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जम्मू-कश्मीर

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जम्मूकश्मीर में रिटायर्ड SSP की गोलीमार कर हत्या, अजान देते समय की घटना

Murdered

बारामूला / जम्मूकश्मीर में आतंकी गतिविधियां एक बार फिर से तेज हो गई है रविवार को बारामूला में एक रिटायर्ड एसएसपी मोहम्मद शफी मीर की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए आतंकवादियों ने इस खूनी वारदात को तब अंजाम दिया जब यह पूर्व पुलिस अफसर मस्जिद में अजान दे रहे थे उनके मुंह से अंतिम शब्द रहम निकला।

एसएसपी मोहम्मद सैफी ( 72 साल) 11 साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे बारामूला की शेरी मस्जिद में सुबह 6 बजे यह खूनी वारदात को दो आतंकियों ने अंजाम दिया मस्जिद के मोलवी अपने गांव गए हुए थे और यह बारामूला की इस मस्जिद का काम एसएसपी देख रहे थे और रिटायर होने के बाद वे मुअज्जिन बतौर अजान देते थे वह रविवार को सुबह की अजान देने मस्जिद में आए थे जब वह अजान दे रहे थे तभी दो आतंकी मस्जिद में घुसे और उनपर गोलियों की बरसा कर दी बताया जाता है उन्हें 12 बोर की बंदूक से काफी नजदीक से 4 गोली मारी गई गोलियों की आवाज सुनकर उनके भाई और अन्य लोग मस्जिद की ओर भागे और उन्होंने देखा मोहम्मद शफी जमीन पर पड़े थे उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया उनके मुंह से आखिरी शब्द रहम निकला। पूर्व एसएसपी की मौत के बाद रविवार को ही उन्हें दफनाया गया जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

उनका किसी से कोई विवाद भी नही था इससे सवाल उठते है कि दहशतगर्दों ने उन्हें निशाना क्यों बनाया साफ है कि यह टारगेट किलिंग का मामला हैं। खास बात है पिछले 4 दिनों में जम्मू कश्मीर में मिलिटेंस ने तीसरी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है इससे पहले 21 दिसंबर को राजौरी में सेना के काफिले पर हमले में 4 जवानों की शहादत उसके बाद अखनूर में आतंकियों की घुसपेठ की कोशिश और गोलीबारी की घटनाएं प्रमुख है। जबकि पुंछ जिले के टोपापीर में 3 ग्रामीणों की मौत के मामले में आंतरिक जांच के आदेश दिए गए है।

इधर नेशनल कांफ्रेस के नेता फारुख अब्दुल्ला ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पर लगाम लगने की बात करती है लेकिन आतंकवादी गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई है धारा 370 हटने के बावजूद वही हालात बरकरार है।

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जम्मू-कश्मीरदेशराजौरी

जम्मूकश्मीर के राजौरी में 4 जवानों की शहादत, घने जंगल में सेना और हेलिकॉप्टर से जंगल में सर्चिंग जारी, NIA को मिली जांच

NIA

राजौरी/ जम्मूकश्मीर में एक बार फिर से आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है गुरुवार को 4 जवानों की शहादत के साथ हाल में 19 सेना के अफसर और जवान शहीद हो चुके है जबकि सुरक्षा बलों ने 28 आतंकियों को भी ढेर किया है लेकिन राजौरी का 12 किलोमीटर का यह घना जंगल आतंकियों की आश्रय स्थली बना हुआ है तो भारतीय सुरक्षा बलों के लिए इसे भेदना आज भी कई मुश्किलात खड़ी करता हैं। इधर इस घटना की जांच एनआईए को दी गई है आज उसके अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए है।

जम्मू कश्मीर के राजौरी में गुरुवार को दोपहर 3.45 बजे दहशतगर्दों ने सुरनकोट रोड के डेरा की गली इलाके में घात लगाकर सेना के दो वाहनों को निशाना बनाया था जिसमें इस टुकड़ी के 4 जवान शहीद हो गए थे और 3 जवान घायल हो गए थे बताया जाता है यह टुकड़ी आतंकवादियों की सर्चिंग के लिए ही निकली थी जो सुरनकोट से नफलियाज जा रही थी। अचानक एक मोड़ पर हमले के बावजूद सुरक्षा बलों ने भी आतंकियों को बंदूक से जवाब दिया लेकिन आतंकी घने जंगल में समा गए।

