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मणिपुर के थोबल से “भारत जोड़ों न्याय यात्रा” शुरू, बीजेपी RSS के लिए मणिपुर देश का हिस्सा नहीं, पीएम आंसू पोछने नहीं आए, कहा राहुल ने

Bharat Jodo Nyay Yatra Starts

इंफाल/ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में आज मणिपुर के थोबल से “भारत जोड़ों न्याय यात्रा” की शुरूआत हुई। इस मौके पर देश के अनेक हिस्सों से आए सीनियर कांग्रेस नेता और आम लोग भी भारी संख्या में जुटे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा आज मणिपुर के हालात काफी खराब है यहां कोने कोने में हिंसा फैली हुई है लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तक मणिपुर नहीं आए उन्होंने सबाल किया कि बीजेपी और आरएसएस मणिपुर को देश का हिस्सा ही नहीं समझते यह शर्म की बात है।

मणिपुर के थोबल में न्याय यात्रा की शुरूआत से पहले राहुल गांधी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा मणिपुर में भाई बहन माता पिता एक दूसरे की आंखों के सामने मरे लेकिन आज तक देश के प्रधानमंत्री आपके आंसू पोछने और गले मिलने मणिपुर नही आए वह मणिपुर का दर्द ही नहीं समझते यह शर्म की बात है। कांग्रेस नेता ने कहा हम आपकी सुनने आए है मन की बार सुनाने नही आए है। उन्होंने कहा 2004 से मैं राजनीति में हूं पहली बार में देश के एक हिस्से में गया जून 2023 के बाद सारे हालात ही बदल गए जहां गवर्नेंस का पूरा स्ट्रक्चर बिगड़ गया कोने कोने में नफरत और हिंसा फैली है सभी का काफी नुकसान हुआ हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी यहां वोट के लिए आते है लेकिन जब मणिपुर के लोग मुसीबत में होते है तब वे नहीं आते, वे समंदर की सैर करते है, राम राम जपते है साफ है उनके मुंह में राम बगल में छुरी, जैसा है यह वे जनता के साथ नहीं करे उन्हें वोट के लिए यह ढौंगबाजी नही करना चाहिए। उन्होंने कहा जब पंडित नेहरू मणिपुर आए थे तो उन्होंने इसे देश का गहना बताया था वही श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी यही कहते थे यह मणिपुर की भूमि है जो आजादी के लिए लड़ी उसका योगदान अहम हैं। इस मौके पर उन्होने एक शेर भी पढ़ा… “जब हौंसला बना ऊंची उड़ान का, फिर देखना फिजूल है कद आसमान का”

इस अवसर पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर यह यात्रा शुरू हो रही है यह न्याय की लड़ाई है आज मणिपुर से प्रारंभ हो रही है यह सफल हो या असफल यह कांग्रेस की विचारधारा की लड़ाई है और यह विचारधारा ही देश को बचा सकती है इस यात्रा का चुनाव की जीत हार से कोई लेना देना नही हैं।

राहुल गांधी के साथ ही वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा अशोक गहलोत दिग्विजय सिंह राजीव शुक्ला सचिन पायलट सलमान खुर्शीद मणिपुर पहुंचे और यात्रा में शामिल हुए। इसके अलावा मध्यप्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य प्रांतीय अध्यक्ष और सीनियर नेता भी यात्रा में मौजूद रहे। यात्रा के दौरान राहुल गांधी जगह जगह बस से उतरे और सड़क किनारे खड़े लोगों से मिले साथ ही उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर प्यार किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुआई में मणिपुर के इंफाल के नजदीक थोबल से भारत जोड़ो न्याय यात्रा का रविवार को आगाज हुआ। यह यात्रा 65 दिन तक चलेगी जो 15 राज्यों और 110 जिलों से गुजरेगी इस यात्रा का समापन 20 मार्च को महाराष्ट्र के मुंबई में होगा। 6700 किलोमीटर की यह न्याय यात्रा राहुल गांधी बस और कही कही पैदल चलकर पूरी करेंगे।

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मुख्यमंत्री के घर पर हमले की कोशिश, दो स्टूडेंट्स के मर्डर की तस्वीर वायरल होने पर मणिपुर में स्थिति बिगड़ी, प्रदर्शन जारी एक छात्र गंभीर, AFSPA का फैसला विवादों में

