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इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन और अदालतों पर किया हमला, पुलिस अश्रुगैस छोड़ी 10 घायल, इंफाल में लगा कर्फ्यू

Manipur Violence Shots

इंफाल/ मणिपुर में एक समुदाय ने गिरफ्तार 5 लोगों को छोड़ने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस थानों और अदालतों पर भी हमला बोल दिया पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए टियर गैस छोड़ने के साथ स्टंट बम का इस्तेमाल किया जिससे 10 लोग घायल हो गए है। इस प्रदर्शन के बाद इंफाल में कर्फ्यू लगा दिया गया हैं।

मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही पिछली 8 सितंबर को टेगनोपोल के पल्लोल में हुई हिंसा में 3 लोग मारे गए और 50 लोग घायल हुए थे उसे बाद 12 सितंबर को कांगपोकपी में एक हथियारबंद लोगों व्दारा की गई फायरिंग में 3 लोगों की मौत हुई थी इस मामले में 16 सितंबर को पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था उनके पास से वे हथियार भी बरामद हुए जो मई में पुलिस थानों से लूटे गए थे।

इस गिरफ्तारी के विरोध में इंफाल में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आएं और प्रदर्शन के दौरान उन्होंने तीन चार पुलिस थानों और अदालतों पर भी हमला बोल दिया, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल भी मैदान में उतर गया जिससे दोनों के बीच गहरी झड़प हो गई पुलिस ने उन्हें रोकने के साथ खदेड़ने के लिए पहले अश्रु गैस के गोले छोड़े लेकिन पीछे नहीं हटने पर उनपर स्टंट बम भी चलाए जिससे 10 से अधिक लोग घायल हो गए है।

इस घटना के बाद इंफाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है जबकि उसके दो जिलों में पहले दी गई ढील भी समाप्त कर दी गई हैं।

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देशराजस्थान

राजस्थान के भरतपुर में भीषण सड़क हादसा, खड़ी बस में ट्रेलर ने पीछे से मारी टक्कर, 12 की मौत कई घायल, धार्मिक यात्री थे बस में

Road Accident at Rajasthan Highway

भरतपुर/ राजस्थान के भरतपुर में सड़क पर खड़ी एक यात्री बस में तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रेलर ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी इस भीषड़ सड़क हादसे में 12 बस यात्रियों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए है जिन्हें वहां पहुंची पुलिस ने इलाज के लिए आरबीएम अस्पताल में भर्ती करा दिया है।

बताया जाता है गुजरात के भावनगर से गत 9 सितंबर को स्थानीय करीब 40 लोग धार्मिक यात्रा पर निकले थे आज सुबह यह इनकी बस पुष्कर के दर्शन करने के बाद मथुरा वृंदावन धाम जा रही थी तभी बस के पेट्रोल का पाईप फट गया बस ड्राईवर ने बस को रोककर सड़क के किनारे खड़ा कर दिया और बस से उतरकर जांच करने लगा इस बीच बस में सवार अन्य यात्री भी नीचे उतर आए और आसपास खड़े होकर देखने लगे तभी बस के पीछे से तेज गति से आ रहे एक ट्रेलर ट्रक ने खड़ी बस में जोरदार टक्कर मार दी जिसकी चपेट में आने से मौके पर 12 लोगों की ट्रेलर से कुचलकर मौत हो गई साथ ही बस के अंदर और बाहर भी कई लोग घायल हो गए चीख पुकार मचने के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

उक्त बस में सवार एक बुजुर्ग यात्री ने बताया की इस आकस्मिक घटना के बाद हड़कंप मच गया लेकिन स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस तुरंत ही घटना स्थल पर आ गए थे और उन्होंने समय पर घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया साथ ही अन्य मदद भी उपलब्ध करा दी जिससे लोगों को काफी राहत मिली।

इधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों को उचित इलाज का भरोसा दिया है साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों के साथ हुई इस घटना को दुखद बताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही पीएमओ ने मृतकों के परिजनों को 2 ..2 लाख का मुआवजा और घायलों को 50 ..50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

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दिल्लीदेश

वैश्विक आम राय के साथ G 20 समिट का समापन,मजबूत संतुलित समावर्ती विकास का संकल्प,दिल्ली घोषणा पत्र पर लगी मुहर

G20 Members at Rajghat

नई दिल्ली / भारत की अध्यक्षता में होने वाली दो दिवसीय G 20 समिट के दो दिवसीय कार्यक्रम समापन हो गया कई मायनों में उपलब्धियों से भरे इस वैश्विक सम्मेलन का मूल मंत्र एक धरती एक परिवार और एक भविष्य के साथ साथ मजबूत टिकाऊ संतुलित और समावर्ती विकास का रहा। अगले G 20 सम्मेलन की अध्यक्षता का दायित्व ब्राजील के राष्ट्रपति को पीएम नरेंद्र मोदी ने इस समिट का हैमर देकर सौंपा।

भारत की राजधानी दिल्ली में होने वाले इस G 20 के शिखर सम्मेलन में 19 देशों के राष्ट्राध्यक्ष सहित विश्व के करीब 10 मेहमान देशों और यूरोपियन यूनियन के सदस्य इसमें शामिल हुए इस दौरान अफ्रीकन यूनियन को G 20 का सदस्य भी बनाया गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले इस G 20 सम्मेलन का भारत शानदार मेजबान रहा। साथ ही अमेरिका ब्रिटेन सहित अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भारत के निष्पक्ष नेतृत्व की सराहना की साथ ही इस समिट में सभी देशों की बाजिव चिंताओं को भी प्रमुख रूप से जगह मिली और इस तरह वैश्विक आमराय के साथ G 20 समिट बिना किसी व्यवधान के सफलता के साथ संपन्न हो गई।

