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भिंड में रेत माफ़िया का सच दिखाने वाले पत्रकार की ट्रक से कुचलकर हत्या, आरा में दौ पत्रकारो को वाहन ने कुचला

Crime Scene
  • भिंड में रेत माफ़िया का सच दिखाने वाले पत्रकार की ट्रक से कुचलकर हत्या,
  • आरा में दौ पत्रकारो को वाहन ने कुचला

भिंड – आरा / बिहार प्रान्त के आरा में बीते दिन दो पत्रकारों की वाहन से कुचलकर निर्मम हत्या के बाद आज मध्यप्रदेश के भिंड शहर में रेत माफ़िया का सच दिखाने वाले एक पत्रकार को ट्रक से कुचल दिया गया। जिससे साफ़ होता है कि सच्चाई दिखाने वाले जर्नलिस्ट की जान कितनी सस्ती हो गई है जिससे सबाल उठता है कि आज के प्रजातन्त्र में सच्चाई की आवाज उठाना क्या अपराध हो गया है।

भिंड में एक एलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकार संदीप शर्मा को आज रेत माफ़िया ने ट्रक से कुचलवा दिया एक कार्यक्रम से लोटकर बाइक से वे जब कोतवाली थाने के पास से गुज्रर रहे थे तभी इस दर्दनाक घटना को अंजाम दिया गया सीसीटीवी केमरे के फ़ुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है कि किनारे से जा रहे संदीप को जानबूझकर ट्रक ड्र्राइवर ने ट्र्रक से कुचल दिया, पुलिस प्रशासन की गम्भीरता देखिये कि वह उन्हें हाँस्पिटल ले जाने की बजाय सीधा डेड हाउस ले गया बाद में उनके पत्रकार साथियों के विरोध के बाद जब वहां से अस्पताल लाया गया तब तक पत्रकार संदीप दम तोड़ चुके थे।

संदीप शर्मा ने पिछले दिनों रेत माफ़िया और पुलिस के गठजोड़ का एक स्ट्रिन्ग किया था और यह ख़बर काफ़ी चर्चा में रही थी जिसके चलते इसमें अटेर के एसडीओपी इन्द्रवीर सिंह भदोरिया भी फ़ँस गये थे। बताया जाता हैं कि इसके बाद रेत माफ़िया लगातार संदीप शर्मा को धमकिया दे रहा था, संदीप ने एस. पी. से लेकर डीजीपी तक आवेदन के जरिये झूठे मामले में फ़ँसाने के साथ अपनी हत्या की सम्भावना व्यक्त करते हुए अपनी सुरक्षा की गुहार पुलिस अधिकारियो से लगाई थी, परंतु रेत माफ़िया ने आज उनकी निर्मल हत्या कर दी।

भिंड एस. पी. प्रशान्त खरे ने इस मामले की जाँच के लिये एसआईटी का गठन किया है लेकिन फ़िलहाल धारा 302 के तहत हत्या का मामला पुलिस ने दर्ज नही किया है। इधर मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि पत्रकारो की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है मध्यप्रदेश में अपराध के लिये कोई जगह नही है इस मामले में आरोपियो के खिलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होगी।

वही कांग्रेस नेता ज्योतरादित्य सिंधिया ने पत्रकार की मौत पर संवेदना प्रकट की है उन्होंने कहा कि सरकार रेत माफ़िया पर अंकुश लगाने में नाकामयाब रही है प्रदेश का चंबल एरिया हो या नर्मदा का इलाका सभी नदियों से अवैध रेत उत्खनन जारी है इससे पहले मुरेना में आईपीएस नरेंद्र कुमार को खनन माफ़िये के हाथों अपनी जान गवाना पडी, आये दिन घटनाएं हो रही हैं। सिंधिया ने इसे साजिश बताते हुए सीबीआई से जाँच की मांग की है।इधर जानकारी मिली है कि भिंड पुलिस ने ट्रक ड्र्राइवर रणवीर यादव को गिरफ़्तार कर लिया है और वह उससे पूछताछ कर रही है।

