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सीतापुर में आदमखोर कुत्तों ने 13 मासूम बच्चों को बनाया शिकार, सिस्टम की लापरवाही आई सामने

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  • सीतापुर में आदमखोर कुत्तों ने 13 मासूम बच्चों को बनाया शिकार,
  • सिस्टम की लापरवाही आई सामने

सीतापुर / शातिर बदमाशों का एन काउंटर करने वाली उत्तर प्रदेश की सरकार लगता हैं आदमखोर कुत्तो के आगे हार गई है यही बजह है कि वहां का प्रशासन सीतापुर में 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद अभी तक यह भी मालूम नही कर सका कि इन मासूम नोनिहालों का शिकार कुत्तों ने किया है या भेडियों ने? इससे सिस्टम की साफ़ लापरवाही सामने आ रही हैं।

पिछले करीब एक पखवाडे़ से उत्तर प्रदेश के सीतापुर और उसके आसपास के इलाके में एक के बाद एक 13 मासूम बच्चों को आदमखोर जानवरों ने अपना शिकार बनाया तो लगभग सबा सौ पालतू पशु भी मारे गये और इस हमले में कई मासूम और सैकड़ों पालतू जानवर घायल भी हुए है बताया जाता है मौका मिलते ही यह आदमखोर कुत्ते झुंड में आकर हमला करते है। ज्यादातर उनके यह हमले रात के वक्त या अकेले होने के दौरान होते हैं। इन घटनाओं से पुलिस हाल में कुछ सजग जरूर हुई है और ड्रोन केमरो से खोजबीन की जा रही हैं कुछ इलाकों में जाल भी लगाये गये हैं परन्तु फ़िलहाल कोई सफ़लता नहीं मिली है।

यह सिलसिला नवम्बर 2017 से बेनागा चल रहा है परंतु हास्यप्रद और शर्मनाक है कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर का प्रशासन आज तक इन घटनाओं पर विराम लगाना तो दूर यह भी मालूम कर सका कि यह हमले कुत्तों ने किये हैं कि कोई भेडियों का दल इलाके में आ गया है पशु विशेषग्यों के मुताबिक यदि इन आदमखोर जानवरों के घायल या मरने वाले बच्चों के जख्मो से मिले सेलाइवा (लार) का डीएनए टेस्ट और जख्मों पर दाँतो के निशानों की जाँच से स्पष्ट हो सकता हैं कि इन घटनाओं को अंजाम देने वाले आदमखोर कुत्ते है या भेडि़ये है? मरने वालों में अधिकांश बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों के है और गरीब परिवारों के है, परंतु लगता है उत्तर प्रदेश की सरकार और उसका प्रशासन इन मासूमों की मौतों के बावजूद अभी तक नही जागा।

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उत्तर प्रदेश

मानवरहित रेल्वे क्रासिंग पर स्कूली बेन ट्रेन से टकराई , 13 मासूम बच्चों की मौत, योगी घायल बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे

Accident
  • मानवरहित रेल्वे क्रासिंग पर स्कूली बेन ट्रेन से टकराई ,
  • 13 मासूम बच्चों की मौत, योगी घायल बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे

कुशीनगर / उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में मानवरहित रेल्वे क्रासिंग पर एक स्कूली बेन के पेसेन्जर ट्रेन से टकराने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई बताया जाता है घटना के दौरान बेन ड्र्राइवर ईयर फ़ोन लगाये था, और ड्र्राइवर की लापरवाही के चलते 13 मासूम बच्चों की जान चली गई।

स्कूली बेन में करीब 25 बच्चे थे,सभी की उम्र करीब 10 साल के आस पास बताई जा रही हैं, बेन के पेसेन्जर ट्रेन से टकराने के बाद चीख पुकार मच गई इस दौरान भारी भीड़ घटना स्थल पर जुड़ गई, घायल स्कूली बच्चों और ड्र्राइवर को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया हैं।

घटना की खबर मिलने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घायल बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे और उन्होंने आवश्यक निर्देश डाँक्टरों को दिये।मुख्यमंत्री ने म्रतक बच्चों के परिजनों को 2 – 2 लाख का मुआवजा देने के आदेश दिये है इस मौके पर उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ़ कडी कार्यवाही होगी योगी ने रेल मंत्री पियूष गोयल से भी बातचीत की।रेल्वे ने भी मरने वाले बच्चों के परिजनो को 2 – 2 लाख की मुआवजा राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी ने इस घटना की जांच के आदेश दिये है।

