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नीतीश कुमार ने विश्वास मत हासिल किया, पक्ष में 129 मत पड़े, वोटिंग से पहले विपक्ष का वॉक आउट, तेजस्वी के हमले पर नीतीश का जवाब

Nitish Kumar

पटना / बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने आज विश्वास मत हासिल कर लिया है वोटिंग के दौरान विश्वास मत के पक्ष में 130 मत पड़े जबकि विपक्ष ने मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सदन से वॉक आउट कर दिया था। इस तरह विश्वास मत के विरोध में एक भी मत नही पड़ा। इस तरह नीतीश कुमार को बहुमत से 8 वोट ज्यादा मिले।

आज सुबह बिहार विधानसभा में यह कार्यवाही शुरू हुई लेकिन शुरूआत में सत्ता पक्ष के विधायकों ने वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें हटाने की मांग सदन में रखी जिसपर हुए मतदान में उनके पक्ष में 112 और विपक्ष में 125 सदस्यों ने मत दिया इस तरह चौधरी को पद त्याग करना पड़ा और सदन की आगामी कार्यवाही के लिए उपाध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने अपना स्थान ग्रहण किया। इस तरह यह पहले से ही साफ लग रहा था कि नीतीश कुमार विश्वास मत हासिल कर लेंगे।

खास बात रही कि आरजेडी के तीन विधायक नीलम देवी चेतन आनंद और प्रहलाद यादव पाला बदल कर सदन में सत्ता पक्ष के साथ बैठे दिखाई दिए, तेजस्वी यादव ने इस बीच कहा कि मतदान से पहले वे दूसरी तरफ बैठते है तो नियमानुसार उनका वॉट अमान्य समझा जाएगा साथ ही तेजस्वी यादव ने एमएलसी होने के नाते डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मतदान में हिस्सा नहीं लिए जाने की बात भी उपाध्यक्ष को इंगित कर कही तो सम्राट चौधरी सदन से चले गए। जबकि जेडीयू के विधायक दिलीप राय सदन से गायब रहे।

नीतीश रहे तेजस्वी के निशाने पर सादगी से किया हमला …

अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व सदन में मुख्य दल आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर बड़ा नपा तुला हमला किया, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार के गठन पर नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि आपने 9 बार शपथ ली और एक टर्म में तीन बार मुख्यमंत्री की शपथ का रिकार्ड बनाया,आप हमें अपना बेटा कहते थे और हम आपको अपना गार्जियन मानते थे और मानते रहेंगे और आपका सम्मान करते रहेंगे हम दोनों का लक्ष्य एक था मोदी सरकार को हराना, लेकिन हम नीतीश जी को पिता समान राजा दशरथ मानते है दशरथ नही चाहते थे कि राम वनवास जाए लेकिन केकई चाहती थी क्या मजबूरी रही हम नही जानते लेकिन आप केकई को पहचानिए और उससे जरूर बचकर रहना,जिसने हमें दूर किया। लेकिन आप पीड़ा महसूस करें तो हम काम आयेंगे।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश पर बड़े अलग अंदाज से निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश जी फिर नही पलटेंगे इसकी क्या गारंटी है हार चीज की गारंटी देने वाले मोदी जी क्या इसकी भी गारंटी देंगे कि नीतीश जी अब फिर पलटी नही मारेंगे, तेजस्वी ने कहा हमें सत्ता का कोई मोह नहीं न हमारे मन में कोई खोट है हमसे कोई दिक्कत थी तो बताते। यह पहली बार नहीं कि हम अकेले है लेकिन हमारे साथ कांग्रेस वाम दल आज भी है। और मोदी जी को अब चाचा नही तो यह भतीजा रोकने का का करेगा और भतीजा यह झंडा उठाएगा।

तेजस्वी ने कहा कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देना अच्छी बात है मेरे पिता और नीतीश कुमार ने कर्पूरी जी के साथ काम किया नीतीश जी उन्हें भारत रत्न मिलने पर उनके समाजवाद को लेकर बड़ी बड़ी बात कर रहे थे लेकिन यह भी नही भूलना चाहिए आज वे जिसके पाले में पहुंच गए है आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने ही जनसंघ के समय कर्पूरी ठाकुर को मुख्यमंत्री पद से हटाने का काम किया था। उन्होंने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि भारत रत्न क्यों दिया सम्मान के लिए नही बल्कि बीजेपी जो भी करती है वोटबैंक के लिए करती हैं।

उन्होंने कहा हमारी विचारधारा है सिद्धांत है एक जगह खड़े रहते है उससे डिगते नहीं है हमें किसी का डर नही हमारे पिता लालू जी है हमारी रगो में उनका खून है हम घबराते नहीं मुकाबला करने में विश्वास रखते हैं।

हम 17 महिने सरकार में रहे तो जो काम हमने किए उसका क्रेडिट क्यों न ले,जीतमराम माझी की विश्वसनीयता पर सबाल उठाते कहा जब पिछला सत्र चल रहा था तो नीतीश कुमार के नाराज होने पर माझी जी कहा था इन्हे गलत दवाई दी जाती रही इनका सही इलाज कराओ तेजस्वी ने कहा यदि नेतिकता है तो माझी जी इनका इलाज कराए नही तो अपने शब्द वापस ले लें।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को लक्ष्य बनाकर यह भी कहा आप ओल्ड पैंशन स्कीम बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और मजदूरों को स्वास्थ्य स्कीम में 5 लाख देने के लिए प्रयास करेंगे ऐसा मैं मानता हूं।