बिहार के आरा क्षेत्र में बीते दिन दो पत्रकारों को वहां के दबंग हरशू मुखिया ने अपनी स्कार्पियो वाहन से कुचलकर मार डाला, बताया जाता है आरा के दैनिक भास्कर के पत्रकार नवीन निश्चल अपने एक साथी विजय सिंह के साथ जब अपने दफ़्तर से बाइक से घर जा रहे थे तभी उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी गई जिससे कुचलकर दौनो की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, बताया जाता है एक खबर को लेकर पत्रकार नवीन को दो दिन पहले मुखिया ने धमकी दी थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कार्पियो सहित अन्य वाहनो में आग लगादी। बताया जाता है पुलिस ने मुखिया को गिरफ़्तार कर लिया लेकिन उसका बेटा जो इस वारदात के बाद पीछे आ रही एक बाइक पर बैठकर फ़रार हो गया था पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का मुख्य आरोपी तौफ़ीक़ सहित तीन आतंकी गिरफ़्तार

Police Arrested

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का मुख्य आरोपी तौफ़ीक़ सहित तीन आतंकी गिरफ़्तार

गया – गया पुलिस और एटीएस को बड़ी सफ़लता हाथ लगी है उन्होने अपने सयुक्त अभियान में एक साईबर कैफ़े से 2008 में अहमदाबाद में हुएं सीरियल ब्लास्ट के मुख्य आरोपी तौफ़ीक अहमद सहित तीन आतंकवादियों को गिरफ़्तार कर लिया है।

एटीएस काफ़ी लम्बे समय से अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपियो की घेराबंदी में बडी़ शिद्दत से लगी थी उसे खुफ़िया सूत्रों से तौफ़ीक अहमद और उसके साथियो के बिहार के गया में होने की जानकारी मिली, एटीएस ने गया आकर स्थानीय पुलिस की मदद से जाल बिछाया और शहर के एक साइबर केफ़े से तौफ़ीक अहमद और दो अन्य आतंकवादियो को धर पकड़ा, समझा जाता है यह कोई नई आतंकी साजिश को अंजाम देने की फ़िराक में थे और गया में उसकी योजना बना रहे थे।

जैसा कि अहमदाबाद में 2008 में आतंकवादी तौफ़ीक और उसके साथियों ने एकसाथ अलग अलग 21 जगहो पर ब्लास्ट किये थे जिसमें 56 निर्दोष नागरिको की दर्दनाक मौत हुई थी।

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बिहार का 950 करोड़ का सृजन घोटाला, लालू ने नीतीश का इस्तीफ़ा मांगा, विधानसभा में आरजेडी विधायको ने किया हंगामा

Lalu Prasad Yadav
  • बिहार का 950 करोड़ का सृजन घोटाला
  • लालू ने नीतीश का इस्तीफ़ा मांगा
  • विधानसभा मै आरजेडी विधायको ने किया हंगामा

पटना.. बिहार के 950 करोड़ के सृजन घोटाले को लेकर आरजेडी हमलावर हो गई है, उसके नेता लालूप्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमन्त्री सुशील मोदी का इस्तीफ़ा मांगा है,लालू का आरोप है आरबीआई की पहल पर यह घोटाला उजागर हुआ था परन्तु सीएजी की रिपोर्ट के बावजूद आरोपियो पर सरकार ने कोई कार्यवाही नही की, उन्होने सीबीआई को केंद्र का तोता बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है इधर गिरफ़्तार एक आरोपी की बीमारी के चलते मौत हो गई है और आज मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में इस मामले को लेकर आरजेडी विधायको ने हंगामा किया।

बिहार के भागलपुर की एक सृजन नाम के एनजीओ के बैंक खाते में 950 करोड़ की बड़ी राशि सामाजिक कल्याण विभाग ने डी एम के फ़र्जी हस्ताक्षर कर अनाधिक्रत रूप से ट्रांसफ़र की थी और तेरह साल पहले यह घोटाला उजागर हुआ था तत्कालीन डी.एम की शिकायत पर यह मामला आरबीआई पर पहुंचा और सीएजी की जांच में सही पाया गया कि घालमेल हुआ है, जिसमे पहले एनजीओ को चलाने वाले प्रिया और अमित कुमार को नोटिस जारी किया गया था वही पिछले दिनो एनजीओ और सामाजिक कल्याण विभाग के तेरह लोगो पर मामला कायम कर पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया था,जिसमे शामिल एक आरोपी और सामाजिक कल्याण विभाग के कर्मचारी महेश मन्डल की किडनी की बीमारी के चलते गत रोज अस्पताल मै मौत हो गई।

