबकि इन हिंसक झड़प में अभी तक 8 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इधर सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी को अवेध बताते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश दिए हैं।

पेशावर के रेडियो स्टेशन में घुस कर इमरान समर्थकों ने भारी उत्पात मचाया इस बीच पहुंचे सैन्य दल के बीच मुठभेड़ में 4 लोग मारे गए हैं। अभी तक इस हिंसा में 8 लोग मारे जा चुके है जबकि कराची इस्लामाबाद रावलपिंडी और लाहौर में भी इमरान समर्थको ने आगजनी और तोड़फोड़ की इस दौरान उन्होंने सेना के अधिकारी और प्रधानमंत्री निवास को भी निशाना बनाया और भारी लूटपाट आगजनी और तोड़फोड़ की इस दौरान खाने की चीजे और अन्य सामान भी वे लूट ले गए।

जबकि विरोध कर रहे लोगो ने इस्लामाबाद स्थित ऐतिहासिक जिन्ना हाऊस को भी नही छोड़ा और उसके अंदर घुसकर भारी तोड़फोड़ की और आग लगा दी जिससे जिन्ना हाउस राख में तब्दील हो गया। वही मिया वाले हवाई अड्डे पर भी इमरान समर्थको ने उत्पात मचाया और वहां आग भी लगा दी थी। इस दौरान सेना और पुलिस ने पीटीआई कार्यकर्ताओ पर कार्यवाही भी की, पीटीआई के महासचिव असद उमर सहित अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी की गई।

जैसा कि इमरान खान ने पहले आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी आर्मी उनकी हत्या करना चाहती है और इसके लिए उन्होंने जरनल असद फैजल का नाम भी लिया था इसको लेकर उन्होंने फौजी अफसरों को ललकारा भी था यही धमकाना उन्हें मंहगा पड़ा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शादाब शरीफ ने कहा है कि इमरान नियाजी की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के मामले में हुई है उनके खिलाफ जिसके पूरे सबूत है उन्होंने एक तरीके से देश से दुश्मनी निभाई है जो माफी लायक नहीं उन्होंने देश में उत्पात मचाने वाले उनके समर्थक और पीटीआई के कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वह।बाज आए नही तो कानून अपने हाथ में लेने वालो से सख्ती से निपटा जायेगा।

इमरान खान ने कहा है कि मुझे बिना जानकारी के गिरफ्तार किया गया और हाईकोर्ट से अगवा कर लिया गया उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे पकड़ने के बाद बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और पीटा भी गया। वहीं उन्होंने पीटीआई कार्यकर्ताओं से सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने के साथ कानून अपने हाथ में नहीं लेने का अनुरोध करते हुए शांति बनाएं रखने की अपील भी की है।

इधर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी को पूरी तरह गलत और अवेध बताया है और उनकी रिहाई के आदेश दिए हैं।

फिलहाल इमरान खान पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में रहेंगे, उनसे उनका परिवार और पीटीआई के नेता और कार्यकर्ता मुलाकात भी कर सकेंगे। बताया जाता है इस्लामाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को उनकी पेशी होना है।

read more
यूक्रेनरूस

रूस यूक्रेन युद्ध का एक साल पूरा अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का यूक्रेन दौरा मदद का आश्वासन, पुतिन हुए आग बबूला, युद्ध के लिए पश्चिम को बताया जिम्मेदार

Vladimir Putin

कीव/ रूस यूक्रेन युद्ध को अब पूरा एक साल हो गया है खास बात है कि दुनिया के इतिहास में यह युद्ध सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला युद्ध है एक तरफ यूक्रेन इस युद्ध की विभीषिका में बर्बाद हो गया तो रूस को भी काफी नुकसान हुआ है अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन युद्ध के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है जबकि अमेरिका सहित पश्चिमी देशों की आर्थिक और सैन्य मदद के चलते लगता है यह युद्ध फिलहाल रुकने वाला नही है। लेकिन इस युद्ध के बीच अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन के यूक्रेन की राजधानी कीव जाने और रूस पर तीखा प्रहार करने पर पुतिन आग बबूला हो गए है उन्होंने अमेरिका सहित पश्चिम देशों को खुली चेतावनी दी हैं साथ ही इस युद्ध के लिए उन्हें ही जिम्मेदार बताया हैं।