उन्होंने कहा हमारी विचारधारा है सिद्धांत है एक जगह खड़े रहते है उससे डिगते नहीं है हमें किसी का डर नही हमारे पिता लालू जी है हमारी रगो में उनका खून है हम घबराते नहीं मुकाबला करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष के साथ जाने वाले अपने विधायक नीलम देवी चेतन आनंद और प्रहलाद यादव को कहा जब कभी भी आप परेशान हो तो तेजस्वी को याद करना तेजस्वी आपके साथ खड़ा होगा।

नीतीश का तेजस्वी पर पलटवार, लालू राबड़ी के राज्य की याद दिलाई …

वही नीतीश कुमार ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा हम अलग हुए और 2005 से हमें बिहार में काम करने का मौका मिला और 9 महिने छोड़कर अभी तक बिहार के विकास और इसकी उन्नति के काम किए जबकि पहले इनके पिता और मां जब मुख्यमंत्री रही बिहार में महिलाएं रात में बशर नही निकल पाती थी शिक्षा का हाल बेहाल था आज क्या स्थिति है रात को।महिलाएं आराम से सुरक्षित आती जाती है हमने पहले जो हिंदू मुस्लिम के बीच होता था उस झगड़े को बंद करवाया, हमने समाज के उत्थान के लिए काम किया हमने फिर इनको मौका दिया लेकिन देखा कि इनके सभी विधायक मनमानी कर रहे है काम नहीं कर रहे इसलिए हम फिर से पुरानी जगह आ गए और अब कही नही जायेंगे तीनों पार्टियां बिहार की बेहतरी के लिए काम करेंगे उन्होंने लेफ्ट पार्टियों से पुराने संबंधों का हवाला देते हुए कहा चिंता न करें हम हर तबके का ख्याल रखेंगे। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि शिकायत मिली कि हमारे विधायकों को लालच दिया जा रहा था इनके पास इतना पैसा कहा से आया इसकी हम जांच कराएंगे।

बीजेपी नेता एवं डिप्टी सीएम में फाइल खोलने की दी चेतावनी …

डिप्टी सीएम एवं बीजेपी नेता विजय सिंहा ने सदन में कहा कि नेचर और सिग्नेचर किसी का कभी भी नही बदलता बिहार में गुंडाराज जंगलराज किसने फैलाया जनता जानती है उन्होंने तेजस्वी का नाम लेते हुए कहा जिन लोगों ने जमीन घोटाले किए चार चार विभाग अपने पास रखें उन लोगों को सत्ता जाने की बैचेनी है जबकि डिप्टी सीएम और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा भ्रष्टाचार की हर फाइल खोली जायेगी।

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बिहार में फ्लोर टेस्ट कल, नीतीश की हार होगी या जीत? विधायकों का गायब होना, क्या खेला होगा

Tejaswi and Nitish Kumar

पटना / बिहार में एनडीए गठबंधन की नीतीश कुमार की सरकार का फ्लोर टेस्ट 12 फरवरी सोमवार को है बड़ा सबाल है कि नीतीश कुमार फ्लोर टेस्ट में पास होंगे या फेल हो जाएंगे यदि फेल होते है तो एनडीए और खुद उनकी काफी किरकिरी होने वाली है यदि वह फ्लोर टेस्ट में बहुमत हासिल कर लेते है तो वह बिहार की राजनीति में फिर देदीप्यमान हो उठेंगे।

जेडीयू नेता नीतीश कुमार 28 जनवरी को आरजेडी और महागठबंधन से अलग हुए और एनडीए में शामिल होकर उन्होंने बीजेपी के समर्थन से फिर सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने जिस नेता ने इंडिया एलाइंस को खड़ा करने की पहल की और 28 दलों को एक मंच पर लेकर आए उन नीतीश कुमार के पाला बदल कर बीजेपी और एनडीए के साथ जाना इंडिया गठबंधन को करारा झटका कहा जायेगा। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पहले 5 फरवरी को फ्लोर टेस्ट के जरिए अपना बहुमत सिद्ध करने का समय दिया था लेकिन बाद मैं तारीख में तब्दीली हुई और अब उन्हें 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट देना है। लेकिन जब बिहार में नीतीश ने पाला बदला तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अभी खेला होना बाकी है तभी से कयास लगाए जाने लगे कि फ्लोर टेस्ट में नीतीश कुमार कही असफल तो नही हो जाएंगे।

बिहार के गणित पर नजर डाले तो बिहार में कुल 243 विधानसभा की सीटें है और 122 सीट का आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी है वर्तमान में जेडीयू पर 45 बीजेपी पर 75 और जीतनराम मांझी की पार्टी हम पर 4 विधायक है जबकि महागठबंधन की आरजेडी पर सबसे अधिक 79 कांग्रेस पर 19 और वामपंथी और अन्य पर 16 विधायक है इस तरह एनडीए पर 128 और महा गठबंधन पर 114 विधायक है। नीतीश सरकार को बहुमत सिद्ध करने में कोई दिक्कत नही आना चाहिए लेकिन विधायकों की गोलबंदी कुछ अलग ही संकेत दे रही है।

इन अटकलों को तब हवा मिली जब सबसे पहले कांग्रेस ने अपने 19 में से 17 विधायकों को अहमदाबाद रवाना कर दिया। इस तरह कांग्रेस के 2 विधायक गायब बताएं जाते है। लेकिन उससे अधिक आश्चर्य तब हुआ जब बीजेपी ने 10 और 11 जनवरी का प्रशिक्षण शिविर बताकर अपने विधायकों को बोध गया भेज दिया,अचरज इसलिये कि बीजेपी खुद को सबसे ज्यादा अनुशासित पार्टी बताती है बीजेपी जरूर प्रशिक्षण का नाम ले रही है लेकिन नीतीश सरकार बचाने के लिए उसे भी पहली बार अपने विधायकों की घेराबंदी करना पड़ रही है। जबकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के 2 विधायक बोधगया नही पहुंचे है जो बड़ी बात हैं।

