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ग्वालियरमध्य प्रदेश

पिता का सपना पूरा करने बनी डिप्टी कलेक्टर, ग्वालियर की केवी टीचर पिछले 5 सालों से हो रही पीएससी में सिलेक्ट

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ग्वालियर- मुझे हर हालत में प्रशासनिक अफसर बनना था क्योंकि मुझे अपने पिता के सपने को पूरा करना था इसलिए 20 दिन के बच्चे के साथ भी मैने अपनी पढाई जारी रखी और घरवालों की मदद से आज में अपने पिता का सपना पूरा करने में कामयाब हुई हूं। इस कामयाबी के लिए मेरी सास और भाई को श्रेय जाता है। ये कहना है ग्वालियर के केवी-2 में बतौर टीचर तैनात आरती यादव का बुधवार रात पीएससी 2015 के रिजल्ट में उन्हें 11वीं रेंक हासिल हुई है। ये हैं केवी-2 में इकोनोमिक्स की टीचर आरती यादव ।

मूलत रीवा की रहने वाली आरती शुरु से ही पढाई में होशियार थी। उन्होंने 2007 में ग्रेजुएशन के बाद केवी में टीचर की नौकरी हासिल की थी लेकिन वे अपनी इस नौकरी से खुश नहीं थी इस दौरान 2013 में उनकी शादी हो गई। शादी के दो साल बाद ही उन्हें बेटा हुआ इसी दौरान पीएससी की परीक्षा भी आ गई। छोटे बच्चे को सास केशकुमारी ने कभी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। इस दौरान उन्होंने अपनी बहू को पढाई के लिए अनुकूल माहौल दिया।

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खास बात ये है कि आरती 2010 से ही पीएससी की परीक्षा दे रही थी और ये भी बात गौरतलब है कि हरबार उनका सिलेक्शन हुआ। 2010 में सैल्सटैक्स इन्सपेक्टर के लिए 2012 में एएसएलआर, 2013 में सीएमओ और 2014 में एआरटीओ के लिए वे चयनित हुईं लेकिन मन में अधिक अधिकार संपन्न अफसर बनने का सपना था। इसलिए उन्होंने पीएससी 2015 फेस किया और ये सफलता हासिल की। आरती के घरवाले उनकी इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं।

आरती के पति विजयराज शिवपुरी के गर्ल्स कॉलेज में सहायक प्राध्यापक हैं ठीक एक साल पहले अप्रैल में ही आरती ने मुख्य परीक्षा दी थी जबकि पिछले महीने 16 मार्च को इंदौर में उनकी इंटरव्यू हुआ था। आरती की कामयाबी से साफ है कि मन में कोई चीज ठान ली जाये और ईमानदारी से उसके लिए मेहनत की जाये तो कामयाबी दूर नहीं रह सकती।

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