Manipur Protesters Attack on CM House

इंफाल / मणिपुर में जातिगत हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है दो स्टूडेंट्स के किडनेप और मर्डर के बाद शवों की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल होने से फिर टकराव की नोबत पैदा हो गई है बुद्धवार को छात्रों और सुरक्षा बल आमने सामने आ गए और पैटन गन से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया लेकिन गुरुवार को भीड़ ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के निवास पर हमले की कोशिश की जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। इधर सुरक्षा बल दोषियों के साथ शवों की खोजबीन कर रहे है लेकिन फिलहाल कुछ पता नहीं चला है। जबकि सीबीआई की एक टीम मामले की जांच के लिए पहुंच गई है सरकार ने इंटरनेट पर रोक के साथ स्कूल कॉलेज 29 सितंबर तक बंद करने के आदेश जारी करने के साथ कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है साथ ही सरकार ने सभी से शांति और संयम रखने की अपील की है। लेकिन सरकार का AFSPA लागू करने का फरमान विवादों में आ गया है।

23 सितंबर को मोबाइल इंटरनेट से बैन हटने के बाद दो स्टूडेंट्स के शवो की फोटो सामने आई थी बताया जाता है यह दोनों जुलाई माह से लापता थे फ़ोटो में दोनों के शव जमीन पर पड़े थे और छात्र का सिर कटा हुआ दिख रहा था। इसके बाद इस मामले से जुड़ी दो तस्वीरें भी सामने आई जिसमें 17 वर्षीय छात्रा हिजाम लीनथोइंगबी और 20 साल का छात्र फिजाम हेमाजीत बैठे हुए है तस्वीर में छात्रा सफेद टीशर्ट में है और छात्र हेमजीत चेक की शर्ट पहने दिख रहा है जो बेकपेक पकड़े हुए है तस्वीर में पीछे की तरफ दो बंदूकधारी साफ दिखाई दे रहे है। दूसरी तस्वीर में दोनों स्टूडेंट्स के शव झाड़ियों में पड़े दिखाई दे रहे हैं।

इसके बाद सुरक्षा बल सक्रिय हुए उन्होंने आरोपियों की तलाशी के साथ शवों की खोजबीन शुरू की लेकिन सुरक्षा बल और पुलिस अभी तक अंधेरे में ही है शवों का कोई पता तो नही चला बल्कि यह तस्वीर किस इलाके की है इसकी भी जानकारी फिलहाल सुरक्षा बलों पर नही है। शव तो नही मिले लेकिन जुलाई में दोनों स्टूडेंट्स बाजार की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में जाते दिखाई दे रहे है। लेकिन उसके बाद दोनों लापता हो गए थे संभवत उनको अगवा कर लिया गया था।

लेकिन इंटरनेट पर 23 सितंबर को इन दोनों की हत्या की तस्वीरें सामने आने के बाद एक बार फिर पूरा मणिपुर सुलग उठा इसके विरोध में 26 सितंबर को इंफाल में हजारों छात्र छात्राएं सड़कों पर उतर आए और उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया, जो बुद्घवार को भी जारी रहा भाजपा के थोबुल जिले के कार्यालय को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया तो बीजेपी अध्यक्ष शारदा देवी के घर को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया इस बीच पुलिस और सुरक्षा बलों ने जब प्रदर्शनकारियों के रोकने की कोशिश की तो दोनों के बीच तेज झड़प शुरू हो गई और आपस में भिड़ंत हो गई जिसमें एक शिक्षक सहित 54 स्टूडेंट्स घायल हो गए जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। बुधवार को भी छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया इस दौरान उनकी पुलिस सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हो गई इस दौरान भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी साथ ही नकली बम फैंकने के साथ पेंटेन गन का भी इस्तेमाल किया इस बीच इंफाल के जोमई इलाके में एक 20 साल के छात्र एस उत्तम के सिर में पेंटेंन गन के कई छर्रे लगे जिसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि डीजीपी राजीव सिंह ने पेंटेन गन चलाने के मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।

