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विदिशा में मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस को सुसाइड नोट नही मिला, जांच शुरू

Suicide

विदिशा / मध्यप्रदेश के विदिशा स्थित अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर की एक छात्रा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या करली शनिवार को दोपहर वह अपने रूम के पंखे पर लटकी मिली पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नही मिला है पुलिस ने मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।

19 वर्षीय छात्रा अरुणा अवामे धार जिले के मनावर के गांव सोनदूर की रहने वाली थी जो दो अन्य छात्राओं के साथ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर 9 के रूम नंबर 603 में रहती थी घटना के दौरान उसके साथ रहने वाली एक छात्रा भोपाल गई थी जबकि दूसरी लायब्रेरी गई थी। इसी दौरान अरुणा ने अपने दुपट्टे से पंखे पर लटक कर सुसाइड कर अपनी जान दे दी।

कोतवाली पुलिस थाने के टीआई आशुतोष सिंह ने बताया कि अरुणा की रूम पार्टनर जब लायब्रेरी से लौटी तो उसने अंदर से दरवाजा बंद पाया उसने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने के लिए आवाजें लगाई जब वह नही खुला तो उसने बॉर्डन को बताया इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर अरुणा फांसी पर लटकी मिली उतारकर उसे तुरंत हॉस्टल स्टाफ मेडिकल कॉलेज ले गया लेकिन वहां जांच करने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को छात्रा का पोस्टमार्टम कराया जायेगा। पुलिस का कहना है फिलहाल छात्रा के सुसाइड करने का कारण सामने नही आया है कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है मामला कायम कर लिया है जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने इस घटना की इत्तला मृतका के परिजनों को दे दी है जो विदिशा आ गए है इधर पिता धन्नलाल आवासे ने बताया कि शुक्रवार को अंतिम बार उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी तो उसने बताया था पापा परीक्षा का समय पास आ रहा है लेकिन परेशानी है कि मैं जो पढ़ती हूं भूल जाती हूं पढ़ा हुआ कुछ भी याद नही रहता मैं फेल हो जाऊंगी तो आपका लगा पैसा बेकार हो जायेगा तब पिता ने कहा तू चिंता नहीं कर मैं एक दो दिन में आता हूं। लगता है पढ़ाई के प्रेसर की वजह से एमबीबीएस की छात्रा अरुणा ने यह कदम उठाया हो सकता है। लेकिन पुलिस हर पहलू पर जांच करेगी।

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और नही बच सका 7 साल का मासूम लोकेश, मंगलवार को गिरा था बोरवेल में, 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आया था बाहर

7 year boy died fallen borewell hole

विदिशा / मप्र के विदिशा जिले के गांव खेरखेड़ी में मंगलवार को 60 फूट गहरे बोरवेल में गिरे 7 साल के मासूम लोकेश अहिरवार की जान नही बच सकी काफी मशक्कत के बाद जब उसे बोरवेल से बाहर निकाला गया तब उसकी मौत हो चुकी थी। कलेक्टर ने जांच कर जिले के खुले हुए सभी बोरवेल्स को। एक सप्ताह में ढकने के आदेश दिए जबकि मुख्यमंत्री ने इस पर दुख प्रकट करते हुए परिवार को 4 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की हैं।

विदिशा जिले की लटेरी तहसील में आता है गांव खेराखेड़ी, कल मंगलवार को सुबह इसका परिवार इस खेत में मजदूरी करने आया था 11 बजे करीब बंदरों को भगाने के दौरान 7 साल का लोकेश इस 60 फूट गहरे बोरवेल में गिर गया और करीब 43 फीट पर जाकर फंस गया।

इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन सक्रिय हुआ और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ जेसीबी के बाद दो पोकलेंन मशीनों की मदद से NDRF ने ऑपरेशन शुरू किया आज सुबह 8 बजे तक अंतिम 50 फीट गहरा गड्ढा करके बराबरी की गहराई पर टीम पहुंची और 5 फीट की टनल बनाकर बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया। प्रशासन ने तुरंत वहां मोजूद चाइल्ड स्पेशलिस्ट और मेडिकल स्टॉफ को गड्डे के पास बुलाया और बच्चे को उन्हे सौंपा मेडिकल टीम एंबुलेंस से तुरंत उसे लेकर अस्पताल रवाना हो गई। इस समय कलेक्टर उमाशंकर भार्गव लटेरी एसडीएम हर्षल चौधरी और एएसपी समीर यादव मौके पर मोजूद थे।