बताया जाता है सुरनकोट और बाफलियाज के बीच का डेरा की गली का यह 12 किलोमीटर का इलाका बेहद घने जंगल से आच्छादित है यह जंगली क्षेत्र पहाड़ी और गुफाओं से भरा है जहां वाहन अंदर दाखिल होना काफी मुश्किल है यही वजह है कि भारतीय सेना और सीआरपीएफ के जवान अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर लगातार इस इलाके में सर्चिंग कर रहे है और जो ड्रोन और खोजी डॉग्स से जंगल के अंदर तक नजर बनाए हुए है साथ ही जंगली एरिये के ऊपर हेलीकॉप्टर से आतंकियों का तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा हैं।

सुरक्षा बल की टुकड़ी पर हमला करने वाले आतंकी पीएएफएफ के है जिन्हें पिछले 4 साल पहले लश्कर ए तयेबा आतंकी संगठन ने जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को तेज करने के लिए तैनात किया है जबकि भारत के गृह मंत्रालय ने हाल में पीएएफएफ की बड़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इसको बेन कर दिया है ।

जैसा कि अभी तक जम्मूकश्मीर के राजौरी क्षेत्र में कुल 28 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया है हाल में 14 आतंकी मारे गए जिसमें से 13 एलओसी पार करते हुए या उसके पास मारे गए थे।जिसमें एक टॉप आतंकी भी शामिल है। जबकि राजौरी और पुंछ जिले की सीमा पर स्थित डेरा की गली और बुफलियाज के बीच का जंगली इलाका है जो चमरेर और भाटा धुरियन के जंगल तक जाता है इसी इलाके में 20 अप्रैल को भारतीय सेना के 5 सैनिक शहीद हुए थे मई में भी यहां 5 जवान शहीद हुए थे इस साल राजौरी और पुंछ में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में 19 जवान शहीद हो चुके है।

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जम्मू-कश्मीरराजौरी

जम्मूकश्मीर के राजौरी में आतंकी हमला, 4 जवान शहीद 3 घायल, एनकाउंटर जारी

Terrorist Attack In JK

राजौरी/ जम्मू कश्मीर के राजौरी इलाके के सुरनकोट रोड पर सुरक्षा बलों के दो वाहनों पर आतंकियों की तावड़तोड़ फायरिंग में 4 जवान शहीद हो गए, जबकि 3 जवानो के घायल होने की जानकारी सामने आई है बताया जाता है सुरक्षा बलों के यह वाहन जवानों को लेकर बफरियान और सुरनकोट की तरफ जा रहे थे तभी आतंकियोंं ने घात लगाकर हमला किया, इस आतंकी हमले के बाद सेना और अतरिक्त सुरक्षा बल के जवान हमले की जगह रवाना हो गए बताया जाता है तलाशी अभियान के साथ गोलाबारी जारी हैं।

यह आतंकी हमला राजौरी के थाना मंडी के अंतर्गत आने वाले सुरनकोट रोड पर गुरुवार को दोपहर पोने चार बजे हुआ सुरक्षा बलों की दो गाड़ियां जब इस सड़क से आगे फलियाज की और बढ़ रही थी तभी छुपे हुए आतंकियों ने घात लगाकर उनपर हमला बोल दिया और एकाएक तेज फायरिंग शुरू कर दी इस गोलीबारी में 7 जवान बुरी तरह से घायल हो गए जिसमें से तीन जवना ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक जवान बाद में शहीद हो गया है।

इस हमले के बाद गुरुवार को सेना को इस घटना का पता चला और अतरिक्त सुरक्षा बल घटना स्थल रवाना कर दिया गया है बताया जाता है आसपास के इलाके में सर्चिंग और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है जबकि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी जारी है।

जम्मूकश्मीर के राजौरी में हाल में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है पिछले माह 22 नवंबर को आतंकियों के हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे जबकि इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलो ने 2 मिलिटेंस को भी मार गिराया था।

