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कांग्रेस ने हमारा प्रस्ताव नहीं माना, बंगाल में टीएमसी सभी 42 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी कहा ममता ने

Mamta Banerji

कोलकाता / पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस अब एकला चलो की नीति पर आ गई है आज टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि टीएमसी राज्य की सभी 42 सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ेगी। साफ है चुनाव से पहले सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और टीएमसी में दरार पड़ती दिखाई दे रही है। लेकिन कांग्रेस अभी भी आशावान है उसका कहना है मामला सुलझा लिया जायेगा।

इसी बीच आज ममता बनर्जी ने मीडिया से चर्चा में साफ कर दिया कि टीएमसी बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कांग्रेस के सामने जो प्रस्ताव रखा था उसका कांग्रेस ने कोई जवाब नही दिया। उन्होंने कहा इस बारे में मेरी कांग्रेस से कोई बात ही नही हुई है हमारी सेक्युलर पार्टी है मैं कोई झूठ नहीं बोलूंगी इसपर जो राजनीति कर रहे है वह गलत हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि गठबन्धन का नाम I.N.D.I.A उन्होंने ही रखा था लेकिन इसका श्रेय कोई और ले गया। उन्होंने कहा कांग्रेस न्याय यात्रा रैली निकाल रही है वह हमारे राज्य से भी गुजरेगी लेकिन कांग्रेस ने हमें कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि टीएमसी गठबंधन से अलग नहीं हो रही वह गठबंधन में बनी रहेगी।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया…

ममता बनर्जी के इस बयान के आने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि लंबे सफर में स्पीड ब्रेकर आना स्वाभाविक है ममता बनर्जी गठबंधन का अहम हिस्सा है और टीएमसी और ममता बनर्जी के बिना गठबंधन की कल्पना करना ही बेमानी होगा। हमारी बातचीत चल रही है कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे और बंगाल में इंडिया गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ेगा और इसमें सभी पार्टियां शामिल होंगी।

जबकि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि हम टीएमसी और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी को ठीक करेंगे उन्होंने कहा केरल और पंजाब एक अपवाद है यहां गठबंधन के सामने एक जैसी समस्या है उन्होंने कहा कि भारत जोड़ों न्याय यात्रा के लिए ममता बनर्जी को बाकायदा आमंत्रित किया गया था। खुद अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ममता सहित सभी दलों के नेताओं से बात की थी।

टीएमसी के इस निर्णय की असली बजह…

जैसा कि लंबे समय से टीएमसी और कांग्रेस में बंगाल में सीट शेयरिंग को लेकर बात हो रही थी । जबकि इससे पहले गठबंधन की बैठक में ममता बनर्जी ने 31 दिसंबर की डेड लाइन भी दी थी। कांग्रेस चाहती थी कि कुल 42 दिया में से उसे और बाम दलों को कमोवेश 10 से 12 सीटें दी जाए लेकिन ममता बनर्जी इसके लिए तैयार नहीं थी वह कांग्रेस को केवल उसकी वह दो सीटें ही देना चाहती थी जिसपर वर्तमान में उसके सांसद है जबकि बाम दलों को वह गठबंधन से बाहर रखना चाहती थी।

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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में भारी हिंसा, 18 की मौत, बम फैके, बेलेट पेपर फाड़े, आग लगाई पेटी लेकर भागे, 66 फीसदी मतदान, नतीजे 11 को

West Bengal Violence in Panchayat Election

कोलकाता/ पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान भारी हिंसा की खबर है इस दौरान बम फैंकने और बेलेट पेपर फाड़ने के साथ उनमें आग लगाने की घटनाएं हुई एक बूथ से एक युवक बेलेट बॉक्स लेकर भाग गया। इस हिंसा में 18 लोगों की मौत हो गई है। खास बात है प्रदेश में 1.35 लाख की तादाद में केंद्रीय एवं राज्य का सुरक्षा बल तैनात था इसके बाबजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और हिंसात्मक झड़पे जारी रही। गृहमंत्री अमित शाह ने इसके रिपोर्ट मांगी है। जबकि पंचायत चुनाव में करीब 66 फीसदी मतदान होने की खबर है। जबकि मतगणना 11 जुलाई को होगी।