इसके बाद सरकार ने मणिपुर को अशांत क्षेत्र घोषित करते हुए इंटरनेट सेवा पर फिर से बेन लगा दिया और 19 थाना क्षेत्र छोड़कर पूरे मणिपुर में कर्फ्यू की घोषणा कर दी इस दौरान सभी निजी एवं सरकारी स्कूल कॉलेज 29 सितंबर तक बंद रखने के आदेश भी जारी किए गए है। साथ ही बीरेन सिंह सरकार ने सभी से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई करेगी किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा। इस बीच मणिपुर के 24 विधायकों ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र भेजकर सीबीआई जांच के साथ दोनों स्टूडेंट्स के हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। बताया जाता है सीबीआई की टीम मणिपुर पहुंच गई है और उसने अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है।

लेकिन गुरुवार को स्थिति तब गंभीर हो गई जब इंफाल में प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ अचानक मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इंफाल पूर्व में लुवांग सांगबाम स्थित निजी निवास की ओर बड़े लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें बीच में ही रोक लिया और अश्रु गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर बितर कर इस हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया।

लेकिन मणिपुर सरकार ने प्रदेश में 6 माह के लिए फिर से AFSPA लगा दिया है यह फैसला विवादों में आ गया है क्योंकि जिन इलाकों में हिंसा हो रही है उन्हें आर्म्ड फोर्सेज एक्ट से दूर रखा गया है। खबर यह भी मिली है कि मणिपुर में बिगड़ते हालातों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने श्रीनगर के एसएसपी राकेश बलवाल का जम्मूकशमीर से हिंसा के बीच मणिपुर तबादला कर दिया है। एसएसपी बलवाल ने ही पुलवामा आतंकी हमले की जांच की थी।

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इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन और अदालतों पर किया हमला, पुलिस अश्रुगैस छोड़ी 10 घायल, इंफाल में लगा कर्फ्यू

Manipur Violence Shots

इंफाल/ मणिपुर में एक समुदाय ने गिरफ्तार 5 लोगों को छोड़ने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस थानों और अदालतों पर भी हमला बोल दिया पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए टियर गैस छोड़ने के साथ स्टंट बम का इस्तेमाल किया जिससे 10 लोग घायल हो गए है। इस प्रदर्शन के बाद इंफाल में कर्फ्यू लगा दिया गया हैं।

मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही पिछली 8 सितंबर को टेगनोपोल के पल्लोल में हुई हिंसा में 3 लोग मारे गए और 50 लोग घायल हुए थे उसे बाद 12 सितंबर को कांगपोकपी में एक हथियारबंद लोगों व्दारा की गई फायरिंग में 3 लोगों की मौत हुई थी इस मामले में 16 सितंबर को पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था उनके पास से वे हथियार भी बरामद हुए जो मई में पुलिस थानों से लूटे गए थे।

इस गिरफ्तारी के विरोध में इंफाल में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आएं और प्रदर्शन के दौरान उन्होंने तीन चार पुलिस थानों और अदालतों पर भी हमला बोल दिया, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल भी मैदान में उतर गया जिससे दोनों के बीच गहरी झड़प हो गई पुलिस ने उन्हें रोकने के साथ खदेड़ने के लिए पहले अश्रु गैस के गोले छोड़े लेकिन पीछे नहीं हटने पर उनपर स्टंट बम भी चलाए जिससे 10 से अधिक लोग घायल हो गए है।

इस घटना के बाद इंफाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है जबकि उसके दो जिलों में पहले दी गई ढील भी समाप्त कर दी गई हैं।

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मणिपुर में सेना के एक जवान की गोली मारकर हत्या, छुट्टी पर अपने घर आया था जवान

Indian Army Soldier Killed in Manipur

इंफाल / मणिपुर की राजधानी इंफाल के गांव तरुंग स्थित अपने घर छुट्टी पर आए भारतीय सेना के एक जवान को अगवा करने के बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई मृतक जवान आदिवासी समुदाय का बताया जाता है।

इंफाल में आपसी हिंसा लगातार जारी है वही सेना के जवानों को भी आताताई छोड़ नही रहे है पुलिस को इंफाल के गांव खुनिंगथेक के पास एक व्यक्ति का शव मिला जिसकी शिनाख्त इंफाल पश्चिम के तरुंग में रहने वाले सेरतो थांगथांग के रूप में हुई जो सेना की डिफेंस सिक्योरिटी कोप्स (डीएसपी) में कार्यरत थे और कांगपोकपी जिले के लेमाखोंग में तैनात थे और पिछले दिनों छुट्टी पर अपने घर आए थे।