जबकि जम्मू कश्मीर के भूतपूर्व डीजीपी एसपी वेद का कहना है आर्मी के वाहन पर यह आतंकी हमला योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है जैसा कि धारा 370 हटने से जम्मूकश्मीर में जो सकारात्मक बदलाव आए है उससे आतंकी संगठन परेशान है और वह उसे नकारात्मक में बदलने की नियत से सोची समझी योजना के तहत यह हमले कर रहे है।

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राजौरी

राजौरी के कालाकोट के जंगलों में आतंकियों से मुठभेड़, दो सेना के अफसर सहित 4 फौजी शहीद, एनकाउंटर जारी

Rajouri Encounter

राजौरी/ जम्मूकश्मीर के राजौरी सेक्टर के बाजीमल इलाके के जंगल में आतंकियों की फायरिंग में दो सेना के अफसर सहित 4 फोजियों के शहीद होने की जानकारी सामने आई है उसके बाद फिलहाल एनकाउंटर जारी है बताया जाता है इस इलाके में 2 आतंकी छुपे हुए हैं जिनकी खोजबीन के लिए सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। आर्मी की 16 कॉप्स मिलिट्री यूनिट के सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शहीद अफसरों में एक मेजर एक कैप्टन रेंक का हैं।

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक कालाकोट धर्मशाल इलाके के बाजीमल क्षेत्र के घने जंगलों में दो आतंकियों के छुपे होने की जानकारी मिलने पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने सयुक्त ऑपरेशन के तहत जंगल में प्रवेश किया था जब वह आगे बढ़ रहे थे तभी जंगल के अंदर छुपे आतंकियों ने एकाएक टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे सेना के दो अफसर सहित 4 फौजी शहीद हो गए। इस घटना के बाद एरिये में सर्चिंग तेज करदी गई है साथ ही आतंकियों के मुठभेड़ जारी है। शहीद होने वाले अफसरों में कैप्टन शुभम मेजर एमवी प्रांजिल और हवलदार माजिद के नाम सामने आए है।

आर्मी के पीआरओ के अनुसार 19 नवंबर को कालाकोट इलाके के गुलाबगढ़ के जंगलों में आतंकियों के छुपे होने की खबर मिली थी उसके बाद इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया गया था आज हुई मुठभेड़ में आतंकी भी घायल हुए है उन्हें घेरिया गया है और एनकाउंटर जारी है।

इधर श्रीनगर में सुरक्षा बलों ने लश्कर ए तैयबा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है पकड़े गए आतंकियों के नाम मुमताज अहमद लोन और जहांगीर अहमद लोन है जो कुपवाड़ा के त्रेहगाम के रहने वाले है इनके पास से सुरक्षा बलों ने 2 पिस्टल 4 मेगजीन और 8 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।

 

Image source: Twitter

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जम्मू-कश्मीरदेश

माछिल सेक्टर में सुरक्षा बलों की आतंकियों से मुठभेड़, लश्कर के 5 आतंकी ढेर, तलाशी अभियान जारी

Encounter in Jammu Kashmir

श्रीनगर / जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में पुलिस और सुरक्षा बलों की आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में 5 आतंकी ढेर हो गए बताया जाता है मारे गए आतंकी लश्कर ए तैयबा के हैं। लेकिन सुरक्षा बलों को आशंका है कि इलाके में और भी आतंकी छुपे हो सकते है पुलिस बल लगातार तलाशी अभियान चला रहा हैं।

जम्मू कश्मीर पुलिस को सूत्रों से मालूम हुआ था कि माछिल सेक्टर में कुछ संदिग्ध लोगों को देखा गया है जो घुसपेठ की कोशिश कर रहे है गोपनीय जानकारी मिलने आज सुबह सुरक्षा बलों ने संदिग्ध जगह को घेर लिया इस बीच दूसरी तरफ से फायरिंग होने पर पुलिस ने भी जवाबी कार्यवाही की कुछ समय बाद जब दूसरी तरफ से गोलीबारी बंद हुई तो सुरक्षा बलों ने आसपास तलाशी अभियान शुरू किया इस दौरान पुलिस को 5 आतंकियों के शव मिले पुलिस को आशंका है कि और भी मिलीटेंस हो सकते है इसलिए फिलहाल पुलिस बल क्षेत्र में सर्चिंग और तलाशी अभियान चला रहा है पुलिस अफसरों के मुताबिक मारे गए सभी आतंकी लश्कर ए तैयबा संगठन के है।