वही इसी अगस्त महिने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस मामले की समीक्षा करते हुएं सीबीआई जांच की सिफ़ारिश की थी, परंतु अब यह घोटाला सियासी रूप लेता जा रहा है और आरजेडी ने इस घौटाले पर नीतीश और उनकी सरकार को घेरने की मंशा जाहिर कर दी है लालूप्रसाद यादव ने हमला बोलते इस घौटाले में शामिल होने और आरोपियो को बचाने का आरोप लगाते हुएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमन्त्री सुशील मोदी के इस्तीफ़े की मांग की है लालू का कहना है कि नीतीश कुमार खुद इस घौटाले में शामिल है इसी वजह से तेरह साल मै भी उन्होने कोई कार्यवाही नही की वे जयश्री ठाकुर और अपनो को बचाते रहे इतना ही नहीं जिस डी एम ने इस मामले पर कार्यवाही करना चाही उसका तबादला कर दिया गया। उनका कहना था कि सी ए जी की रिपोर्ट को भी दबाने की कोशिश की गई जबकि उसमे सब साफ़ हो गया था, कि घैटाला हुआ है, आरजेडी नेता यही पर नही रुके उन्होने केन्द्रीय सरकार को भी नही बख्शा और कहा कि सीबीआई नरेन्द्र मोदी सरकार का तोता है इसलिए उसकी जांच बेमानी है उनका कहना था कि इस घौटाले की माँनीटरिन्ग हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट करे,उन्होने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट मै लेजाने की बात भी कही है।

इधर आज से बिहार सरकार के मानसून सत्र की शुरूआत हो रही है जिसमे यह मामला आरजे डी जोरदार तरीके से उठायेगी ऐसी जानकारी मिली थीै और ऐसा ही हुआ आरजेडी के विधायको ने आज विधानसभा के बाहर हंगामा किया और सृजन घौटले को लेकर उन्होने मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा मांगा।

इधर जेडीयू भी अपने नेता नीतीश कुमार के बचाव मै आगे आ गई है पार्टी के प्रवक्ता राजीव रन्जन ने कहा है किमुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर ही जांच शुरू हुई है जानकारी मिलते ही शिव मन्डल को पार्टी से हटाया जो एक आरोपी महेश मन्डल के बेटे है जबकि उनका इस मामले से सीधा कोई सम्बन्ध भी नही था अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच की सिफ़ारिश कर दी है आगे जो भी आरोपी होगा उसे बख्शा नही जायेगा, बताया जाता है सृजन नाम के एनजीओ की स्थापना करीब 20 साल पहले मनोरमादेवी ने की थी।

सामाजिक कार्यो के जरिये राजनेतिक पकड़ बनाकर शासन प्रशासन से सहायता राशि प्राप्त करना सुरू करदी,इसी के चलते आज भागलपुर के सामाजिक कल्याण विभाग ने अनाधिक्रत रूप से उनके एनजीओ के बैंक खाते में 950 करोड़ की बड़ी राशि ट्रांसफ़र की थी जिसके खुलासा होने के बाद बवाल हो गया पिछले दिनो मनोरमादेवी की मृत्यु हो गई,वही जानकारी मिली है कि इस संस्था की सचिव प्रिया कुमार फ़रार चल रही है, बताया जाता है इस एनजीओ की जिम्मेदारी भागलपुर क्षेत्र की 600 गरीब महिलाओ को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनके स्तर को उठाने की थी।

लेकिन आज कई सबाल इस मामले मै राजनेताओ पर भी उठ रहे है तेरह साल से यह मामला क्यो लटका रहा? आरोपी क्यो बचे रहे आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच की सोफ़ारिश की पहले क्यो नही की? वही आज जब लालूप्रसाद यादव और उनकी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई नीतीश पर आरोप लगाने के साथ उनका इस्तीफ़ा मांग रही है जबकि नीतीश के साथ सत्ता सुख लेने के वक्त उन्होने यह मामला क्यो नही उठाया, इससे स्पष्ट होता हैकि समय के साथ सियासत के खेल भी बदल जाते है, दोस्त दुश्मन और दुश्मन दोस्त बन जाते है।

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देशबिहार

बिहार में बाढ़ का कहर 119 की मौत, करीब 1 करोड़ लोग प्रभावित

flood (1)