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उत्तर प्रदेशदिल्लीदेश

दलित मुद्दे पर बीजेपी को उनके सांसद उदित राज ने भी घेरा, कहा दलितों को पुलिस पीटने के साथ फ़र्जी मुकदमे लाद रही है

mayavati
  • दलित मुद्दे पर बीजेपी को उनके सांसद उदित राज ने भी घेरा,
  • कहा दलितों को पुलिस पीटने के साथ फ़र्जी मुकदमे लाद रही है
  • दलितो पर अत्याचार देश में इमरजेंसी से बदतर हालात कहा मायावती ने…
  • योगी, अम्बेडकर की मूर्ति तोड़ने वालों के खिलाफ़ सख्त…

नई दिल्ली – लखनऊ / एससीएसटी एक्ट और दलित उत्पीड़न मामले में बीजेपी खुद अब अपनों के निशाने पर आ गयी है चार सांसदो के बाद अब बीजेपी सांसद उदित राज ने भी इस मामले में नाराजी जताते हुए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। वही बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी आज मोदी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला और कहा कि बीजेपी का दलित और अम्बेड्कर प्रेम केवल दिखावा है आज देश में इमरजेंसी से भी बदतर हालात है।

एससीएसटी एक्ट में बदलाव और दलितों की हालत और उनके आंदोलन को लेकर पहले बीजेपी के चार सांसदों अशोक दौहरे, सावित्री कुमारी फ़ुले, यशवंत सिंह और छोटेलाल सखवार ने सबाल उठाये थे जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उन्होंने चिन्ता भी जाहिर की तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यविधि पर भी सबाल उठाये थे,लेकिन अब इस मुद्दे पर उनके एक और सांसद उदित राज ने भी अपनी नाराजी प्रकट की है उन्होंने कहा कि 2 अप्रेल के दलित आंदोलन और भारत बंद के बाद तीन अप्रेल से लगातार दलित समाज के कर्मचारी और अन्य लोगों को परेशान किया जा रहा हैं, और वे पुलिस के कहर और अत्याचार के शिकार हो रहे है पुलिस पकड़ कर उन्हें थाने ला रही हैं और पीट रही है उदित राज ने कहा कि दलितों पर फ़र्जी मामले भी दर्ज किये जा रहे हैं।

इधर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा हैं कि आज देश में दलितों पर अत्याचार हो रहा है देश और उत्तर प्रदेश में डाँ बाबासाहेब अम्बेड्कर की मूर्तिया तोडी जा रही है मायावती ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी का दलितों के प्रति सहानुभूति और बाबा साहेब अम्बेड्कर के प्रति प्रेम दिखावा है क्योंकि आज देश के हालात इमरजेंसी से भी बदतर हो जाने से दलित समाज के लोगो की हालत अत्याधिक खराब है। मायावती ने कहा कि आज बीजेपी के जो सांसद दलित अत्याचार के विरोध में आवाज उठा रहे हैं यह उनका केवल दिखावा है मायावती के मुताबिक उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर दलित समाज पर लगे सभी फ़र्जी मुकदमे बापस लिये जायेंगे और जिन अधिकारियों का हाथ है उन्हें भी बख्शा नही जायेगा।

उत्तर प्रदेश के बीजेपी सांसदो की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराजगी के चलते आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें तलब किया और मोदी और योगी के बीच मुलाकात में इस पर चर्चा हुई।इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल एक्शन लेते हुए सभी एस. पी. और एएसपी के नाम एक सर्क्यूलर जारी किया और डाँ अम्बेड्कर की मूर्तियाँ तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने की हिदायत दी।

इधर डां अम्बेड्कर के पोते आनंद राज ने बीजेपी को घेरते हुए कहा है कि दलित और अम्बेड्कर का अपमान करने वालों के खिलाफ संसद में किसी भी सांसद और राजनीतिक पार्टी ने आवाज क्यों नही उठाई आज उनके बारे में कहकर केवल वे अपनी राजनीतिक रोटिया सेक रहे है, उन्होंने कहा है कि इनके दिखाने के दाँत अलग और खाने के दाँत अलग है इससे यह बात साबित होती हैं।

