हरदा/ मध्यप्रदेश के हरदा में जमीन विवाद को लेकर एक किसान की धारदार हथियारों से बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई जबकि बचाने आई उसकी पत्नी को भी आरोपियों ने बुरी तरह से घायल कर दिया। यह पूरी वारदात मृतक के 10 साल के बेटे शिवम के सामने घटी। मासूम बेटे ने तो रोकर पुलिस को इस हमले की पूरी कहानी सुनाई। लेकिन पुलिस पर आरोप है कि वह समय पर नहीं पहुंची।
यह खूनी वारदात रविवार शाम हरदा जिले के छीपाबड़ पुलिस थाना क्षेत्र के लोनी गांव की है। जब किसान शिवनारायण चौहान अपनी पत्नी राधा और बेटे शिवम के साथ खेत पर पूजा करके लौट रहे थे तभी घात लगाकर उनपर धारदार हथियारों से हमला किया गया।घटना के चश्मदीद मासूम बेटे ने पुलिस को बताया कि वह आरोपियों के सामने माता पिता पर हमला रोकने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन वह पहले से ही हत्या का प्लान बनाकर आए थे जिसके चलते उन्होंने उसके पिता को पहले बाईक से टक्कर मारी और उनपर बड़ी बेरहमी से कुल्हाड़ी और दरांती से हमला कर दिया उसकी मां जो साथ थी उसने रोका तुम्हें उसपर भी धारदार हथियारों से हमला कर दिया,उसने मां को छोड़ने की गिड़गिड़ाने हुए गुहार लगाई लेकिन उन्होंने हमला जारी रखा।
शुभम ने बताया कि इस बीच एक महिला ने उसकी मां की गर्दन पर दरांती से बार किया उसने रोका लेकिन न मानने पर वह घटना स्थल से भाग कर गांव पहुंचा उसने लोगों से अपने माता पिता को बचाने की गुहार लगाई लेकिन गांव से कोई भी बचाने उसके साथ नहीं आया। बाद में जब वह खेत पर पहुंचा तो माता पिता को घायल कर आरोपी भाग गए थे।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है मृतक के भाई श्याम सिंह चौहान का कहना है कि घटना की सूचना उन्होंने पुलिस के डायल 112 को दी थी पुलिस गांव आई भी लेकिन गांव वालों ने उनसे कह दिया कि यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और पुलिस हमसे बिना मिले वापस चली गई। परिजनों ने पुलिस की लापरवाही और न्याय की मांग के साथ आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है।
मृतक के भाई ने बताया आरोपी करण सिंह वर्षों से गांव में अवैध रूप से गांजे का धंधा करता है इसकी पहले भी शिकायत की गई थी लेकिन छीपाबड़ पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की जिसके चलते आज उनके भाई की हत्या कर दी गई।
सोमवार को सुबह मृतक शिवनारायण चौहान के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और पीएम के बाद शव लेजाने से इंकार करते हुए पहले आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े रहे जबकि बेटा शिवम न्याय की मांग करता रहा। इसके साथ ही परिजनों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी। बाद में एसडीएम अशोक डेहरिया और एसडीओपी शालिनी परस्ते के काफी समझाने और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा देने के बाद वह माने और पीएम के बाद शव को ले गए।
बताया जाता है छीपाबड़ पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों कारण सिंह उसके बेटे राहुल और उसकी पत्नी मनीषा को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी सामने आई है कि मृतक परिवार और आरोपियों के बीच 2020 से एक जमीन का विवाद भी चल रहा था जो इस घटना का मुख्य कारण बताया जाता है।





