ग्वालियर / ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के सिमरिया ताल के पास रेल से कटकर एक युवक ने मंगलवार को अपनी जान दे दी थी। बताया जाता है इस युवक पर एक नाबालिग लड़की ने रेप का आरोप लगाया था इससे पहले फरियादी पक्ष और आरोपी के परिजनों के बीच समझौते के लिए मीटिंग हुई थी फरियादी पक्ष ने 20 लाख की बड़ी रकम की मांग की लेकिन युवक के परिजनों ने 10 लाख तक देने का वादा किया और सौदा नहीं पटा इस तरह डील कैंसिल हो गई। थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। इधर अपने जवान बेटे की आकस्मिक मौत के लिए लड़की के परिजनों को दोषी मानते हुए गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया। जिसमें लाठीचार्ज के दौरान पथराव हुआ पुलिस ने करीब 11 नामजद और करीब 45 अज्ञात लोगों पर केस कायम कर लिया है।
यह दर्दनाक घटना 15 जुलाई को डबरा – ग्वालियर के बीच सिमरिया के रेलवे ट्रैक पर हुई थी मृतक युवक की पहचान आकाश रावत (21 वर्ष), पिता बाल किशन उर्फ कल्लू रावत के रूप में हुई जो ग्राम पचोखरा हाल निवासी बडोनकलां तिराहा, थाना गोराघाट, जिला दतिया के रूप में हुई ।
आकाश के ताऊ महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि रविवार को गांव की एक लड़की गायब हो गई थी उसके परिजनों ने आकाश पर उसे भगाने का, आरोप लगाया और गोराघाट थाने में शिकायत की थी सोमवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया और समझौते की कोशिश की गई तो लड़की के घरवालों ने आकाश रावत के परिवार से समझौते के लिए 20 लाख की रकम देने की मांग की लेकिन आकाश के घरवाले इतनी बड़ी राशि देने को तैयार नहीं हुए उन्होंने 10 लाख तक देने की हामी भरी बताया जाता है इस तरह सौदा नहीं पटा। उसके बाद पुलिस ने आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली जिससे युवक सदमे में आ गया और बुरी तरह से टूट गया बताया जाता है इसी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। उससे पहले आकाश ने अपने पिता को बताया पुलिस उसका पीछा कर रही है और वह रेलवे ट्रैक की ओर जा रहा है। लेकिन जब तक घरवाले पहुंचते उसने सुसाइड कर लिया।
इस घटना के बाद पुलिस जब युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी तो मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस जवानों से शव ले लिया और बड़ोनकला तिराहे स्थित ग्वालियर झांसी नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। जिससे वाहनों की लंबी कतार दोनों ओर लग गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाइश दी लेकिन वह नहीं माने उनकी मांग हैं कि लड़की के परिजनों ने युवक की हत्या की है इसलिए पहले उनके खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करे। बताता जाता है इस दौरान दतिया के गोराघाट सहित कई थानों और डबरा पुलिस का बल वहां आ गया और जब पुलिस ने उन्हें लाठी चार्ज कर जबरन हटाने की कोशिश की तो संघर्ष की स्थिति निर्मित हो गई पुलिस के लाठीचार्ज के बीच पथराव होने लगा पुलिस ने वाटर केनन और बल प्रयोग से काफी मशक्कत के बाद भीड़ को तितर बितर किया तब जाकर चक्काजाम खत्म हुआ लेकिन पुलिस लाठीचार्ज में महिलाओं सहित कई लोग घायल हो गए है।
पुलिस ने इस मामले में शासकीय कार्य में बांधा, पथराव और चक्काजाम करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जिसमें 11 नामजद और 40 से 45 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में उदयभान रावत जयेंद्र सिंह सोमवंशी सोनू रावत भारत रावत महेंद्र रावत प्रवेश रावत संजू रावत नरेश रावत अटल रावत और रामगोपाल रावत कोटरा शामिल है। जबकि डबरा पुलिस युवक के शव को लेकर पीएम किए डबरा रवाना हो गई।