जैसा कि घटना के 24 घंटे बाद लोकेश वोरवेल से बाहर आया मेडिकल टीम उसे लेकर लटेरी के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लेकर पहुंची और उसे सीधा आईसीयू में ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की टीम ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। और पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को उसके परिजनों को सौप दिया गया।

जैसा कि घटना के 24 घंटे बाद लोकेश वोरवेल से बाहर आया मेडिकल टीम उसे लेकर लटेरी के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लेकर पहुंची और उसे सीधा आईसीयू में ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की टीम ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया, चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की मौत 12 घंटे पहले ही हो गई थी,बाद में पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को उसके परिजनों को सौप दिया गया जिन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

जबकि प्रशासन के अधिकारी घटना स्थल पर बच्चे के मूवमेंट की बात करते रहे थे। कलेक्टर ने इस घटना के बाद आदेश जारी किया है कि जिले में जितने भी वोरावेल है उन्हें एक सप्ताह के अंदर ढकने की व्यवस्था की जाएं।

राहुल की दादी ऊषाबाई का कहना है हम सुबह खेत में मजदूरी का काम करने गए थे इस बीच अचानक मेढ़ पर बंदर आ गए मेरा नाती उन्हे भगाने दौड़ा और खेत में बने वोरवेल में गिर गया।

इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर इस घटना पर कहा कि विदिशा जिले की लटेरी तहसील के खेराखेडी गांव में 7 साल के बच्चे राहुल की मौत दुखद घटना है मेने प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए है जल्द परिवार को उचित मुआवजा दिया जायेंगा।

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विदिशा प्रेस क्लब अध्यक्ष सहित तीन पत्रकारों की सड़क दुर्घटना में मौत, सीएम ने शोक जताया

Journalist Accident

विदिशा / मध्यप्रदेश के विदिशा जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा सहित उनके दो अन्य पत्रकार साथियों की सड़क दुर्घटना में दुखद मौत हो गई, बताया जाता यह तीनों एक बाइक पर भोपाल से विदिशा लौट रहे थे उस दौरान एक ट्रक ने उनकी मोटर साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी जिससे तीनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।इस घटना से पत्रकार जगत में शोक की लहर है वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पत्रकारों के असामायिक निधन पर गहरा शोक जताया है और उनके परिजनों को 4 4 लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की हैं।

जानकारी के मुताबिक विदिशा प्रेस क्लब के अध्यक्ष और पत्रकार राजेश शर्मा और उनके दो पत्रकार साथी सुनील शर्मा और नरेंद्र दीक्षित बीती रात 10 बजे एक बाइक पर सवार होकर भोपाल से विदिशा लौट रहे थे जब यह रायसेन जिले के सलामतपुर थाना क्षेत्र के लामाखेड़ा मोड़ पर पहुंचे इसी दौरान एक तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों बाइक सहित 10 से 15 फूट दूर उछल कर गिरे जानकारी मिलने पर पहुंचीं पुलिस ने जांच की तो पाया कि घटना स्थल पर ही तीनों पत्रकारों की मौत हो गई थी।

पुलिस ने खोजबीन की तो उनकी शिनाख्त खरी फाटक रोड निवासी पत्रकार राजेश शर्मा सुनील शर्मा निवासी सिंधी कॉलोनी और आरएमपी कॉलोनी फेस टू निवासी नरेंद्र दीक्षित के रूप में हुई पुलिस ने इस हादसे की खबर उनके परिजनों को की और उनके शवों को पीएम के लिए रवाना किया। परिजनों के अनुसार राजेश शर्मा अपने अखबार से संबंधित काम के लिए सोमवार सुबह अपने साथियों के साथ भोपाल गए थे और लौटते समय यह हादसा हो गया।

पत्रकारों की असमायिक मौत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गहरा दुख जताते हुए शोक संवेदनाएं व्यक्त की है साथ ही तीनों पत्रकारों के परिजनों को चार चार लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा भी की है।

एक साथ तीन पत्रकारों की सड़क हादसे में मौत की खबर से विदिशा सहित मध्यप्रदेश के पत्रकारों में शोक व्याप्त है जबकि विदिशा के पत्रकार संगठन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सड़क दुर्घटना में पत्रकारों की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की हैं।

