नई दिल्ली / पुलिस और प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर को खोलने के लिए किसानों को खदेड़ने के साथ वहां लगे शेड हटा दिए है इस बीच इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवण सिंह पंधेर सहित अन्य आंदोलनकारी किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया, वही हरियाणा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह कार्यवाही किसान नेताओं और सरकार के बीच 7 वी वार्ता के फेल होने के बाद शुरू की गई।
फसलों के लिए एमएसपी की लीगल गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर किसान खनौरी और शंभू बॉर्डर पर 13 महीनो से आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को सरकार और किसान नेताओं के बीच 7 वे दौर की वार्ता हुई थी लेकिन इस मीटिंग में दोनों के बीच सहमति नहीं बनी और इस तरह सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली यह वार्ता भी विफल हो गई।
इसके उपरांत जब किसान नेता खनौरी और शंभू बॉर्डर लौट रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया इसमें आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण सिंह पंधेर और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल प्रमुख रूप से शामिल थे। पंधेर को मोहाली के एयरपोर्ट रोड और डल्लेवाल को एंबुलेंस से ले जाया गया। इनके अलावा किसान नेता काका सिंह कोटड़ा, अभिमन्यु कोहाड़ मनजीत राय और ओंकार सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया जाता है किसान नेताओं को पटियाला के कमांडो सेंटर (बहादुर गढ़) शिफ्ट किया गया है।
लेकिन पहले से ही बनी योजना के मुताबिक पंजाब पुलिस ने शंभू बॉर्डर और हरियाणा पुलिस और प्रशासन ने खनौरी बॉर्डर को खाली कराने के प्रयास शुरू कर दिए इस दौरान भारी तादाद ने पुलिस बल जेसीबी सहित अन्य संसाधनों और लाव लश्कर के साथ वहां पहुंच गया और उसने बुलडोजर की मदद से किसान संगठनों के बॉर्डर पर लगाये गए अस्थाई शेड तोड़ना शुरू कर दिया इस दौरान मंच पंखे मेडिकल सुविधा और अन्य संसाधनों को हटा दिया गया। इसके बाद बोर्डर से दिल्ली की ओर आवाजाही शुरू कराई जा रही है।
इस कार्यवाही और एक्शन के पीछे जो बजह सामने आई है उसने मुताबिक किसान 13 फरवरी से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना आंदोलन कर रहे थे उस समय उनके दिल्ली कूच को पुलिस ने रोक दिया था उसने बाद किसान अपनी मांगो को लेकर इन दोनों बोर्डर पर आंदोलन कर रहे थे।
बताया जाता है पुलिस और प्रशासन के इस एक्शन के बाद वहां मौजूद किसानों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और भूख हड़ताल शुरू कर दी है साथ ही किसान अपनी मांगो को लेकर नारेबाजी कर अपने नेताओं को रिहा करने की मांग भी कर रहे है। जबकि कार्यवाही के दौरान बार्डर के टेंटो में मौजूद किसानों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
किसानों की प्रमुख मांगे —
- सभी फसलों पर MSP पर खरीद की गारंटी का कानून बने।
- .डॉ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के तहत कीमत तय हो।
- किसान – खेत मजदूर का कर्जा माफ हो, पेंशन दी जाए।
- मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए।
- भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को दोबारा लागू किया जाए।
- विद्युत संशोधन विधेयक 2000 को रद्द किया जाए।
- नकली बीज, कीटनाशक दवाईयां एवं खाद उत्पादक कंपनियों पर कड़ा कानून।
- किसान आंदोलन में मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा ,सरकारी नौकरी मिले।
- लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए।
- मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम दिया जाए, उसकी दिहाड़ी 700 रुपए की जाए।