जहां तक उपलब्धियों की बात करें तो पहले दिन भारत के दृष्टिकोण से सबसे बड़ी उपलब्धि और कामयाबी दिल्ली घोषणा पत्र पर सभी देशों की सहमति बनी इस ज्वाइन स्टेटमेंट पर बनी स्वीकृति का ऐलान दूसरे सत्र में खुद पीएम श्री मोदी ने किया। इसके अलावा रूस यूक्रेन के युद्ध का मुद्दा हावी नहीं रहा।

इस समिट में ईधन पर्यावरण व्यवसाय प्रमुख मुद्दा रहा जिसके तहत एक और फ्यूल ब्लेंडिंग डवलप करने पर काम करने पर सहमति बनी इथोनॉल ब्लेंडिंग को ग्लोबल स्तर पर 20 प्रतिशत पर ले जाने पर पहल करने की बात हुई, बायो फ्यूल को तवज्जो देने का भी निर्णय लिया गया जिसके तहत पेड़ पौधों अनाज शैवाल भूसी फूड बेस्ट से बायो फ्यूल बनाने पर आम राय बनी। साथ ही भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच आर्थिक कॉरीडोर के निर्माण को अंतिम रूप दिया गया।

भारत के मुंबई से पश्चिम एशिया होते हुए यूरोप तक का यह करिश्माई कॉरीडोर भारत और यूरोप को पास लायेगा जो रेल यातायात से प्रारंभ होकर यूरोप में समुद्री मार्ग से जुड़ेगा और शिप के माध्यम से आगे बड़कर अंतिम पड़ाव तक पहुंचेगा। रेल और शिप के गठजोड़ के इस कॉरीडोर के बनने से व्यापार सस्ता होगा और खर्च में कमी आयेगी चूकि इसमें सभी G 20 के देश अपना अपना दायित्व निभाएंगे जिससे चीन से कर्ज लेकर जाल में फंसने से मित्र देश बच जायेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा इस वैश्विक सम्मेलन में कल्याण की कामना के साथ आशा और शांति का संचार हुआ है जिसने एकजुटता को बल प्रदान करने के साथ सबका साथ सबका विश्वास की भावना को बढ़ाया है। उन्होंने कहा अभी नवंबर तक हमारे पास वक्त है मेरा सुझाव है कि हमने जो निर्णय लिए जो सुझाव इस समिट में लिए है उनपर हम एक वर्चुअल सेशन रखे और उन सभी विषयों की समीक्षा करे। इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति सहित अन्य प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षो से व्दिपक्षीय वार्ता भी की जिसमें एक दूसरे देश को आपसी सहयोग और अपनी जरूरतों को पूरा करने पर सहमति बनाई।

रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित सभी देशों के राष्ट्रपति राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षरा सुनक अक्षर धाम मंदिर भी पहुंचे और उन्होंने दर्शन के साथ पूजा अर्चना की।

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खेलदेश

वन डे वर्ड कप के लिए इंडिया टीम घोषित, रोहित कप्तान हार्दिक उपकप्तान, 5 अक्टूबर से विश्व कप की शुरूआत

Cricket World Cup Trophy 2023

कैंडी/ वन डे वर्ड कप टूर्नामेंट के लिए आज टीम इंडिया की घोषणा हो गई है 15 सदस्यीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा होंगे जबकि हार्दिक पांड्या को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है जैसा कि 5 अक्टूबर से भारत में शुरू होने वाले इस विश्व कप में भारत का पहला मुकाबला 8 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया से होगा।

बीसीसीआई के चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर ने आज श्रीलंका के कैंडी में भारतीय टीम का ऐलान किया इस अवसर पर रोहित शर्मा भी मोजूद थे।15 सदस्यीय इंडिया टीम में रोहित शर्मा शुभमन गिल विराट कोहली, शेयांश अय्यर, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव ईशान किशन हार्दिक पांड्या रविंद्र जड़ेजा शार्दुल ठाकुर अक्षर पटेल जसप्रीत बुमराह ,मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज शामिल हैं।

भारत में होने वाले इस एक दिवसीय विश्व कप की शुरूआत 5 अक्टूबर से होगी लेकिन भारत का पहला मुकाबला 8 अक्टूबर को चेन्नई के चैपल मैदान पर काफी तगड़ी टीम आस्ट्रेलिया से होगा जबकि टीम इंडिया को इस बार वर्ड कप की जीत का प्रबल दावेदार बताया जा रहा हैं।

भारतीय टीम में कुछ अच्छाईयां है तो कुछ कमियां भी शामिल है रोहित शर्मा शुभमन गिल और विराट कोहली बेहतर टॉप ऑर्डर बल्लेबाज है लेकिन उसके बाद शेयश अय्यर केएल राहुल और सूर्य कुमार को बल्लेबाजी के लिए आना है लेकिन अय्यर और राहुल इंजुरी और खराब फिटनेस से जूझते रहे है जबकि सूर्य कुमार का वन डे एवरेज सिर्फ 25 है जो काफी कम हैं। जबकि तीन ऑल राउंडर हार्दिक पांड्या रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल है जो टीम को मजबूती दे सकते है लेकिन अंतिम बल्लेबाजी काफी कमजोर है कुलदीप यादव मोहम्मद शमी जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज बोलिंग में तो काफी बेहतर है लेकिन बेटिंग में अभी तक कमजोर ही साबित हुए हैं। इसके अलावा भारत पर लेफ्ट आर्म पेज बॉलर, ऑफ स्पिनर नही है साथ ही प्रोपर लेग स्पिनर की भी कमी है।

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देशहिमाचल प्रदेश

हिमाचल में भारी तबाही बारिश ने 50 साल का रिकार्ड तोड़ा, 55 की मौत 30 लापता, सैकड़ों पर्यटक फंसे, उत्तराखंड में भी कहर जारी, गंगा का रौद्र रूप