मृतक सेना के जवान के 10 साल के बेटे ने बताया कि शनिवार को अचानक तीन हथियारबंद लोग हमारे घर में घुस आए और उन्होंने उसके पिता के सिर पर पिस्टल अड़ाते हुए घमकाया और उन्हें जबरन अगवा करके ले गए और रविवार को उनका शव मिला । समझा जाता है कि अगवा करने वालों ने उनके सिर में गोली मारकर हत्या करदी।

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मणिपुर में हालात फिर बिगड़े हिंसा और फायरिंग में 5 की मौत तीन दिन में 8 लोगों की मौत

Manipur Violence Shots

इंफाल/ मणिपुर में हालात फिलहाल पूरी तरह से ठीक नहीं है टकराव के बीच हिंसा लगातार जारी है हाल में चूराचांदपुर और विष्णुपुर के बॉर्डर इलाके में हुई हिंसा के दौरान हुई गोलाबारी में 3 लोगों की मौत हो गई बताया जाता है मैतईं और कुकी समुदाय के बीच हुए संघर्ष और टकराव के दौरान एक दूसरे पर जमकर फायरिंग की गई जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए है। घायलों में सुरक्षा बल और पुलिस के जवान भी शामिल है। मणिपुर में पिछले तीन दिन में हुई हिंसा में अभी तक 8 लोगों की मौत होने की खबर है।

असम राइफल्स के लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर का कहना है मणिपुर में स्थिति काफी बिगड़ी हुई है बीच में शांति दिखती है लेकिन ऐसे हालात आज तक नही हुए।

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मणिपुर में देर रात गांव में हमला, पिता पुत्र सहित तीन की जान गई, थाना लूटा भारी तादाद में हथियार कारतूस ले गए उग्रवादी

Manipur Violence Shots

इंफाल/ मणिपुर में टकराव और हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही हैं बीती रात 2 बजे उग्रवादियों ने एक गांव में घुसकर हमला कर दिया जिसमें पिता पुत्र सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि सुरक्षा बलों और मैतई उग्रवादियों के बीच बफर जोन में हुई गोलाबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। साथ ही कुछ और जगह भी आपसी संघर्ष और झड़पों की खबरें बराबर आ रही हैं।

एक तरफ मणिपुर में पिछले 24 घंटे से मेतई समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच झड़प जारी है जबकि शुक्रवार शनिवार की दरमियानी रात 2 बजे हथियार बंद संदिग्ध उग्रवादी कुकी समुदाय के एक गांव में घुस गए और उन्होंने दो घरों के अंदर घुसकर फायरिंग की जिसमें एक घर में पिता पुत्र और बगल के घर में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। जबकि मैतई और कुकी समुदाय के बफर जोन में सुरक्षा बलों और मैतई समुदाय के बीच टकराव हो गया मैतई लोग टेराखांग सांगवी कांगवे और थोराबुंग के बीच बॉर्डर को पार करने की कोशिश कर रहे थे जबकि सुरक्षा बल उन्हें अंदर दाखिल होने से रोक रहे थे इससे दोनों के बीच झड़प हो गई जिसमें सुरक्षा बलों की गोली से तीन लोगों की जान चली गई मरने वालों में युमनम जितेन मैतई, युमनम पिशाक मैतई और प्रेमकुमार मैतई शामिल हैं। इन तीन मौतो के बाद मैतईं समुदाय उग्र हो गया है थोरबांग पहाड़ी इलाके में लगातार फायरिंग हो रही है मोर्टार से हमले हो रहे है साथ ही भीड़ ने कई रास्ते जाम कर दिए।

3 अगस्त को मणिपुर ने कई बड़ी घटनाएं हुई जिससे यहां की स्थिति को जाना जा सकता है इंफाल बेस्ट में उग्रवादियों की फायरिंग में एक पुलिस कांस्टेबल ऋषि कुमार की गोली लगने से मौत हो गई। उसके अलावा भीड़ ने विष्णुपुर जिले के थोईरंग पुलिस थाने पर हमला कर दिया उग्रवादी 685 हथियार और 20 हजार से ज्यादा कारतूस लूट ले गए,जिसमें एके 47, इंसांस राइफल हैंडग्रेनेड मोर्टार कार्बाइन आदि शामिल है इसके अलावा विष्णुपुर के नारानसेना थाने पर भी हमला हुआ जिसका ब्योरा फिलहाल जारी नही हुआ हैं। अभी तक करीब 5 हजार हथियार दोनों समुदाय ने अभी तक लूटे है उनमें से करीब 1600 हथियार ही वापस आए है अभी भी लगभग 3400 हथियार इन लोगों के पास है।

