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अयोध्याउत्तर प्रदेश

राम मन्दिर निर्माण की आस पूर्ण, अयोध्या सजधज कर तैयार, शुभमुहूर्त में 5 अगस्त को संत समाज के साथ प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भूमिपूजन

Ram Temple
  • राममन्दिर निर्माण की आस पूर्ण, अयोध्या सजधज कर तैयार …

  • शुभमुहूर्त में 5 अगस्त को संत समाज के साथ प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भूमिपूजन…

  • धार्मिक रीति रिवाज के साथ होगा आयोजन…

अयोध्या – 5 अगस्त बुधवार का दिन धार्मिक ग्रंथो और इतिहास में हमेशा के लिये दर्ज होने वाला है क्योंकि तमाम उतार चढ़ाव और कानूनी बाधाओं को पार करने के बाद अयोध्या में राममंदिर निर्माण की नींव रखी जा रही हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संत समाज के साथ अभिजीत मुहूर्त और घनिष्ठा नक्षत्र में पवित्र सरयू नदी के तीर पर भूमि पूजन करेंगे और इस तरह हर देशवासियों की राम मंदिर निर्माण की पांच सौ साल पुरानी आस पूरी होगी।

जैसा कि भारतीय ज्योतिष और शास्त्रों में पांच के अंक अर्थात पंच तत्वों का काफी महत्व समझा जाता है इसलिये राममंदिर भूमि पूजन और निर्माण के दौरान शुरू से लेकर अंत तक हर जगह इसे महत्व दिया गया हैं।

खास बात है कि अयोध्या में राममन्दिर निर्माण के भूमिपूजन का समय मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के जन्म का समय का रखा गया है और यह अभिजीत शुभ मुहूर्त है दोपहर 12.15 मिनट जो घनिष्ठा नक्षत्र में हैं। प्रारंभ में गौरी गणेश की पूजा अर्चना उंसके साथ कच्चपराज – नागदेवता की पूजा अर्चना का कार्यक्रम शुरू होगा।

जैसा कि ज्योतिष में 5 अंकों का तो शास्त्रों में 5 तत्वों जल अग्नि वायु आकाश और पृथ्वी का काफी महत्व है इसी के महत्व को दर्शाने के लिये 5 नदियां गंगा यमुना कावेरी सरस्वती और सरयू का जल 5 प्रमुख तीर्थो बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमुनोत्री रामेश्वरम और कुंभ स्थलों की मिट्टी जल सहित 5 शिला रूपी चांदी की ईंटे भी भूमि पूजन में रखी जायेगी।

जैसा के त्रेता युग मे वनवास के दौरान भगवान राम उज्जैन भी आये थे यहां उन्होंने शिप्रा नदी के तट पर भगवान शिव की आराधना की थी आज भी उज्जैन में शिप्रा नदी पर रामघाट हैं। यही बजह है की उज्जैन के महाकाल की भभूत शिप्रा का जल पवित्र माटी भी अयोध्या के भूमिपूजन में चढ़ाई जायेगी।

जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त बुद्धवार को सुबह 11.30 बजे अयोध्या पहुंचेंगे और करीब दोपहर 2.30 बजे तक अयोध्या में रहेंगे और राममंदिर के भूमिपूजन एवं धार्मिक स्थलों हनुमान गढ़ी और कनक मंदिर के दर्शन औऱ अन्य धार्मिक आयोजन में शामिल होंगे। बताया जाता हैं इस धार्मिक आयोजन में स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रमुखता से मौजूद रहेंगे।

बताया जाता है कि कोरोना संक्रमण के चलते संबंधित गाइड लाइन का कार्यक्रम के दौरान पूरा पालन किया जाना है इसलिए शुरूआत में कम से कम लोगों को आमंत्रण देने का फैसला राम जन्म भूमि मंदिर न्यास ने लिया था और केवल 200 लोंगो को निमंत्रण दिया जाना था जो 50 -50 के चार हिस्सों में कार्यक्रम स्थल पर बैठना थे लेकिन अब बताया जाता है 170 लोग ही इस आयोजन में शामिल होंगे।

जैसा कि लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल ,कल्याणसिंह, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतुम्भरा, प्रवीण तोगड़िया, प्रमोद महाजन, महंत परमानंद जी महाराज, महंत नृत्य गोपालदास, विष्णुहरी डालमिया सुदर्शन जी, श्रेषाद्री जी, महंत अभेदनाथ जी जैसी विभूतियां थी, जिन्होंने 6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में कारसेवकों का नेतृत्व किया था। इनमें से कुछ लोग अब नही हैं। इनमें से कई को राममन्दिर भूमिपूजन कार्यक्रम का निमंत्रण दिया गया हैं, तो कई को अभी तक न्यौता नही मिला हैं। संभवता कोरोना संकट के चलते यह फैसला मंदिर ट्रस्ट ने लिया होगा।

साध्वी उमा भारती ने ऐलान किया है, वे अयोध्या तो जाएंगी लेकिन भूमिपूजन कार्यक्रम में भाग नही लेंगी। सरयू नदी के तट पर रहेंगी, और जब प्रधानमंत्री चले जायेंगे तब उमाभारती कार्यक्रम स्थल पर दर्शनार्थ पहुंचेगी। उनका कहना है उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण के चलते और पीएम की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया हैं।

Alkendra Sahay

The author Alkendra Sahay

A Senior Reporter

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