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सपा और बसपा के गठजोड़ से नये राजनीतिक समीकरण बनने के आसार, अतिआत्मविश्वास ले डूबा कहा योगी ने

BSP and SP Equation
  • सपा और बसपा के गठजोड़ से नये राजनीतिक समीकरण बनने के आसार…
  • अतिआत्मविश्वास ले डूबा कहा योगी ने…
  • अखिलेश ने मायावती का आभार मानते हुए कहा वेलेट से चुनाव होता तो लाखों से होती जीत…

लखनऊ / सपा और बसपा के गठजोड़ और उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में सपा को मिली अप्रत्याशित जीत से बीजेपी की जहां नींद उड़ गई वहीं आगामी लोकसभा चुनाव के लिये नये राजनीतिक समीकरण भी बनते दिखाई दे रहे है,इन पार्टियों के नेताओं के बयान तो यही दर्शा रहे है,वहीं बीजेपी इस हार से क्या सबक लेती है यह भी खास होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और फ़ूलपुर में पार्टी की हार पर कहा है कि, सपा और बसपा के बीच गठ्बंधन एक सौदेबाजी है जो प्रदेश के विकास में बाधक बनेगी। योगी ने कहा कि यह अप्रत्याशित है परंतु हमें यह हार स्वीकार है। उन्होंने यह कहकर चौका दिया कि हमें अति आत्मविश्वास में नही रहना चाहिए था,यह पराजय हमारे लिये एक सबक है जिसकी पार्टी समीक्षा करेंगी।

इस जीत के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा प्रमुख मायावती से मिलने उनके लखनऊ स्थित निवास पर पहुंचे, 25 साल बाद यह पहला मौका है जब सपा का कोई नेता बसपा नेता से मिलने उनके घर पहुंचा।सन 1993 में मुलायम सिंह और कांशीराम के बीच हुए समझोते के दौरान यह जरूर हुआ था उस चुनाव में मायावती को कांशीराम ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया था,और बाद में सपा बसपा ने मिलकर सरकार बनाई थी,आज समय फ़िर वही इतिहास दौहराता नजर आ रहा है।

अखिलेश यादव इस जीत के बाद जब प्रेस से बात कर रहे थे तब मीडिया ने मायावती के साथ हुए गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई तो सपा नेता ने स्पष्ट कहा कि राजनीति में वही सफ़ल होता है जो पुरानी बातें भूलकर आगे की रणनीति बनाता है,साथ ही उन्होंने इस जीत के लिये मायावती के सहयोग पर उनका आभार माना और धन्यवाद भी दिया। साथ ही मुलायम के आशीर्वाद के साथ उन्होंने अजीत सिंह,पीस और निषाद पार्टी को भी धन्यवाद दिया तो आगे राहुल और कांग्रेस के साथ रहने की भी बात कही।,वही अखिलेश यादव ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सबाल खड़े किये उन्होंने कहा कि यदि वेलेट पेपर से चुनाव होते तो हजारों की यह जीत लाखो में बदल जाती,उन्होंने कहा कई ईवीएम में पहले से ही वोट पाये गये तो कई मतदान केन्द्रों पर ईवीएम की खराबी के चलते मतदाताओं को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा जो काफ़ी गम्भीर बात है।

सपा नेता योगी और बीजेपी पर हमला करने से भी नही चूके उन्होंने उन्हें कटघरे में खडा करते हुए कहा कि,विकास तो दूर बीजेपी ने एक भी वायदा पूरा नही किया,योगी अधिकारियों की सुनने है यही उनकी हार का बड़ा कारण रहा और गोरखपुर और फ़ूलपुर में फ़ूल मुरझा गया, उन्होंने कहा कि आँक्सीजन के अभाव में बच्चों की मौत हो गई सैकड़ों माताओं की गौद सूनी हो गई,उन्होंने कहा कि इस हार से बीजेपी की भाषा बदल जायेगी, बीजेपी हिन्दू के नाम पर लोगों को बाँटने का काम कर रही हैं।

बिहार के अररिया में आरजेडी की जीत के बाद लालूप्रसाद यादव ने ट्वीट किया कि यह असत्य पर सत्य की जीत है,उन्होने बीजेपी पर कटांक्ष करते हुए कहा कि साजिश का तेल जितना फ़ैकोगे लालटेन उतनी ही तेजी से जलेगी।

