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गुनामध्य प्रदेश

गुना बस हादसा, RTO कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी को हटाया, आरटीओ, सीएमओ सस्पेंड, बस का न फिटनेस न परमिट

CM Meets Injured people in Guna
  • गुना बस हादसा, RTO कमिश्नर कलेक्टर एसपी को हटाया,

  • आरटीओ, सीएमओ सस्पेंड, बस का न फिटनेस न परमिट,

  • बीजेपी नेता के भाई की थी खटारा बस

गुना/ मध्यप्रदेश के गुना में हुए बस हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है आरटीओ कमिश्नर सहित गुना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है साथ ही जिला परिवहन अधिकारी और चीफ म्यूनिस्पिल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही प्रशासनिक फेरबदल भी किया गया है इस घटना में 13 यात्री जिंदा जल गए उनके शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।

गुना में यात्री बस हादसे के बाद सरकार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजय कुमार झा के साथ गुना के कलेक्टर तरुण राठी और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री को हटा दिया गया है कलेक्टर का प्रभार जिला पंचायत के सीईओ प्रथम कौशिक को दिया गया है। इसके साथ ही गुना जिला परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीडी कतरोलिया को सस्पेंड कर दिया गया है।

इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के मुख्य सचिव सुखवीर सिंह से परिवहन विभाग के मुख्य सचिव का अतरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है उनकी जगह अपर मुख्य सचिव गृह विभाग राजेश राजौरा को अपर मुख्य सचिव परिवहन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है इसके अलावा परिवहन विभाग में पदस्थ प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरुण कुमार सिंह की सेवा भी सामान्य प्रशासन विभाग में वापस कर दी गई है सिंह को उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग (पूल) में पदस्थ किया गया है।

गुना से यह बस बुद्घवार की रात करीब 8 बजे आरोन के लिए रवाना हुई थी इसमें 30 यात्री सबार थे बताया जाता है जब यह बस दुहाई के मंदिर के पास सेमरी घाटी पर पहुंची तभी घाटी से तेज रफ्तार से नीचे आ रहे एक डम्फर ने इसमें सामने से टक्कर मार दी जिससे बस सड़क पर पलट गई जब तक यात्री कुछ समझते बस में आग लग गई और बस लपटों9 से घिर गई इस बीच चीख पुकार मचने लगी आसपास से लोग दौड़ कर करीब पहुंचे लेकिन आग काफी तेजी से फैली और उसने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

पुलिस के पहुंचने के कुछ देर बाद दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा लेकिन जब तक आग बुझाई जाती बस राख में तब्दील हो चुकी थी किसी तरह 15 लोगों को निकाला गया जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया और जब बस के अंदर खोजबीन की गई तो 13 में से 2 शव गेट के पास और बाकी अंदर मिले जिसमें 7 शव एक दूसरे से चुपके हुए मिले और उन्हें जब उन्हें से अलग करने की कोशिश की गई तो शवों की हड्डियां कुछ हड्डियां हाथ में रह गई बाकी नीचे बिखर गई। शवों की हालत खस्ता थी अब इनकी पहचान डीएनए टेस्ट से की जायेगी।

पुलिस की जांच में पता चला है कि बस घाटी पर ऊपर चढ़ रही थी जबकि डम्फर तेज गति से नीचे आ रहा था और सीधा बस से जा भिड़ा स्थानीय लोगों ने बताया कि डंफर चालक वाहन को घाटी पर नीचे न्यूटल करके ला रहा था और इस दौरान स्टीयरिंग और ब्रेक जाम हो गए उसने वाहन को रोकना चाहा तो डंफर रुका नहीं और अनियंत्रित होकर वह सीधा बस से जा टकराया जिससे बस पलट गई और उसमें आग लग गई और 13 लोगों की जान चली गई।

खास बात है यह खटारा बस 2008 में खरीदी गई थी और न उसका परमिट था न फिटनेस सार्टिफिकेट था न ही बीमा था फिटनेस फरवरी 2022 तक की थी और 15 साल पुरानी यह खस्ताहाल बस बीजेपी नेता विश्वनाथ सिंह सिकरवार के भाई भानुप्रताप सिंह सिकरवार के नाम रजिस्टर्ड थी जो ठेकदार है विश्वनाथ बीजेपी उपाध्यक्ष रहे हैं।