पश्चिम बंगाल में कुल 87887 ग्राम पंचायतें है इनमें से 9013 पंचायतों में निर्विरोध चुनाव हुए जबकि आज 64874 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए, हाईकोर्ट के दखल देने पर बंगाल में केंद्रीय बलों की 600 कंपनिया तैनात की गई थी और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के तहत पूरे प्रदेश में 65 हजार का सेंट्रल फोर्स और जबकि 70 हजार का राज्य पुलिस और बल तैनात किया गया था।

शनिवार सुबह 7 बजे से चुनाव के लिए मतदान की शुरुआत हुई लेकिन राज्य के करीब 30 फीसदी इलाके में मतदान के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और झड़पो की खबर लगातार आने लगी थी। जबकि दोपहर 3 बजे तक 51 फीसदी मतदान भी हो चुका था।

प्रदेश के जो जिले हिंसा और आपसी टकराव से सबसे अधिक प्रभावित रहे उनमें केमिंग बाकुंडा बीरभूमि मालदा भांगड़ नदिया कूचबिहार मुर्शिदाबाद प्रमुख रूप से शामिल है यहां बेलेट पेपर लूट बेलेट पेपर फाड़ने और उन्हें जलाने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद मारपीट फायरिंग की घटनाएं हुई कूंचबिहार के माथभंगा ब्लॉक की हजराहट गोवन बूथ से एक युवक बेलेट बॉक्स लेकर ही भाग गया जबकि एक जगह आईएसएफ और टीएमसी कार्यकर्ताओ के बीच टकराव में बम फैंके जाने की खबर है आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगा हैं।

पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में अभी तक 18 लोगों के मारे जाने कीजानकारी मिली है जबकि प्रशासन ने 13 लोगों के मरने की पुष्टि की है लेकिन संख्या बड़ भी सकती है मरने वालों में तृणमूल कांग्रेस के 8 सीपीआई के 3 कांग्रेस और बीजेपी का एक एक का कार्यकर्ता मारा गया हैं। खास बात है पिछले चुनाव की तुलना में इस बार ज्यादा हिंसा हुई।

इस मामले में बीजेपी और टीएमसी ने एक दूसरे पर आरोप लगाएं है बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा यहां चुनाव के नाम पर मजाक हुआ बंगाल में लोकतंत्र खत्म हो गया है उन्होंने इस हिंसा के लिए ममता सरकार को दोषी बताया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग केंद्र से की है। जबकि गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार से बात की है और पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी हैं जबकि टीएमसी सांसद कुणाल घोष ने कहा है कि चुनाव के दौरान हुई हिंसा में सबसे अधिक टीएमसी कार्यकर्ता मारे गए है जिससे साफ है वह अन्य लोगों का शिकार हुए उन्होंने कहा कि भाजपा राज्यों में कही ज्यादा हिंसा हुई और हो रही है लेकिन भाजपा सरकार शांत बैठी है। टीएमसी नेता शशी पांजा ने इस हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार बताया है । राज्यपाल सीबी आनंद बोस ने कहा है कि चुनाव बैलेट से हो ना कि बुलेट से, लेकिन सबाल यह भी उठते है इतनी भारी तादाद में केंद्रीय और राज्य पुलिस और सुरक्षा बल के होने के वावजूद हिंसा नहीं रोकी जा सकी।

Image source: Twitter

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बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी का खजाना, अभी तक 50 करोड़ नगदी और 6 किलो सोना मिला, टीएमसी ने पार्थ को सभी पदों से हटाया

ED Raid

कोलकाता / पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी के भ्रष्टाचार से सभी हैरान है उनकी खासमखास अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर से आज नगदी और सोना मिलाकर करीब 30 करोड़ की समत्ति मिली है इस तरह अभी तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 50 करोड़ नगदी और 6 किलो गोल्ड बरामद किया है साफ है शिक्षक भर्ती में बड़ा घोटाला हुआ जबकि अर्पिता मुखर्जी ने ईडी के सामने कबूल किया कि पार्थ चटर्जी उसके घर को मिनी बैंक के रूप में उपयोग कर रहे थे। इधर तृण मूल कांग्रेस ने पार्थ चटर्जी से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया और उन्हे मंत्री सहित सभी पदों से हटा दिया हैं।