इधर जेडीयू में भी हड़बड़ाहट साफ देखी जा रही है आनन फानन उसके नेता श्रवण कुमार ने नेतृत्व के निर्देश पर सभी विधायकों को एकजुट करने की गरज से अपने यहां एक सामूहिक भोज रखा लेकिन मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक उसमें जेडीयू के 5 से 6 विधायक नही पहुंचे अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक़ इस भोज से 9 विधायक गायब रहे। जबकि एक दिन पहले आज मंत्री विजय कुमार चौधरी के घर पर जेडीयू विधायकों की बैठक हुई जिसमें नीतीश कुमार भी शामिल हुए लेकिन बड़ी बात है कि इस बैठक में 45 में से 41 विधायक ही मौजूद रहे। जबकि आरजेडी ने भी अपने विधायकों की घेराबंदी कर डाली सभी विधायकों को तेजस्वी यादव ने बैठक के बहाने अपने निवास पर बुलवाया फिर सभी को 12 फरवरी सुबह तक वही रहने का फरमान सुनाया लेकिन बताया जाता है आरजेडी के भी 2 विधायक बैठक में शामिल होने नही पहुंचे।

इधर हम पार्टी प्रमुख जीतमराम माझी के बिहार में 4 विधायक है उन्होंने नीतीश सरकार में अपनी भागीदारी बड़ाने की बात कहकर मुश्किल पैदा कर दी है वे अब मंत्रिमंडल में दो मंत्री की मांग कर रहे है जबकि वे एक राज्यसभा भी चाहते है उन्हें चुनाव बाद का आश्वासन दिया गया है बताया जाता है वामपंथी नेता महबूब आलम माझी का दिल टटोलने गत रोज गए थे लेकिन उन्होंने फिलहाल महागठबंधन या आरजेडी को समर्थन देने से इंकार कर दिया है साफ है वह एनडीए में ही रहेंगे लेकिन इस दौरान वे अपने फायदे की जरूर सोच रहे हैं।

लेकिन इस बीच एक पैच और भी है वर्तमान में बिहार विधानसभा के सभापति अवध बिहारी चौधरी है जो आरजेडी पार्टी के है नीतीश कुमार कभी नहीं चाहेंगे कि उनके रहते फ्लोर टेस्ट हो जबकि महागठबंधन और आरजेडी चाहेगी कि वही फ्लोर टेस्ट करवाए। इससे लगता है कि नीतीश कुमार फ्लोर टेस्ट से पहले उन्हें हटाने के लिए मतदान कराने के लिये पहल कर सकते हैं।

बिहार में हो रहे इस उलटफेर के बीच बिहार की जनता के साथ पूरे देश की निगाहें 12 फरवरी पर लगी है कि नीतीश कुमार की सरकार रहती है यह फिर गिर जायेगी ? लेकिन यह भी हो सकता है कि जो विधायक बुलाने पर नही पहुंचे उनकी कुछ पारिवारिक या व्यक्तिगत परेशानियां हो सभी दगा देने वाले नही हो सकते। अब फैसला आने में कुछ घंटे शेष बचे है लेकिन इन सभी दलों और उसके नेताओं की धड़कने जरूर बड़ गई होंगी।

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सुबह नीतीश का इस्तीफा शाम को मुख्यमंत्री की शपथ, बीजेपी से जोड़ा आरजेडी से नाता तोड़ा, कहा मुक्ति मिली

Nitish Kumar Patna

पटना / बिहार में नाटकीय तौर पर बड़े फेरबदल के साथ नीतीश कुमार ने सुबह अपना इस्तीफा दिया और शाम को उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश ने आरजेडी से नाता तोड़ा और बीजेपी के साथ अपना फिर से नाता जोड़ लिया। नीतीश कुमार 9वी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने जबकि पहली बार वे 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। खास बात यह भी है कि इस सत्र में उन्होंने तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

पिछले तीन दिन से बिहार में राजनेतिक उथल पुथल जोरों पर थी लेकिन नीतीश कुमार चुप्पी साधे रहे उनके दल जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने शनिवार को कांग्रेस को जिम्मेदार बताते हुए इंडिया गठबंधन में जेडीयू नेता नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।

बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें विधायकों का समर्थन पत्र देने से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा था रविवार को जेडीयू की रणनीति साफ हो गई नीतीश कुमार सुबह 11 बजे राजभवन पहुंचे और उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा उसके बाद विधायक दल की बैठक में बीजेपी और जेडीयू के विधायकों ने ओपचारिक रूप से उन्हें विधायक दल का नेता चुना और उसके बाद करीब 11.30 बजे वह फिर राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया इस दौरान बीजेपी विधायक भी उनके साथ थे।

शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया और राज्यपाल ने नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई इस दौरान बीजेपी खेमे से प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिंहा दोनों को बिहार के डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई उनके अलावा 6 विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस तरह करीब डेढ़ साल बाद बिहार में एक बार फिर से डबल इंजन की सरकार काबिज हो गई। डिप्टी सीएम के साथ साथ विजय चौधरी, संजय झा, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, संतोष कुमार सुमन (हम), सुमत कुमार सिंह (निर्दलीय) ने मंत्री पद की शपथ ली।

इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने आरजेडी से नाता तोड़ने की सफाई देते हुए कहा हमने राज्यपाल से वर्तमान सरकार को समाप्त करने का आग्रह किया है आज से हम दोनों (आरजेडी) अलग हो गए है जितना काम हम कर रहे थे लेकिन वह कुछ काम ही नहीं कर रहे थे लोगों को तकलीफ थी हमने तो बोलना छोड़ दिया था। जबकि मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने मिडिया से चर्चा में कहा कि हम पहले भी एनडीए में थे बीच में चले गए थे अब जहां थे वहीं आ गए अब हमें मुक्ति मिल गई है आगे इधर उधर जाने का सवाल ही नहीं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार को बधाई दी और कहा कि बिहार के विकास के लिए एनडीए सरकार पूरी ताकत लगा देगी और बिहार में यह टीम पूरे समर्पण के साथ काम करेगी।

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मोजूद रहे थे उन्होंने बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेस में इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा पहले ममता ने पलीता लगाया पंजाब में आप देख ही रहे है अब बिहार में भी गठबंधन छिन्न भिन्न हो गया इस तरह इंडी गठबंधन जमीन पर उतरने से पहले ही बिखर गया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने पहले भारत जोड़ों यात्रा निकाली उसका कोई असर नहीं हुआ अब न्याय यात्रा निकल रही है जो अन्याय यात्रा बन गई है यह गठबंधन प्रॉपर्टी और परिवार का गठबंधन रह गया है। नड्डा ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में डबल इंजन की सरकार बनी है आगे अच्छे परिणाम आएंगे और बीजेपी जेडीयू के साथ एनडीए गठबंधन लोकसभा चुनाव में बिहार में पूरी 40 सीटें जीतेगा।

इधर कल तक नीतीश कुमार के खिलाफ ज्यादा कुछ कहने से विपक्ष के नेता गुरेज कर रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार आरजेडी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के निशाने पर थे उन्होंने कहा अभी उनके खुश होने का समय है लेकिन बिहार की जनता को लगातार नीतीश कुमार जो धोखा दे रहे है अगले चुनाव में जेडीयू खत्म हो जाएंगी इसका करारा जबान चुनाव में बिहार की जनता जरूर देगी।

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बिहार में खेला, नीतीश फिर पलटी मारने की फिराक में? बैठकों का दौर जारी, जेडीयू विधायक दल की बैठक 28 को

Nitish Kumar and Lalu prasad yadav

पटना/ बिहार में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और जिस तरह की ख़बरें बाहर आ रही है इससे लगता है बिहार में जल्द राजनेतिक फेर बदल होने वाला है राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पांचवी बार फिर पाला बदलने की फिराक में है और उनके एनडीए में शामिल होने की अटकलें तेज होती जा रही है लेकिन जेडीयू के एक विधायक में यह कह कर सनसनी फैलादी कि अगर नीतीश भाजपा के साथ जाते है तो जेडीयू पार्टी टूट जायेंगी। इधर आरजेडी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने की मुहिम में जुट गई है। अब नीतीश कुमार क्या एनडीए और बीजेपी के पाले में जाने के बाद मुख्यमंत्री बने रहेंगे ? और उनकी सरकार का क्या हश्र होगा यह यक्ष प्रश्न बन गया हैं।

शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में नीतीश कुमार पहले आ गए उसके बाद डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पहुंचे लेकिन वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बगल में बैठने की बजाय दूर बैठे करीब दोनों डेढ़ घंटे तक साथ रहे लेकिन कोई बातचीत नहीं हुई। उसके बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के बुलावे पर हुई टी पार्टी में तेजस्वी यादव नही पहुंचे, नीतीश कुमार के बगल में उनकी सीट खाली देखकर कुर्सी से उनके नाम की पर्ची हटाकर उस कुर्सी पर जेडीयू नेता अशोक चौधरी बैठ गए जिससे साफ होता है कि जेडीयू और आरजेडी में तल्खी बड़ती जा रही है दोनों नेता आज नजदीक बैठने को भी तैयार नहीं हैं।

दिल्ली में बिहार की सियासत को लेकर बीजेपी मुख्यालय पर बैठक हुई जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गृहमंत्री अमित शाह और बिहार के प्रभारी बीएल संतोष मोजूद रहे। यह बैठक समाप्त हो गई है। इधर पटना में नीतीश कुमार ने सीएम हाउस पर बैठक ली जेडीयू नेताओं की बैठक ली जबकि रावड़ी निवास पर आरजेडी की बैठक हुई जिसमें लालू प्रसाद यादव तेजस्वी यादव सहित अन्य नेता मोजूद रहे। जबकि कल शनिवार आरजेडी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है सूत्रों के मुताबिक़ बैठक के बाद आरजेडी अपने साथ के विधायकों की राज्यपाल के सामने परेड करा सकती है। जबकि शनिवार को शाम 4 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होना है जबकि 28 जनवरी को जेडीयू विधायक दल की बैठक आहुत की गई है।

जबकि दिल्ली से लौटे बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी का कहना है कि राजनीति संभावनाओं का खेल है जिसमें कोई भी चीज परमानेंट नही होती उन्होंने यह भी कहा जो दरवाजे बंद है उन्हें खोला भी जा सकता है उनके इस वक्तव्य से समझा जा सकता है कि अंदर खाने क्या चल रहा हैं।