पुलिस ने बस मालिक भानुप्रताप सिंह सिकरवार सहित बस चालक और कंडेक्टर पर विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज दोपहर 12 बजे गुना पहुंचे और अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात कर उनके हाल जाने। इस मौके पर उन्होंने कहा, काफी दुखद घटना हुई है, मैने जांच के आदेश दे दिए है, और जांच ने जो भी तथ्य सामने आयेंगे उन्हे आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी, घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए है। साथ ही जांच के लिए जिला दंडाधिकारी महेश शर्मा के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो तीन दिन में मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। सीएम के गुना दौरे के बाद संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्यवाही की गई। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह दर्दनाक और दुखद हादसा है। वही प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से ट्वीट कर कहा है कि एमपी के गुना में बस हादसा हृदयविदारक है, इसमें जिन्होंने अपने परिवारजनों को खोया उनके प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। साथ ही मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीडितों की हर संभव मदद में जुटा है।

जबकि कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि गुना में हुई बस दुर्घटना में 13 से अधिक लोगों की मौत होंगवे और 15 लोग घायल हुए है बस का परमिट और फिटनेस नही थी उन्होंने कहा इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए।

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गुनादेशमध्य प्रदेश

गुना का बस अग्निकांड, जिंदा जलकर मरने वालों की संख्या 13 हुई, पहचान हुई मुश्किल, 15 घायल, जांच के आदेश

Guna Bus Accident

गुना/ मध्यप्रदेश के गुना में डंफर की टक्कर के बाद पलटी यात्री बस में लगी भीषण आग में मरने वालों की तादाद 13 पर पहुंच गई है आग इतनी तेजी से फैली कि बस में सबार 13 यात्री जिंदा जल गए और उनकी हड्डियां बिखरने से पहचान होना भी मुश्किल हो गया है इस दर्दनाक हादसे में 15 यात्री झुलसकर घायल हो गए है घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद जबतक आग पर काबू पाया जाता सबकुछ स्वाहा हो चुका था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना के जांच के आदेश दिए है। जबकि मालूम हुआ है कि चालक डंफर को घाटी पर न्यूट्रल में ला रहा था और उसके नियंत्रण खोने से वह सीधा बस से टकरा गया।

गुना से यह बस बुद्घवार की रात करीब 8 बजे आरोन के लिए रवाना हुई थी इसमें 30 यात्री सबार थे बताया जाता है जब यह बस दुहाई के मंदिर के पास सेमरी घाटी पर पहुंची तभी घाटी से तेज रफ्तार से नीचे आ रहे एक डम्फर ने इसमें सामने से टक्कर मार दी जिससे बस सड़क पर पलट गई जब तक यात्री कुछ समझते बस में आग लग गई और बस लपटों से घिर गई इस बीच चीख पुकार मचने लगी आसपास से लोग दौड़ कर करीब पहुंचे लेकिन आग काफी तेजी से फैली और उसने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

सूचना मिलने के बाद बजरंगगढ़ थाना पुलिस पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसने लोगों की मदद से लोगों को बस से बाहर निकालने का प्रयास किया इस बीच दमकल दस्ता मौके पर पहुंचा लेकिन जब तक आग बुझाई जाती बस राख में तब्दील हो चुकी थी किसी तरह 15 लोगों को निकाला गया जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया और जब बस के अंदर खोजबीन की गई तो 13 में से 7 शव एक दूसरे से चुपके हुए मिले और उन्हें जब एकडोईसे से अलग करने की कोशिश की गई तो शवों की हड्डियां कुछ हड्डियां हाथ में रह गई बाकी नीचे बिखर गई।

घटना के बाद एसपी विजय खत्री और प्रशासनिक अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए थे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया इस। इस अग्निकांड में बस में सबार 13 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 15 लोग घायल हुए है जिन्हे बमुश्किल बस से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें कुछ की हालत गंभीर है।