ईडी ने पश्चिम बंगाल में बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है उसे शिक्षक भर्ती घोटाले में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी जब उसने खोजबीन की और शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को शिकंजे में लिया तो उनकी खासमखास अर्पिता मुखर्जी तक ईडी पहुंची उनके यहां जांच करने पर पहले 21 करोड़ नगदी और 1 किलो सोना मिला था इसके बाद ईडी ने अर्पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसे दो अन्य घरों की जानकारी मिली ईडी आज बालघरिया टाउन क्लब स्थित फ्लैट पर पहुंची तो वह बंद मिला लेकिन ईडी ने उसका ताला तोड़ा और जब उसके अधिकारी कर्मचारी इस फ्लैट के स्लीपिंग रूम में पहुंचे और खोजबीन की तो दंग रह गए उसे वहां 2 हजार और 500 रूपयो का अंबार मिला साथ ही 5 किलो सोने के जेवर बिस्कुट और अन्य चीजे अलमारी के वार्ड रोब से बरामद हुई ईडी के सामने परेशानी थी कि इन रुपयों को गिने कैसे बाद में बैक से बैंककर्मी और 3 नोट गिनने की मशीनें मगाई तब जाकर उन नोट की गिनती हुई जो 27 करोड़ 90 लाख थे गोल्ड मिलाकर यह रकम 29 करोड़ थी। इस तरह अभी तक अर्पिता मुखर्जी के यहां से कुल 50 करोड़ नगदी और 6 किलो सोना मिला। साथ ही संपत्ति के कागजात भी ईडी ने फ्लैट से जब्त किए हैं।

ईडी ने अब पार्थो चटर्जी के निजी सचिव सुकांता आचार्य को भी तलब किया है जिससे उनके कई और राज खुलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा जबकि ईडी की पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने बताया कि मंत्री पार्थों चटर्जी उनके फ्लैट को एक मिनी बैंक के रूप में प्रयोग कर रहे थे उनके लोग पैसा लाते थे। अब ईडी अर्पिता के तीसरे फ्लैट की जांच करेगी ऐसी जानकारी सामने आई हैं।

बताया जाता है पार्थों चटर्जी ईडी के साथ सहयोग नहीं कर रहे और कहते है उन्हें कुछ याद नहीं वे नहीं जानते साथ ही उन्होंने अपने गिरफ्तारी वारंट पर भी दस्तखत नही किए।

इधर टीएमसी के महासचिव कुणाल घोष ने एक ट्वीट के जरिए पार्टी से मंत्री पार्थों चटर्जी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के साथ उन्हें सभी पदों से हटाने की मांग की है। उसके बाद आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली जिसमें उन्होंने सभी से इस मामले पर चर्चा की और पार्थों चटर्जी को मंत्री पद से हटाने के साथ पार्टी से निकालने की घोषणा की है इससे साफ है पार्टी ने उनसे पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया हैं।

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डाक्यूमेंट्री फिल्म “काली” के पोस्टर को लेकर विवाद, म.प्र. के भोपाल, रतलाम और असम में फिल्म डायरेक्टर लीना और बंगाल की सांसद महुआ मोहित्रा के खिलाफ FIR

Bengal MP Mahua Mohitra and Director Leena

भोपाल, कोलकाता/ डाक्यूमेंट्री फिल्म ” काली ” के पोस्टर को लेकर देश में भारी विवाद उठ खड़ा हुआ हैं इस फिल्म में मां काली को सिगरेट पीते हुए दर्शाया गया हैं इस फिल्म डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई के खिलाफ मध्यप्रदेश के रतलाम और भोपाल में और इस फिल्म का समर्थन करने वाली टीएमसी की सांसद महुआ मोहित्रा के खिलाफ मध्यप्रदेश के भोपाल और असम में FIR दर्ज हुई है आरोप है कि इन्होंने देश की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया है।

भोपाल में जागृत हिंदू मंच के संरक्षक दुर्गेश केसवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में फिल्म की डायरेक्टर लीना मणि मेकलाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है पुलिस ने उनकी रिपोर्ट पर धारा 295 A के तहत मामला दर्ज किया है जिसमें धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाया गया है। जबकि टीएमसी की सांसद महुआ मोहित्रा ने इस फिल्म का समर्थन में एक विवादित बयान दे दिया जिसको लेकर उनके खिलाफ भी भोपाल पुलिस ने धारा 295 A के तहत प्रकरण दर्ज किया है जबकि रतलाम में समाजसेवी एवं एडवोकेट प्रशांत ग्वालियरी ने स्टेशन रोड पुलिस थाने में इस फिल्म की डायरेक्टर लीना के विरुद्ध देश के लोगो की धार्मिक भावना भड़काने की शिकायत दर्ज कराई है जिसमे पुलिस ने धारा 153 A, 295 A, 504 के तहत मामला दर्ज किया हैं।