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गंजबसौदा हादसे में 4 की मौत 15 लापता, 20 अस्पताल में भर्ती, सीएम ने मदद के साथ दिये उच्च स्तरीय जांच के आदेश, प्रभारी मंत्री सारंग विदिशा में मौजूद

People fell down in well at Ganjbasoda

विदिशा – विदिशा के गंज बासौदा इलाके के लाल पठार गांव में 40 फूट गहरे कुएं में एक बच्चे को बचाने गये 40 लोग कुएं की मुंडेर धसकने से कुएं में गिर गये जिसमें 4 की मौत हो गई जबकि 20 लोगों को कुएं से निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं लेकिन अभी भी करीब 15 लोग लापता है जिन्हें खोजने के लिये रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं।

विदिशा के गंजबासौदा तहसील के लालपठार गांव में बीती शाम 7 बजे यह दुर्घटना हुई इस लाल पठार गांव में एक तेरह साल का बच्चा कुएं में गिर गया उंसका भाई दौड़ता गांव में पहुंचा उसके बताने पर लोग उसे बचाने कुएं पर दौड़े और काफी लोग इकट्ठा हो गया वह प्रयास शुरू करते तभी कुएं की मुंडेर जो कमजोर थी अचानक भरभराकर गिर गई और करीब 40 लोग कुएं में गिर गये, घटना के बाद रात को ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घटना स्थल पर पहुंची और उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

जिसमें अभी तक 4 लोगों के शव निकाले जा चुके है और 20 घायल लोगो को निकालकर अस्पताल रवाना किया जा चुका है साथ ही कुएं में गिरे लोगो को निकालने के साथ कुएं का पानी निकालने की कोशिशें भी जारी है इस दौरान रेस्क्यू में लगा एक ट्रैक्टर भी अचानक कुएं में गिर गया जिससे सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना प्रशासन को करना पड़ा उसे बाहर निकालने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू किया गया लेकिन कुएं की दीवार की मिट्टी बार बार धसकने से भी कई बार ऑपरेशन रोकना पड़ रहा है। इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद है जबकि विदिशा के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग भी वहां रहकर नजर बनाये हुए हैं।

इस दौरान पूरा गांव उमड़ पड़ा और जिन लोगों के परिजन इस हादसे के शिकार हुए और करीब 15 घंटे बाद भी उन्हें कुएं से अभी नही निकाला जा सका है जिससे उनमें गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इस बीच आसपास से आये ग्रामीण भारी संख्या में घटना स्थल पर आ गये है

प्रशासन ने इस कुएं के पास अब जेसीबी और अन्य बड़ी मशीनों से एक गहरा गड्ढा करने की कवायद भी शुरू हो गई है जिससे उसका पानी निकाला जा सके। बताया जाता है स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में इस कुएं के साथ इसकी मुंडेर के कमजोर होने की आशंका जताते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी आवेदन के जरिये अवगत कराया था लेकिन उनका आरोप है कोई कार्यवाही नही हुई और आज यह हादसा हो गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक कार्यक्रम में शामिल होने विदिशा आये वे खुद गंजबासौदा में बैठकर इस मामले पर नजर बनाये रहे साथ ही विदिशा के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग यहां मौजूद रहकर बराबर नजर बनाये हुए हैं। मुख्यमंत्री इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिये है साथ ही मृतकों के परिजनों को 5 – 5 लाख की आर्थिक मदद के साथ घायलों को 50 -50 हजार की सहायता का ऐलान किया हैं।

इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिये इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की है उन्होंने कहा कांग्रेस कार्यकर्ता साथी पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करें। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर कहा कि गंजबासौदा में कुएं में कई लोगों के गिरने की घटना की जानकारी मिली मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दुर्घटना में घायल सभी लोग सुरक्षित रहे और प्रशासन घायलों को तत्परता से उचित उपचार मुहैया कराये। साथ ही कांग्रेस ने मृतकों के परिजनों जो 10 -10 लाख मुआवजा एक व्यक्ति को नौकरी और ग्रामीणों के आवेदन के बावजूद कुएं की जगत पर मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार प्रशासन के लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की है।

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