इधर एक बड़ा ही मार्मिक दृश्य कंगपोक्पी जिले में देखा गया जो वहां के डर और दहशत को दर्शाता है यहां कुकी समुदाय की कई महिलाएं सुरक्षा बल के जवानों के पैर पकड़ कर बैठी है और कह रही है कि आप यहां से नही जाएं यदि आप चले जाओगे तो हम सब मारे जाएंगे। बताया जाता है इस जिले में सुरक्षा के लिए असम राइफल्स के जवान तैनात है जिन्हे हटाने के आदेश आए थे लेकिन बाद में उन्हें यहां से हटाने के आदेश को वापस ले लिया गया है।

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मणिपुर में म्यांमार के नागरिकों की घुसपैठ, असम राइफल्स ने सरकार को दी जानकारी

Asam Rifles

इंफाल / एक तरफ मणिपुर में नस्लीय हिंसा और टकराव लगातार जारी है स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही, लेकिन अब और एक और परेशानी आ खड़ी हुई है भारत के पड़ोसी देश म्यांमार के 718 नागरिकों ने पिछले दिनों अवेध तरीके से मणिपुर में घुसपेठ कर ली है इसकी जानकारी असम राइफल्स ने मणिपुर सरकार और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को दे दी हैं।

भारत के राज्य मणिपुर से म्यांमार देश की सीमा लगती है जिसका दायरा 400 किलोमीटर तक फैला है इस सीमा से 22 और 23 जुलाई को चोरी छुपे 718 म्यांमार के नागरिक मणिपुर में दाखिल हुए है जो हथियारों से लैस है असम राइफल्स के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सीमा पार चौकसी बड़ाने के साथ इसकी जानकारी मणिपुर सरकार और उसके मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को दी है।

भारत के राज्य मणिपुर से म्यांमार देश की सीमा लगती है जिसका दायरा 400 किलोमीटर तक फैला है म्यांमार के इस बॉर्डर पर सुरक्षा और निगरानी के लिए असम राईफल्स की तैनाती की गई है इस सीमा से 22 और 23 जुलाई को चोरी छुपे 718 म्यांमार के नागरिक मणिपुर में दाखिल हुए है असम राइफल्स के अधिकारियों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सीमा पर चौकसी बड़ाने के साथ इसकी जानकारी मणिपुर सरकार और उसके मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को दी है।

इस खबर के बाद मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स को निर्देश दिए है कि वह जल्द से जल्द इन घुसपैठ करने वाले लोगों को चिन्हित करके मणिपुर की सीमा से बाहर म्यांमार में पहुंचाए। मणिपुर सरकार तो कड़ी कार्यवाही करना चाहती है लेकिन केंद्रीय सरकार क्या रुख अख्तियार करती है यह देखना होगा।

मणिपुर मे इनदिनों जब हालात ठीक नहीं है और हथियारबंद लोगों की घुसपैठ चिंता का बड़ा कारण है कि उनकी मंशा क्या है वह मणिपुर में चोरी छुपे क्यों घुसे और वे कही उग्रवादी तो नही है इस बारे में भी देखना होगा कही यह किसी एक पक्ष के साथ मोर्चाबंदी करने तो भारत की सीमा में दाखिल नहीं हुए।

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मणिपुर में हजारों महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, एक मां और सैनिक पति का दर्द सामने आया नावालिग सहित 6 गिरफ्तार, सियासत तेज

Manipur Women Protest

मणिपुर / मणिपुर में महिलाओं का गैंगरेप के बाद निवस्त्र परेड की शर्मनाक घटना के विरोध में 5 हजार महिलाओं ने काले कपड़े पहनकर चूड़ाचांदपुर में मशाल जुलूस निकाला, इधर पुलिस ने अभी तक इस घटना के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक भूतपूर्व सैनिक ने कहा मैने कारगिल में दुश्मनों से युद्ध लड़ा लेकिन आज अपनी पत्नि को ही इन दरिंदो से नही बचा सका। जबकि बीजेपी और विपक्ष आपस में आरोप प्रत्यारोपों से घिरे दिखाई देते है और तुहारा अपराध मेरे अपराध से छोटा और बड़ा बताने में उलझे हुए है।