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लोकसभा उपचुनाव- गोरखपुर और फ़ूलपुर में सपा तो अररिया में आरजेडी ने जीत हासिल की, बीजेपी और जेडीयू को गहरा झटका

Election On
  • लोकसभा उपचुनाव -गोरखपुर और फ़ूलपुर में सपा तो अररिया में आरजेडी ने जीत हासिल की,
  • बीजेपी और जेडीयू को गहरा झटका

गोरखपुर – फ़ूलपुर- अररिया / देश के उत्तर प्रदेश की दो और बिहार की एक लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी का सूपडा साफ़ हो गया हैं गोरखपुर में बीजेपी को पूरे 25 साल बाद हार का मुंह देखना पड़ा तो फ़ूलपुर की सीट भी उसके हाथ से जाती रही, दौनो ही जगह समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की वही बिहार की अररिया सीट पर लालू के राष्ट्रीय जनता दल ने बीजेपी उम्मीदवार को शिकश्त देकर जीत का परचम लहराया, इन चुनावों के नतीजों से साफ़ होता है कि अब मोदी और योगी का सिर चढ़कर बोल रहा जादू यहाँ तो प्रभावी नही रहा और जनता ने उसे बुरी तरह से नकार दिया है।इस तरह बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले जोरदार झटका लगा हैं।

उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के गठजोड ने एक नई सियासत को तो जन्म दिया ही बल्कि सबाल यह भी उठता है कि क्या बसपा प्रमुख मायावती के सियासी दांव ने बीजेपी को पटकनी दे दी।

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने बीजेपी के उम्मीदवार उपेंद्र दत्त शुक्ला को 21881 मतों से पराजित कर दिया यहां सपा को 4.56.513 वोट मिले और भाजपा को 4.34.632 मत मिले , वही फ़ूलपुर में सपा के नागेन्द्र सिंह पटेल ने बीजेपी के कोशलेन्द्र सिंह को 59.613 मतों से हरा दिया इस सीट पर सपा को 3.42.796 और बीजेपी प्रत्याशी को 2.83.183 वोट मिले,जबकि बिहार की अररिया लोकसभा सीट पर हुए चुनाव में आरजेडी के सरफ़राज आलम ने बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह को 61788 वोटों से शिकश्त दी यहाँ आरजेडी को 5.09.334 मत मिले और बीजेपी प्रत्याशी ने 4.47.546 मत हासिल किये।

खास बात रही उत्तर प्रदेश में जिस तरह सपा और बसपा के मिलने से जीत के नये समीकरण बने वहीं बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी दौनो को यहाँ के मतदाताओं ने एक तरह से कोई तवज्जो नही दी इतना ही नही लालूप्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी की जीत से जेडीयू और बीजेपी के गठबंधन को भी बिहार में जोरदार धक्का लगा है। जबकि सोचनीय है कि जिस गोरखपुर सीट पर पिछले 25 सालो से बीजेपी का कब्जा था और 5 बार से यहां योगी आदित्यनाथ सांसद चुने जाते रहे उस लोकसभा सीट को भी मुख्यमंत्री रहते योगी और बीजेपी ने खो दिया यह काफ़ी महत्वपूर्ण कहा जा सकता है।

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कासगंज हिंसा का मुख्य आरोपी सलीम गिरफ़्तार, अभी तक इस घटना के 11 आरोपी पकड़े

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कासगंज हिंसा का मुख्य आरोपी सलीम गिरफ़्तार, अभी तक इस घटना के 11 आरोपी पकड़े

कासगंज- उत्तर प्रदेश के कासगंज में 26 जनवरी को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने आज गिरफ़्तार कर लिया है पुलिस के मुताबिक उसने इस मामले में 36 लोगों को आरोपी बनाया था जिसमें से 11 को गिरफ़्तार कर लिया हैं।

जैसा कि तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में दो समुदायों के बीच टकराव हो गया था इस दौरान पथराव आगजनी के साथ गोलीबारी हुई थी जिसमें चंदन नाम के युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी।

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स्कूल में मासूम पर चाकू से हमला करने वाली छात्रा की हुई पहचान, प्राचार्य पुलिस हिरासत में, सीएम ने अस्पताल जाकर हाल जाने