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जम्मू-कश्मीरश्रीनगर

कश्मीर के बारामूला में घुसपैठ करते तीन आतंकियों को सुरक्षा बलों ने किया ढेर, अनंतनाग में 90 घंटे से एनकाउंटर जारी

Terror Encounter

श्रीनगर / जम्मू कश्मीर के बारामूला में आज सुरक्षा बलों ने एलओसी से भारतीय क्षेत्र में घुसपेठ करने की कोशिश करने के दौरान तीन आतंकवादियों को मार गिराया सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों के शव भी बरामद कर लिए है जबकि पाकिस्तानी पोस्ट से फायरिंग होने के कारण तीसरा शव अभी नही उठाया जा सका है। इधर अनंतनाग के कोकरनाग इलाके में सेना और पुलिस का सयुक्त ऑपरेशन जारी है और आतंकियों के खात्मे के लिए अब हेलीकॉप्टर के उपयोग के साथ मिसाइल का इस्तेमाल किया जार रहा है।

कश्मीर में तैनात सेना को आज सुबह बारामूला में लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक उरी सेक्टर के हथलंगा क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी सेना के जवानों की टुकड़ी ने उन्हें एलओसी के पास घेर लिया इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई और इस मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए सेना के जवानों ने दो आतंकियों के शवों को अपने कब्जे में लिया लेकिन जब वह एलओसी के नजदीक तीसरे आतंकी के शव को लेने बड़े तो एलओसी के आगे पाकिस्तानी पोस्ट से गोलीबारी शुरू हो गई सेना फिलहाल इन मरने वाले आतंकियों की शिनाख्त नहीं कर पाई है। पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सेना पर गोलीबारी से साफ होता है उसने 2021 के सीज फायर का उल्लंघन किया है।

सेना के अफसरों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों को घुसपेठ करने में मदद कर रही थी उसने हमारी सेना पर फायरिंग की एके 47 , चीनी पिस्टल और एक आतंकी के शव से 5 kg RDX और पाकिस्तानी करेंसी बरामद हुईं है। यह वही इलाका है जहां दिसंबर 2022 में सेना ने एक बड़े आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था।

इधर अनंतनाग के कोकरनाग के जंगलों में सेना और पुलिस का सयुक्त ऑपरेशन आज पांचवे दिन भी जारी है जैसा कि यह इलाका और यहां मोजूद पीर पंगाल पहाड़ी का यह क्षेत्र घना जंगली इलाका है जो 4300 किलोमीटर में फैला है यह वन क्षेत्र आतंकियों के छुपने का मुफीद इलाका है और इसी पहाड़ी की घाटियों में आतंकी छुपे हुए है लेकिन अब फोर्स ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है सेना ने राकेट लांचर और ड्रोन से हमला करने के साथ अब हेलीकॉप्टर और स्नोफर डॉग की मदद भी ली है बताया जाता है इस पहाड़ी क्षेत्र में लश्कर के 3 से 4 आतंकी शरण लिए हुए है। जबकि बारिश की वजह से ऑपरेशन में परेशानी भी सामने आ रही है।

जैसा कि 13 सितंबर बुद्धवार को आतंकियों ने कोकरनाग के इसी जंगल में घरेबंदी पर सर्चिंग कर रही सुरक्षा बलों की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी जिसमें 19 वी राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह मेजर आशीष घौचक और जम्मू कश्मीर के डीएसपी हुमायू भट सहित चार अफसरों की शहादत हो गई थी।

जबकि राजौरी में 12 सितंबर को सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच हुए एनकाउंटर में 2 आतंकी ढेर हुए थे जबकि सेना का एक जवान भी शहीद हुआ था।

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जम्मू-कश्मीरश्रीनगर

अनंतनाग में एनकाउंटर जारी कोकरनाग में आतंकियों की घेराबंदी, हमले की जिम्मेदारी रिजीडेंट्स फ्रंट ने ली, शहीद अफसरों के घरों और गांव में मातम