इधर बजरंग गढ़ थाना पुलिस की जांच में पता चला है कि बस घाटी पर ऊपर चढ़ रही थी जबकि डम्फर तेज गति से नीचे आ रहा था और सीधा बस से जा भिड़ा बताया जाता है स्थानीय लोगों ने बताया कि डंफर चालक वाहन को घाटी पर नीचे न्यूटल करके ला रहा था और इस दौरान स्टीयरिंग और ब्रेक पर से उसका नियन्त्रण हट गया और जब उसने वाहन को रोकना चाहा तो डंफर रुका नहीं और अनियंत्रित होकर वह सीधा बस से टकराया और बस पलट गई और उसमें आग लग गई और 13 लोगों की जान चली गई।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए है। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

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गुनादेशमध्य प्रदेश

गुना में ट्रक कार पर गिरा, मां पिता बेटी सहित 4 की मौत, दो घायल, भिंड जा रहा था परिवार ड्राइवर क्लीनर फरार

Accident in Guna

गुना/ मध्यप्रदेश के गुना बाईपास पर आज सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक कार पर ट्रक पलटने से मां पिता बेटी सहित चार लोगों कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए है। घटना के बाद ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर घटना स्थल से फरार हो गए। बताया जाता है मृतक परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने भिंड के झमुआ गांव जा रहा था।

राजगढ़ जिले के सारंगपुर तारापुर में रहने वाला एक परिवार आज सुबह तड़के 4 बजे कार से भिंड के लहार के लिए रवाना हुआ था जब यह कार सुबह 7.30 बजे गुना बायपास पर पहुंची तो पीछे से आ रही एक जेबीसी को क्रास कराने के लिए कार चालक ने कार को सड़क से उतार कर कच्चे में खड़ा कर दिया, और जेबीसी गुजर गई तो वह जब कार सड़क पर ला रहा था तभी तेज गति से आते ट्रक ने पीछे से कार में टक्कर मारी और रोंग साईड जाते जाते कार पर पलट गया जिससे कार में सवार दो लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि दो लोग अस्पताल में चल बसे।

कैंट थाना प्रभारी पंकज त्यागी ने बताया कि घटना की खबर मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बाद में जेबीसी की मदर से ट्रक को कार से हटाया गया लेकिन दो लोगों की कार में ही मौत हो गई जबकि 4 घायलों को अस्पताल रवाना किया जिसमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि भाई बहन सुमित और राखी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जाता है कार से टकराने के बाद ट्रक की कमानी टूट गई जिससे वह कार पर पलट गया,जबकि पुलिस ने मामला कायम कर लिया है। गुना एसपी विजय खत्री भी इस हादसे की जानकारी मिलने पर घटना स्थल जा पहुंचे थे।

मरने वालों में रामप्रकाश (40 साल) उसकी पत्नी गीता (35 साल) बेटी रोशनी 15 साल और एक अन्य रिश्तेदार महिला जयदेवी (45 साल) शामिल है। बताया जाता है मृतक रामप्रकाश मूल रूप से लहार के रहने वाले है जो सारंगपुर के एक छात्रावास में नोकरी करते है इनकी बुआ जो लहार तहसील के झमुआ गांव में रहती है उनके यहां गृह प्रवेश का कार्यक्रम था उसमें शामिल होने यह परिवार सहित का रहे थे।

बताया जाता है मृतका जयदेवी के पति स्व हरिदास भी सरकारी छात्रावास में अधीक्षक थे जिनकी 2018 में मौत हो गई थी उनके बेटे सुमित की अनुकंपा नियुक्ति होना थी जो अब 18 साल का हो गया है बताया जाता है सुमित ही कार ड्राइव कर रहा था।

सुमित ने बताया वह काफी सावधानी से कार को सड़क पर ला रहा था लेकिन एकाएक तेज गति से आ रहे ट्रक चालक ने न हॉर्न बजाया न ही ब्रेक लगाए वह पीछे से सीधा कार से आ भिड़ा और पलट गया सब कुछ काफी तेजी से हुआ।

इस सड़क दुर्घटना के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुख प्रकट करते हुए मरने वालों के प्रति शोक संवेदनाएं व्यक्त की है। जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्वीट कर इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा जताया है।