इधर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि बिहार में क्या चल रहा है नीतीश कुमार और जेडीयू क्लीयर करें क्योंकि इस तरह की ख़बरों से इंडिया गठबंधन कमजोर होता है। जबकि आरजेडी सांसद मनोज झा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि नीतीश कुमार अपनी स्थिति साफ करें क्योंकि उनकी चुप्पी से कई तरह की अफवाह फैल रही है । बिहार कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम चंद मिश्रा कि कांग्रेस चाहती है कि मुख्यमंत्री आगे आकर पूरी परिस्थिति के बारे में राज्य की जनता को बताएं और पूरी स्थिति स्पष्ट करें,हम नजर बनाएं है और कांग्रेस सारे विकल्पों पर विचार कर रही है।

लेकिन इस सियासी हलचल के बीच पूरी कमान आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने अपने हाथों में ले ली है वह सभी विधायकों से खुद बात कर रहे है उनका प्रयास है कि नीतीश के पाला बदलने के बाद वह तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश करें और इसके लिए उन्हें 122 विधायकों का समर्थन चाहिए वह उसे इकट्ठा करे उनके हम पार्टी प्रमुख जीतमराम माझी से मुलाकात की भी खबरें है।

बिहार के सियासी समीकरण को समझें तो यहां विधानसभा की 243 सीटें है उनमें 78 बीजेपी जेडीयू 43 और हम पार्टी के 4 विधायक है जबकि आरजेडी पर 79 कांग्रेस 19 सीपीआई एमएल 12 और अन्य 6 विधायक है इस तरह यह सब मिल भी जाएं तो महागठबंधन पर कुल 116 विधायक होते है जबकि एनडीए पर फिलहाल 125 विधायक है और बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत होगी एनडीए के पास फिलहाल यह आंकड़ा है अब यदि आरजेडी जेडीयू में सेंध लगाती है और उसके कुछ विधायक उसके पाले में आते है तभी कुछ बात बन पाएंगी।

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पटनाबिहार

नीतीश के परिवारवाद पर बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज, जेडीयू आरजेडी में दरार के साथ नीतीश के एनडीए में जाने की अटकलें

Nitish Kumar

पटना / बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीति में परिवारवाद को हवा देने पर जेडीयू और आरजेडी में तनाव की स्थिति निर्मित होने की जानकारी सामने आई है जिससे सियासी पारा एकाएक ऊपर चढ़ गया और दोनों के बीच खटास की खबर आने लगी । साथ ही इंडिया गठबंधन में दरार पड़ने के अलावा नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने की अटकलें भी जोर पकड़ने लगी है। यह भी कहा जा रहा है अगले 48 घंटो में बिहार में राजनेतिक बदलाव होगा। लेकिन फिलहाल पुख्ता रूप से अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।

केंद्रीय सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रखर समाजवादी नेता स्व कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर भारत रत्न देने का ऐलान किया है इसको लेकर 24 जनवरी को जेडीयू के कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा था कि कुछ लोग परिवारवाद को बढ़ावा देते है और आगे बड़ते जाते है लेकिन कर्पूरी ठाकुर ने कभी ऐसा नहीं किया उन्होंने अपने परिवार को राजनीति में अहमियत नहीं दी और उनका मैंने भी अनुशरण किया है इनके इस बयान के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी ने नीतीश का नाम लिए बिना समझाइश देते हुए एक के बाद एक तीन ट्वीट किए और उन्हें घेरा, लेकिन फिर जल्द अपने ट्वीट्स को हटा भी लिया।

लेकिन नीतीश के बीजेपी के साथ जाने की अटकलों के बीच दूसरे दिन राजनैतिक उठापटक और तेज हो गई नीतीश कुमार ने अपने बिहार से बाहर के सभी कार्यक्रम निरस्त करते हुए पटना में सीएम हाउस पर एक बैठक की जिसमें जेडीयू नेता ललन सिंह सहित कुछ प्रमुख नेता और मंत्री शामिल रहे। बताया जाता है बाद में नीतीश कुमार ने डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी जो जेडीयू के ही है उन्हें अपना दौरा रद्द कर पटना आने को कहा है।

दूसरी तरफ आरजेडी ने भी अपने नेताओं और विधायकों की एक बैठक की जिसमें लालू प्रसाद यादव डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव प्रमुखता से मोजूद रहे। बताया जाता है जेडीयू नेता लालू प्रसाद यादव ने विधानसभा स्पीकर अवध बिहारी चौधरी से जो उन्हीं की पार्टी के है उनसे चर्चा की है।

बिहार में सियासी उठापटक की खबरों के बीच बीजेपी का सतर्क होना लाजमी था तो उसके नेता भी सक्रिय हो गए। अध्यक्ष जेपी नड्डा का 27 जनवरी का केरल दौरा रद्द हो गया और सभी भाजपा विधायकों को पटना बुला लिया गया है। जबकि बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी राज्यसभा सांसद सुशील मोदी पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी दिल्ली रवाना हो गए।

जानकारी मिली है कि दिल्ली में बिहार के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के घर आज शाम बीजेपी नेताओं की एक आवश्यक बैठक हुई है जिसमें बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया सहित बिहार से आए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सहित अन्य नेता शामिल रहे। इस बैठक के बाद गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर बिहार के बीजेपी नेताओं की बैठक हुई जो 1 घंटे 35 मिनट तक चली इस बैठक के बाद बिहार के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकसभा 2024 चुनावों को लेकर यह बैठक हुई है इसमें नीतीश कुमार के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है।

खास बात है जिस विमान में बिहार के बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी दिल्ली गए थे इसमें ही जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी भी सबार थे यह जानाबूझकर हुआ या इत्तफाक था यह कहना मुश्किल है हालाकि त्यागी ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में साफ किया की नीतीश कुमार का परिवारबाद पर बयान लालू यादव या सोनिया गांधी पर नही था बल्कि वह कर्पूरी ठाकुर के बारे में कह रहे थे। मीडिया ने लालू की बेटी के ट्वीट पर जब उनसे सबाल किया तो त्यागी ने कहा बच्चों की बातों को हम तबज्जों नही देते लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन को कोई आंच नहीं आने वाली उसमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।