Kashmir Encounter

श्रीनगर / कश्मीर के अनंतनाग के घने जंगलों में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच अभी भी लगातार (गुरुवार) मुठभेड़ जारी है तेज गोलीबारी के साथ रह रह कर धमाकों की आवाज आ रही है बताया जाता है सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों की घेराबंदी कर ली है सुरक्षा बलों को अब ड्रोन और क्वाडकॉप्टर से मदद भी दी जा रही हैं। इस हमले की जिम्मेदारी रेजीडेंटस फ्रंट ने ली है बताया जाता है यह आतंकी संगठन जैस और लश्कर का नया मॉड्यूल है। जबकि शहीद सैन्य अफसरों और पुलिस अधिकारी के घर और गांवों में मातम पसरा हुआ है और खासकर महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है।

अनंतनाग जिले के गोडोल कोकरनाग इलाके के जंगली इलाके में छुपे हुए आतंकियों से 11 सितंबर से शुरू हुई मुठभेड़ आज गुरूवार को भी जारी है बताया जाता है यह इलाका पहाड़ और घने जंगल से घिरा है जिससे आतंकी यहां आसानी से छुप जाते हैं लेकिन सैन्य अफसरों के शहीद होने के बाद सुरक्षा बल आतंकियों के सफाए के लिए पूरे प्राणपण से जुटे हुए है। और उनपर लगातार हमले पर हमले कर रहे है। आज सुरक्षा बलों का मनोबल बड़ाने के लिए चिनार कोर कमांडर के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और राष्ट्रीय राइफल्स विक्टर फोर्स के कमांडर मेजर जनरल बलवीर सिंह ने एनकाउंटर स्थल का दौरा भी किया।

पिछले तीन साल में यह सबसे बड़ा हमला है इससे पहले 30 मार्च 2020 को आतंकियो से हुई 18 घंटे की मुठभेड़ में एक कर्नल मेजर सब इंस्पेक्टर सहित 5 अफसर शहीद हुए थे जबकि हाल में 4 अगस्त को कुलगाम के जंगल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच एनकाउंटर में 3 जवान शहीद हो गए थे।

इस हमले की जिम्मेदारी रेजीडेंट्स फ्रंट ने ली है जबकि पीटीआई (इंटेलिजेंस सूत्र) के मुताबिक रेजिडेंट्स फ्रंट लश्कर ए तयेबा से जुड़ा आतंकी संगठन है जो जैस और लश्कर का नया मॉड्यूल है जिसे पाकिस्तान की शह मिली हुई है और पिछले 6 माह से यह जम्मू कश्मीर में सक्रिय है पीटीआई के मुताबिक इसी आतंकी संगठन ने अप्रैल में जम्मू के पुंछ में हमला किया था और 4 अगस्त को कुलगाम से लगे जंगली इलाके में भी इसी फ्रंट ने हमला किया था। जबकि नॉर्दन आर्मी कमांड के अफसरों का कहना है जिन्होंने इस हरकत को अंजाम दिया उन्हे बख्शा नहीं जायेगा।

जैसा कि सोमवार 11 सितंबर को 4 से 5 आतंकियों की गोडोल कोकरनाग के जंगली पहाड़ी क्षेत्र में होने की खबर सुरक्षा बलों को मिली थी मंगलवार को स्थानीय पुलिस और सेना ने एक सयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था और रात होने पर अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था बुद्धवार 13 सितंबर को यह ज्वाइंट ऑपरेशन फिर शुरू किया गया और जब तलाशी अभियान चल रहा था तो घने जंगल में आतंकियों ने घेराबंदी की और पहाड़ के ऊपरी हिस्से की तरफ से घात लगाकर सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी इस गोलाबारी में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह मेजर आशीष घोचक और जम्मूकश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट शहीद हो गए।

इस दौरान सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को भी मार गिराया था जिसमे सुरक्षा बल के एक राइफल मेन रविकुमार भी शहीद हो गए थे जब सुरक्षा बलों ने जंगल में सर्चिंग की तो उसे मुठभेड़ स्थल से दो एके 47, 7 मैगजीन 2 बुलेट प्रूफ जोकेट और तीन दर्जन से ज्यादा कारतूस बरामद हुए थे।

