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ग्वालियरमध्य प्रदेश

बेटी की तलाश में हताश हो चुके पिता ने लगाई फांसी, दीवारों पर लिखा सुसाइड नोट

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बेटी की तलाश में हताश हो चुके पिता ने लगाई फांसी, दीवारों पर लिखा सुसाइड नोट , पुलिस को किया सवालो के घेरे में खडा|

ग्वालियर- अपनी लापता बेटी को ढूंढते-ढूंढते एक बाप की आंखे इस कदर पथरा गई कि उसने शुक्रवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन फांसी लगाने से पहले उसने दीवारों पर लापता बेटी को ढूंढने में पुलिस की अक्षमता पर सवाल खडे किए। इससे पहले भी ये बुजुर्ग दो बार धरना प्रदर्शन कर चुका था। अब पुलिस जिम्मेवारी से बचने के लिए बुजुर्ग की आत्महत्या को पारिवारिक मैटर करार दे रही है। मामला दतिया जिला मुख्यालय से 12 कि.मी दूर डोंगरपुर गांव का है। यहां रहने वाले राजेंद्र शुक्ला(68) ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले राजेंद्र शुक्ला ने अपने गांव के घर, मंदिर की दीवार टेबल और अपनी जेब में सुसाइड नोट छोडा। जिसमें लिखा था मेरी बेटी के साथ क्या किया गया, वो मार दी गई या मर गई, ये पुलिस बताए और न्याय संघर्ष में जान जाए।

दरअसल डोंगरपुर माता मंदिर के पुजारी राजेंद्र शुक्ला ने अपनी बेटी कविता की शादी ग्वालियर में रहने वाले कुलदीप दुबे के साथ की थी। शादी के कुछ साल बाद ही कुलदीप व कविता का तलाक हो गया। इसके बाद शुक्ला ने कविता की दूसरी शादी ग्राम उपरांय निवासी ब्रह्मानंद दीक्षित के साथ कर दी। एक साल तक कविता ब्रह्मानंद के साथ रही। अगस्त 2014 में ब्रह्मानंद व कविता दतिया आए। यहां किला चैक से कविता अपने पति ब्रह्मानंद से यह कह कर बाजार की ओर चली गई कि वह कुछ कपउे खरीदने जा रही है। इसके बाद कविता कभी नहीं लौटी।

गौरतलब है कि ढाई साल पहले गायब हुई कविता की तलाश के लिए गौराघाट और कौतवाली थाने के राजेंद्र शुक्ला कई चक्कर लगा चुके थे। उन्होंने सितंबर 2016 में एक महिने तक धरना दिया था। इसके बाद 23 जनवरी को उन्होने ने दोबारा धरना दिया  और 10 फरवरी से उन्होंने खाना-पीना छोड दिया था। इस मामले में एएसपी जयवीर सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के पीछे की वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।

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