जबकि बिहार के राजनैतिक हालात पर नीतीश सरकार के वित्त मंत्री एवं जेडीयू नेता विजय चौधरी ने कहा है कि सरकार में सब कुछ ठीकठाक है कोई परेशानी की बात नहीं हैं। कल गणतंत्र दिवस पर मैं बिहार शरीफ जा रहा हूं सब ठीक है तभी तो जा रहा हूं। वहीं आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी यही बात कही उन्होंने कहा हर दिन लालू प्रसाद यादव नेताओं के साथ बैठक करते है सरकार पूरी मजबूती के साथ युवाओं किसानों के हित में काम कर रही है बिहार की जनता जानती है कि तेजस्वी यादव काम के लिए जाने जाते हैं उन्होंने कहा सरकार भरोसे के साथ काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

जबकि बीजेपी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कुछ अलग ही कहा उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि नीतीश कुमार से बातचीत फायनल स्टेज पर चल रही है बिहार में दो तीन दिन में बड़ा बदलाव होगा।

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बिहार जातिगत जनगणना कराने वाला पहला राज्य बना, आंकड़े जारी, अत्यंत पिछड़े और पिछड़े 63, 13 फीसदी, यादव सबसे ज्यादा, हिंदू घटे मुस्लिम बड़े

Vivek Kumar Singh, Additional Chief Secretary, Bihar

पटना/ देश में बिहार जातिगत जनगणना कराने वाला पहला राज्य बन गया है गांधी जयंती के अवसर पर सोमवार को जातिगत जनगणना के आंकड़े सरकार ने घोषित कर दिए है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव, विवेक कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि बिहार की कुल जनसंख्या 13 करोड़ 7 लाख 91 हजार 310 है जिसके आधार पर की गई जातिगत जनगणना में अति पिछड़ों की तादाद 36.01 फीसदी पिछड़े वर्ग 17.12 फीसदी अनुसूचित जाति 19.65 फीसदी अनुसूचित जनजाति 1.68 फीसदी है जबकि अनारक्षित अर्थात सामान्य वर्ग 15 .52 फीसदी है। बिहार में एक जातिवर्ग में यादव सबसे अधिक 14.26 फीसदी है। उन्होंने बताया कि बिहार में की गई इस जातिगत जनगणना में 2 करोड़ 83 लाख 44 हजार परिवार शामिल है।

हिंदू घटे मुस्लिम बड़े …

जातिगत जनगणना के जो आंकड़े सरकार ने प्रस्तुत किए इसके मुताबिक कुल आबादी में 82 फीसदी हिंदू और 17.7 फीसदी मुस्लिम है जबकि 2011 की जनगणना की अपेक्षा हिंदू आबादी (82.7% थी ) घटी है जबकि मुस्लिम आबादी (16.9% थी) बड़ी है।

किस जाति की कितनी आबादी …

यादव सबसे अधिक 14.26 फीसदी, जबकि रविदास 5.2 फीसदी,कोईरी 4.2 फीसदी, ब्राह्मण 3.65 फीसदी राजपूत 3.45 फीसदी, मुसहर 3.08 फीसदी, भूमिहार 2.86 फीसदी, कुर्मी 2.8 फीसदी, मल्लाह 2.60 फीसदी, बनिया 2.31 फीसदी कायस्थ 0.60 फीसदी है।

किस धर्म की कितनी आबादी …

हिंदू 81.99 फीसदी, भूमिहार 17.7 फीसदी, ईसाई 0.057 फीसदी, सिंख 0.011 फीसदी बौद्ध 0.085 फीसदी, जैन 0.009 फीसदी, अन्य 0.127 फीसदी और जिनका कोई धर्म नहीं उनकी 0.0016 फीसदी आबादी बिहार में है।

जनसंख्या वितरण …

बिहार में कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है जिसमें से 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार 288 लोग बिहार में और 53 लाख 72 हजार 22 लोग बाहर रहते है जिसमें 6 करोड़ 41 लाख 31 हजार 990 पुरुष है और 6 करोड़ 11 लाख 38 हजार 460 हजार महिलाएं है जबकि बिहार में 1000 पुरुष पर महिलाओं की संख्या 953 है।

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बिहार

तेल पानी कभी एक नही हो सकते..लालू नीतीश की दोस्ती पर शाह का निशाना, नीतीश का जवाब इंडिया गठबंधन से घबराई है बीजेपी

Amit Shah at Bhopal

मधुवनी / बिहार के झंझारपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि तेल और पानी का मेल कभी नही हो सकता तेल पानी को गंदा जरूर कर देता है उन्होंने कहा आपने पीएम बनने के लिए जिस गठबंधन को बनाया है वह आपको ही डुबो देगा।

गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को बिहार के मधुवनी इलाके के झंझारपुर में बीजेपी की एक रैली को संबोधित कर रहे थे इस दौरान उन्होंने आरजेडी और जेडीयू गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ने घोटाले किए और नीतीश कुमार ने राज्य को अंधेरे में धकेल दिया है और आज बिहार में जंगलराज कायम है लूट और अपहरण आम बात हो गई है। उन्होंने कहा बिहार विकास में आज पीछे हो गया है एक केवल पीएम नरेंद्र मोदी ही है जिनके केतृत्व में ही बिहार का विकास हो सकता हैं।

