नई दिल्ली, लखनऊ/ चुनाव आयोग ने SIR के बाद आज उत्तर प्रदेश की ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है जिसमें कुल 12 करोड़ 55 लाख वोटर इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए है जबकि 2025 की सूची में कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे इस तरह पिछली मतदाता सूची के मुकाबले 2 करोड़ 89 लाख वोटर कम हो गए है जिसमें 46.23 लाख वोटर मृत बताते गए है जबकि 2.17 करोड़ वोटर शिफ्ट हो गए है। इस तरह यूपी में पुरानी सूची से 18 फीसदी वोटर कम हुए यानि हर पांचवे मतदाता का नाम हट गया है बड़ी बात है कि यूपी की हर विधानसभा से 61 हजार वोटर कम हो गए है जो बड़ा आंकड़ा है।
पिछले दिनों चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन (SIR) कराने की घोषणा की थी जिसमें एक माह का समय निर्धारित किया था लेकिन यूपी में तीन बार SIR का समय बढ़ाया गया पहले 1 हफ्ता फिर 15 दिन और उसके बाद फिर से एक हफ्ता और चुनाव आयोग ने आज 6 जनवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख तो ललितपुर में सबसे कम 95 हजार मतदाता कम हुए इस ड्राफ्ट मतदाता सूची में वोटर, आयोग की बेव साइट पर अपना नाम देख सकते है यदि फार्म भरने के बावजूद नाम नहीं है तो मतदाता 6 फरवरी तक दावे आपत्ति दर्ज करा सकते है वोटर आवश्यक दस्तावेजों के साथ वोट जोड़ने के लिए 6 और कटवाने के लिए 7 नंबर फॉर्म भरकर जमा करा सकते है आयोग ने एक हेल्प लाइन नम्बर 1950 भी जारी किया है जिससे मदद ली जा सकती है इसके लिए एक महीने का समय निर्धारित किया गया है आयोग के मुताबिक शहरी क्षेत्र में कम सहयोग मिलने के कारण क्षेत्र में विशेष कैंप भी लगाएं जाएंगे। आयोग 6 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा।
उत्तर प्रदेश से पहले आयोग 11 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों की ग्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर चुका है जिसमें कुल 3 करोड़ 69 लाख मतदाताओं के नाम कटे है मध्यप्रदेश में 42.84 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख केरल में 24.08 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, तमिलनाडु में 97 लाख, गुजरात में 73 लाख,गोवा में 11.85 लाख पुडुचेरी 1.03 लाख अंडमान द्वीप 3.10 लाख, लक्षद्वीप में 1,616 हजार वोटर कम हुए है।
लेकिन यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आने से पहले ही सियासत चरम पर थी –
लेकिन इस ड्राफ्ट लिस्ट के आने के करीब 15 दिन पहले यूपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ लखनऊ में हुई एक मीटिंग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने सभी को चौकाया था जिसमें योगी ने कहा कि 2025 में उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे SIR के बाद नई सूची में 18 वर्ष पूरी करने वाले मतदाताओं के नाम जुड़ने के बाद करीब यह संख्या 16 करोड़ होना चाहिए थी लेकिन करीब 4 करोड़ मतदाओं के नाम कम हो रहे है यह वोटर आपके विरोधी नही बल्कि 85 से 90 फीसदी वोटर आपका वोटर है इस तरह बढ़ने की बजाय हम वोटर घट रहे है इसलिए सभी कार्यकर्ता इन वोटरों के नाम जुड़वाने के लिए जुट जाए।
इस पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाते हुए कहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ को यह जानकारी कैसे मिली कि 4 लाख वोटर घट रहे है सपा ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया था। लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव के दिए एक बयान ने फिर से सवाल उठा दिया अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने लिस्ट में पीडीए वोटरों के नाम सक्रियता से जुड़वाए है इसलिए सपा समर्थित सभी मतदाताओं के नाम जुड़ गए है और बीजेपी के घटे है इसलिए सपा का अगले चुनाव में सत्ता में आना तय है।इस तरह सपा जो पहले कांग्रेस के साथ चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाती रही थी एकाएक सपा प्रमुख के इस बयान ने भी चौंकाने का काम किया।
अब क्या बोले सपा नेता अखिलेश यादव –
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है इस सूची में करीब 3 करोड़ नाम कटने से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे है उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को आव्हान कर कहा हमें बीजेपी की साजिश को विफल करना है पार्टी के लोग हर बूथ पर पूरी तैयारी से जुट जाएं और हर मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाए।
जबकि कांग्रेस ने कहा कि SIR प्रक्रिया में जो साजिश हुई है उसकी जांच होना चाहिए।