शहीद डीएसपी हुमायू भट कश्मीर के जिला बड़गाम के त्राल के रहने वाले थे ओपचारिक खानापूरी के बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया गया बुद्धवार की रात पूरे सम्मान के साथ उसे सुपुर्दे खाक किया गया उपराज्यपाल मनोज सिंहा और डीजीपी जेके दिलबाग सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बताया जाता है डीएसपी हुमायू भट की एक साल पहले ही शादी हुई थी वह अपने पीछे पत्नी 2 माह का बेटा और परिजनों को छोड़ गए हैं।

शहादत देने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह पंजाब के मोहाली जिले के भजोड़िया गांव के रहने वाले थे इनके पिता स्व लखवीर सिंह भी आर्मी में सैनिक थे कर्नल मनप्रीत शादीशुदा थे इनके दो भाई और एक बहन है जबकि इनकी पत्नी सहित 7 साल का एक बेटा कबीर और ढाई साल की बेटी बानी है। हाल में इन्हे सेना पुरुष्कार से सम्मानित किया गया था।

मेजर आशीष धौचक हरियाणा राज्य के पानीपत के गांव बिझोल के रहने वाले थे जो तीन बहनों के इकलौते भाई थे फिलहाल इनका परिवार किराए के मकान में रह रहा था उसके पास ही इन्होंने अपना नया घर बनाया था यह अक्टूबर में आने वाले थे तभी यह और इनका परिवार नए घर में प्रवेश करने वाला था। इनकी पार्थिव देह कल शुक्रवार को इनके गांव पहुंचेगी।

इन सभी शहीदों के घर और गांवों में मातम पसरा है भारी तादाद में आसपास के ग्रामवासी अन्य लोग और रिश्तेदार घर पहुंचे हुए है परिजनों खासकर इनके यहां की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है।

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जम्मू-कश्मीरश्रीनगर

जम्मूकश्मीर के अनंतनाग और राजौरी में आतंकियों से मुठभेड़, कर्नल, मेजर सहित डीएसपी शहीद 2 आतंकी भी मारे गए, कैंट ने भी दी शहादत

Anantnag Encounter

श्रीनगर / जम्मू कश्मीर के अनंतनाग और राजौरी में सुरक्षा बलों और पुलिस की आतंकवादियों से मुठभेड़ जारी है लेकिन इस हमले में सेना के कर्नल और मेजर सहित पुलिस के एक डीएसपी शहीद हो गए है जबकि दो आतंकी भी मारे गए है जबकि अपने हैंडलर को बचाने के दौरान केंट ने भी अपनी शहादत दे दी हैं।

कश्मीर के अनंतनाग में बुद्धवार को जब सुरक्षा बलों के साथ स्थानीय पुलिस आतंकियो को पकड़ने के लिए सर्चिंग कर रही थी उसी दौरान अचानक छुपे हुए आतंकियों ने उनपर हमला कर दिया जिसमें कर्नल मनप्रीत सिंह मेजर आशीष और पुलिस के डीएसपी हिमायू भट्ट बुरी तरह से जख्मी होने के बाद शहीद हो गए जबकि एक अन्य जवान के घायल होने की खबर है।

इधर राजौरी के जंगल में 6 आतंकियों के छुपे होने की खबर मिली थी जिन्हे घेरने के लिए सेना के जवान और पुलिस ने मंगलवार की रात सयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था इस ऑपरेशन में आतंकियों की खोजबीन के लिए 21 आर्मी यूनिट की मादा स्वान केंट भी अपने हैंडलर के साथ शामिल थी केंट इस ऑपरेशन को लीड कर रही थी तभी वह एक आतंकी को खोजकर उसे घेर लेती है तभी अचानक आतंकवादी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर देते है लेकिन केंट पीछे नहीं हटती वह अपने शिकार को घेरकर सुरक्षा बलों को आगाह करती रहती है तभी आतंकवादी इसके हैंडलर को निशाना बनाने के लिए फायरिंग करते है लेकिन केंट अपने हैंडलर को बचाने बीच में आ जाती है और गोली लगने से उसकी शहादत हो जाती है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल रात को एक आतंकी को मार गिराते है दूसरा आतंकी सुबह हुई मुठभेड़ में मारा जाता है।