Heavy Flood in Himachal Pradesh

शिमला / हिमाचल प्रदेश में भीषण बारिश और बाढ़ ने सबकुछ तहस नहस कर दिया है बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन से पिछले 72 घंटे में 55 लोगों की मौत हो चुकी है 30 से अधिक लोग लापता है जबकि 12 सौ सड़क मार्ग बंद है सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। यही हाल उत्तराखंड का है यहां भी हालात काफी खराब है धार्मिक यात्राओं पर रोक लगा दी गई हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश के चलते 18 अगस्त तक एलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन से हालत बद से बदतर हो गए है अभी तक मंडी में 14 लोगों की शिमला में 12 सोलन में 10 सिरमोर में 4 कोंगड़ा और हमीरपुर में एक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 45 लोगों की मौत हो गई है। तीन दिन में कुल 55 की मौत बाढ़ और भूस्खलन से हो चुकी है सोलन मंडी में दो बार बादल फटने की आसमानी घटना हुई। जबकि इस सैलाब के दौरान कई पुल पुलिया बह गए साथ ही 600 साल प्राचीन महल ढह गया। प्रभावित क्षेत्रों के सभी स्कूल कॉलेज फिलहाल बंद कर दिए गए है। जबकि शिमला में कालका शिमला का रेल्वे ट्रेक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है 500 फीट ऊपर एक हिल पर स्थित ट्रेक के नीचे से कई फीट जमीन की मिट्टी धसकने से रेल्वे ट्रेक अधपर लटक गया और रेल्वे आवागमन अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गया हैं।

शिमला के समरहिल पहाड़ी पर स्थित एक शिव मंदिर सोमवार सुबह 7 बजे भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गया सोमवार होने से वहां पूजा के लिए 30 से 35 लोग इकट्ठा थे उसके मलबे में दब गए तो काफी लोग मलवे के साथ नीचे गिरे जिसमें से 3 बच्चों सहित 15 शवों को निकाल लिया गया है अन्य की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अभी भी 20 लोग लापता है जिनके बचने की उम्मीद ना के बराबर है।

हिमाचल प्रदेश में डेढ़ महिने पहले जुलाई में भी भारी बारिश और भूस्खलन हुआ था जिसमें 199 लोगों की मौत हुई थी भू एवं जियोलॉजीकल विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार हिमाचल में भू स्खलन की घटनाएं बड़ी है पिछले डेढ़ माह में करीब 90 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी है इसकी बड़ी वजह हिमाचल के पहाड़ों का यंग होना है अर्थात पहाड़ों की मिट्टी पर पकड़ मजबूत नहीं रही है जिससे वह भारी बारिश का दबाव सहन नहीं कर पाती साथ ही चट्टानों के बीच दरारें आ जाने से उसमें पानी भी रिस रहा है ऐसे में जमीन में जरा सी हलचल होने से यह टूटकर गिर रहे है हिमाचल में करीब 17 हजार भूस्खलन क्षेत्र चिंहित हुए हैं।

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और हालत की जानकारी लेने के साथ राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया इस मौके पर उन्होंने कहा पिछले 50 सालों में ऐसी त्रासदी नही हुई जिसके चलते स्वतंत्रता दिवस के सभी आयोजन निरस्त कर दिए गए है केवल ध्वजारोहण होगा सरकार के मुताबिक इस साल जान माल का भारी नुकसान हुआ है करीब 7170 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ हैं। साथ ही संभावित खतरे के मद्देनजर चार धाम यात्रा पर रोक लगा दी गई हैं।

जबकि उत्तराखंड भी तेज बारिश और बाढ़ का कहर जारी है अलकनंदा नदी उफान पर है ऋषिकेश में गंगा नदी का रौद्र रूप देखा जा रहा है हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है बारिश और बाढ़ से पहाड़ दरक रहे है चमोली में भूस्खलन से स्थिति खराब है जबकि रुद्र प्रयाग केदारनाथ ऋषिकेश हरिद्वार में भीषण बारिश होने से बाढ़ जैसी स्थिति देखी जा रही है और धार्मिक यात्राएं रोक दी गई है करीब 300 से ज्यादा पर्यटक एवं यात्री फंसे हुए है।

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दिल्लीदेश

कांग्रेस ने तीन बार तोड़ा देश, विपक्षी गठबंधन इंडिया नही घमंडिया है बैंगलुरू में हुआ यूपीए का क्रिया कर्म, कांग्रेस मणिपुर समस्या की जनक, फिर आगे बड़ेगा मणिपुर कहा पीएम मोदी ने

PM Modi at LokSabha

नई दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने भारत माता के तीन बार टुकड़े किए और वह नॉर्थ ईस्ट की समस्या की जनक हैं। विपक्ष के गठबंधन पर उन्होंने कहा यह इंडिया नही घमंडिया हैं जो एनडीए को चुराकर बेंगलुरू में यूपीए का क्रियाकर्म करने के बाद बनाया गया है करीब पौने दो घंटे की चर्चा के बाद पीएम ने कहा मणिपुर की समस्या का हल जल्द निकलेगा वह फिर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।

मणिपुर मामले को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी गंठबंधन I.N.D.I.A. का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। प्रधानमंत्री ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर 133 मिनट का भाषण दिया जिसमें करीब पौने दो घंटे में 44 बार उन्होंने कांग्रेस का नाम लेकर उसपर और विपक्ष पर हमला बोला, खास बात है करीब 100 मिनट बाद जब समूचा विपक्ष सदन का वॉक आउट कर गया तब प्रधानमंत्री मणिपुर पर बोले।

उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत करते हुए कहा यह अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नही बल्कि विपक्ष का फ्लोर टेस्ट हैं जिसके लिए राजनीति ही पहली प्राथमिकता है यही वजह है कि दोनों सदनों में जनविश्वास बिल मेडिकल बिल डेंटल कमीशन बिल जैसे कई और बिल आए लेकिन आपको उसपर चर्चा की फुर्सत नही थी जिससे जनता का विश्वास आप से जाता रहा,अविश्वास प्रस्ताव आप लाए फील्डिंग विपक्ष ने लगाई लेकिन चौके छक्के हमारी तरफ से लगे विपक्ष नो कॉन्फिडेंस पर नो बॉल कर रहा था और हम सेंचुरी लगा रहे है।

पीएम ने कहा यह समय देश के लिए अहम है क्योंकि यह कालखंड जो गड़ेगा उसका प्रभाव एक हजार साल तक पड़ेगा इसलिए फिलहाल एक ही बात पर हमारा फोकस होना चाहिए केवल देश का विकास,खुशहाली का संकल्प और उसे पूरा करने में जी जान से जुट जाना। लेकिन विपक्ष ने अविश्वास की आड़ में देश के नागरिकों का आत्मविश्वास तोड़ा है क्योंकि देश के नौजवानों को घोटाला रहित सरकार मिली देश की बिगड़ी सांख में सुधार आया भारत का मान बढ़ाया लेकिन विपक्ष ने उपलब्धियों पर अविश्वास कर जनता के आत्मविश्वास को तोड़ा जबकि आज देश के 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए आईएमएफ कहता है भारत ने गरीबी को करीब करीब खत्म कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस और विपक्ष जिन चीजों की बुराई करता है उससे हमारा भला ही होता है तीन उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा विपक्ष और कांग्रेस कहती थी बैंकिंग सिस्टम डूब गया,डिफेंस के हेलीकॉप्टर बनाने वाली कंपनी एचएए एलआईसी डूब गई लेकिन आज यह सभी सफलता की बुलंदी पर है यह जिस कंपनी को बुरा कहे उसके शेयर पर पैसा लगा दे अच्छा ही होगा।

उन्होंने कहा अगले तीसरे अटेम्प्ट में जब भारत विश्व की तीसरी एकोनॉमी बनने जा रहा है लेकिन कांग्रेस को किसी पर विश्वास ही नहीं है वेक्सीन पर भरोसा नहीं सर्जीकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर भी भरोसा नहीं है जिसके चलते देश में कांग्रेस की विश्वसनीयता भी खत्म होती जा रही है जिसके चलते तामिलनाडू में 1962 में उसे आखिरी जीत मिली जबकि बंगाल में 1972, यूपी गुजरात बिहार में 1985 के बाद वह सत्ता में नहीं आई और त्रिपुरा में 1988 ओडिसा में 1995 नागालैंड में 1998 के बाद यह बाहर हो गई जबकि दिल्ली आंध्र बंगाल में कांग्रेस के विधायक नही है साफ है जनता से ही कांग्रेस को नो कॉन्फीडेंस मिल रहा है। लेकिन यदि मोदी पानी पिए और उसे पसीना आने पर वह उसे पोछे तो उसे यह अपनी उपलब्धि बताने लगते है कहते है हमारे हमले के कारण मोदी का गला सूख गया ,पसीना आ गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस ने भारत को तीन बार तोड़ा 1962, 1993 और 2011 में और भारत तेरे टुकड़े होंगे उस गैंग को यह समर्थन देते है उनसे पूछिए कच्छतीवू क्या है तामिलनाडू का आगे का तट किसने किस देश को दिया तब वो क्या भारत का अंग नहीं था उस समय कोन पीएम था इंदिरा गांधी कांग्रेस का इतिहास भारत को छिन्न भिन्न करने का रहा,मिजोरम में देश की वायुसेना से किसने हमला करवाया आज भी वहां के लोग उस दिन शोक मनाते है नॉर्थ ईस्ट में वहां लोगों के विश्वास को सरकार ने तोड़ा और असम को अपने हाल पर छोड़ दिया कोन पीएम था पंडित नेहरू थे।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष के गठबंधन इंडिया पर भी सीधा हमला करते हुए कहा कि यह इंडिया नही घमंडिया है जो यह समझते है कि नाम बदल कर देश पर राज कर लेंगे परंतु देश के लोगों को काम नजर आता है नाम नहीं आपने सिर्फ नाम से योजनाएं बनाई यह चश्मा अब पुराना हो गया विपक्ष और कांग्रेस ने पुरानी दीवार पर प्लास्टर कर लिया और यूपीए का बैंगलुरू में क्रिया कर्म कर दिया साथ ही एनडीए की चोरी कर ली।

पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा परिवारवाद से देश को नुकसान होता रहा लेकिन कांग्रेस को परिवारवाद ही पसंद है जिसके लिए उसने कई नेताओं को मारा बाबू जगजीवन राम को भी नहीं छोड़ा कितने नाम लीजिए परिवारवाद ने सबकुछ बर्बाद कर दिया लोहिया सहित कई नेताओं की तस्वीर तक नहीं लगाई जमाने दिल्ली में पीएम म्यूजियम बनाया। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा लंका हनुमान ने नही जलाई यह रावण के घमंड ने जलाई तभी कांग्रेस 400 से 40 पर आ गई।

कांग्रेस और विपक्ष के एकाएक सदन का वॉक आउट करने पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा जिसका लोकतंत्र पर भरोसा नहीं वह सुनाते है उनमें सुनने का धैर्य नही, अमित शाह ने मणिपुर के बारे में विस्तार से सदन में बता दिया, मणिपुर में अदालत के फैसले के बाद दो पक्षों में हिंसा का दौर शुरू हुआ परिवारों ने अपने स्वजन खोए महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुए यह अक्षम्य है दोषियों को सजा दिलाने केंद्र राज्य मिलकर प्रयास करेंगे मणिपुर में शांति के प्रयास चल रहे है और मणिपुर में जल्द शांति का सूरज उगेगा और मणिपुर फिर से आत्म विश्वास के साथ आगे बड़ेगा मैं सभी बेटियों माताओं बहनों से कहना चाहता हूं देश और सरकार आपके साथ हैं।