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गुनामध्य प्रदेश

बीजेपी महासचिव मुरलीधर राव ने सिंधिया समर्थकों को कहा विभीषण, जनता ने बजाई ताली मंत्रियों ने लगाए ठहाके

BJP Mahasachiv MP

गुना/ बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी पी मुरलीधर राव ने गुना के राघौगढ़ में दिए एक भाषण में सिंधिया समर्थक मंत्रियों को विभाषण बताकर खलबली मचा दी खास बात है उनके यह कहते ही वहां बैठे बीजेपी कार्यकर्ता और आमजनता ने सिंधिया समर्थकों को विभीषण का दर्जा दिए जाने से जोर जोर से तालिया बजाई तो मंच पर आसीन सिंधिया समर्थक मंत्रियों महेंद्र सिंह सिसोदिया और प्रद्युम्न सिंह तोमर ठहाका लगाते देखे गए, राव के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा हैं।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के गढ़ राघौगढ़ में आज बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे तब अचानक उन्होंने मंच पर इशारा करते हुए कहा कांग्रेस के सभी विभीषण कांग्रेस छोड़कर अब बीजेपी के साथ आ गए है इसके बाद मंच के नीचे उनका भाषण सुन रहे लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं तो मंच पर आसीन सिंधिया समर्थक प्रदेश के मंत्री द्वय प्रद्युम्न सिंह तोमर और महेंद्र सिंह सिसोदिया ने इस बात पर जोरदार ठहाका लगाया। उसके बाद राव के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक मंत्रियों के बारे में चर्चा आम हो गई। बताया जाता है श्री राव इस तरह के बयानबाजी के लिए पहले भी चर्चित रहे है ।

इधर कांग्रेस ने इस मौके को हाथों हाथ लिया और कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सिंधिया जी के समर्थक मंत्रियों को विभीषण बताया गया और उन्होंने तुरंत उसकी ताकीद करते हुए ठहाके लगाए और तालियां बजाईं इस तरह उन्होंने अपनी मौन स्वीकृति भी दे दी वे खुद को क्षत्रिय कहते है यह बताता है कि राजनीति में कोई कितना गिर सकता हैं।

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गुनामध्य प्रदेश

गुना के मोनवाड़ा के जंगल में पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़, एसआई सहित तीन पुलिस कर्मीयों की मौत, एक शिकारी भी मारा गया

Three Policemen killed by Hunters

गुना – मध्यप्रदेश के गुना के आरोन स्थित मोनवाड़ा के जंगल में देर रात पुलिस और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिस कर्मियों की मौत हो गई जबकि सभी सात शिकारियों की पहचान होने का दावा किया गया है जिसमें से एक शिकारी मारा भी गया हैं इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने तुरंत हाई लेबल मीटिंग की और आवश्यक निर्देश देते हुए आई जी अनिल शर्मा को हटाने के आदेश दिए साथ ही शहीद पुलिस कर्मियों को एक एक करोड़ की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी राज्य शासन ने की है जबकि गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का कहना है किसी भी दोषी के बख्शा नहीं जायेगा।

घटना शुक्रवार – शनिवार की दर्मियानी रात करीब ढाई बजे की है गुना की आरोन थाना पुलिस को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि आरोन के शहरोक गांव की पुलिया के आगे मोनवाड़ा के जंगल में शिकारियों का एक दल काले ब्लेक बक हिरण और मोर का शिकार करने घुसा हैं। थाने के सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव चार पहिया वाहन से थाने के आधा दर्जन फोर्स के साथ शिकारियों को पकड़ने जंगल में जा पहुंचे जब वह खोजबीन कर रहे थे तो मोटर साइकिलों पर उन्हें तीन शिकारी नजर आए पुलिस ने उन्हें तुरंत घेरकर अपनी गिरफ्त में ले लिया।