इधर नॉर्दन कमांड के चीफ ले.ज. उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में सुधरते हालात और शांति बहाली से पाकिस्तान बौखला गया है इस बार यहां करीब 2 करोड़ 25 लाख पर्यटको के आने की सम्भावना है जो हाल के सालों में सबसे अधिक है जिससे यहां के लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा लेकिन पाकिस्तान नहीं चाहता कि यहां पर्यटक आने के साथ खुशहाली आए इसलिए उसकी कोशिश यहां भीतरी आतंक को इफेक्ट करने की हैं।

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जम्मू-कश्मीर

जम्मूकश्मीर के कुलगाम से सेना के जवान को आतंकियों ने अगवा किया, ईद मनाने छुट्टी पर घर आया था

A Soldier

कुलगाम / जम्मूकश्मीर के कुलगाम से सेना का एक जवान लापता हो गया है इसकी कार में मिले खून से कई तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो रही है जबकि अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है जिससे संभावना है कि इसको आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया हैं । लेह मैं तैनात यह जवान ईद मनाने अपने गांव आया था। पुलिस और सुरक्षा बल उसकी खोजबीन में लगी हैं।

बताया जाता है मूल रूप से कुलगाम के अस्थाल गांव में रहने वाला सेना का जवान 25 वर्षीय जावेद अहमद बनी लद्दाख के लेह में तैनात है जो पिछले दिनों ईद मनाने छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था शनिवार की रात 8 बजे अपनी कार से चावलगांव किसी काम से निकला था लेकिन घर वापस नहीं आया परिजनों और गांव लोगों ने खोजबीन की नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत की।

तलाश करने पर बनी की कार कुलगाम के पास प्रानहल के पास अनलॉक मिली जांच करने पर पुलिस ने पाया कि कार की सीट में खून के कतरे फैले है और उसकी चप्पल भी कार में मिली। जवान की बहन का कहना हैं कि इसकी अपने भाई से फोन पर बात हुई थी उसने जल्द घर आने का बोला था लेकिन वह नहीं आया तो हमारी चिंता बढ़ गई।

उसकी मां का रो रोकर बुरा हाल है जबकि युवक के पिता ने अपहरणकर्ताओं से उसे छोड़ने की गुहार की है । मां का कहना है उसका बेटा सीधा सादा है हमारी कोई दुश्मनी भी नही है उन्होंने कहा उसको छोड़ दे वह कहेंगे तो इसकी सेना की नोकरी भी छुड़ा देंगे। जबकि बनी के अन्य रिश्तेदारों ने कहा कि उनका लड़का अपने काम से काम रखने वाला था लोगों की मदद भी करता था उन्होंने भी उग्रवादियों से बनी को छोड़ने का अनुरोध किया है।

यदि सही में बनी को आतंकियों ने अगवा किया है तो यह जम्मू कश्मीर की पहली घटना नहीं है इससे पहले भी सहित कई सुरक्षा बल और सेना के जवान और अन्य युवकों का आतंकवादी अपहरण के बाद हत्या भी कर चुके है। जिससे सुरक्षा बलों और बनी के घरवालों रिश्तेदार और परिचितों की चिंता बाजिव है।

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जम्मू-कश्मीरश्रीनगर

G20 सम्मेलन के लिए श्रीनगर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 22 से 24 मई को होगी बैठक

G20 INDIA

श्रीनगर / भारत के श्रीनगर में G 20 देशों का सम्मेलन होने वाला है यह सम्मेलन 22 से 24 मई के बीच जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में होगा इसके लिए केंद्रीय सरकार ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए है और डल झील सहित पूरे क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन के साथ कमांडो तैनात किए जा रहे है।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में G 20 देशों का तीन दिवसीय सम्मेलन 22 मई से शुरू होगा उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ सीआरपीएफ, सीआईएसएफ मार्कोस और एनएसजी कमांडों को तैनात किया गया है और चप्पे चप्पे पर उनकी नजर रहेगी साथ ही बाजार और वहां की दुकानों होटल और डल झील पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया गया है खासकर डल झील पर चौकस नजर रखी जा रही है और पूरी झील पर मॉरिंग कमांडो तैनात किए गए है और झील के दूसरी तरफ एनएसजी कमांडो की तैनाती की गई हैं। साथ ही बैठक के दौरान दुनिया के देशों के आने वाले प्रतिनिधियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का प्रयोग भी किया जाएगा।

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