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दिल्लीदेश

राहुल का पीएम पर हमला, आप आज तक मणिपुर नही गए, आप देश प्रेमी नही हो, रावण को भी उसके अहंकार ने मारा

Rahul Gandhi at LokSabha

नई दिल्ली/ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि भारत एक आवाज है इसकी हत्या मणिपुर में की जा रही है इसका मतलब है भारत माता की हत्या मणिपुर में हो रही है उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा आप देश प्रेमी नही देश द्रोही हो इसलिए मणिपुर नही जा रहे।

मणिपुर को लेकर I.N.D.I.A. गठबंधन के अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला शुरूआत में उन्होंने भारत जोड़ों यात्रा की और हिंदुस्तान की पीड़ा दुख और आवाज को महसूस किया उसके बाद मणिपुर दौरे पर जाने पर प्राप्त सच्चाई का बखान किया और कहा वहां मैं बच्चों और महिलाओं से मिला उन्होंने मुझसे जो अपना दर्द बांटा वह काफी दुखी करने वाला था एक महिला के बेटे को गोली मार दी गई तो दूसरी अपना हाल सुनाते बेहोश हो गई से सबकुछ छोड़कर आज हजारों लोग राहत कैंप में पड़े हुए है।

इससे पहले उन्होंने स्पीकर ओम बिड़ला को संबोधित कर कहा कि इससे पहले मैने अडानी को लेकर जो बयान लोकसभा में दिया उससे स्पीकर महोदय आप नाराज हो गए और आपके नेता को कष्ट हुआ उसके लिए मैं माफी मांगता हूं इस बीच सत्ता पक्ष के हंगामे पर राहुल गांधी ने कहा आज में दिमाक से नही दिल से बोलने का रहा हूं आप परेशान ना हो मैं इस बार आप पर आक्रमण।नही करूंगा।

राहुल गांधी ने सीधा पीएम पर हमला करते हुए कहा मैं मणिपुर गया लेकिन नरेंद्र मोदी जी आज तक नही गए लेकिन आज मणिपुर, मणिपुर नही रहा उसको बांट दिया गया आपने तोड़ दिया, उन्होंने कहा भारत एक आवाज है जनता की आवाज उस आवाज की हत्या मणिपुर में कर दी गई इसका मतलब मणिपुर में भारत माता की हत्या कर दी गई आप देश प्रेमी नही देशद्रोही है आप भारत माता के रखवाले नही बल्कि मणिपुर और वहां की जनता के हत्यारे हो क्योंकि मणिपुर में हिंदुस्तान को मार दिया गया हैं। एक मेरी मां सदन में बैठी है एक मां मणिपुर में जिसकी आपने हत्या कर दी जब तक मणिपुर में हिंसा नहीं रुकती तब तक आप मेरी मां की हत्या करते रहेंगे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान की आवाज नहीं सुनते वह केवल दो लोगों की आवाज सुनते है एक अमित शाह दूसरे अडानी की रावण भी दो लोगों की आवाज सुनता था कुंभकरण और मेघनाथ की। उन्होंने कहा लंका हनुमान ने नही बल्कि रावण के अहंकार ने जलाई राम ने रावण को नही माता बल्कि उसके अहंकार ने उसे मारा आज आप मणिपुर और हरियाणा में वही कर रहे हो आप पूरे देश को जलाने का काम कर रहे हो।

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दिल्लीदेश

संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, शांति के लिए पीएम मणिपुर क्यों नही गए विपक्ष का आरोप, मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों पर सरकार का विशेष ध्यान

Parliament House

नई दिल्ली/ मणिपुर मामले को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के गठबंधन I.N.D.I.A. द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में मंगलवार से बहस शुरू हुई इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर आरोप प्रत्यारोप की झड़ी लगी रही विपक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए उनके मणिपुर नही जाने खामोश रहने के साथ शांति बहाली के प्रयास नही करने का आरोप लगाया। जबकि सत्ता पक्ष ने इसका बचाव किया और कहा पीएम ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मंत्रियों को 15 दिन में दौरा करने के निर्देश पहले ही दे रखे है। इस प्रस्ताव पर तीन दिन तक चर्चा होना हैं। लेकिन कांग्रेस ने अपनी स्टेटजी में बदलाव किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहले दिन बहस में हिस्सा नहीं लिया और अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने वाले सांसद गौरव गोगोई से सदन में बहस की शुरूआत कराई। संभवत पीएम नरेंद्र मोदी अंतिम दिन 10 अगस्त को चर्चा में हिस्सा ले सकते है समझा जाता है राहुल गांधी ठीक उनसे पहले सदन में अपनी बात रख सकते हैं।

लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अविश्वास पर चर्चा के लिए जैसे ही कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का नाम पुकारा वैसे ही एकाएक संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी खड़े हो गए और बोले कि चर्चा में विपक्ष की सूची में पहला नाम राहुल गांधी का था लेकिन 11.45 के बाद 5 मिनट में उनका नाम क्यों बदल गया? हम सभी उनको सुनने के लिए बेताब हैं।

असम से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विपक्ष की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा मणिपुर के लिए हम इंसाफ की मांग करते है मणिपुर जल रहा है यदि मणिपुर में आग लगी है तो पूरा भारत में आग लगी है यदि मणिपुर बंट रहा है तो भारत बंट रहा है, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार से तीन सबाल किए,पहला 3 महिने होने आए पीएम अभी तक मणिपुर क्यों नहीं गए उन्हें जवाब देने में 80 दिन क्यों लगे और तीसरा स्थिति बिगड़ने के बावजूद अभी तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया,सांसद गोगोई ने कहा विपक्ष चाहता है पीएम मणिपुर जाएं और उत्तरी पूर्वोत्तर राज्यों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें और विभिन्न संगठनों से मिलाकर शांति बहाली के प्रयास करें क्योंकि मंत्रियों की अपेक्षा प्रधानमंत्री का एक अलग प्रभाव होता है यदि वह शांति की अपील करते हैं तो उसका जरूर प्रभाव पड़ेगा।