पटना –  बिहार में बाढ़ का प्रकोप अब लोगो पर कहर बनकर टूँट रहा है, अभी तक यहाँ 119 लोगो की मौत हो चुकी है और 16 जिलो के एक करोड़ नागरिक पलायन करने को मजबूर है। अभी तक बचाव टीमो ने तीन लाख उनसठ हजार प्रभावितो को सुरक्षित जगहो पर पहुंचाया है परन्तु कई इलाको में लोग पानी और बाढ़ में अभी भी फ़ँसे हुए है।बिहार प्रान्त के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण क्षेत्र इन दिनो भीषण बारिश और बाढ़ की चपैट में है। लगातार हो रही बरसात से लोगो की मुश्किले बड़ती ही जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित 16 जिले है जिसमे पूर्वी चंपारण के सीतामढी़, मुजफ़्फ़रपुर, दरभंगा, शिवहर्, सहसरा, खगडि़या, मधोपुरा, और पश्चिमी चंपारण के अररिया, सुपोल्, मधुवनी, किशन गंज, पूर्णिया, कटिहार्, बगहा, बेतिया, मोतीहारी, गोपालगंज, जिले शामिल है।

यहाँ बाढ़ ने लोगो को बेघर कर दिया है उनका सामान खासकर खाने पीने की चीजे नष्ट हो गई है, जबकि एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ की करीब 40 टीमे और सैना के 300 जवान बचाव कार्यो मै जुटे हुए है, जिन्होने अभी तक 3 लाख 59 हजार लोगो को सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाने का बड़ा काम अपनी जान जोखिम मै डालकर किया है। वही 2 लाख 13 हजार लोग राहत शिविरो में शरण लिये है, सबसे ज्यादा सुपोल मधुवनी और अररिया जिले बाढ़ का प्रकोप झेल रहे है जहा चारो तरफ़ पानी ही पानी देखा जा रहा है। ज्यादातर जिलो में नदी नाले उफ़ान पर है नेपाल की नारायणी नदी से छोडे़ गये पानी ने स्थिति और बिगाड़ दी है पुल पुलियाँ टूट गये है लोगो का आसपास के क्षेत्रों और शहरो से सम्बन्ध समाप्त हो गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हवाई सर्वे के बाद प्रभावितो को राहत और बचाव कार्यो में और तेजी लाने के साथ उन्हें स्वास्थ्य सुविधा और उनके खाने पीने की व्यवस्था करने के आदेश प्रशासन को दिये है। जबकि राजद नेता लालूप्रसाद यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओ को प्रभावितो की मदद करने के निर्देश दिये है, और कहा है कि कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत और बचाव कार्य करे और पीड़ितो को निकालकर सूखे इलाको में लाये।

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बिहार और असम बाढ़ की चपैट मे, भारी तबाही, 84 की मौत्, एक करोड़ लोग प्रभावित

flood (1)

प. चम्पारण / धुवरी – देश के बिहार के 13 जिले और असम के 25 जिले मूसलधार बारिश के बाद आई बाढ़ से दोनो प्रान्तो के करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हुए है इस तबाही से लोग बेघर हो गये और उनका सारा सामान नष्ट हो गया है। बिहार में अभी तक 56 और असम में 28 लोगो की मौत हो चुकी है हालांकि एन. डी. आर. एफ़.,एस डी आर एफ़ की टीम उन्हें सुरक्षित स्थानो पर लेजा रही है। परंतु कई प्रभावित इलाको में स्थानीय प्रशासन अन्य सुविधाएं और राहत कार्य के लिये अभी तक नही पहुंचा, जिससे हालात बिगड़ने की संभावना पैदा हो गई है।

बिहार के पश्चिमी एवं पूर्वी चम्पारण क्षेत्र बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए है। यहां के सीतामढी़ मधुवनी, किशनगंज, दरभंगा, सुपोलसहसरा, मुजफ़्फ़रपुर में आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गये है। प.चंपारण के अररिया और चनपटिया की हालत तो और भी खराब हो है। बिहार में बाढ़ से तेरह जिलो के करीब 3541 गाँव के 70 लाख लोग प्रभावित हुए है, एन डी आर एफ़ की 22 टीमे और एस डी आर एफ़ की 30 टीमे 300 सैना के जवान यहा जोरशोर से बचाव कार्य में लगे हुए है। जिन्होने अभी तक 2 लाख से अधिक प्रभावितो को निकाल कर सुरक्षित स्थान तक पहुँचा दिया है, जिसमे सैना के हैलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है परंतु अभी भी करीब 50 हजार से अधिक लोग बचाव और राहत कार्य का इंतजार कर रहे है, जो दाने दाने को मोहताज है।