इसको लेकर फिल्म की डायरेक्टर लीना मणिमेकलाई ने कहा वह इस फिल्म में ऐसा कुछ नही दिखाया जो किसी की भावनाओं को चोट पंहुचाएं ।जबकि इस फिल्म को लेकर विवादित बयान देने वाली पश्चिम बंगाल की टीएमसी सांसद महुआ मोहित्रा के खिलाफ बंगाल सहित कई जगह प्रदर्शन हुए हैं। जबकि उनका कहना है कि मेने काली के पोस्टर को लेकर कोई बयान नहीं दिया जबकि मैं खुद मां काली की भक्त हूं और किसी से नहीं डरती मुझे लगता है आज देश में जो हो रहा है वह ठीक नही है मैं कभी भी माफी नहीं मांगूगी और कानूनी लड़ाई लडूंगी उन्होंने यह भी कहा मुझे बीजेपी के इस हिंदुत्व वाले भारत में नही रहना।

इधर टीरमसी ने सांसद मोहित्रा के विवादित बयान से पल्ला झाड़ लिया है। जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हमें सोच समझ कर अपनी बात करना चाहिए लेकिन जो काम करता है उससे गलती हो सकती हैं जिसे ठीक किया जा सकता है लेकिन आज देश में हर दिन नई नई रचनाएं हो रही है लेकिन मीडिया को उसपर बोलने की फुर्सत नही हैं।

इधर बीजेपी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से सांसद महुआ मोहित्रा पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की हैं।

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विख्यात फिल्मी सिंगर केके का निधन हार्ट अटैक से मौत की संभावना कोलकाता में कंसर्ट के बाद तबियत बिगड़ी पीएम सहित फिल्मी हस्तियों ने शोक जताया

KK Died at 53

कोलकाता – देश के जाने माने पार्श्व गायक केके उर्फ कृष्णकुमार कुन्नथ का आज 53 साल की उम्र में कोलकाता में निधन हो गया बताया जाता है कोलकाता में आयोजित एक कंसर्ट के बाद अचानक उनकी तबियत खराब हुई और वे नीचे गिर गये उसके बाद उन्हें पहले होटल ले जाया गया और उसके बाद तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नही जा सका। संभवतः हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। इस तरह केके अपने गाये गाने “बेखुदी दो पल की ,जिंदगी दो पल की… इंतजार कब तक हम करेंगे भला, तुम्हें प्यार हम कब तक करेंगे भला”… के साथ वे अलविदा कह गये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक फिल्मी हस्तियों और गायक कलाकारों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया हैं पीएम ने कहा केके के असामायिक निधन से मैं काफी दुखी हूं हम उन्हें उंनके गाये गानों के जरिये हमेशा याद रखेंगे और उनके चाहने वालों के प्रति में शोक संवेदना प्रकट करता हूँ।

तू ही मेरी शब है जुबा है तू ही मेरी दुनिया…,छोड़ आये हम यह दुनिया …ऐसा क्या गुनाह किया …कि लूट गये हम तेरी मोहब्बत में… यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन हैं … उनके इन हिट हिंदी फिल्मों के अलावा देश की कई भाषाओं कन्नड़ मलयालम तमिल तेलगू की फिल्मों में उन्होंने अपनी आवाज दी। उनके निधन पर फिल्मी दुनिया और उनके गीतों और उनकी आवाज को पसंद करने वालों में बेहद मायूसी छा गई हैं। केके का जन्म केरल के त्रिश्शूल में हुआ था। फिलहाल अस्पताल जहाँ उन्हें भर्ती किया गया था उंसके बाहर उनके चाहने वालों की काफी भीड़ देखी जा रही हैं।

उनके फ़िल्मी दोस्तों के मुताबिक केके बेहद सरल और सादगी पसंद इंसान थे और वे जुनून के साथ अपनी सिंगिंग में खो जाते थे साथ ही वे चमक दमक से दूर रहते थे उनके निधन पर फिल्मी संगीतकार और गायक अभिजीत भट्टाचार्य अनु मलिक दलेर मेहदी सलीम मर्चेंट इस्माइल दरबार गायक राहुल बैध ने गहरा शोक जताया हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि केके बड़े प्रतिभा शाली और बहुमुखी गायक थे उनके निधन से फिल्मी संगीत की एक बड़ी क्षति हुई हैं।