उन्होंने कहा जिस तरह तेल में पानी मिलने से तेल का कुछ नही बिगड़ता लेकिन पानी जरूर गंदा हो जाता है वही हाल नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू का होगा मैं कहना चाहता हूं कि नीतीश बाबू आपने देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए जिस विपक्षी गठबंधन को बनाया है बह आपको ही ले डूबेगा। उन्होंने कहा आज इस गठबंधन के नेता सनातन और धर्म पर हमले कर रहे है लेकिन देश की जनता आगामी समय में जवाब जरूर देगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पलटवार …

इधर बिहार के मुख्यमंत्री ने बीजेपी और अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा बीजेपी के लोग आते है कुछ भी अंट शांट बोलते रहते है उनको इस तरह से बोलने की आदत पड़ गई है अब हम इनकी किसी भी बात पर ध्यान ही नही देते, बिहार का कितना विकास हुआ है वह नही जानते वह इससे परेशान है वही मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास किया और आज जो इंडिया गठबंधन बना है उससे यह अब घबराए हुए हैं।

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बिहार के अररिया में पत्रकार की गोली मारकर हत्या से सनसनी, विपक्ष ने नीतीश सरकार को घेरा

Journalisht shot dead in Arariya Bihar

पटना / बिहार के अररिया जिले में एक वरिष्ठ पत्रकार की उसके घर पर गोली मारकर हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है बताया जाता है मृतक अपने भाई की हत्या का एकमात्र गवाह था जिसे लगातार धमकियां दी जा रही थी लेकिन इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है और इस घटना के लिए विपक्ष उन्हें दोषी बता रहा है।

यह खूनी वारदात शुक्रवार को सुबह तड़के की है कुछ लोगों ने घर में सौ रहे विमल यादव को बाहर बुलाया और बातचीत के दौरान उन्हें गोली मार दी जो उनके पेट में लगी गोली लगने के बाद वह वही गिर गए वहीं फायरिंग करने वाले बदमाश फरार हो गए गोली की आवाज सुनकर उनके परिवार के लोग दौड़े आसपास से भी काफी भीड़ भी इकट्ठा हो गई। परिजन उन्हे अररिया के सादर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने चैकअप के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया जाता है पत्रकार विमल यादव जागरण अखबार में काम करते थे आज से 4 साल पहले इनके भाई शशिभूषण सिंह जो सरपंच थे उनकी भी गोली मारकर है हत्या की गई थी उस घटना के पत्रकार विमल यादव एक चश्मदीद गवाह थे जिसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही थी इस केस में दो तीन गवाही और बची थी।

अररिया थाना पुलिस ने इस हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला कायम कर लिया है और उनकी खोजबीन शुरू कर दी है।

खास बात है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना के 24 घंटे पहले ही अपराधों में कमी और कानून व्यवस्था में सुधार का दावा किया था लेकिन इस पत्रकार हत्याकांड से उनके दावे खोखले साबित हो गए। इधर इस घटना को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर है। लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष एवं सांसद चिराग पासवान ने इस हत्याकांड के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि बिहार में अपराध लगातार बड़ते जा रहे है और सरकार कानून व्यवस्था बनाएं रखने में पूर्णता नाकामयाब हो रही हैं। जबकि सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमने जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले को देखने के निर्देश दे दिये थे ।

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बिहार में जातिगत जनगणना पर लगी रोक हटी, पटना हाईकोर्ट का फैसला

Patna Highcourt

पटना/ पटना हाईकोर्ट ने प्रदेश में शुरू की गई जातिगत मतगणना पर लगाई अंतरिम रोक हटा दी है साथ ही इसको लेकर दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं जैसा कि बिहार की नीतीश सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश में जातिगत जनगणना शुरू कराई थी।

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में आर्थिक सामाजिक सर्वे के आधार पर जातिगत जनगणना शुरू की थी तीन चरणों में होने वाली यह जनगणना का पहले चरण शुरूआत 7 से 14 अप्रैल तक हुई थी उसके बाद दूसरे चरण में 15 अप्रैल से 15 मई तक की जब जनगणना शुरू हुई तो बीजेपी नेताओं ने पटना हाईकोर्ट में उसके खिलाफ एक याचिका दायर कर दी जिसपर अदालत ने उसपर अंतरिम रोक लगा दी थी लेकिन आज हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जातिगत जनगणना पर लगाई अंतरिम रोक हटाने का फैसला सुनाया है।

हाईकोर्ट के इस निर्णय का बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने स्वागत किया है और कहा कि यह बिहार की जनता और सरकार दोनों की जीत है उन्होंने कहा कि यह फैसला बिहार के गरीब और शोषितों के हित में है यह एक प्रगतिशील निर्णय है आर्थिक और सामाजिक सर्वे के आधार पर होने वाली जातिगत जनगणना से गरीबों के उत्थान और विकास को गति मिलेगी उन्होंने कहा बीजेपी बेवजह इसमें अडंगा लगा रही थी उन्होंने आरोप लगाया कि वह हमेशा से दोहरे मापदंड अपनाती रही है।

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पटना में 15 विपक्षी पार्टी एक साथ आई, बीजेपी को हराने मिशन 2024 का रोडमेप बनाने जुटे दल, अध्यादेश पर रुख साफ करे कांग्रेस कहा केजरीवाल ने

Opposition Meeting In Patna

पटना / बिहार की राजधानी पटना में आज विपक्षी नेताओं की बैठक हुई जिसमें 15 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने का रोडमेप तैयार किया गया करीब तीन घंटे चली बैठक में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के साथ सीट बटवारे को लेकर चर्चा हुई। संभावना है कि अगली बैठक 10 से 12 जुलाई के बीच शिमला में हो सकती है।