मणिपुर में मैतई और कुकी के बीच 3 मई से टकराव और हिंसा भड़की थी 19 जुलाई को जो वीभत्स और शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ वह 4 मई का बताया जाता है। इसके सामने आने के बाद पूरा देश अवाक रह गया और सदमे में आ गया।पीएम नरेंद्र मोदी ने कड़ी कार्यवाही की बात कही उसके बाद पुलिस प्रशासन जागा और जो पुलिस ढाई महीने से सोई पड़ी थी उसने आनन फानन उसने कार्यवाही की और एक नाबालिग सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन सबाल है कि क्या इस कार्यवाही से मणिपुर सरकार और उसके मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पूरी हों गई।

लेकिन इन दो महिलाओं के साथ अश्लील छेड़छाड़ और गैंगरेप के खिलाफ शुक्रवार 21 जुलाई को चूड़ाचांदपुर में 5 हजार महिलाएं सड़कों पर उतरी उन्होंने हाथों में मशाल लेकर काले कपड़ों में अपना विरोध दर्ज कराया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की। इसी तरह गढ़ीमाखा लेइकाई और इंफाल में भी महिलाओं ने प्रदर्शन किए और सड़कों पर टायर जलाकर अपना रोष व्यक्त किया।

एक पीड़ित महिला के पति जो पूर्व सैनिक रहे है उनका बयान बड़ा ही दर्द और बेबसी भरा रहा उनका कहना हैं मैने कारगिल युद्ध में देश के दुश्मनों से लड़ा लेकिन दंगाईयों और हैवानों से अपनी पत्नी को नही बचा सका। यह असम राइफल्स में सूबेदार के पद पर थे। जबकि दूसरी पीड़ित युवती की मां का कहना मैं अंदर से बुरी तरह से टूट गई हूं हम अब अभी गांव में नही लोटेंगे वहां मेरे छोटे बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई मेरी बेटी का सब कुछ लुट गया उसे शर्मिंदा होना पड़ा मेरा सब कुछ खत्म हो गया।

लेकिन एक तरफ मणिपुर जल रहा है हिंसा आगजनी ने सब कुछ बरबाद कर दिया 150 लोगों की मौत हो गई 300 से अधिक घायल है और 60 हजार लोग बेघर हो गए और राहत कैंपों में रह रहे है। लेकिन गंभीर बात है कि विडियो सामने आने के बाद स्थिति एक बार फिर से बिगड़ने लगी है बीते दिन चूड़ाचांदपुर के एक गांव में दो गुटों में कई राउंड फायरिंग हुई और इंफाल में भी हिंसा होने की खबर है जबकि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने फिलहाल 12 लोगों को आरोपी बनाया था लेकिन पुलिस ने अभी तक एक नावालिग सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

इधर राजनीति पूरे शबाब पर है बीजेपी और अन्य पार्टियों के बीच महिला अत्याचार को लेकर एक दूसरे पर कीचड़ उछाला जा रहा है जिसमें बीजेपी मणिपुर की घटना को लेकर अपने बचाव में कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों को घेरने में लगी है और राजस्थान और पश्चिम बंगाल में महिला उत्पीडन का हवाला दे रही है। इस में एक तरह से मेरा अपराध तुमसे छोटा है और तुम्हारा बड़ा अपराध है इसे दर्शाते की पुरजोर कोशिश दोनों ही तरफ से हो रही है। जो एक तरह से राजनेतिक रोटियां सैकने से ज्यादा कुछ नजर नहीं आता। लेकिन यह भी सही है कि पिछले ढाई महिने में मणिपुर में जो हुआ और अभी भी शांति नहीं हुई यह देश का बड़ा मामला हैं।

बीजेपी की महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राजस्थान और पश्चिम बंगाल में महिलाओं के साथ जो हो रहा है उसके बारे में कांग्रेस और विपक्षी नेता कुछ नही कहते महिला तो महिला है वह चाहे वह राजस्थान बंगाल की हो या मणिपुर की। बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया राजस्थान लगातार महिला उत्पीड़न में देश में नंबर एक पर है जबकि पश्चिम बंगाल में भी लगातार महिलाओं के साथ रेप और निम्न स्तर की घटनाएं आए दिन हो रही हैं उन्होंने राजस्थान के करोली और जोधपुर और पश्चिम बंगाल के मालदा और हावड़ा की घटनाओं का जिक्र किया। लेकिन कांग्रेस और टीएमसी नेताओं ने राजस्थान और बंगाल में हुई घटनाओं पर कहा की इस मामलों में पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की है और मालदा में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और करोली में 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई जो एबीवीपी के कार्यकर्ता थे। ऐसा कांग्रेस का कहना हैं।