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बीरभूम हिंसा मामले में ममता घिरी, आग में जलकर बच्चों सहित मरे 8 लोग, कोलकाता हाईकोर्ट हुआ सख्त, ममता पीड़ितों से मिली, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा

Birbhum Voilence

कोलकाता – पश्चिम बंगाल के बीरभूम के गांव बोगटाई में सोमवार की रात बड़ी दर्दनाक घटना घटी यहां के घरों में रात के अंधेरे में आगजनी की गई जिसमें 3 बच्चों महिला सहित 8 लोगों की जलकर मौत हो गई बताया। इस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश जारी किये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने को कहा है जबकि आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटना स्थल पहुंची और पीड़ित परिवारों से मिली साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान भी किया। इस घटना को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप प्रत्यारोप की झड़ी लगने के साथ सियासत तेज हो गई है।

टीएमसी नेता की हत्या के बाद हिंसा, आग में जलकर 8 की मौत –

पिछले दिनों रामपुर हाट में टीएमसी नेता एवं उपप्रधान भालू शेख की हत्या के बाद सोमवार मंगलवार की दर्मियानी रात बीरभूम जिले के बोगटाई गांव में एक बाउंड्री बाल के अंदर के मकानों में आग लगादी गई जिसमें महिलाओं बच्चों सहित 8 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई । जिससे पीड़ित परिवारों का हाल बुरा है इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत व्याप्त हो गई और कई लोग घर छोड़कर चले गये।

बीजेपी की ममता के इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन की मांग –

हिंसा की यह घटना काफी बड़ी और लोमहर्षक थी एक तरफ पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।जबकि इसको लेकर बीजेपी और टीएमसी में आरोप प्रत्यारोपों की झड़ी लगी है और बीजेपी ने ममता बनर्जी का इस्तीफा मांगते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की हैं। इस घटना को लेकर बीजेपी ने संसद में हंगामा भी किया और बाद में संसद के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। इधर राज्यपाल जगदीप धनकड़ ने इस हिंसा की घटना को लेकर ममता सरकार को घेरते हुए अपनी चिंता व्यक्त की है और कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई हैं बीजेपी के मालदा सांसद मुर्मू का आरोप हैं कि बदले की भावना से इस हिंसक घटना को अंजाम दिया गया है जिसमें जिंदा लोगों को जलाकर मार दिया गया उन्होंने कहा बंगाल में रोजाना मर्डर हो रहे है और जनता में दबाब बनाया जा रहा है और हमारी टीम को जाने नही दिया जाता।

प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त किया कहा सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें –

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्धवार को कहा कि बंगाल के बीरभूम में घटी हिंसा की घटना काफी दुखद है मैं मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूँ उन्होंने कहा मैं आशा व्यक्त करता हूँ कि ममता सरकार जल्द दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी पीएम ने बंगाल की जनता को आव्हान कर कहा कि हिंसा को प्रोत्साहित करने वालों को भी माफ नही किया जा सकता।

जांच के लिये एसआईटी गठित, 22 गिरफ्तार

जबकि ममता बनर्जी से सरकार ने इस घटना को लेकर एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिये हैं जबकि पुलिस ने अभी तक 22 संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ कर रही हैं। साथ ही घटना स्थल की फॉरेंसिक जांच के साथ नमूने लिये गये है।जबकि रामपुर हाट के एसडीओपी को सस्पेंड कर दिया गया है

टीएमसी नेता रक्षामंत्री से मिले –

टीएमसी के नेताओ ने रक्षा मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें बीरभूम में घटी घटना की जानकारी देते हुए सरकार की कार्यवाही से अवगत कराया साथ ही राज्यपाल जगदीप धनगड़ पर घटना को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत की साथ ही टीएमसी ने उन्हें हटाने की मांग भी रक्षामंत्री से की हैं।

हाईकोर्ट का सख्त रुख –

इधर कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को 24 घंटे में घटना की स्टेटस रिपोर्ट देने के सख्त आदेश जारी किये है मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजश्री भारद्वाज की बैंच ने कहा है कि प्रशासन सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ कोई सबूत नष्ट ना होने दे साथ ही घटना के गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करें साथ ही जिसकी पीएम रिपोर्ट लंबित है उसकी वीडियोग्राफी करें कोर्ट ने मामले की जॉच में तेजी लाने के निर्देश भी राज्य सरकार को दिये है।