लेकिन उसके बाद अचानक ऊपर की तरफ मौजूद शिकारियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंद फ़ायरिंग शुरू कर दी यह देखकर पुलिस ने भी पोजीशन लेकर शिकारियों पर फायर किये इस बीच मौका पाकर पकड़े गये शिकारी पुलिस की गिरफ्त से छूट कर भागने लगे, बताया जाता है शिकारियों की ताबड़तोड़ फायरिंग में एसआई राजकुमार जाटव प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम के शरीर मे करीब 8 -8 गोलियां लगी लेकिन गोली लगने के बावजूद एसआई जाटव शिकारियों पर फायरिंग करते रहे लेकिन सब इंस्पेक्टर जाटव प्रधान आरक्षक भार्गव और संतराम को बचाया नही जा सका और तीनों शहीद हो गए वहीं एक पुलिस वाहन का चालक भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है जिसे इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीनो शहीद पुलिस कर्मियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया गया जबकि इस मुठभेड़ में एक शिकारी भी मारा गया हैं। पुलिस को मृत हालत में 4 से 5 काले हिरण के सिर और शरीर सहित एक मोर का शव भी बरामद हुआ हैं।

इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में तुरंत हाई लेबल मीटिंग बुलाई जिसमें गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा,गृह सचिव ,डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे । सीएम ने शहीद पुलिस कर्मियों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दोषी शिकारी दल को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिये साथ ही मृतक एसआई और पुलिस कर्मियों के परिजनों को एक एक करोड़ की आर्धिक मदद देने का ऐलान भी किया है मुख्यमंत्री ने आईजी अनिल शर्मा की निष्क्रियता को लेकर कड़ा रुख दिखाया और उन्हें ग्वालियर से हटाकर भोपाल भेजने के आदेश दिये हैं। मीडिया को दिये बयान में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने कहा कि दोषी अपराधियो को ऐसी सजा मिलेगी जो इतिहास में उदारहरण बनेगी उन्होंने बताया दोषियों की पहचान हो गई है पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है इस घटना में शहादत देने वाले हमारे तीनो जांबाज पुलिस कर्मियों एसआई राजकुमार जाटव नीरज भार्गव और संतराम के परिजनों को एक एक करोड़ अनुग्रह राशि दी जायेगी।

इसके बाद मीडिया को जानकारी देते हुए गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कर्तव्यों का निर्वाहन करते हुए हमारे पुलिस परिवार के युवा एसआई रामकुमार जाटव सहित तीन पुलिस कर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी और शहीद हो गए लेकिन वारदात को अंजाम देने वाले दोषियों को बख्शा नही जायेगा उन्हें जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जायेगी उन्होंने बताया इस पूरे प्रकरण की खुद मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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गुनामध्य प्रदेश

गुना में दलित महिला के दाह संस्कार के दौरान शर्मनाक तस्वीर, 3 घंटे तक चिता के ऊपर टिन शेड पकड़े रहे लोग

Guna Villagers

गुना – मध्यप्रदेश में शहर शहर गांव गांव विकास और अन्य सुविधाओं की बड़ी बड़ी बातें देखने सुनने में जरूर आती है लेकिन गुना जिले के एक गांव में शर्मनाक तस्वीर सामने आई जहां एक दलित महिला को दाह संस्कार के लिये सूखी जमीन तो दूर बारिश के दौरान उसकी चिता के ऊपर शेड के रूप में छत भी नसीब नहीं हुई बेचारे उसके गांव के लोग और परिजन लगातार तीन घंटे तक खुद लाई टीन की चादर उसके शव के ऊपर ताने रहे तब जाकर उंसका दाह संस्कार हो सका।

गुना जिले की तहसील कुंभराज के गांव बासाहेड़ी खुर्द में यह मार्मिक एवं दिल हिला देने वाली तस्वीर सामने आई है इस गांव की 45 साल की दलित महिला रामकन्या बाई का बीमारी के चलते निधन हो गया रिश्तेदार और ग्रामवासी इकट्ठा हुए लेकिन लगातार बारिश की बजह से परिजनो ने करीब डेढ़ घंटे इंतजार किया बारिश बंद नही होने पर सभी महिला की पार्थिव देह को कीचड़ और दलदल के बीच लेकर किसी तरह श्मशान घाट पहुंचे इस बीच तेज बारिश जारी रही जिससे सभी काफी परेशान हो गये क्योंकि जहां मृतका को अग्नि दी जानी थी उस स्थान पर पानी भरा था और शेड नही था तब भींगते लोगों ने खुद गांव से कुछ टीने लेकर टिन शेड बनाया और उसे चिता के ऊपर उठाया और उसे तीन घंटे तक थामे रहे तब जाकर बमुश्किल टायर और डीजल की मदद से उंसके नीचे महिला का दाह संस्कार किया जा सका।