Crime Scene
  • स्कूल में मासूम पर चाकू से हमला करने वाली छात्रा की हुई पहचान,
  • प्राचार्य पुलिस हिरासत में, सीएम ने अस्पताल जाकर हाल जाने

लखनऊ / उत्तर प्रदेश के लखनऊ के ब्राइट लेंड स्कूल के 7 वर्षीय मासूम छात्र के साथ चाकूबाजी की घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और साक्षय छुपाने के आरोप में स्कूल की प्रिन्सीपल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया हैं। साथ ही पुलिस ने हमला करने वाली सीनियर छात्रा की पहचान भी कर ली हैं।वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अस्पताल पहुंचे और घायल छात्र के हालचाल जाने।

लखनऊ के ब्राइट लेंड स्कूल में मंगलवार को सुबह 10 बजे यह घटना हुई, इस स्कूल की पहली कक्षा में पढ़ने वाले ऋतिक को छठीं कक्षा की एक छात्रा मेडम के बुलाने का बहाना बनाकर बाथरूम में ले गई और उसपर चाकू से कई बार किये और खून से लथपथ मासूम ऋतिक को वही छोड़कर आरोपी छात्रा दरवाजा बंदकर भाग गई। दरवाजा से आवाज आने पर दूसरे टीचर ने उसे खोला और स्कूल प्रशासन ने घायल ऋतिक को अस्पताल में भर्ती कराया।लेकिन इस घटना की सूचना पुलिस को नही दी करीब 24 घंटे बाद जब पूरी घटना का खुलासा हुआ तो पालकों के साथ पूरे शहर में हड़कंप मच गया।कारण था लोग गुरूग्राम के रैयान स्कूल में प्रदुम्न के साथ हुए हादसे से पहले ही काफ़ी खोफ़जदा हैं।इस दूसरी उसी तरह की वारदात से लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में सनसनी फ़ैल गई हैं।

लेकिन आरोपी छात्रा के पिता ने कहा कि स्कूल की प्रिन्सीपल और उनकी बहू कल हमारी बेटी के बाल काटकर ले गये थे और बाद में पुलिस की फ़ाँरेन्सिक टीम भी ने भी बाल काटे पुलिस का बाल काटना तो समझ आता है परंतु प्रिन्सीपल और उनकी बहू ने बाल क्यों काटे यह संदेह पैदा करता हैं। पुलिस ने 11 वर्षीय आरोपी छात्रा को पकड़ लिया हैं,जिसे पुलिस जुबेनाइल कोर्ट में पेश करेगी।

खबर मिलते ही अलीगंज थाना पुलिस सक्रिय हुई और उसने मामले की तफ़्तीश शुरू कर दी है पुलिस ने घटना को छुपाने और तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में स्कूल की प्रिन्सीपल रचित मानस को हिरासत में ले लिया हैं और उनसे पूछताछ कर रही हैं। लखनऊ के एएसपी दीपक कुमार के मुताबिक मामला गम्भीर होने के साथ संवेदनशील हैंजिसमे स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई हैं और घटना के 24 घंटे के बाद भी उन्होंने पुलिस को कोई जानकारी नही दी इसके खिलाफ़ प्रिन्सीपल पर प्रकरण कायम कर उन्हें गिरफ़्तार किया जायेगा। पुलिस के मुताबिक जिस छात्रा ने हमला किया उसकी पहचान हो गई है वह इसी स्कूल की छटवीं क्लास की छात्रा हैं घटना में प्रत्युत सब्जी काटने का चाकू पुलिस ने बरामद कर लिया हैं।पुलिस ने बताया कि स्कूल में नियमों की अनदेखी भी सामने आई है बाथरूम के सामने सीसीटीवी केमरे नही लगे हैं।

घटना के कारण के बारे में मालूम पडा कि आरोपी छात्रा स्कूल की छुटटी कराना चाहती थी इसके चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया।इधर बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज घायल मासूम बच्चे को देखने अस्पताल पहुंचे और मौजूद डाँक्टरों से उन्होंने उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीडित बच्चें को बेहतर इलाज और देखरेख की हिदायद भी मुख्यमंत्री ने इस दौरान दी।

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उत्तर प्रदेश

12 साल का बच्चा पहुंचा पुलिस थाने, मेला ना दिखाने की शिकायत कर पुलिस से पिता की पिटाई लगाने को कहा