मुख्यमंत्री ममता पहुंची पीड़ितों के बीच की मुआवज़े की घोषणा –

इस हिंसा की घटना के दो दिन बाद आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रभावित परिवारों के बीच पहुंची और उनसे मिलकर उन्हें ढांढस दिया इस मौके पर उन्होनें मृतको के परिजनों को 5 -5 लाख के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नोकरी देने की घोषणा की साथ ही जो मकान जलकर स्वाहा हो गये उसके लिये 2 -2 लाख की मदद और घायलों को एक एक लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।

हिंसा की यह पहली घटना नही –

पश्चिम बंगाल में हिंसा की यह पहली घटना नही है यदि पिछली कुछ घटनाओं पर ही नजर डाली जाये तो स्थिति गंभीर है सन 2000 इसी बीरभूम के नानूर में 11 लोगों की हत्या हुई थी तो 2001 में 11 टीएमसी समर्थकों की हत्या की वारदात हुई 2007 में नंदीग्राम में खूनी संघर्ष में 10 लोगों की हत्या हुई तो 2007 में ही मेदिनापुर में 14 लोगों को मौत हुई और 2011 में बीरभूम में 8 लोगों की हत्या की घटना हुई थी। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद एक मासूम सहित 12 लोगो की मौत हिंसा में हुई थी।

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भवानी पुर सीट से ममता बनर्जी की जोरदार जीत, ममता ने चुनाव आयोग का आभार माना वोटरों को दिया धन्यवाद

Mamata Banerjee

कोलकाता – पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में ममता बनर्जी ने भारी जीत दर्ज की है उन्होंने अपनी प्रतिद्वन्दी बीजेपी की उम्मीदवार प्रियंका टिवरेवाल को 58,935 मतों से बुरी तरह पराजित कर यह जीत दर्ज की इस मौके पर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग का आभार मानते हुए वोटरों को धन्यवाद दिया है।

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट पर आज हुई मतगणना में ममता बनर्जी को कुल 85263 मत मिले जबकि बीजेपी प्रत्याशी प्रियंका टिवरेवाल को 26428 वोट मिले इस तरह ममता बनर्जी 58 हजार 835 के भारी अंतर से विजयी रही।

जीत की खबर के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने निवास से बाहर आई और टीएमसी कार्यकर्ताओ के जश्न में शामिल हुई इस मौके पर ममता बनर्जी ने समय पर चुनाव कराने पर चुनाव आयोग का आभार व्यक्त किया साथ ही इस जीत पर अपने समर्थकों को धन्यवाद भी दिया इस मौके पर उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ काफी षडयंत्र रचा गया उन्हें चोटिल कर दिया गया जिससे वह चुनाव नही लड़ सके ना ही चुनावी दौरे कर सके। जबकि बीजेपी प्रत्याशी प्रियंका टिवरेवाल ने इस जीत पर ममता बनर्जी को बधाई दी हैं।

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पश्चिम बंगाल में ममता को बड़ी राहत, तीन विधानसभा सीटों और उड़ीसा की एक सीट पर 30 सितंबर को चुनाव, 3 अक्टूबर को नतीजे

Election Commision

नई दिल्ली – चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में तीन विधानसभा औऱ उड़ीसा की एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है इस तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ी राहत मिल गई है चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की भवानीपुर, समसेर गंज और जंगीपुर विधामसभा सीट पर 30 सितंबर को चुनाव कराने की घोषणा की हैं। इसके अलावा उड़ीसा की पिपली विधानसभा सीट पर भी 30 सितंबर को चुनाव होंगे। जबकि पश्चिम बंगाल और उड़ीसा की विधानसभा सीटों के नतीजे 3 अक्टूबर को घोषित किये जायेंगे।

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इस तरह ममता बनर्जी अब किसी सीट से चुनाव लड़कर जीत हासिल करती है तो वह अपने मुख्यमंत्री पद पर बनी रहेंगी। क्योकि बिना विधानसभा सदस्य बने उनके पद पर संवैधानिक तलवार लटकी थी। बताया जाता है ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ सकती है। इस तरह ममता बनर्जी का विधानसभा पहुंचने का रास्ता साफ हो गया हैं।