लेकिन ग्रामीण इसको लेकर काफी खफा और परेशान दिखे क्योंकि इस दलित बाहुल्य गांव की जनसंख्या करीब एक हजार की है लेकिन इस गांव या आसपास अभी तक व्यवस्थित श्मशान घाट और टिनशेड नही है जबकि ग्रामवासी लंबे समय से यहां इसकी मांग करते आ रहे है लेकिन हास्यास्पद पहलू यह भी है कि गुना जिला पंचायत और जनपद पंचायत प्रशासन हर गांव के ग्रामीणों के लिये श्मशान घाट और शेड बनाने का दावा करते नही थकता हैं।

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गुना और अशोकनगर जिले बाढ़ की चपेट में शहरी,ग्रामीण सभी क्षेत्रों में जल भराव से त्राहि त्राहि, गुना में एक युवक पानी मे बहा

Guna Flood

गुना – ग्वालियर संभाग के गुना और अशोक नगर में लगातार 10 दिन से जारी बारिश ने हालात काफी खराब कर दिये है शहर और ग्रामीण दोनों ही इलाके पानी से लबालब है तो कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं और सैकड़ों लोग जहां थे वही फंसकर रह गये है तो एक युवक रपटे पर पानी के तेज बहाव में बह भी गया है प्रशासन की देखरेख में राहत एवं बचाव कार्य जारी है लेकिन वे नाकाफी साबित हो रहे हैं।

गुना में लगातार हुई बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो।गया है कई शासकीय दफ्तर भी जलमग्न जलमग्न हो गये है यहां के घोसीपुरा क्षेत्र के घर पानी पानी हो गये है यहां के नदी नाले उफान पर है बूढ़े बालाजी क्षेत्र में नाला उफान पर आने से उमरी को जाने वाला रास्ता हुआ बंद हो गया है हनुमान चौराहे पर निचले इलाकों में भरा बारिश का पानी भरने से लोग अपने घरों में कैद हो गये है कैंट थाना क्षेत्र और पुरानी छावनी क्षेत्र में भी बारिश का पानी घरों में घुस गया है ।

घटिया निर्माण के चलते गुना कलेक्ट्रेट भवन के कई शासकीय दफ्तरों में बारिश का पानी को छतों से चू रहा है। जबकि जिला अस्पताल और वहां स्थित प्रसूतिगृह में पानी भरने से महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं प्रसूति गृह के 5 कमरे जलमग्न हो गये है तो अस्पताल के तीन अन्य वार्डो में छतों से पानी बरस रहा हैं। गुना शहर की आधा दर्जन पाश कालोनियों में कमर से ज्यादा पानी भरने से लोग परेशानी झेल रहे हैं। नाना खेड़ी कृषि मंडी के पास बनी कॉलोनी मैं भी बारिश का पानी भर गया है। गुना के हॉट रोड और लोहा मंडी जाने वाले रास्ते हुए बंद लोहा मंडी के पास बने पुल पुलिया उफान पर है।

नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड विजयपुर के पीछे के हिस्से में बने रिफाइंड गैस के प्लांट में भारी मात्रा में चौपट नदी का पानी भर गया जिससे सैकड़ो गैस सिलेंडर नदी में बह गये।

प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी है लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में नही हो पा रही है ना ही पानी के बीच फंसे सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में सफलता मिल पाई हैं।

जबकि अशोक नगर जिले का हाल भी लगातार 10 दिनों से हो रही बारिश ने बेहाल कर दिया है यहाँ की दो नदियां कैथन और मोले ने उपद्रव मचा रखा है शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो भयावह रूप ले चुकी है अकेले बहादुरपुर गांव में ही करीब 10 हजार लोग बाढ़ में फंसे हुए है एनडीआरएफ की उन्हें सुरिक्षत बाहर निकालने की तमाम कोशिशों के बावजूद फिलहाल सफलता नही मिल पाई हैं इसके अलावा करीब एक दर्जन गाँव भी बेतहाशा बाढ़ का दंश झेल रहे हैं।

