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ग्वालियरमध्य प्रदेश

कभी ज्योतिरादित्य के धुरविरोधी रहे गोविंद सिंह ने भी माना सिंधिया का लोहा, लेकिन जीत पर पूरा क्रेडिट देने से बचे

Govind singh Ex Minister
  • कभी ज्योतिरादित्य के धुरविरोधी रहे गोविंद सिंह ने भी माना सिंधिया का लोहा,
  • लेकिन जीत पर पूरा क्रेडिट देने से बचे

ग्वालियर- वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है कि मुंगावली और कोलारस विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान कांग्रेस सांसद ज्योतिरा दित्य सिंधिया का क्षेत्र में काफी प्रभाव है।

हालांकि वे इन दोनों जीतों का श्रेय कांग्रेस सांसद सिंधिया को देने से बचते नजर आए क्योंकि उन्हें राजा दिग्विजय सिंह का गुट का व्यक्ति माना जाता है। लेकिन उन्होंने खाकी कहा कि ज्योतिराज सिंधिया ने जिस तरह से इलाके में कांग्रेस का प्रचार प्रसार किया उससे यह जीत संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि इन दोनों में कांग्रेस के आम कार्यकर्ता दिलो जान से लगे रहे जिसके फलस्वरुप सरकार के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। डॉक्टर सिंह ने कहा कि प्रदेश में पार्टी का नेता कौन होगा यह आलाकमान तय करेगा। लेकिन यह जीत का श्रेय किसी व्यक्ति को देना अनुचित होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह शताब्दी एक्सप्रेस बुधवार रात वाली लौटे थे ट्रेन से उतरने के बाद उनसे मीडिया मुखातिब था। कोलारस और मुंगावली के उपचुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस के लोग फूले नहीं समा रहे हैं….

इसका उदाहरण आज शाम शताब्दी एक्सप्रेस में देखने को मिला। जहां कांग्रेस के 2 विधायकों ने प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री नरोत्तम मिश्रा को घेर लिया। ट्रेन की दाहिनी सीट पर गोविंद सिंह थे, वहीं बायीं सीट पर केपी सिंह थे। दोनों ही कांग्रेस विधायकों ने नरोत्तम मिश्रा को बीच बैठाल लिया था। इस दौरान बारी-बारी से दोनों ही विधायकों ने नरोत्तम मिश्रा से तीखे सवाल किए। सवाल यह थे कि मुंगावली और कोलारस चुनाव में सरकार ने लोगों को कितना पैसा बांटा? कितने वोट खरीदे, फिर भी चुनाव क्यों नहीं जीत पाए ? गोविंद सिंह के सवाल पर नरोत्तम मिश्रा ने सारे सवालों को खारिज कर दिया। लेकिन उन्हीं सवालों को फिर से कांग्रेस के विधायक के पी सिंह ने नरोत्तम मिश्रा से किए, जिस पर वे खामोश हो गए।

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