Act
  • 12 साल का बच्चा पहुंचा पुलिस थाने,
  • मेला ना दिखाने की शिकायत कर पुलिस से पिता की पिटाई लगाने को कहा 

इटावा – क्या आप अपने बच्चों को तवज्जों देने के साथ उनके साथ समय व्यतीत नही करते तो सावधान हो जाये क्यों कि उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में एक 12 साल का बच्चा पिता के मेला नही ले जाने पर पुलिस थाने में जा पहुंचा और अपने पिता की शिकायत करते हुए पुलिस से उनकी सुटाई करने को कहने लगा लेकिन पुलिस ने इस मुद्दे को बड़ी संवेदनशीलता से सुलझाया जोे काबिले तारीफ़ हैं।

यह मासूम बच्चा हैं 12 वर्षीय ओमप्रकाश जो कक्षा 7 में पढ़ता हैं,यह पिछले सप्ताह भारी गुस्से में इटावा के पुलिस थाने पहुंचा और शिकायत की कि उसके पिता उसके लाख कहने पर भी उसे मेला दिखाने नही ले जा रहे जिदद करने पर उन्होंने उसे पीट दिया,और कहा कि नही लेजाता जो करना हो करले,पिता से इस बात पर गुस्साएं बच्चे ने दांत पीसते हुएं पुलिस से पिता की शिकायत के साथ उनकी सुटाई ( पिटाई) लगाने को भी कहा इतना ही नही वही माँ की परेशानी का भी उसने हवाला दिया। खास बात है इस पूरे मसले का एक वीडीओ सोशल साइट पर वाइरल हुआ हैं जिसमें यह बच्चा अपने पिता के खिलाफ़ बोल रहा हैं ।

परन्तु स्थानीय पुलिस ने इस गम्भीर और संवेदनशील मामले में बड़ी समझदारी का परिचय दिया पुलिस ने उसके पिता को खोज निकाला इस बच्चे के पिता अमरनाथ गुप्ता जो इटावा में साईकल पार्टस की दुकान चलाते है उनसे पूँछने पर उन्होंने पुलिस को बताया कि काम की बजह से ओम को मेने बाद में मेला ले जाने को बोला था और नही मानने पर उसे एक चाटा भी मारा था वही माँ रुचि गुप्ता के मुताबिक जिदद करने पर पिता ने उसको दो थप्पड़ लगा दिये थे।

इधर इटावा पुलिस ने जब खोजबीन की तो मालूम पडा कि परिजनो ने ओम को 2 जनवरी को अपनी नानी के घर औरय्या भेज दिया पुलिस के कहने पर उसे 6 जनवरी को इटावा बुलाया गया इतना ही नही पुलिस ने इस मासूम बच्चे ओम को बड़े प्यार से समझाया ही नही बल्कि उसके पिता के साथ उसे मेले की सैर भी कराई और उसकी शिकायत दूर की।इस दौरान पुलिस कर्मचारियों ने भी ओम के साथ मेला घूमा जिससे वह खुश हो गया। इस मामले में इटावा पुलिस के इन्सपेक्टर अनिल कुमार की भूमिका काफ़ी सराहनीय रही क्यों कि उन्होंने बच्चे की मनोवृत्ति को समझा और काफ़ी समझदारी दिखाते हुएं बच्चे के गुस्से को ही शांत नही किया बल्कि पिता के खिलाफ़ उसकी दुर्भावना को भी खत्म किया ।

जैसा कि बच्चों की मनोदिशा काफ़ी नाजुक और भावनात्मक होती हैं वह किसी तरह की चोट या जबर्दस्ती बर्दाश्त नही कर सकती, इसलिये प्यार और अपनत्व से ही उन पर काबू पाया जा सकता हैं। आज के भाग दोड और मोबाइल के युग में हमें बच्चों पर ध्यान देना कितना जरूरी हैं 12 वर्षीय इस बच्चे की यह कहानी हम और आपको खास कर ऐसे माँ बाप को जो नौकरी या अन्य कारणों से अपने मासूम बच्चों पर ध्यान नही दे पाते उनके साथ समय व्यतीत नही करते उनके लिये चेतावनी हैं कि वे सम्हल जाये और खासकर अपने छोटे बच्चों को समय ही ना दे बल्कि उनके दिल की बात भी सुने, जिससे उनका बच्चा भी उनकी अनदेखी के चलते कही कोई ओमप्रकाश ना बन जाये।

