इंदौर / मध्यप्रदेश के इंदौर में अभी तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है अस्पताल में भर्ती एक और मरीज ओमप्रकाश शर्मा की मौत हो गई है। जबकि करीब 150 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है इनमें से 11 मरीज आईसीयू में है। वही 20 नए मरीज आज और सामने आए है। इधर सरकार ने स्वीकार किया कि यह महामारी है जबकि एक नई और गंभीर बीमारी जीबीएस का भी एक मामला सामने आया है। कलेक्टर का कहना है यह एपिडेमिक कैसे फैला इसकी जांच भोपाल से आई एम्स और ICMR की टीमें कर रही है।
मध्य प्रदेश के सबसे इंदौर की पहचान देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में होती है इस शहर ने लगातार 8 बार इसका एवार्ड लिया है, लेकिन अब सवाल पानी की शुद्धता पर उठ रहे हैं. इंदौर में दूषित और जहरीले पेयजल की वजह से फ़ैले डायरिया के प्रकोप ने गंभीर रूप ले लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बीमारी के चलते अब तक 398 मरीज़ अस्पतालों में भर्ती कराए जा चुके हैं. इनमें से 256 मरीज़ ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 142 मरीज़ अभी भी अस्पताल में इलाजरत हैं। इनमें 11 मरीज़ ICU में भर्ती हैं।
बताया जाता है भागीरथपुरा में रहने वाली पार्वती बाई दूषित पानी पीने के बाद गुईलेन- बेरे सिंड्रोम (जीबीएस) बीमारी हो गई है जो शरीर की नसों पर गहरा असर डालती है इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद की नसों पर हमला करती है जिससे पूरे शरीर ने झुनझुनी सुन्नपन होता है और पैरालाइसिस होने का खतरा हो जाता है इसका इलाज काफी मंहगा होता है। उनके परिवार के प्रदीप कोंडला के मुताबिक 27 दिसंबर की रात उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत होने के बाद 28 दिसंबर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया टेस्ट रिपोर्ट के हद मालूम हुआ उन्हें जीबीएस हुआ है गंभीर स्थिति में वह वेंटिलेटर पर है किडनी की परेशानी बढ़ने से उनका डायलिसिस भी हो रहा है।
सबसे साफ़ शहर में सीवर युक्त गंदा पानी पीने से अभी तक 17 मौतें हो चुकी है, नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बताया जाता है धार के शिव कॉलोनी के रहने वाले रिटायर्ड पुलिस कर्मी शिवकुमार शर्मा (69 साल) इंदौर में रहने वाले अपने बेटे से मिलने आए थे 1 जनवरी को दूषित पानी के कारण उल्टी दस्त से उनकी तबियत खराब हुई 1 जनवरी को उन्हें परिजनों ने निजी अस्पताल में हालत बिगड़ने पर 2 जनवरी को उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया जांच के आया कि उनकी किडनी खराब हो गई है रविवार को दोपहर करीब 1 नहीं उनकी मौत हो गई बेटे के मुताबिक उन्हें बीपी के अलावा पहले कोई बीमारी नहीं थी।
जबकि कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक न्यूज एजेंसी को बताया है कि यह एपिडेमिक (एक क्षेत्र में संक्रमण) कैसे फैला यह जांच का विषय है इसकी जांच भोपाल एम्स और ICMR की टीम कर रही है इसकी रिपोर्ट के बाद ही सही स्थिति और इस बीमारी के फैलने का सही कारण पता चलेगा। जबकि CMHO डॉक्टर माधव हसानी का कहना है फिलहाल महामारी घोषित नही है सिर्फ डायरिया है जिससे भागीरथपुरा को एपिडेमिक यानी पानी संक्रमित माना है।
अधिकारियों ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन निगरानी लगातार जारी है. डायरिया संक्रमण के ग्राउंड जीरो माने जा रहे भगीरथपुरा इलाके में स्वास्थ्य टीमों ने रविवार को 2,354 घरों के 9,416 लोगों की जांच की. इस दौरान 20 नए डायरिया मरीज सामने आए. 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप भी किया गया । भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से आधिकारिक रूप से अधिकारियों ने केवल 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
दूषित पानी ने अभी तक किस किस की ली जान-
1. नंदलाल पाल, उम्र 75 साल
2. उर्मिला यादव, उम्र 60 साल 3. उमा कोरी, उम्र 31 साल
4. मंजुला उम्र, 74 साल
5. ताराबाई कोरी, उम्र 70 साल
6. गोमती रावत, उम्र 50 साल
7. सीमा प्रजापति, उम्र 50 साल
8. संतोष निगौलिया
9. जीवनलाल बड़ेले,उम्र 80 साल
10 .सुमित्रा बाई
11. अशोकलाल पंवार
12. शंकरलाल भाया,उम्र 70 साल
13. अरविंद लिखार
14. आव्यान साहू उम्र 5 माह
15. गीता बाई
16. हीरालाल उम्र 65 साल
17. ओमप्रकाश शर्मा उम्र 69 साल