लेकिन प्रशासन फ़िलहाल बेखबर है। उसका कोई नुमाइन्दा अभी तक उन बाढ़ प्रभावित इलाको में नही पहुंचा है, बाढ़ से अभी तक बिहार में 56 लोगो की मौत हो गई जिसमे अररिया और चनपटिया में 20 और किशनगन्ज में सबसे अधिक 20 लोग बाढ़ में फँसकर अपनी जान गवाँ चुके है। किशनगंज में हालात बिगड़ने का बड़ा कारण नैपाल से छोड़ा गया पानी है। इधर अररिया से किशनगंज और मुजफ़्फ़रपुर जाने वाले मार्ग बाढ़ की बजह से प्रभावित हुए है और सड़के उखड़ने से नेशनल हाइवे सहित आने जाने वाले रास्ते बन्द है। वही कानपुर से कटिहार के बीच पुल टूटने से रेल यातायात को फ़िलहाल रोक दिया गया है बिहार में अभी तक सामान्य से 11 फ़ीसदी बारिश ज्यादा हूई है जिससे हालाह बेकाबू हो गये है।

बिहार के मुख्यमंत्री मंत्री नीतीश कुमार आज पश्चिम चम्पारण इलाके का हवाई सर्वे करेंगे, और बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लैंगे, मुख्यमंत्री ने शासन के अधिकारियो को राहत एवं बचाव कार्य में और तेजी लाने के आदेश भी दिये है। तेज बारिश और बाढ़ से आसाम के हालात भी काफ़ी खराब है, यहा के 25 जिले बाढ़ की बजह से प्रभावित हुए है, अभी तक यहा 28 लोगो की मौत हो चुकी है, यहाँ की 9 नदिया उफ़ान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिससे हालात तबाही जैसे देखे जा रहे है, और 33 लाख लोग इस मुसीवत से प्रभावित हुए है, और एनडीआरएफ़ सैना की टीमो ने जान जोखिम में डालकर प्रभवितो को सुरक्षित स्थानो तक पहुंचाया है रिलीफ़ कैम्पो में अभी तक तीन लाख लोग मौजूद है, असम का धुवरी, मोरोघाट इलाका ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां राहत कार्यो के साथ खाने पीने का सामान प्रशासन भेज रहा है।

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बक्सर के डी. एम. ने की खुदकुशी, सोसाइट नोट में पत्नि और परिजनो को बताया जिम्मेदार

Mukesh Pandey DM
  • बक्सर के डी. एम. ने की खुदकुशी..
  • सोसाइट नोट में पत्नि और परिजनो को बताया जिम्मेदार…

गाजियाबाद – बिहार के बक्सर जिले के डी. एम. मुकेश पांडे ने गाजियाबाद में रेल से कट्कर आत्महत्या करली उन्होने सोसाइट नोट में अपनी खुदकुशी का कारण पत्नि और परिजनो से रोजमर्रा की कलह बताया,परन्तु इस दर्दनाक घटना से डी. एम. के दोस्त और उनके घरबाले सन्न है।

आई. ए. एस. मुकेश पांडे ने 2 अगस्त को ही बक्सर के डी.एम. का चार्ज लिया था,गत रोज वे दिल्ली आये और वहा के लीला होटल मै ठहरे थे,उसके बाद उन्होने अपने दोस्तों को व्हाट्सएप पर मेसेज भेजा कि वे होटल के 10 वे माले से कूद कर आत्महत्या कर रहे है और मेरा सामान दिल्ली के लीला होटल में रखा है उससे पहले उन्होने दो पन्नों का अग्रेजी मै सोसाइट नोट भी लिखा जिसे होटल में ही अपने बेग में रख दिया, परन्तु होटल से वे शाम 5.55 बजे अचानक जनकपुरी के बेस्ट माँल पहुचे और जब वो ऊपर चढ़ रहे थे तो वहाँ मोजूद गार्ड की उनपर नजर पड़ गई और वे वहां से बापस आ गये परन्तु उन्होने अपना मोबाइल फ़ोन वही छोड़ दिया।

बताया जाता है डी. एम. पांडे मेट्रो से आनंद विहार होते हुए किसी तरह गाजियाबाद जा पहुंचे और रात 8 बजकर 40 मिनट पर वहा के रेल्वे ट्रेक पर उनकी लाश गाजियाबाद जीआरपी को मिली,जीआरपी को खोजबीन करने पर उनके पास से एक छोटा दूसरा सोसाइट नोट भी मिला,पुलिस ने इन सोसाइट नोट्स को अपनी कस्टडी मै लेकर शव को पी एम के लिये भेज दिया।