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मणिपुर बेहाल, अब दो महिलाओं का नग्न वीडियो सामने आया, उग्रवादियों का काम, छेड़छाड़ के बाद गैंगरेप, ITLF का आरोप

Manipur Violence Shots

इंफाल / मणिपुर में दो महिलाओं को बिना कपड़ों में नग्न घुमाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है मणिपुर वॉयलेंस से यह वीडियो पोस्ट की गया हैं। इंडियन ट्राइबल्स लीडर्स फोरम (ITLF) ने आरोप लगाया है कि कुकी समुदाय की इन महिलाओं के साथ पहले रेप किया गया इसके बाद नग्न कर उन्हें सार्वजनिक रूप से भीड़ के बीच घुमाया गया। संगठन ने इस मामले में महिला आयोग और जनजाति आयोग से कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

आईटीएलएफ ने कहा है कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनके साथ भारी भीड़ मोजूद है जो उनके साथ छेड़छाड़ और फब्तियां कसती दिख रही है जबकि बेचारी महिलाएं तो रो रो कर उन्हें छोड़ने की गुहार लगा रही हैं, संगठन के मुताबिक यह घटना इंफाल से 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में 4 मई को हुई थी लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण यह वीडियो इस समय सामने नही आया था।

इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया हैं एफआईआर में बताया गया है कि 4 मई को दोपहर 3 बजे अचानक करीब आठ सौ से एक हजार लोग कांगपोकपी जिले में स्थित हमारे गांव में घुस आएं उन्होंने घरों में तोड़फोड़ की घर के बर्तन फर्नीचर इलेक्ट्रोनिक सामान कपड़े और नगदी लूट लिए और घरों में आग लगा दी हमलावरों के डर से कई लोग जंगलों में भाग गए उन्हें नोंगपांग पुलिस ने बचाया, हमलावरों के पास हथियार भी थे जिसके बल पर उन्होंने पकड़े गए लोगों को पुलिस से छुड़ा लिया।

ITLF ने कहा कि हमें शक है कि यह हमलावर मैतई युवा संगठन कांगलेईपाक कनबा लुप अरामबाई तैगगोल, मैतई लीपुन ,विश्व मैतई परिषद और अनुसूचित जनजाति मांग समिति से थे, इन्होंने हमले के दौरान 56 वर्षीय सोईटिंकम बेफेई की हत्या कर दी और तीन महिलाओं को जबरन पकड़ा और उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया उसके बाद महिलाओं के साथ गैंगरेप किया जब इन युवतियों में से एक महिला के भाई ने उन्हें बचाना चाहा तो हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी।

पुलिस के अधिकारियों का कहना हैं विडियो में दो महिलाएं बिना कपड़ों के दिखाई दे रही है साथ में भीड़ भी है इस मामले में नांगपोक पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच के साथ आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी गई हैं।

जैसा कि 3 मई से मणिपुर में मैतई समुदाय को जनजाति में आरक्षण देने के मामले को लेकर कुकी नगा और मैतई समुदायों में टकराव और हिंसा जारी है जिसमें अभी तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जुलाई में भी 10 लोगो की हत्या हो चुकी है हिंसा के साथ घरों में आगजनी और तोड़फोड़ से सैकड़ों लोग बेघर हो गए करीब 50 हजार लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर है। बीच बीच में कुछ शांति होती है लेकिन फिर से आग भड़क जाती है कहा जाएं मणिपुर जल रहा है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

इधर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और आप नेता अलका लांबा ने अपने ट्वीट के जरिए इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया हैं।

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इंफालमणिपुर

राहुल गांधी मणिपुर पहुंचे, सड़क से रोका हेलीकॉप्टर से पहुंचे चूड़ाचांदपुर, रिलीफ केंद्र में पीड़ितों से की मुलाकात