जबकि सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यदि विडियो सामने नही आता तो देश को पता ही नही चलता उन्होंने कहा मणिपुर की हिंसा और महिलाओं के साथ उत्पीड़न से हमारा सिर शर्म से झुक जाता है उन्होंने आरोप लगाया यह राज्य प्रायोजित हिंसा है सरकार बताए कि क्या मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं हैं। जबकि एनएसपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा मणिपुर में युद्ध जैसे हालात है और सरकार पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई हैं। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा दे सांसद सुले ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले 9 साल के कार्यकाल में बीजेपी ने 9 राज्यों की सरकार गिराई। पहले दिन कांग्रेस एनसीपी एसपी टीएमसी और डीएमके ने चर्चा में विपक्ष की तरफ से बहस में हिस्सा लिया। जबकि बीजेपी शिवसेना (शिंदे गुट) ने सत्ता पक्ष की तरफ से बहस की।

इधर सत्ता पक्ष मणिपुर पर कम बोला और चर्चा को दाएं बाएं ज्यादा घुमाया,बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जवाब में कांग्रेस पर खुलकर हमला बोलते हुए कहा यह एक गरीब व्यक्ति के बेटे के खिलाफ अविश्वास मत है उन्होंने विपक्ष के नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो दल और उनके नेता कभी कांग्रेस से पीड़ित रहे आज वे कांग्रेस के साथ है खुद में एका है नही वहीं इंडिया के नाम से एकजुटता की बात करते है दुबे ने सदन में मोजूद सोनिया गांधी और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा सोनिया गांधी पारंपरिक भारतीय महिला है जिनको अपने बेटे राहुल गांधी को सेट और अपने दामाद को भेंट करना हैं।

जबकि केंद्रीय मंत्री किरण रिजजू ने सदन में कहा कि मणिपुर में जो संघर्ष चल रहा है यह चिंगारी आज की नहीं है यह कांग्रेस की नीतियों का दुष्प्रभाव है उन्होंने सबाल किया लेकिन विपक्ष को पूर्वोत्तर की आग ही क्यों दिखाई देती है प्रधानमंत्री ने सरकार बनते ही पूर्वोत्तर राज्यों पर ध्यान दिया था और ग्रुप बनाकर 15 दिन में 5 केंद्रीय और 7 राज्य मंत्रियों को दौरा करने को कहा था और आज भी यह दौरा चल रहा है और सदन में बैठे सभी मंत्रियों ने दौरा किया है। लेकिन यह कहने पर कांग्रेस के सदस्य जयराम नरेश ने इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा रिजजू पिछले 97 दिन का ब्यौरा पेश करें।

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दिल्लीदेश

मणिपुर मामला, सुप्रीम कोर्ट में सरकार की तरफ से सॉलीसीटर जनरल नही दे पाएं सवालों का जवाब, सीजेआई ने डीजीपी को जानकारी के साथ तलब किया

Supreme-Court

नई दिल्ली/ मणिपुर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पूछे गए सबालो का सरकार की तरफ से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता कोई पुख्ता जवाब नहीं दे पाए साफ था मणिपुर की बीरेन सिंह सरकार की गलत कारगुजारियों का वह जवाब भी क्या देते। अब सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को दोपहर 2 बजे होने वाली सुनवाई में प्रदेश के डीजीपी को पूरी तैयारी के साथ तलब किया है।

मणिपुर में हिंसा के दौरान 19 जुलाई को दो महिलाओं के अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि केंद्र और राज्य सरकार इस गंभीर मामले पर ठोस कार्यवाही नही करती तो सुप्रीम कोर्ट खुद इस गंभीर मामले में संज्ञान लेगा। इस बीच पीड़ित दोनों महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई और न्याय देने की मांग सीजेआई से की। एससी ने 31 जुलाई को इस मामले की सुनवाई की थी और 31 जुलाई को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के सामने मणिपुर सरकार का पक्ष रखने के लिए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। जबकि पीड़ित महिलाओं की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पैरवी की।

सीजेआई ने उनसे सवाल किया कि 4 मई को महिलाओं के साथ अश्लील हरकतों के साथ गैंगरेप हुआ, 18 मई को जीरो पर एफआईआर हुई, वह एक महीने बाद 20 जून को जुडीशियल मजिस्ट्रेट के पास पहुंची उसे एक महिना क्यों लगा साफ है जबाव दे जांच की गति काफी धीमी है सीजेआई ने कहा कितनी एफआईआर दर्ज हुई उनका वर्गीकरण करें कि कितनी रेप की है कितनी हत्या की है कितनी लूट और आगजनी की घटनाएं है। और इस स्थिति से निबटने और शांति स्थापना के लिए मणिपुर सरकार ने क्या कदम उठाएं।

सीजेआई के इन सबालों के जवाब में सॉलीसीटर का सिलसिलेवार जबाव था कुल 3 मई से अब तक कुल 6532 एफआईआर दर्ज हुई है इसमें कोन सी एफआईआर किस प्रकरण की है इसका अलग अलग डेटा नही है उन्होंने माना कि घटनाएं हुई है लेकिन इसकी अलग अलग जानकारी नहीं है हमारे पास समय कम था रात को ही रिपोर्ट तैयार की गई है उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ दर्ज 11 संगीन मामले दर्ज है इनकी जांच सीबीआई को देने की मांग तुषार मेहता ने की। जब सीजेआई ने सॉलीसीटर जनरल से जीरो एफआईआर की जानकारी मांगी कि कितनी है तो वह जीरो एफआईआर कैसे और कब दर्ज होती है उसकी जानकारी देने लगे इस तरह एसजे पर सीजेआई के पूछे गए सवालों का कोई ठोस जवाब नही था साफ है मणिपुर सरकार के साथ उनकी काफी छीछा लेदर हुई उन्होंने उसके लिए आगे वक्त की मांग जरूर की।