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गुनामध्य प्रदेश

गुना में 26 वी बटालियन के डिप्टी कमांडेंट ने गोली मारकर की आत्महत्या

  • गुना में 26 वी बटालियन के डिप्टी कमांडेंट ने गोली मारकर की आत्महत्या

गुना – मध्यप्रदेश के गुना की 26 वी बटालियन में पदस्थ डिप्टी कमांडेंट विजय कुमार सोनी ने आज अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या करली है।

गुना स्थित 26 वीं बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे विजय कुमार सोनी, आज सुबह साढ़े सात बजे जब उनके बंगले पर काम करने वाला एक आरक्षक आया तो उसने देखा कि साहब कुर्सी पर बैठे हुए हैं और उनके सिर से खून बह रहा है।

वह आरक्षक यह देखकर घबरा गया और बगल के बंगले में पहुंचा और बटालियन के स्टेनों को यह बताया वह भी दौड़े-दौड़े घटना स्थल पर आये और माजरा समझ कर उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर की इसके बाद पुलिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वहां आ गये।

इस दोरान केंट थाना पुलिस और एफएसएल के दल ने घटना स्थल की तफ्तीश शुरू कर दी और घटना स्थल के पास से पुलिस ने उनकी सर्विस रिवाल्वर भी बरामद कर ली हैं।

बताया जाता है कि फरवरी में इनकी धर्मपत्नी का निधन हो गया था और बच्चे भी बाहर रहते हैं, इस समय डिप्टी कमांडेंट विजय कुमार सोनी अकेले ही अपने इस बंगले में रह रहे थे। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया हैं ,जबकि केंट थाना पुलिस छानबीन में जुटी हैं।

वही एडीश्नल एसपी टीएस बघेल का कहना है कि डिप्टी कमांडेंट ने खुद की सर्विस रिवाल्वर से सिर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली है, फिलहाल कारणों का खुलासा नही हो पाया हैं, शव पीएम के लिये भेज दिया है जांच कर रहे है जो भी तथ्य सामने आयेंगे कार्यवाही करेंगे।

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गुनादिल्लीभोपालमध्य प्रदेश

गुना की घटना भोपाल से दिल्ली तक सियासत तेज

  • गुना की घटना भोपाल से दिल्ली तक सियासत तेज

  • राहुल प्रियंका ने बीजेपी को घेरा

  • मायावती भी आई सामने

  • कांग्रेस ने जांच कमेटी गठित की

  • बीजेपी का पलटवार

गुना ,भोपाल,नईदिल्ली– गुना में किसान दंपति की मारपीट और जहर पीकर जान देने की कोशिश को लेकर गुना से भोपाल और भोपाल से नई दिल्ली तक सियासत तेज हो गई हैं।

कांग्रेस ने जहां बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप जड़ा तो मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को दलित उत्पीड़न मामले में कटघरे में खड़ा कर दिया हैं जबकि बीजेपी बचाव की मुद्रा में कांग्रेस को अपने गिरेबां में झांकने की सीख दे रही हैं।कांग्रेस ने इस घटना की जांच के लिये 7 सदस्यीय कमेटी की घोषणा भी की है ।

गुना की इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बाड्रा ने बीजेपी और उनकी सरकार को घेरा है राहुल गांधी का एक ट्वीट सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच इसी विचारधारा और अन्याय के खिलाफ हैं।

जबकि काँग्रेस नेत्री प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि गरीब पर हमला दलित पर हमला किसान पर हमला लोकतंत्र पर हमला यही बीजेपी का चाल चरित्र औऱ चेहरा हैं इसके खिलाफ कांग्रेस जी जान लगा देगी।

जबकि बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि एक तरफ बीजेपी और उनकी सरकारें दलितों को बसाने का ढिढोरा पीटती है दूसरी तरफ उन्हें उजड़ने की घटनाएं आम है इससे पहले कांग्रेस के शासन में भी ऐसी घटनाएं हुआ करती थी फिर दोनों की सरकारों में क्या अंतर हैं दलितों को इस बारे में सोचना चाहिये।

जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा हैं कि बीजेपी की सरकार के दौरान मध्यप्रदेश में जंगलराज कायम हो गया हैं और आज भोपाल आपराधिक राजधानी बन गया हैं।

अहम बात हैं कि कांग्रेस ने गुना की घटना की जांच के लिये 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया हैं जिसमें कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत हीरालाल अलावा बाला बच्चन विभा पटेल फूलसिंह बरैया सुरेश चौधरी जयवर्धन सिंह शामिल हैं जो जांच के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।

इधर प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जब मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की सरकार थी तो यहां कांग्रेस सरकार में प्रीपेड अधिकारी होते थे लेकिन हमने सभी अधिकारी एसपी कलेक्टर और आईजी को वहां से हटा दिया उन्होंने कहा बीजेपी सरकार कानून में विश्वास रखती है और दोषियों पर कार्यवाही के साथ उन्हें जेल भेजेगी।

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गुनाभोपालमध्य प्रदेश

दलित दंपत्ति की मारपीट और जहर खाने की घटना के बाद गुना के कलेक्टर एसपी को हटाया आईजी भोपाल अटैच

  • दलित दंपत्ति की मारपीट और जहर खाने की घटना के बाद गुना के कलेक्टर एसपी को हटाया, आईजी भोपाल अटैच

  • भोपाल से गुना पहुंच रही हैं आज जांच टीम

गुना/ भोपाल – गुना में दलित किसान दंपत्ति की मारपीट और उनके जहर खाने के मामले में प्रदेश सरकार ने गुना के क्लेक्टर और एसपी को हटाने के साथ ही ग्वालियर रेंज के आई जी को भोपाल पीएचक्यू अटैच कर दिया हैं। आज भोपाल से अधिकारियों की एक टीम भी जांच के लिये गुना पहुंच रही है। जैसा कि पुलिस की मारपीट के बाद किसान दंपति ने जहर खा लिया था और उनकी स्थिति चिंताजनक है।

जैसा कि गुना के जगतपुर चक गांव में मंगलवार की सुबह कैंट थाना पुलिस और प्रशासन का अमला सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचा था इस जमीन पर खेती कर रहे दंपत्ति राजू अहिरवार और उसकी पत्नी सावित्री ने इसका विरोध किया और अफसरों से हाथ जोड़कर कहा कि हमारी फसल लगी है, वह कट जाये तो हम जमीन छोड़ देंगे।

लेकिन पुलिस और प्रशासन नही माना और इस दंपत्ति औऱ उनके परिजनों पर लाठियां चलाना शुरू कर दी जब राजू का भाई आया बीचबचाव में महिला पुलिस कर्मी को धक्का लगने पर तो पुलिस ने रौद्र रूप ले लिया और उनपर बुरी तरह मारपीट और लाठियां चलाना शुरू कर दिया।

यहां तक कि महिला के कपड़े भी फाड़ दिये पुलिस के मारपीट से सभी बुरी तरह घायल हो गए दुखी होकर पीड़ित किसान दंपत्ति ने एकाएक जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे पुलिस बीच में ही लौट पड़ी बाद में बेहोशी की हालत में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई हैं।

यह मामला और पुलिस की मारपीट की वीडियो वायरल होने पर शासन के होश उड़ गये मीडिया और लोगों ने पुलिस की बर्बरता पर सबाल भी उठाये थे।

तुरत फुरत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लिया और गुना कलेक्टर एस विश्वनाथन और एसपी तरुण नायक को हटा दिया है और राजेश कुमार को गुना का नया एसपी बनाया गया है।

साथ ही ग्वालियर रेंज के आई.जी राजाबाबू सिंह को पीएचक्यू अटैच कर दिया है। आज भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियो की एक टीम गुना पंहुच रही है जो पूरे मामले की जांच करेगी और मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट देंगी।

लेकिन सोचनीय पहलू यह है कि ग्वालियर चंबल संभाग में जब कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा हैं इस दौरान पुलिस और प्रशासन को इस काम के लिये फुर्सत कैसे मिली यह भी जांच का विषय हैं।

वीडियो देखे

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