इधर जब इनके परिचितो और दोस्तों को इनकी खुदकुशी करने का मेसेज मिला तो हडकम्प मच गया और दोस्तो ने इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को देते हुए उनसे जल्द कार्यवाही करने को कहा लेकिन जब तक पुलिस लीला होटल पहुंचती मुकेश पांडे वहा से जा चुके थे बाद मै तफ़्तीश करती पुलिस को इनकी लाश गाजियाबाद मै मिलने की जानकारी मिली,इस हाई प्रोफ़ाइल सोसाइट मिस्ट्री से सभी अवाक है इनके परिजनो का रो रोकर बुरा हाल है।

बताया जाता है इनकी शादी पटना के एक बड़े वाहन कारोबारी के परिवार में हुई थी,इनके तीन साल की एक बेटी भी है इनकी पत्नि अपने मायके मै रहती है जहा वे अपने पिता का व्यवसाय भी सम्हालती है, डी. एम. पांडे और उनकी पत्नि के बीच सम्बन्ध ठीक नही थे वही ससुराल पक्ष भी इनसे इसी बजह से नाराज रहता था,सोसाइट नोट मै उन्होने अपनी पत्नि से सम्बन्ध ठीक ना होने का खुलासा भी किया है लगता है इसी से वे अत्याधिक मानसिक तनाव में थे और यही उनकी आत्महत्या का कारण भी हो सकता है पुलिस ने मामला कायम कर लिया है वही म्रतक आईएएस के परिवार के लोगो की इस घटना से मनस्तिथि ठीक ना होने से फ़िलहाल पुलिस उनसे किसी तरह की पूछताछ नही कर सकी है और आगे पुलिस तफ़्तीश के बाद ही मामले मै कुछ बताने की स्थिति मै होगी,

परंतु मुकेश पांडे की यह हाई प्रोफ़ाइल सोसाइट मिस्ट्री कई राज का खुलासा जरूर करेगी जिससे उनके आत्महत्या के सही कारणो का पता चल सकेगा,पर जो भी हुआ काफ़ी दुखद रहा,खासकर उनका रेल से कटकर सोसाइट करना, यह तरीका सभी को हैरान करने वाला है, वही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर दुख जताया है, और इसे बिहार प्रशासन की बड़ी क्षति माना है,

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जेडीयू के संस्थापक सदस्य शरद यादव ने खुलकर किया नीतीश पर हमला

Sharad Yadav
  • हाजीपुर मै खुलकर किया शरद ने नीतीश पर हमला
  • शरद यादव की जेडीयू से विदाई तय ?

हाजीपुर (बिहार) – जेडीयू के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ नेता शरद यादव आज हाजीपुर की एक सभा में नीतीश कुमार पर खुलकर बरसे,और उन्होने भाजपा और जेडीयू गठबन्धन पर सबाल उठाते हुए कहा कि भाजपा से हाथ मिलाकर नीतीश ने बिहार मै मिले जनादेश का अपमान किया है, शरद यादव यही नही रुके उन्होने कहा काफ़ी प्रयासो से बिहार की जनता की खुशहाली के लिये महागठबन्धन बना था जिसे जनता ने स्वीकारा ओर वोट दिया, लेकिन नीतीश ने व्यक्तिगत स्वार्थो के चलते केवल आठ घन्टो मै उसे तोड़ दिया, ऐसा करके नीतीश ने जनता के साथ विश्वासघात किया है।

शरद यादव नीतीश के भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने के बाद से ही नाराज है इतने बड़े निर्णय के दौरान नीतीश कुमार ने शरद यादव को कोई तवज्जो ही नही दी उन्होने इंतजार भी किया परन्तु नीतीश ने फ़िर भी ध्यान नही दिया वैसे भी लम्बे समय से शरद यादव पार्टी में खुद को अहमियत ना मिलने से मायूस चल रहे थे, हाजीपुर की सभा मै उन्होने खुलकर नीतीश कुमार के खिलाफ भडा़स निकाली,लेकिन अब लगता है जेडीयू मै उनके दिन पूरे हो गये है, और उन्हे कभी भी विरोधी का तमग्गा देते हुए पार्टी से विदाई दी जा सकती है।

वही हाजीपुर की सभा के दैरान हादसा होते होते बचा जब शरद यादव नीतीश पर अपनी खीज निकाल रहे थे तभी जिस काँच की टेबल पर वे खड़े होकर भाषण दे रहे थे वह अचानक टूट गई, परंतु वो तो अच्छा रहा कि शरद यादब को किसी तरह की चोट नही लगी, पर कुछ समय के लिये अफ़रा तफ़री जरूर फ़ैल गई।

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