सीजेआई ने कहा 20 जुलाई को पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर न्याय की मांग की इस बीच आपके पास करीब 11 दिन का समय था उसके बावजूद आप पूरी तैयारी के साथ नही आएं। सीजेआई ने सवाल उठाया कि सभी फेक्ट मीडिया पर है लेकिन ताज्जुब है कि सरकार के पास कोई फेक्ट नही है उसपर अभी नहीं जाते कि पुलिस का क्या रोल रहा यह केस अन्य या निर्भया केस जैसा नहीं है क्योंकि पता चला है कि पहले तीन महिलाओ को उत्पीड़ित किया गया बाद में उनमें से दो महिलाओं को खुद पुलिस ने भीड़ जो सौप दिया। जिनके साथ यौन उत्पीडन के साथ सामूहिक गैंगरेप किया गया।

सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सारंगी स्वराज जो बीजेपी नेता स्व सुषमा स्वराज की बेटी है उन्होंने प्रावेंशन एप्लीकेशन के माध्यम से हस्तक्षेप करने की अनुमति मांगी उन्होंने कहा कि मणिपुर को तूल दिया जा रहा है लेकिन इसी तरह की घटनाएं राजस्थान पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी हो रही है उनपर भी तो सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए तो उसके जवाब में सीजेआई श्री चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर की घटना सामान्य से परे हैं ऐसी घटनाएं देश में आज तक नहीं हुई यह बिल्कुल अलग है इसे यह कहकर जस्टीफॉय नही कर सकते कि ऐसी घटनाएं और प्रदेशों में भी हो रही है इसे निर्भया जैसे मामले से भी नही जोड़ा जा सकता यदि वहां कुछ नही हो रहा तो क्या आप यह कहना चाहती है कि मै सभी महिलाओं की रक्षा करू या फिर सभी घटनाओं को छोड़ने के साथ मणिपुर को भी छोड़ दू ऐसा नहीं हो सकता अन्य घटनाओं को आप बाद में भी उठा सकती है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि हमें ऐसा मेकनिज्म (प्रणाली) बनाना है जिससे इन महिलाओं को न्याय मिले और और मणिपुर हिंसा और उत्पीड़न का समाधान निकले।

वहीं सरकार का पक्ष रखते हुए सोलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कुकी समुदाय के नशीले पदार्थो की तस्करी (ड्रग) में लिप्त होने का जब मामला उठाया तो एससी ने कहा हम इन पर कोई बात नही करेंगे हम सिर्फ मणिपुर हिंसा मौत गैंगरेप आगजनी जैसी घटनाओं पर ही फोकस करेंगे।

इस दौरान दोनों पीड़ित महिलाओं की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी करते हुए कहा कि पीड़ित चाहते है कि इस मामले को मणिपुर से बाहर नहीं भेजा जाएं उन्होंने सीबीआई जांच का खुलकर विरोध किया उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से पूरा मामला ही भटक जायेगा। हमें इसकी जांच पर कड़ा ऐतराज है। जबकि कुकी समुदाय के अधिवक्ता कोलविन गुंजालविस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा इस पूरे मामले की जांच रिटायर्ड डीजीपी के नेतृत्व में नियुक्त एसआईटी से कराई जाए। जबकि तमाम पीड़ित महिलाओं की वकील इंदिरा जयसिंह ने सुनवाई के दौरान कहा इस मामले की जांच के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित कर उससे कराई जाएं जिसमें जानकार एवं प्रबुद्ध महिलाओं को भी शामिल किया जाएं।

जैसा कि मणिपुर पिछले 89 दिनों से जल रहा है 3 मई से मैतईं और कुकी नगा के बीच आपसी टकराव की शुरूआत हुई जो हिंसा और आगजनी में बदल गई इस दौरान तीन से साढ़े तीन हजार हथियार जिसमें राइफल और बंदूके शामिल थी इन उपद्रवियों को मिल गए जो पुलिस के हथियार थे पुलिस कहती है वह इन्होंने लूट लिए जबकि सच्चाई यह है कि मैतई समाज के पुलिस कर्मियों ने अपने समाज के लोगों को और कुकी समाज के पुलिस वालो ने कुकी समुदाय को अपने हथियार स्वेच्छा से सौप दिए। इनके साथ करीब 6 हजार कारतूस भी उपद्रवियों को पुलिस कर्मियों ने दे दिए।

इस हिंसा में अभी तक 165 लोगों की मौत हो गई 3 हजार लोग घायल हो गए करीब 70 हजार लोग बेघर हो गए जो अपना सब कुछ छोड़कर अपने परिवार और बच्चों के साथ सरकारी राहत कैंपों में रह रहे है। 200 चर्च फूंक दिए गए जबकि 17 मंदिरों में तोड़फोड़ की गई। बड़ी बात यह भी है कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और उनकी सरकार कुकी और नगा समुदाय का पूरा विश्वास खो चुकी हैं।

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देशनूंहहरियाणा

हरियाणा के नूंह में धार्मिक जुलूस के दौरान टकराव हिंसा में 5 की मौत, नूंह में कर्फ्यू, 5 जिलों में धारा 144, स्कूल कॉलेज, इंटरनेट बंद, पैरामिलिट्री फोर्स तैनात