बीजेपी को झटका, विधायक सोमेन राय टीएमसी में शामिल –

इधर पश्चिम बंगाल में बीजेपी को आज फिर बड़ा झटका लगा है कालियागंज से बीजेपी के विधायक सोमेन राय आज बीजेपी छोड़कर टीएमसी में शामिल हो गये आज उन्होंने टीएमसी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले तीन अन्य विधायक बीजेपी छोड़कर टीएमसी में शामिल हो चुके है इस तरह राय के जाने से बीजेपी को पश्चिम बंगाल में चौथा झटका लगा हैं।

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प. बंगाल में बीजेपी की मुसीबतें बढ़ी, राज्यपाल की बैठक से 24 विधायक गायब, कई विधायक टीएमसी के संपर्क में

TMC and BJP

कोलकाता- पश्चिम बंगाल में हार के बाद बीजेपी की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही हैं राज्यपाल के साथ बैठक में 24 विधायकों के नदारद रहने और उनके बापसी के प्रयासों के चलते टीएमसी के संपर्क में होने की खबरों ने बीजेपी की नींद हराम कर दी हैं।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सत्ता तो हासिल नही कर पाई लेकिन 3 सीटों से 74 विधानसभा सीटें लेकर पहली बार मजबूत स्थिति में आ गई थी लेकिन चुनावों के पहले टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को ज्यादा तवज्जो मिलने और उन्हें बीजेपी हाईकमान के नेता प्रतिपक्ष बनाना कुछ लोगों को रास नही आया तो कुछ सत्ता नही मिलने से भी कई परेशान हो गये।इस दौरान 2017 में बीजेपी में शामिल हुए मुकुल राय ने पार्टी छोड़ी और उन्होंने घर बापसी करते हुए फिर टीएमसी का दामन थामा और ममता बनर्जी में विश्वास जताया और बीजेपी में जाना अपनी बड़ी भूल बताया।

उसके बाद कोलकाता स्थित तृणमूल भवन के पार्टी दफ्तर पर बीजेपी में चुनाव से पहले शामिल सैकडों बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी और पार्टी से माफी मांगते हुए फिर टीएमसी में लौटने की इच्छा जताते हुए धरना दिया संभवता राजनीति में यह दृश्य पहले कभी सामने नही आया , वही साथ लिये बेनर पोस्टरों पर इन कार्यकर्ताओं ने माना बीजेपी में जाना उनकी सबसे बड़ी भूल थी इतना ही नही उन्होंने पूरे शहर में सार्वजनिक तौर पर एनाउंस कर खेद भी व्यक्त किया।

लेकिन सबसे बड़ा झटका बीजेपी को तब लगा जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी विधायक दल राज्यपाल जगदीप धनकड़ से मिलने राजभवन पहुंचा बीजेपी विधायकों की राज्यपाल के साथ यह बैठक बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस अत्याचार उत्पीड़न के विरोध में कार्यवाही को लेकर थी लेकिन इस बैठक में बीजेपी के पूरे विधायक नही थे कुल 74 में से 50 विधायक ही मौजूद थे इस तरह 24 विधायक नदारद थे जो बड़ी बात थी ।खास बात यह भी है कि यह लगभग सभी 24 विधायक टीएमसी में लौटने की जुगत में लगे हैं और बताया जाता है कि यह सभी टीएमसी के संपर्क में भी हैं।

जैसा कि विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर 30 विधायक बीजेपी में शामिल हुए थे लेकिन इसमें से 18 को बीजेपी ने टिकट दिया जिसमें से 5 विधायक का चुनाव जीते थे। लेकिन जिन 12 विधायकों को बीजेपी ने टिकट नही दिया वह चुनाव से पूर्व ही टीएमसी में लौटने के प्रयास शुरू करते रहे।

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कोलकाताबंगाल

मुकुल राय की घर वापसी, बीजेपी को अलविदा कर टीएमसी में शामिल, बीजेपी को बड़ा झटका, ताश के पत्तों की तरह बिखरेगी बीजेपी: ममता

Mukul Roy

कोलकाता – बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिग्गज नेता मुकुल रॉय आज घर बापसी कर फिर से टीएमसी में लौट आये है आज दोपहर मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पार्टी दफ्तर में मिले और फिर से टीएमसी ज्वॉइन की जैसा कि लंबे समय से वे बीजेपी ने उन्हें हासिये पर डाल रखा था जिससे वे खुद को काफी आहत महसूस कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा उसमें शोषण ज्यादा है और जल्द बंगाल में बीजेपी ताश के पत्तो की तरह बिखर जायेगी।