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रायबरेली के एनटीपीसी हादसे में मृतको की संख्या 26 पहुंची, राहुल पीडितों से मिले हालचाल जाने

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रायबरेली के एनटीपीसी हादसे में मृतको की संख्या 26 पहुंची, राहुल पीडितों से मिले हालचाल जाने

रायबरेली–  रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी प्लान्ट के बाँयलर में हुएं विस्फ़ोट में मरने वालों की संख्या अब 26 हो गई है, एनटीपीसी प्रशासन ने इस घटना की जाँच के लिये कमेटी गठित की है वहीं जिला प्रशासन ने इस हादसे की मजिस्ट्र्रीयल जा़ँच के आदेश दिये है, इधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज पीडितों से मिले ।

कल शाम हुएं इस दर्द्नाक हादसे में बाँयलर का स्टीम पाइप फ़ट गया था, जिस यूनिट में यह घटना हुई उसमे करीब ढेड़ हजार लोग काम करते है उनमें से ढाई सौ लोग बाँयलर पर और उसके आसपास काम कर रहे थे, उस दौरान कार्यरत कर्मचारियो और मजदूरो की शिफ़्ट खत्म होने वाली थी तो रात की शिफ़्ट के लोग आ रहे थे, इस घटना में अभी तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है वही 100 से अधिक लोग घायल है जिनमे 4 उपमहाप्रबन्धक भी शामिल है ।

इधर राय बरेली के जिला प्रशासन ने इस घटना की मजिस्ट्र्रीयल जाँच के आदेश दिये है जिससे सही स्थिति सामने आये वहीं एनटीपीसी प्रशासन ने भी अपने अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है जो जाँच करेगी की इस हादसे के लिए क्या कमियाँ और लापरवाही जिम्मेदार हैं जिनपर ध्यान नही दिया गया लेकिन एनटीपीसी पर सबाल उठना लाजमी है कि उसके यहाँ ही हूई घटना कि उसके ही लोग जाँच करेंगे तो क्या सही जाँच होगी?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज गुजरात दौरा छोड़कर रायबरेली आये और जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती लोगों से मिले और हालचाल जाने, इस अवसर पर राहुल ने पीडितों के परिजनों से भी चर्चा की |

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रायबरेली के NTPC प्लान्ट के बाँयलर में विस्फ़ोट, 10 की मौत 100 झुलसे, कई गम्भीर

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  • रायबरेली के NTPC प्लान्ट के बाँयलर में विस्फ़ोट,
  • 10 की मौत 100 झुलसे, कई गम्भीर

रायबरेली – उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित ऊँचाहार के NTPC प्लान्ट में बायलर में बिस्फ़ोट हो गया, जिसमें 10 मजदूरों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हो गये जिसमें कई की हालत गंभीर है घटना के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और उसके साथ मौजूद एनडीआरएफ़ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर घायलों को घटना स्थल से निकाला और अस्पताल भेजा।

बताया जाता है यह बायलर अधिक दबाव के चलते फ़टा उस समय आसपास बड़ी तादाद में मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे करीब शाम 6 बजे हुएं इस हादसेे के बाद प्लान्ट में हडकम्प मच गया और कई मजदूर बुरी तरह झुलस गये।

एडीजी आनंद कुमार के मुताबिक हादसे के बाद तुरन्त पुलिस और एनडीआरएफ़ की टीम ने रेस्क्यू आँपरेशन शुरू कर दिया और घायलो को निकाल कर इलाज के लिये एम्बूलेन्सों से अस्पताल रवाना किया अभी बचाव कार्य जारी है उनके अनुसार 10 लोगों की इस हादसे मै मौत हुई है करीब सौ लोग घायल हुएं है जिसमें अधिकारी कर्मचारी और मजदूर शामिल है मरने वालों की संख्या बड़ने का अनुमान भी एडीजी ने व्यक्त किया है ।उन्होंने बताया बचाव टीम के साथ करीब 50 से 60 एम्बूलेन्स भी काम में लगी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो फ़िलहाल मारीशस की यात्रा पर है उन्होंने प्रधान सचिव को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिये है, साथ ही मुख्यमंत्री ने म्रतकों के परिवारों को सरकार की तरफ़ से 2 – 2 लाख रु. का मुआवजा और घायलो को 25 – 25 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

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