Rahul Gandhi at Manipur

इंफाल / कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज दो दिन के दौरे पर आज मणिपुर पहुंच गए है वे यहां वह हिंसा पीड़ितों और सोशल एक्टिविस्ट से मिलने के साथ ही रिलीफ केंपों में भी जाएंगे। लेकिन जब वे सड़क मार्ग से चूड़ाचांदपुर जा रहे थे तब उन्हें जाने से बीच में ही रोक दिया गया प्रशासन का कहना है सुरक्षा के मद्देनजर उन्हे रोका गया उसके बाद वे हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचे और राहत शिविरों में पीड़ितों से मिले।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज विमान द्वारा मणिपुर पहुंचे है उनके साथ कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल भी साथ है विमान तल से उनका काफिला स्थानीय वरिष्ठ नेताओं के साथ वे अपने लाव लश्कर के साथ सड़क मार्ग से दंगा प्रभावित क्षेत्र चूड़ाचांदपुर रवाना हुए लेकिन इंफाल से करीब 20 किलोमीटर आगे प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रोक दिया और बताया कि आगे विष्णुपुर में हाईवे पर महिलाएं सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रही है और सुरक्षा की दृष्टि से आगे जाना खतरनाक है यदि आपको चूड़ाचांद पुर जाना ही है तो हेलीकॉप्टर से जा सकते हैं। बात की गंभीरता को समझते हुए राहुल गांधी और उनके साथ गाड़ियों में जा रहा कांग्रेसजनों का काफिला वापस इंफाल के एयरपोर्ट लौट पड़ा और वहां पहुंचकर राहुल गांधी और प्रमुख नेता हेलीकॉप्टर से चूड़ाचांदपुर पहुंचे और वहां उन्होंने राहत शिविरों का दौरा किया और सभी से बातचीत कर उनकी स्थिति जानी। बताया जाता है राहुल गांधी आज रात इंफाल में ही रुकेंगे। जानकारी यह भी सामने आई है कि राहुल गांधी को मोईरांग जाने की इजाजत भी नहीं मिली है।

लेकिन पुलिस क्या सुरक्षा की बात कह कहकर राहुल गांधी को विष्णुपुर की तरफ जाने से रोक रही है ? क्योंकि इस प्रदर्शन में शामिल एक महिला एक न्यूज एजेंसी के चैनल को दिए बयान में कह रही है कि राहुल गांधी यहां हम लोगों की जानकारी लेने आया है वह जांच करने आया है हमें देखने आया है कि हम लोग किस हालत में है वह कोई राजनीति फैलाने नही आया है और यह सरकार उसे रोकना चाहती हैं। इस बीच भीड़ राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे भी लगाती दिख रही है।

जैसा कि मणिपुर में गत 3 मई से दो जातिवर्गो के बीच संघर्ष और हिंसा जारी है जिसमें अभी तक 125 से अधिक लोगो की मौत हो चुकी है और चूड़ाचांदपुर भी हिंसाग्रस्त क्षेत्र है और इसके रास्ते के बीच विष्णुपुर में महिलाएं प्रदर्शन कर रही है इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच झड़प भी हुई और आंदोलन कर रही महिलाओं को नियंत्रित इस दौरान अश्रु गैस के गोले भी छोड़ना पड़े।

इधर बीजेपी ने राहुल गांधी की मणिपुर यात्रा पर सबाल उठाएं है बीजेपी प्रवक्ता संविद पात्रा ने कहा कि हमें उनके मणिपुर जाने पर कोई ऐतराज नहीं है लेकिन वहां की स्टूडेंट यूनियन और महिला विंग ने राहुल गांधी की यात्रा का बायकॉट करने का ऐलान किया हैं और कहा है कि वह मणिपुर नही आएं,राहुल गांधी वहां चिंगारी भड़काने का काम करेंगे,उन्होंने कहा हम मानते है कि उन्हें मोहब्बत की दुकान खोलने की जल्दी है लेकिन सबाल है उनके वहां जाने से कोई रोक नहीं रहा लेकिन उनकी जिद्द ठीक नहीं है स्थिति कही बिगड़ ना जाएं।

इधर प्रियंका गांधी ने उन्हें रोके जाने पर कहा कि राहुल गांधी शांति का संदेश लेकर मणिपुर गए है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को लगता है शांति और भाई चारे से नफरत हैं वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मणिपुर को नफरत की नहीं बल्कि शांति की जरूरत हैं।

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