रूस अड़ा,यूक्रेन हुआ तबाह , दोनों तरफ से 3 लाख की मौत का अनुमान —

तारीख 24 फरवरी 2022 को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरूआत हुई थी पूरे एक साल बीतने पर भी दोनों के बीच युद्ध जारी है यूक्रेन इस युद्ध से भारी तबाही के दौर से गुजर रहा है ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक अभी तक इस युद्ध में 3 लाख मौते हो चुकी है प्रमुख बात है की अमेरिका सहित पश्चिम के करीब 50 देश यूक्रेन के साथ खड़े है साथ ही आर्थिक और सैन्य मदद के चलते यूक्रेन रूस का सामना कर रहा है रूस दुनिया की महाशक्ति है इससे लगता था कि वह जल्द वह यूक्रेन को कब्जे में ले लेगा लेकिन यूक्रेन और राष्ट्रपति जेलेस्की के साथ पश्चिम देशों के खड़े होने से वह एक साल तक युद्ध करने के बावजूद भी सफल नहीं हो पाया।

यूक्रेन पहुंचे राष्ट्रपति बाइडेन, राष्ट्रपति जेलेस्की से मिले,दिया मदद का भरोसा —

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन सोमवार को अचानक यूक्रेन की राजधानी कीव पंहूचे और उन्होंने राष्ट्रपति जेलेस्की से मुलाकात की और यूक्रेन को 50 हजार करोड़ की आर्थिक मदद का ऐलान भी किया, इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि रूस यूक्रेन को अकेला नहीं समझे अमरीका के साथ पश्चिम के देश उसके साथ खड़े है और इसे हरसंभव मदद करेंगे उन्होंने कहा अमेरिका इसके साथ है और अभी तक 50 देशों ने उसकी सहायता की हैं हमने आर्थिक मदद के साथ गोला बारूद और अन्य सैन्य सुविधाएं भी यूक्रेन को मुहैया कराई है उन्होंने कहा इस युद्ध के दौरान रूस को दुनिया ने निम्न स्तर पर गिरते देखा है एक साल का लंबा समय बीत गया लेकिन यूक्रेन को अभूतपूर्व सैन्य आर्थिक और मानवीय मदद दी गई जो आगे भी जारी रहेगी।

बाइडेन के यूक्रेन जाने से पुतिन का गुस्सा फूटा, संदेश में पश्चिम देशों को युद्ध का जिम्मेदार बताया —

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के यूक्रेन जाने और हरसंभव सैन्य एवं आर्थिक मदद देने के आव्हान पर रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन ने अमेरिका और पश्चिम देशों पर पलटवार किया , रूस की संसद में देश के नाम संदेश में उन्होंने कहा कि वह सोचते है कि कुछ भी करेंगे और हम चुप बैठे रहेंगे लेकिन रूस को कोई हल्के में नहीं ले यह खेल 19 वी सदी से जारी है बोतल में से फिर जिन्न को निकाला गया इसमें नया कुछ भी नहीं है पुतिन ने अमेरिका सहित पश्चिम देशों पर बरसते हुए कहा कि पश्चिम देशों की वजह से यह युद्ध हो रहा है पश्चिम देश लाखों डॉलर की सहायता के साथ यूक्रेन को भारी तादाद में हथियार और विमान दे रहे है उन्होंने कहा आज यूक्रेन पश्चिम देशों के लिए लांच पैड बन गया है और दुखद स्थिति है कि वहां के लोग भी पश्चिम के बंधक बन गए है जबकि वह हमारे खिलाफ यूक्रेन का इस्तैमाल कर रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हिम्मत देखो पश्चिम देश नाटो को हमारी सरहद तक ले आएं यह स्थिति तखलीफदेह है पुतिन ने कहा हम शुरू से ही जंग नहीं चाहते हम बातचीत को तैयार थे हमने युद्ध टालने के लिए कई डिप्लोमेटिक कोशिश की लेकिन नाटो और अमेरिका ने उन्हें कामयाब नही होने दिया हम अपने हकों के लिए प्रतिबद्ध है हम पीछे नहीं हटेंगे। पुतिन ने अमेरिका के साथ 2010 में हुई एकमात्र परमाणु संधि न्यू स्टार्ट न्यूक्लियर ट्रीटी संधि को तोड़ने का ऐलान भी किया पुतिन ने कहा यदि अमेरिका परमाणु हथियार परीक्षण करता है तो रूस भी ऐसा करेगा।