Haryana Violence

नूंह/ हरियाणा के नूंह में विश्व हिंदू परिषद की ब्रजमंडल यात्रा के दौरान भड़के दंगे,हिंसा और पथराव में दो होमगार्ड सैनिक सहित 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 से अधिक पुलिस अधिकारी कर्मचारी और अन्य लोग घायल हो गए है साथ ही 3 किलोमीटर के दायरे में हुई आगजनी में अताताईयों ने कई वाहनों को फूंक डाला, जिसको देखते हुए नूंह में दो दिन का कर्फ्यू लगाने के साथ, पुलिस के साथ पैरामिलिट्री की तेरह कंपनियां तैनात कर दी गई है। साथ ही 1 अगस्त से नूंह पलवल और फरीदाबाद में स्कूल कॉलेज और कोचिंग बंद करने के साथ इंटरनेट सेवा भी रोक दी गई है। जब कि नूंह में हुई हिंसा में 40 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है जिसमें अभी तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं।

सोमवार को हरियाणा के नूंह में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने ब्रजमंडल यात्रा निकालने का आव्हान किया था, नल्हड़ शिव मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा फिरोजपुर झिरका जाना थी लेकिन जैसे ही यह यात्रा तिरंगा चौराहे पर पहुंची तभी अचानक वहां पहले से इकट्ठा लोगों से टकराव हो गया तकरार बड़ने पर पथराव होने लगा देखते ही देखते इसने बलवे का रूप ले लिया और हिंसा और आगजनी शुरू हो गई इस बीच फायरिंग का भी खुलासा हुआ है जबकि मोजूद पुलिस बल ने बचाव के साथ आताताईयो को रोकने की काफी कोशिश की लेकिन पथराव और हमले से वह भी नही बच सके और अनेक अधिक अधिकारी थानेदार और पुलिस कर्मी जख्मी हो गए देखते देखते यह बलवा पूरे नूंह शहर में फेल गया जबकि तीन किलोमीटर के दायरे में जो भी चार पहिया वाहन दिखे उन्हें भीड़ ने आग के हवाले कर दिया गया 40 से अधिक वाहन भीड़ ने फूंक दिए यहां तक की हमलावरों ने एक स्कूल बस में भी आग लगा दी और उसमें लूटपाट भी की गई अहम बात है कि हाईवे पर एक हीरो होंडा के शोरूम पर हमला कर उपद्रवी शोरूम के अंदर से करीब 200 मोटर साईकिल उठा ले गए। जबकि भीड़ में शामिल लोगों ने एक बस को तेज गति से चलाकर नूंह के साइबर क्राइम पुलिस थाने की दीवार को ढहा दिया गया साथ ही पुलिस वाहनों को आग लगाने के साथ थाने पर पथराव भी किया यह देखकर पुलिस कर्मी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे। आगजनी में चारों तरफ कारें ट्रक और अन्य वाहन जलकर खाक हो गए।

गंभीर बात रही कि करीब दो से ढाई हजार लोग नल्हड़ शिव मंदिर में फंस गए बाहर का नजारा ज्यादा ही भयावह था। जो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से बचाने और सुरक्षित निकालने की गुहार लगाते रहे जो इस यात्रा में शामिल होने करनाल अंबाला जींद हिसार नारनौल गुरूग्राम फरीदाबाद सोनीपत रेवाड़ी और रोहतक से काफी लोग आए थे जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। काफी देर बाद अतरिक्त फोर्स आने पर उन्हे निकाला जा सका।

इस हिंसा और टकराव में गुड़गांव के होमगार्ड सैनिक नीरज और गुरुसेवक सहित 5 लोगों की मौत हो गई जबकि 70 से अधिक पुलिस अधिकारी,कर्मचारी और अन्य लोग घायल हो गए है जिसमें डीएसपी सज्जन सिंह के सिर में गंभीर चोट आई और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल कुमार के पेट में गोली लगी है इस मामले में दर्ज 40 एफआईआर में अभी तक 80 लोगों की गिरफ्तारी पुलिस ने की है।बताया जाता है मेवात के कस्बे नगीना फिरोजपुर और झिरका में भी कई जगह आगजनी की घटनाएं हुई हैं। स्थिति की नजाकत को देखते हुए प्रदेश के गृह मंत्री अनिल बिज ने केंद्र से मदद मांगी है साथ ही पेरा मिलिट्री फोर्स की 13 कंपनिया प्रभावित इलाकों में तैनात कर दी गई है।

इधर नूंह में 2 दिन का कर्फ्यू और आसपास के 5 जिलों में धारा 144 लागू हो गई है इसके अलावा नूंह पलवल और फरीदाबाद में 1 अगस्त से सभी स्कूल कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद रखने के आदेश जारी किए है साथ ही नूंह में कक्षा 10 एवं 12 की परीक्षाएं भी स्थगित करने के निर्देश दिए गए है जबकि नूंह पलवल और फरीदाबाद में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। आज डीसी प्रशांत पंवार ने शांति और सद्भाव स्थापित करने सर्व समाज की एक बैठक भी बुलाई है।

जो खबरें सामने आ रही है उसके मुताबिक बीते दिनों हरियाणा के गौरक्षा प्रांत प्रमुख मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव ने गत दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर कहा था कि नूंह में होने वाली ब्रजमंडल यात्रा में वह अपनी पूरी टीम के साथ शामिल होने आ रहा है। यह वही मोनू मानेसर है जो भिवानी में दो मुस्लिम युवकों के अपहरण और उन्हें बोलेरो में जिंदा जलाकर मारने का आरोपी है और वांटेड है जो फरार चल रहा हैं बाद में पुलिस ने उन दोनो युवकों की शिनाख्त राजस्थान के गोपालगढ़ के रहने वाले नासिर और जुनेद के रूप में की थी। जबकि राजस्थान पुलिस भी खबर मिलने पर हरियाणा पहुंची थी लेकिन इस यात्रा में मोनू मानेसर और उसका कोई आदमी नही आया।

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