बैठक में 15 राजनीतिक पार्टियों के 22 नेताओं ने शिरकत की मीटिंग में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी एनसीपी नेता शरद पवार सांसद सुप्रिया सुले आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जेडीयू नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सांसद संजय झा जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे संजय राउत आदित्य ठाकरे सीपीआई के नेता डी राजा सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी सीपीआई (एमसी) दीपांकर भट्टाचार्य पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला तामिलनाडू के मुख्यमंत्री एवं डीएमके नेता एवं तामुलानाडू के सीएम एमके स्टालिन आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सांसद संजय सिंह आप नेता राघव चड्डा प्रमुख रूप से मोजूद रहे।

विपक्ष की यह बैठक सीएम आवास स्थित अणे मार्ग पर 12 बजे शुरू हुई बैठक के प्रारंभ में जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने बैठक का उद्देश्य और आपस में तालमेल कर केंद्र की मोदी सरकार को आगामी 2024 के चुनाव में कैसे हराया जा सकता है इसपर सभी पार्टियों के नेताओं से सुझाव मांगे उन्होंने कहा यदि हम एक रणनीति बनाकर चुनाव में उतरते है तो यह कार्य पूर्ण रूप से संभव हैं। इसके उपरांत कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे बैठक खास बात है बैठक के दौरान हुई बातचीत को गोपनीय रखा गया मीडिया को भी आयोजन स्थल से 200 मीटर दूर ही रोक दिया गया था

इससे पहले आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस नेता राहुल गांधी एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र आदित्य ठाकरे पटना पहुंचे राहुल गांधी और खड़गे का एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वागत किया इसके बाद यह दोनों प्रदेश मुख्यालय पहुंचे।

बिहार के कांग्रेस ऑफिस सदाकत आश्रम पर राहुल गांधी 7 साल बाद आए है इससे पहले वे 2015 में यहां आएं थे उनके बिहार आने और संबोधन करने से बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह और नई ऊर्जा का संचार होता दिखा इस मौके पर उन्होंने बिहार के कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है एक तरफ कांग्रेस की भारत जोड़ों की विचारधारा है दूसरी तरफ बीजेपी आरएसएस की भारत तोड़ो की विचारधारा है कांग्रेस वह पार्टी है जो हमेशा गरीब शोषितो वंचितो के साथ खड़ी है हम सब मिलकर बीजेपी को हराएंगे। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा बिहार देश का डीएनए है यही से देश की आजादी में महात्मा गांधी आंदोलन शुरू किया था और यहां से ही देश को पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद मिले थे। इससे पूर्व टीएमसी नेता ममता बनर्जी कह चुकी है कि सभी को अपनी महात्वकांक्षाए छोड़ना होंगी कोई भी अपना दबदबा ना बनाएं सभी को समानता मिले।

अध्यादेश पर समर्थन नहीं तो कांग्रेस के साथ नहीं बैठेंगे कहा केजरीवाल ने …

बैठक के बाद हुई ज्वाइंट प्रेस कान्फ्रेस से पहले ही आप नेता अरविंद केजरीवाल दिल्ली लौट गएं उसके बाद उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी सरकार के दिल्ली को लेकर अध्यादेश पर सभी पार्टियां ने हमारा समर्थन करने को अपनी सहमति दी है लेकिन कांग्रेस ने अभी तक अपना रुख साफ नही किया है यदि कांग्रेस अध्यादेश के विरोध में हमारा समर्थन नहीं करती तो हम अगली बैठक में कांग्रेस के साथ नही बैठेंगे।

नीतीश कुमार ने कहा अगली बैठक जल्द, कोन कहा से लड़ेगा चुनाव उसे अंतिम रूप देंगे…

मुख्यमंत्री आवास पर हुई ज्वाइंट प्रेस कान्फ्रेस में नीतीश कुमार ने कहा कि सभी नेताओं ने बहुत महत्वपूर्ण सुझाव और विचार रखे अगली बैठक जल्द की जायेगी जिसमें विपक्षी पार्टियों के मिशन को अंतिम रूप दिया जाएगा कि कोन कहा से और कैसे चुनाव लडेंगे।

पार्टियों में डिफ्रेसिज़ है लेकिन हम साथ खड़े है कहा राहुल गांधी ने …

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि हिंदुस्तान की नीव पर हमला हो रहा है बीजेपी आरएसएस आक्रमण कर रहे है मैंने मीटिंग में कहा हम सब एक साथ खड़े हैं सभी पार्टियों में थोड़ा थोड़ा डिफ्रेसिज है लेकिन हम एकजुट है और एकसाथ काम करेंगे और अगली मीटिंग में इसे और बढ़ाएंगे।

इस लड़ाई में अपना खून भी बहाना पड़े तो बहाएंगे कहा ममता बनर्जी ने …

टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने कहा कि पटना में जो बैठक का आयोजन हुआ उसे नीतीश जी ने बहुत ही अच्छे तरीके से अंजाम दिया पटना से ही जनआंदोलन शुरू होता है दिल्ली में कई बार मीटिंग हुई लेकिन उसका निष्कर्ष नहीं निकलता आज मीटिंग में तीन बाते तो क्लियर हुई पहला हम एक है दूसरा हम एकसाथ लड़ेंगे और तीसरा जो भी पोल्टिकल एजेंडा बीजेपी लाएं उसका हम सब मिलकर मुकाबला करेंगे। ममता बनर्जी ने यह भी कहा आज इतिहास का बड़ा दिन है यदि अपना खून भी बहाना पड़ा तो हम बहाएंगे।

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