रूस का चीन भारत और ईरान से व्यापार बड़ाने पर जोर —

रूस ने यूक्रेन से युद्ध के बीच अपने मित्र देशों से व्यापार और सहयोग बड़ाने पर भी जोर दिया है राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी संसद में भारत का प्रमुखता से जिक्र करते हुए यह भी कहा कि रूस उसके साथ अपने सहयोग और व्यापार को बढ़ाना जारी रखेगा। रूस के राष्ट्रपति ने कहा वह भारत चीन और ईरान जैसे देशों से आर्थिक संबंध बढ़ाने के लिए नॉर्थ साउथ कोरिडोर विकसित करेंगे उन्होंने हिंद और प्रशांत महासागर क्षेत्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हम इन देशों के साथ कारोबार बढ़ाएंगे।

अमेरिका चीन के बीच बार पलटवार जारी —

इधर अमेरिका और चीन के बीच भी बार पलटवार चल रहा है जबकि जो बाइडन के यूक्रेन पहुंचने के साथ ही रूस का मित्रदेश चीन हरकत में आ गया और उसने अपने शीर्ष राजनायिक वांग यी को रूस रवाना किया है। जबकि इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी बिलंकन ने दावा किया था कि चीन यूक्रेन से जारी युद्ध में रूस को हथियार और गोला बारूद देने पर विचार कर रहा है लेकिन चीन ने इसका प्रतिरोध करते हुए कहा कि अमेरिका दूसरों पर आरोप मढ़ने और झूठी सूचनाएं देने से बाज आए। लेकिन यह भी सच्चाई है कि चीन इस युद्ध के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से रूस की मदद कर रहा है तो साथ ही अपना भला करने में जुटा है चीन लगातार रूस से भारी मात्रा में सस्ती दरों पर पेट्रोलियम पदार्थ खरीद रहा है।

कोन सी प्रमुख विदेशी हस्तियां ने यूक्रेन का दौरा किया —

विश्व के कई देशों के नेताओं और प्रमुख हस्तियों ने युद्ध के दौरान यूक्रेन का दौरा किया, उनमें पेटू फियाला प्रधानमंत्री चेक, मातुश मोराविएत्सकी प्रधानमंत्री पोलैंड,यानेश यांशा तत्कालीन प्रधानमंत्री स्लोवेनिया, वोरिस जॉनसन तत्कालीन प्रधानमंत्री ब्रिटेन, आद्रेज डूंडा राष्ट्रपति पोलैंड,गीतानास नोसियादा राष्ट्रपति लिथुआनिया,एगिल्स लेविरस राष्ट्रपति लातविया, अलार कारिस राष्ट्रपति एस्टोनिया, जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री कनाडा, जिल बाइडेन फस्ट लेडी अमेरिका, इमेन्यूअल मैक्रो राष्ट्रपति फ्रांस, ओलफ शुल्ज चांसलर जर्मनी, मारियो ड्राघी तत्कालीन प्रधानमंत्री इटली, क्लाउस योहानिस राष्ट्रपति रोमानिया, उसुला फॉन डेर लायेन प्रेजीडेंट यूरोपियन कमीशन, चार्ल्स मिशेल प्रेजीडेंट यूरोपियन काउंसिल प्रमुखता से शामिल है।

रूस क्या चाहता है —

रूस यूक्रेन को नाजीवाद से मुक्त कराना चाहता है साथ ही वह डोनवास को आजाद करना चाहता है उसका इरादा यूक्रेन की सैन्य शक्ति को खत्म करना है। रूस जेपोरिजिया और खैरसो शहर के बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुका है और वह जेपोरिजिया और खैरसो का विलय करना चाहता है इसके साथ ही रूस को क्रीमिया तक जमीनी रास्ता भी मिल गया हैं।

read more
error: Content is protected !!