घर से रवाना होने से पहले मुकुल राय ने मीडिया को खुद यह जानकारी दी कि वे तृणमूल भवन जा रहे है पार्टी दफ्तर पहुंचने उनकी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात हुई इस मौके पर अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे इस दौरान मुकुल की ममता बनर्जी से एक कमरे में बातचीत हुई बाद में प्रेस कांफ्रेंस के जरिये ममता बनर्जी ने औपचारिक रूप से बीजेपी नेता मुकुल रॉय को पार्टी की सदस्यता दिलाई और पार्टी में उनका स्वागत किया इस मौके पर उनके साथ उनके बेटे शुभांशु राय भी टीएमसी में शामिल हुए हैं।

प्रेस कांफ्रेंस में सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी सामान्य लोगों की नही बल्कि बड़े लोगों की पार्टी है वह सत्ता पाने के लिये किसी का भी अपमान भी कर सकती हैं और शोषण भी कर सकती है मुकुल रॉय को भय दिखा कर बीजेपी अपने साथ ले गई थी लेकिन मुकुल रॉय ने कभी भी हमारी पार्टी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नही की वे बीजेपी में संतुष्ट नही थे इसलिये फिर लौट कर अपनी पुरानी पार्टी टीएमसी से जुड़े हैं और उनको सम्मान जनक पद दिया जायेगा।जबकि ममता ने यह भी कहा कई और लोग भी टीएमसी में आ सकते है और बीजेपी बंगाल में जल्द पत्तों की तरह बिखर जायेगी।लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि गद्दारों को पार्टी में कोई जगह नहीं मिलेगी।

जबकि मुकुल रॉय ने कहा कि बंगाल एकबार फिर अपनी पुरानी जगह लौट रहा है वह पार्टी को और मजबूत बनाने के लिये पूरे प्रयास करेंगे उन्होंने एक सबाल पर कहा कि बीजेपी में रहते वह काम नही कर पा रहे थे और खुद को काफी बेबस पाते थे।

टीएमसी के फाउंडर मेम्बर रहे मुकुल रॉय 2017 में बीजेपी में गये थे लेकिन पूरे चार साल बाद उनका बीजेपी से मोहभंग हो गया, जबकि 2019 के संसदीय चुनाव में उंन्होने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बीजेपी को 18 लोकसभा सीटों के साथ पहली बार बंगाल में अच्छी सफलता भी दिलाई उन्हें पार्टी उपाध्यक्ष भी बनाया गया, लेकिन पार्टी में उनके प्रतिद्वन्दी समझे जाने वाले दिलीप घोष के पश्चिम बंगाल का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनको अलग थलग कर दिया गया और को तवज्जों देना ही बंद करदी गई उनकी दिलीप घोष से पटरी नही बैठी राही सही कसर हाल के विधानसभा चुनावों से पहलेशुभेंदु अधिकारी के पूरे जोशखरोश साथ बीजेपी में आने और चुनाव के बाद हाईकमान व्दारा उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाने ने पूरी कर दी।

इस तरह हासिये पर डाले जाने से मुकुल रॉय काफी आहत हो गये उन्हें बीजेपी में रहना ही बेमानी लगने लगा खबर तो यह भी हैंकि विधानसभा चुनाव से पहले ही वे टीएमसी में लौटना चाहते थे लेकिन किन्हीं कारणोंवश ऐसा नही हो सका साथ ही पिछले काफी दिनों से उनके बीजेपी छोड़ने और टीएमसी में लौटने के के कयास लगाये जा रहे थे इस बीच उनकी बीमार पत्नी को देखने ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी अस्पताल भी गये थे जिससे इस बात को बल मिला। जैसा कि वर्तमान में मुकुल राय खुद बीजेपी के विधायक भी हैं।

लेकिन एक दिन पहले कांग्रेस के जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने को अच्छी खबर माना जा रहा था लेकिन पश्चिम बंगाल में बीजेपी को आज उतना ही बड़ा झटका लगा है जिसने पश्चिम बंगाल में अपने एक दिग्गज नेता को खो दिया, उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर बीजेपी जितिन प्रसाद को जोड़कर फिलहाल फायदे में है लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता हैं।

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